कृषि छात्रा प्रोत्साहन योजना: 45,635 आवेदनों में आधे अटके, 4 जिलों में शून्य भुगतान

कृषि छात्रा प्रोत्साहन योजना का मकसद था कि गांव-ढाणी की बेटियां कृषि की पढ़ाई की ओर बढ़ें और पैसों की कमी उनके रास्ते की दीवार न बने। कक्षा 11वीं-12वीं में कृषि संकाय लेने वाली छात्राओं को हर साल 15 हजार रुपए और कॉलेज स्तर पर निर्धारित दर से प्रोत्साहन राशि मिलती है (अन्य छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी भी देखें) — किसान परिवार के लिए ये बेटी की पढ़ाई का बड़ा सहारा है। मगर हकीकत ये है कि 14 अक्टूबर तक आए 45,635 आवेदनों में से महज 21,636 के ही बिल जनरेट हो पाए हैं। यानी 47.4 फीसदी आवेदनों पर ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ी, बाकी आधी से ज्यादा छात्राएं अब भी राशि के इंतजार में हैं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कृषि आयुक्त ने सभी जिलों को आवेदनों की जांच, ई-साइन और बिल प्रक्रिया तत्काल पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

कृषि छात्रा प्रोत्साहन योजना क्या है और किसे मिलता है लाभ

कृषि छात्रा प्रोत्साहन योजना राजस्थान सरकार की लक्षित कल्याणकारी योजना है, जो कृषि शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए चलाई जा रही है। इसके तहत राजकीय विद्यालयों में कृषि संकाय में नियमित पढ़ाई कर रही छात्राओं को कक्षा 11वीं और 12वीं के लिए प्रतिवर्ष 15 हजार रुपए दिए जाते हैं। कॉलेज स्तर पर कृषि विषयों में पढ़ने वाली पात्र छात्राओं को भी निर्धारित दर से राशि मिलती है।

आवेदन राज किसान साथी पोर्टल से ऑनलाइन होते हैं। पूरी प्रक्रिया तीन कड़ियों पर टिकी है — दस्तावेजों की जांच, ई-साइन, और बिल जनरेट होना। इनमें से कोई भी कड़ी अटके तो पैसा छात्रा के खाते तक नहीं पहुंचता — और मौजूदा संकट की जड़ यही हैं।

आंकड़ों में धीमी रफ्तार: जांच हो गई, पर बिल नहीं बना

विभागीय आंकड़ों में 14 अक्टूबर तक कुल 45,635 आवेदन आए, जिनमें से 37,270 की दस्तावेज जांच स्वीकृत हो चुकी है। 779 आवेदन पात्रता न पूरी होने पर निरस्त किए गए।

मगर इसके बाद की कहानी चिंता वाली है। 941 आवेदन कमियां पूरी करने के लिए प्राचार्यों और संस्थाओं को लौटा दिए गए — और वहीं अटके हैं। नतीजा: जांच पूरी होने के बावजूद बिल जनरेट होने की प्रक्रिया में तेजी नहीं आई। हर दो में से एक से ज्यादा छात्रा अब भी अपनी राशि का इंतजार कर रही है।

कृषि छात्रा प्रोत्साहन योजना के 4 जिले जहां खाता ही नहीं खुला

सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा जिलों के स्तर पर है। डीडवाना-कुचामन, ब्यावर, सलूंबर और सिरोही — इन चार जिलों में अब तक एक भी छात्रा को लाभ नहीं मिला है। ये वही इलाके हैं जहां कृषि परिवारों की बेटियों को इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। इसके अलावा अलवर में सिर्फ 10.9 प्रतिशत और बाड़मेर में महज 17.2 प्रतिशत आवेदनों पर ही लाभ पहुंचा है।

बांसवाड़ा आगे, डूंगरपुर पीछे: उदयपुर संभाग का हाल

उदयपुर संभाग के आंकड़े दो विपरीत तस्वीरें दिखाते हैं। बांसवाड़ा में कृषि छात्रा प्रोत्साहन योजना सबसे तेज है — 1,517 आवेदनों में से 1,136 के बिल बन चुके हैं। वहीं पड़ोसी डूंगरपुर में 1,174 में से महज 269 के बिल बने, और सलूंबर में 120 आवेदन आने के बावजूद एक भी बिल नहीं बना।

जिला कुल आवेदन बिल जनरेट प्रगति
बांसवाड़ा 1,517 1,136 ~75%
डूंगरपुर 1,174 269 ~23%
सलूंबर 120 0 0%
डीडवाना-कुचामन — 0 0%
ब्यावर — 0 0%
सिरोही — 0 0%
अलवर — — 10.9%
बाड़मेर — — 17.2%
कुल (प्रदेश) 45,635 21,636 47.4%

कृषि आयुक्त के निर्देश: जांच, ई-साइन और बिल प्रक्रिया तुरंत पूरी करें

कृषि आयुक्त ने सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं — आवेदनों की जांच, ई-साइन और बिल प्रक्रिया तत्काल पूरी की जाए। यानी अब सिर्फ कागज पर जांच स्वीकृत करना काफी नहीं, पैसा छात्रा के खाते तक पहुंचाना होगा। संयुक्त निदेशक (कृषि विभाग) कैलाश मीणा के मुताबिक वंचित छात्राओं के लिए निदेशालय से दिशा-निर्देश मिले हैं, और शिक्षा विभाग से समन्वय करके शेष पात्र छात्राओं को भी राशि जारी कराने के प्रयास हो रहे हैं।

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पात्र छात्राएं आवेदन न अटके इसके लिए इन बातों का ध्यान रखें:

  1. पोर्टल पर आवेदन की स्थिति जांचें — आवेदन किस स्तर पर अटका है, ये राज किसान साथी पोर्टल पर दिखता है।
  2. ई-साइन पूरा करें — कई आवेदन सिर्फ ई-साइन अधूरा रहने से अटके हैं। अपने स्कूल या कॉलेज से संपर्क करके इसे पूरा कराएं।
  3. लौटाए गए आवेदनों पर तुरंत ध्यान दें — 941 आवेदन कमियों के कारण लौटाए गए हैं। प्राचार्य से मिलकर कमियां तुरंत पूरी कराएं।
  4. दस्तावेज पूरे रखें — आधार, बैंक खाते की पासबुक, कृषि संकाय में नामांकन का प्रमाण और पिछले वर्ष की मार्कशीट तैयार रखें।
  5. जिला कृषि कार्यालय से संपर्क करें — आवेदन लंबे समय से अटका हो तो जिला कृषि अधिकारी के कार्यालय में पूछताछ करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: कृषि छात्रा प्रोत्साहन योजना के लिए कौन पात्र है?
उत्तर: राजकीय विद्यालयों में कृषि संकाय में नियमित पढ़ाई कर रही कक्षा 11वीं-12वीं की छात्राएं, और कृषि विषयों में पढ़ने वाली कॉलेज स्तर की पात्र छात्राएं इस योजना का लाभ ले सकती हैं।

प्रश्न 2: योजना में कितनी राशि मिलती है?
उत्तर: कक्षा 11वीं और 12वीं की छात्राओं को प्रतिवर्ष 15 हजार रुपए मिलते हैं। कॉलेज स्तर पर पात्र छात्राओं को निर्धारित दर के अनुसार प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

प्रश्न 3: आवेदन कहां और कैसे करें?
उत्तर: आवेदन राज किसान साथी पोर्टल से ऑनलाइन होते हैं। इसके बाद दस्तावेजों की जांच, ई-साइन और बिल जनरेट की प्रक्रिया होती है।

प्रश्न 4: आवेदन अटक गया है तो क्या करें?
उत्तर: पहले पोर्टल पर आवेदन की स्थिति देखें। अगर कमियों के कारण लौटाया गया है, तो अपने स्कूल-कॉलेज के प्राचार्य से संपर्क करके कमियां पूरी कराएं। ई-साइन अधूरा हो तो उसे पूरा करें, और जरूरत पड़े तो जिला कृषि कार्यालय में संपर्क करें।


कृषि छात्रा प्रोत्साहन योजना तभी सफल होगी जब राशि समय पर पहुंचेगी। 47.4 फीसदी की प्रगति और चार जिलों में शून्य भुगतान बताता है कि प्रक्रिया में गंभीर रुकावट है। कृषि आयुक्त के निर्देशों के बाद नजर इस पर रहेगी कि आने वाले हफ्तों में ये आंकड़े कितनी तेजी से सुधरते हैं — क्योंकि हर अटका आवेदन किसी न किसी बेटी की पढ़ाई से जुड़ा है। किसान परिवारों के लिए अन्य योजनाओं की खबरें भी पढ़ें।

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