चूरू। राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने सरदारशहर में कुख्यात गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। गैंग से जुड़े दो संदिग्ध शार्पशूटरों को वारदात से ठीक पहले गिरफ्तार कर लिया गया, और उनके कब्जे से दो विदेशी पिस्तौल और 49 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस का मानना है कि दोनों आरोपी किसी बड़ी आपराधिक वारदात की तैयारी में थे, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया।
एजीटीएफ की टीम ने 30 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस कार्रवाई का खुलासा किया। आईपीएस अधिकारी अभिजीत पाटिल के नेतृत्व में चले इस ऑपरेशन में सरदारशहर थाना पुलिस की भी अहम भूमिका रही। पकड़े गए दोनों आरोपियों के तार रोहित गोदारा और महेंद्र ढेलाणा गैंग से जुड़े होने की बात सामने आई है, जिसके बाद जांच का दायरा काफी बढ़ गया है।
सरदारशहर रोड पर कैसे फंसे दोनों शार्पशूटर
कार्रवाई की शुरुआत एजीटीएफ के हेड कांस्टेबल कृष्ण कुमार मीणा को मिली एक खुफिया सूचना से हुई। 29 सितंबर को मिली जानकारी के बाद टीम ने सरदारशहर क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। इसके बाद चूरू–सरदारशहर मार्ग पर तारानगर रोड स्थित जयसिंहसर फाटक के पास संदिग्धों को रोका गया।
तलाशी के दौरान दोनों के पास से हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ। गिरफ्तारी के तुरंत बाद दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई। पुलिस के अनुसार आरोपी वारदात की तैयारी में किसी स्थान की ओर रवाना होने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने जाल बिछा दिया था।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं, कहां से आए थे हथियार
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार बताई है:
- अनिल कुमार (26 वर्ष): हरदेसर निवासी, थाना भानीपुरा क्षेत्र का रहने वाला। पिता का नाम धनपत जाट बताया गया है।
- नितेश बगड़िया (28 वर्ष): सरदारशहर के वार्ड नंबर 25, सोमनाथ मंदिर के पास का निवासी। पिता रामावतार जाट।
दोनों के कब्जे से बरामद हथियार तुर्की निर्मित विदेशी जिगाना पिस्तौल हैं, जो आमतौर पर संगठित अपराध जगत में इस्तेमाल होते पाए जाते हैं। जांच एजेंसियों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतने महंगे विदेशी हथियार इन युवाओं तक कैसे पहुंचे, और इसके पीछे कौन-सा नेटवर्क सक्रिय था।
बरामद हथियारों का पूरा ब्योरा
| विवरण | अनिल कुमार से | नितेश बगड़िया से | कुल |
|---|---|---|---|
| विदेशी जिगाना पिस्तौल (तुर्की मेड) | 1 | 1 | 2 |
| लोडेड मैगजीन | 2 | 2 | 4 |
| जिंदा कारतूस | 25 | 24 | 49 |
पुलिस के मुताबिक अनिल के पास से 25 और नितेश के पास से 24 कारतूस मिले। चारों मैगजीन लोडेड स्थिति में थीं, जिससे साफ होता है कि आरोपी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की पूरी तैयारी के साथ आए थे।
किस वारदात की तैयारी में थे दोनों?
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि दोनों आरोपियों के संबंध रोहित गोदारा और महेंद्र ढेलाणा गैंग से हैं। कुछ जांच एजेंसियों का दावा है कि इनके तार लॉरेंस बिश्नोई–रोहित गोदारा नेटवर्क से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों चूरू क्षेत्र में किसी हाई-प्रोफाइल व्यक्ति की हत्या या बड़ी गैंगवार की साजिश रच रहे थे।
एजीटीएफ अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार किसके इशारे पर मंगवाए गए थे, आरोपी किसके संपर्क में थे, और उनका स्थानीय नेटवर्क कितना फैला हुआ था। हथियारों की सप्लाई चेन तक पहुंचने के लिए दोनों से लगातार पूछताछ की जा रही है, और आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
ऑपरेशन क्लीन स्वीप और एजीटीएफ की भूमिका
यह पूरी कार्रवाई राजस्थान पुलिस के “ऑपरेशन क्लीन स्वीप” के तहत अंजाम दी गई है, जो गैंगस्टरों और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। एजीटीएफ का गठन ही राज्य में संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क पर लगाम लगाने के लिए किया गया है।
इस ऑपरेशन में एजीटीएफ प्रभारी आईपीएस अभिजीत पाटिल के नेतृत्व के साथ-साथ सरदारशहर थाने के एसआई रामकरण सिद्धू, एएसआई हिम्मतसिंह, हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार, कांस्टेबल लीलाधर मीणा और कांस्टेबल लीलाधर प्रजापत की भी अहम भूमिका रही। एसपी निश्चय प्रसाद एम. के निर्देशानुसार दोनों आरोपियों के खिलाफ सरदारशहर थाने में आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
राजस्थान में गैंगस्टर नेटवर्क: बढ़ती चुनौती
पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान में गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े अपराधों की घटनाओं में इजाफा देखा गया है। रोहित गोदारा गैंग का नाम कई हाई-प्रोफाइल मामलों में सामने आ चुका है। विदेशी हथियारों की बरामदगी यह भी दिखाती है कि अवैध हथियारों की सप्लाई चेन अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैली हुई है।
राजस्थान पुलिस का कहना है कि गैंगस्टरों के इकोसिस्टम को तोड़ने के लिए तकनीकी निगरानी, खुफिया तंत्र और जिला पुलिस के साथ तालमेल को और मजबूत किया जा रहा है। चूरू की यह कार्रवाई इसी दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
नागरिकों के लिए जरूरी बातें
- यदि आपके आसपास कोई व्यक्ति संदिग्ध गतिविधियों में संलग्न दिखे, अवैध हथियार रखे या गैंग से जुड़े लोगों की जानकारी हो, तो नजदीकी थाने या पुलिस हेल्पलाइन पर सूचना दें।
- राजस्थान पुलिस का अपराधियों पर सख्त रुख है — संगठित अपराध में संलिप्तता पर आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में कार्रवाई होती है।
- युवाओं को गैंग कल्चर से दूर रहने की सलाह दी जाती है; ऐसे नेटवर्क में फंसने पर जीवन और भविष्य दोनों बर्बाद हो जाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: चूरू में गिरफ्तार दोनों शार्पशूटर कौन हैं?
उत्तर: गिरफ्तार आरोपियों के नाम अनिल कुमार (26 वर्ष, निवासी हरदेसर) और नितेश बगड़िया (28 वर्ष, निवासी वार्ड 25, सरदारशहर) बताए गए हैं। दोनों रोहित गोदारा–महेंद्र ढेलाणा गैंग से जुड़े संदिग्ध शार्पशूटर बताए जा रहे हैं।
प्रश्न: उनके पास से क्या-क्या बरामद हुआ?
उत्तर: पुलिस ने दोनों के कब्जे से दो तुर्की निर्मित विदेशी जिगाना पिस्तौल, चार लोडेड मैगजीन और 49 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
प्रश्न: यह कार्रवाई कहां और कैसे हुई?
उत्तर: एजीटीएफ के हेड कांस्टेबल कृष्ण कुमार मीणा को 29 सितंबर को मिली सूचना के आधार पर सरदारशहर में तारानगर रोड के जयसिंहसर फाटक के पास कार्रवाई की गई। ऑपरेशन का नेतृत्व आईपीएस अभिजीत पाटिल ने किया और सरदारशहर थाना पुलिस की टीम भी शामिल रही।
प्रश्न: क्या कोई और वारदात या गिरफ्तारियां हो सकती हैं?
उत्तर: पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर हथियारों की सप्लाई करने वालों और गैंग नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। जांच के आगे बढ़ने के साथ और खुलासे और गिरफ्तारियों की संभावना है।
नोट: यह खबर मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। मामले में जांच जारी है, और आगे की जानकारी के लिए आधिकारिक पुलिस बयान का इंतजार किया जा रहा है।