दीपावली करीब आते ही घरों में मिठाई और पकवान की तैयारी तेज हो जाती है, और इसी के साथ बाजार में मिलावटी खाद्य पदार्थों की खपत भी बढ़ने लगती है। अगर आप इस बार पनीर खरीदने की सोच रहे हैं, तो जयपुर में हुई ताजा कार्रवाई की खबर आपके लिए सीधे काम की है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर के एक बड़े डेयरी समूह के ठिकानों से पांच सौ बीस किलो पनीर मौके पर ही नष्ट करवा दिया। इतनी बड़ी मात्रा में पनीर एक साथ नष्ट होना अपने आप में बताता है कि त्योहारों से पहले मिलावटखोरी कितने बड़े पैमाने पर सक्रिय हो जाती है। सवाल यह है कि आपके थाली तक पहुंचने वाला पनीर सुरक्षित है या नहीं — और इसकी पहचान आप घर पर कैसे कर सकते हैं। इसी पर इस खबर में विस्तार से बात करेंगे।
520 किलो पनीर नष्ट — मौके पर क्या-क्या हुआ
शुक्रवार, 16 अक्टूबर को खाद्य सुरक्षा विभाग के केंद्रीय दल ने राजापार्क स्थित हरियाणा डेयरी के दो प्रतिष्ठानों और विवेकानंद कॉलोनी स्थित उसी समूह के गोदाम का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया पनीर संदिग्ध था, जिसे विभाग की टीम ने मौके पर ही नष्ट करवा दिया। कुल मिलाकर 520 किलो पनीर नष्ट किया गया, और प्रयोगशाला जांच के लिए पनीर के दो नमूने भी अलग से लिए गए। निरीक्षण में एक गंभीर खामी भी सामने आई — विवेकानंद कॉलोनी स्थित गोदाम के पास वैध खाद्य लाइसेंस नहीं मिला। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत बिना लाइसेंस के खाद्य कारोबार करना नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है, और विभाग ने इस संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की बात कही है। साथ ही विभाग पनीर की आपूर्ति से जुड़े बिलों और दस्तावेजों की गहन जांच करेगा, ताकि यह पता लग सके कि संदिग्ध पनीर शहर में कहां-कहां बंटा और किन रास्तों से आया।
पनीर कहां-कहां बंटता था — सप्लाई रिकॉर्ड में आए नाम
विभाग के अनुसार पनीर की आपूर्ति से संबंधित जानकारी में जयपुर के कई बड़े नाम सामने आए हैं। रिकॉर्ड में ग्रैंड उनियारा होटल, नीरोस रेस्टोरेंट, लेमन ट्री प्रीमियर बनीपार्क, लॉर्ड्स इन जयपुर, द फर्न रेजिडेंसी, श्री भोग, ला पिनोज पिज्जा और कई अन्य प्रतिष्ठानों के नाम आए हैं। यहां एक जरूरी बात समझनी होगी: आपूर्ति रिकॉर्ड में किसी प्रतिष्ठान का नाम आने का मतलब यह नहीं है कि वहां बेचा गया पनीर मिलावटी था। विभाग का साफ कहना है कि इन नामों के सामने आने मात्र से उन प्रतिष्ठानों में मिलावट की पुष्टि नहीं होती। पुष्टि तभी होगी जब प्रयोगशाला की रिपोर्ट आएगी। लेकिन उपभोक्ता के लिहाज से यह जानकारी महत्वपूर्ण इसलिए है क्योंकि इससे साफ होता है कि बड़े-बड़े होटल और रेस्टोरेंट की आपूर्ति श्रृंखला भी संदिग्ध स्रोतों से जुड़ी हो सकती है।
अभियान सिर्फ पनीर तक सीमित नहीं — मिठाई, ब्रेड, ड्राई फ्रूट्स के भी नमूने
‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत विभाग ने सिर्फ डेयरी नहीं, बल्कि शहर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में मिठाई, ड्राई फ्रूट्स, ब्रेड और नमकीन बनाने वाली कई इकाइयों का निरीक्षण किया। कुल मिलाकर 8 प्रतिष्ठानों से 16 खाद्य नमूने एकत्र किए गए हैं:
| प्रतिष्ठान | नमूने / कार्रवाई |
|---|---|
| हरियाणा डेयरी, राजापार्क + गोदाम | 520 किलो पनीर नष्ट; पनीर के 2 नमूने जांच हेतु |
| त्रिशूल एंटरप्राइजेज, हीरावाला औद्योगिक क्षेत्र, बसी | मिश्री का नमूना; साफ-सफाई की कमी, कर्मचारी बिना कैप-एप्रन पाए गए |
| रामेश्वर बूरा उद्योग | मिश्री का नमूना |
| तुलसी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, सीतापुरा | व्हाइट ब्रेड और बॉम्बे पाव ब्रेड के नमूने |
| के.सी. एंड ब्रदर्स, हीरावाला | नमकीन भुजिया और रिफाइंड पामोलीन तेल के नमूने |
| रॉ लॉ ड्राई फ्रूट्स, झोटवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र | डिहाइड्रेटेड ड्राई फ्रूट्स, नारियल पाउडर, बादाम, पिस्ता के नमूने; सुधार नोटिस |
| बालाजी दूध पनीर भंडार, वैशाली नगर | दूध, मिल्क केक और पनीर के नमूने |
| बालाजी मिष्ठान भंडार, मोती डूंगरी रोड | मावा मिठाई का नमूना |
त्रिशूल एंटरप्राइजेज के निरीक्षण में पाया गया कि खाद्य कर्मचारी कैप और एप्रन का इस्तेमाल नहीं कर रहे थे, कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस की जांच नहीं करवाई गई थी और इस्तेमाल होने वाले पानी की जांच भी नहीं हुई थी। टीम ने वहां से मिश्री का नमूना लेकर कमियां दूर करने के निर्देश दिए।
पहले भी मानकों पर खरे नहीं उतरे थे पनीर के नमूने
यह पहली बार नहीं है जब जयपुर में पनीर को लेकर सवाल उठे हैं। विभाग के मुताबिक इससे पहले ‘मलाईको’ ब्रांड के पनीर का नमूना लेमन ट्री होटल से और ‘मक्खन’ ब्रांड के पनीर का नमूना गीतांजलि अस्पताल की कैंटीन से लिया गया था। प्रयोगशाला जांच में दोनों ही नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए थे। यानी बाजार में पहले से बेचे जा चुके पनीर में भी गड़बड़ी पाई गई थी।
मिलावटी पनीर की पहचान घर पर कैसे करें
नष्ट कराया गया पनीर प्रयोगशाला की रिपोर्ट का इंतजार करेगा, लेकिन उपभोक्ता के तौर पर आप खुद कुछ आसान जांच कर सकते हैं।
उबालने की जांच
पनीर का छोटा टुकड़ा पानी में उबालें। शुद्ध पनीर अपनी संरचना बनाए रखेगा, जबकि मिलावटी पनीर बिखरने लगेगा या पानी में अजीब झाग दिखाएगा।
गर्मी पर व्यवहार
शुद्ध पनीर को गर्म करने पर वह नरम होकर पिघलता है; स्टार्च या अन्य मिलावट वाला पनीर सख्त रहता है।
छूने और चखने की जांच
अत्यधिक नरम, गोंद जैसा चिपचिपा या तीखी गंध वाला पनीर संदिग्ध होता है। शुद्ध पनीर में दूध की हल्की मीठी खुशबू आती है।
पानी में डूबोने की जांच
पनीर को पानी में कुछ देर रखें। असली पनीर में से पानी साफ निकलेगा, जबकि स्टार्च मिलावट वाला पनीर पानी को दूधिया बना देगा।
अगर आपको बाजार से खरीदे पनीर में मिलावट का संदेह हो, तो भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। पैकेज्ड पनीर खरीदते समय FSSAI लाइसेंस नंबर, निर्माण तिथि और बैच नंबर की जांच करना न भूलें।
अभियान दीपावली तक जारी रहेगा
विभाग के अनुसार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के मार्गदर्शन में यह अभियान चल रहा है। जांच के लिए लिए गए सभी नमूनों की प्रयोगशाला जांच कराई जाएगी, और रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई होगी। विभाग ने कारोबारियों को साफ-सफाई रखने, कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस सुनिश्चित करने, सुरक्षित पानी का इस्तेमाल करने और वैध खाद्य लाइसेंस रखने के निर्देश दिए हैं। दीपावली के दौरान मिलावट पर रोक लगाने और आमजन को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए निरीक्षण अभियान जारी रहेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: जयपुर में 520 किलो पनीर क्यों नष्ट किया गया?
उत्तर: खाद्य सुरक्षा विभाग के ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत 16 अक्टूबर को राजापार्क की हरियाणा डेयरी और विवेकानंद कॉलोनी के गोदाम के निरीक्षण में संदिग्ध पाया गया पनीर मौके पर नष्ट करवाया गया। पनीर के दो नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भी लिए गए हैं।
प्रश्न 2: क्या होटल-रेस्टोरेंट में पनीर मिलावटी था?
उत्तर: अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। आपूर्ति रिकॉर्ड में कई होटलों और रेस्टोरेंट के नाम आए हैं, लेकिन विभाग का स्पष्ट कहना है कि नाम आने मात्र से मिलावट की पुष्टि नहीं होती। प्रयोगशाला रिपोर्ट के बाद ही स्थिति साफ होगी।
प्रश्न 3: घर पर पनीर की शुद्धता कैसे परखें?
उत्तर: पनीर का टुकड़ा पानी में उबालकर देखें — शुद्ध पनीर संरचना बनाए रखता है। पानी में डुबोने पर असली पनीर से पानी साफ निकलता है, जबकि स्टार्च-मिलावट वाला पनीर पानी को दूधिया बना देता है। अत्यधिक नरम, चिपचिपा या तीखी गंध वाला पनीर संदिग्ध होता है।
प्रश्न 4: मिलावट की शिकायत कहां करें?
उत्तर: FSSAI के ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। इसके अलावा राजस्थान में खाद्य सुरक्षा विभाग की टोल-फ्री हेल्पलाइन पर भी सूचना दी जा सकती है। पैकेज्ड पनीर पर FSSAI लाइसेंस नंबर और बैच नंबर की जांच जरूर करें।
1 thought on “पनीर मिलावट जयपुर: 520 किलो पनीर नष्ट, दीपावली से पहले वार”