उदयपुर के छात्र करम राज जलानिया ने राज्य स्तरीय जिम्नास्टिक में जीते 2 स्वर्ण, अब राष्ट्रीय टीम में राजस्थान का प्रतिनिधित्व

उदयपुर के दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) के 11वीं कक्षा के छात्र करम राज जलानिया ने बीकानेर में संपन्न 70वीं राज्य स्तरीय जिम्नास्टिक प्रतियोगिता में दो स्वर्ण और एक रजत पदक अपने नाम किए हैं। यही नहीं, उनके इस प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने के लिए भी हो गया है। यह खबर 7 अक्टूबर 2026 को सामने आई है और उदयपुर ही नहीं, पूरे प्रदेश के खेल प्रेमियों के लिए गर्व का पल है।

स्कूल स्तर की एक खेल प्रतियोगिता से निकला यह नतीजा इसलिए भी खास है क्योंकि जिम्नास्टिक जैसे तकनीकी और शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण खेल में राजस्थान के किसी स्कूली छात्र का एक ही प्रतियोगिता में तीन पदक जीतना और सीधे राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना प्रदेश के उभरते खेल माहौल का प्रतीक बन गया है।

बीकानेर में सात दिनों तक चला था मुकाबलों का दौर

राज्य स्तरीय यह प्रतियोगिता 1 अक्टूबर से 7 अक्टूबर 2026 तक बीकानेर में आयोजित हुई। यह 70वीं राज्य स्तरीय विद्यालय खेलकूद प्रतियोगिता के अंतर्गत हुई 17 एवं 19 वर्ष आयु वर्ग की छात्र-छात्रा जिम्नास्टिक प्रतियोगिता थी। मुकाबले बीकानेर के करणी सिंह स्टेडियम स्थित मल्टीपरपज ऑडिटोरियम में हुए।

पूरे प्रदेश से आई टीमों ने इसमें हिस्सा लिया। अजमेर, कुचामन, अलवर, भीलवाड़ा, जयपुर, पाली और मेजबान बीकानेर की टीमों के खिलाड़ी खिताबी दौड़ में थे। प्रतियोगिता में रिदमिक जिम्नास्टिक, फ्लोर एक्सरसाइज, हॉरिजॉन्टल बार, पैरेलल बार और रोमन रिंग समेत कई स्पर्धाएं हुईं। इन स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने संतुलन, शक्ति, लचीलेपन और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया, जिसने दर्शकों को प्रभावित किया।

आयोजन को सफल बनाने के लिए शिक्षा विभाग की टीम पूरी तरह जुटी रही। आयोजक विद्यालय की प्रधानाचार्य लाजवंती के अनुसार खिलाड़ियों के आवास, भोजन और अन्य व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया। जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) डॉ. रामगोपाल शर्मा ने बताया कि प्रतियोगिता को सुव्यवस्थित और निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने के लिए विभाग की विभिन्न टीमें लगातार निगरानी में लगी थीं।

डीपीएस उदयपुर के खेल विभागाध्यक्ष विपिन राय ने करम राज के प्रदर्शन की जानकारी देते हुए कहा कि उनके छात्र ने कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है। विद्यालय के प्रो-वाइस चेयरमैन गोविंद अग्रवाल, प्राचार्य संजय नरवरिया और उप-प्राचार्य राजेश धाभाई ने करम राज और उनके अभिभावकों को बधाई दी और आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।

कौन हैं करम राज जलानिया: पढ़ाई के साथ खेल का संतुलन

करम राज जलानिया उदयपुर के दिल्ली पब्लिक स्कूल में 11वीं कक्षा के छात्र हैं। जिम्नास्टिक जैसा खेल पढ़ाई के साथ तालमेल बिठाकर करना आसान नहीं होता। इस खेल में सुबह-शाम अभ्यास, कठोर फिटनेस रूटीन और लगातार चोटों के खतरे से जूझना पड़ता है। करम राज ने इन्हीं चुनौतियों के बीच अपना प्रदर्शन बरकरार रखा और राज्य स्तर पर दो स्वर्ण व एक रजत पदक जीते।

स्कूल के खेल विभागाध्यक्ष विपिन राय के मुताबिक, करम राज की सफलता का राज उनका अनुशासन और निरंतर अभ्यास है। एक स्कूली छात्र के लिए पढ़ाई के साथ राष्ट्रीय स्तर की तैयारी करना दोनों मोर्चों पर मेहनत मांगता है। विद्यालय प्रशासन ने इस उपलब्धि को अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा माना है।

ग्रामीण और शहरी इलाकों में कई स्कूली छात्र खेलों में आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन जिम्नास्टिक जैसे उपकरण-निर्भर खेल में प्रशिक्षण की सुविधा सीमित होती है। ऐसे में करम राज का चयन उन अभिभावकों के लिए भी संदेश है जो अपने बच्चों के खेल के प्रति जुनून को गंभीरता से लेना चाहते हैं।

एसजीएफआई राष्ट्रीय प्रतियोगिता: अब चुनौती बड़ी है

राज्य स्तरीय प्रदर्शन के बाद करम राज का अगला पड़ाव स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की राष्ट्रीय प्रतियोगिता है, जहां वे राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगे। एसजीएफआई स्कूली खेलों की वह शीर्ष संस्था है जिसके राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट से ही देश के कई नामी खिलाड़ी निकले हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी होती है। यहां हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक जैसे राज्यों के प्रशिक्षित खिलाड़ी उतरते हैं, जहां जिम्नास्टिक का बुनियादी ढांचा और कोचिंग काफी मजबूत है। करम राज के लिए यह प्रतियोगिता न सिर्फ पदक की दौड़ होगी, बल्कि राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजर में आने का बड़ा मंच भी होगी। अच्छे प्रदर्शन से खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल शिविरों, छात्रवृत्तियों और खेल कोटे के अवसरों का रास्ता खुलता है।

प्रतियोगिता का पूरा ब्योरा एक नजर में

प्रतियोगिता70वीं राज्य स्तरीय जिम्नास्टिक प्रतियोगिता (विद्यालय खेलकूद)
आयु वर्ग17 एवं 19 वर्ष, छात्र-छात्रा वर्ग
तारीखें1 से 7 अक्टूबर 2026
स्थानकरणी सिंह स्टेडियम, मल्टीपरपज ऑडिटोरियम, बीकानेर
स्पर्धाएंरिदमिक जिम्नास्टिक, फ्लोर एक्सरसाइज, हॉरिजॉन्टल बार, पैरेलल बार, रोमन रिंग
भाग लेने वाले जिलेअजमेर, कुचामन, अलवर, भीलवाड़ा, जयपुर, पाली, बीकानेर
करम राज जलानिया (डीपीएस उदयपुर)2 स्वर्ण + 1 रजत; एसजीएफआई राष्ट्रीय के लिए चयन

राजस्थान में खेलों का बदलता माहौल

करम राज जैसी सफलताएं अकेली नहीं हैं। पिछले कुछ दिनों में ही प्रदेश में खेलों को लेकर कई बड़े कदम उठे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में 51वीं सब जूनियर एवं जूनियर राष्ट्रीय योगासन स्पोर्ट्स चैम्पियनशिप के समापन समारोह में प्रदेश के खिलाड़ियों को ओलंपिक के लिए तैयार करने के उद्देश्य से ‘राजस्थान TOPS’ योजना लागू करने की घोषणा की थी।

इस अवसर पर राज्य में 17 नए खेलो इंडिया केंद्र शुरू करने और 1,786 खिलाड़ियों के लिए 40 करोड़ 12 लाख रुपये के अनुदान की मंजूरी की जानकारी भी दी गई थी। इसके अलावा प्रदेश में राजस्थान युवा नीति-2025 जारी की गई है और अटल ज्ञान केंद्र व पंचायत स्तर पर खेल मैदान बनाने के प्रयास चल रहे हैं।

कुल मिलाकर, राज्य सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है: प्रदेश के खिलाड़ियों को ओलंपिक स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना। करम राज जलानिया जैसे युवा खिलाड़ियों की सफलता इस दिशा में उठाए जा रहे कदमों को सार्थक करती है।

FAQs

प्रश्न: करम राज जलानिया ने कौन-से पदक जीते? उत्तर: उन्होंने बीकानेर में हुई 70वीं राज्य स्तरीय जिम्नास्टिक प्रतियोगिता में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता है।

प्रश्न: प्रतियोगिता कब और कहां हुई? उत्तर: यह प्रतियोगिता 1 से 7 अक्टूबर 2026 तक बीकानेर के करणी सिंह स्टेडियम के मल्टीपरपज ऑडिटोरियम में हुई। यह 70वीं राज्य स्तरीय विद्यालय खेलकूद प्रतियोगिता के अंतर्गत 17 एवं 19 वर्ष आयु वर्ग की जिम्नास्टिक स्पर्धा थी।

प्रश्न: एसजीएफआई क्या है? उत्तर: एसजीएफआई यानी स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया, स्कूली खेलों की राष्ट्रीय संस्था है। इसका चयन मतलब है कि करम राज अब राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगे।

प्रश्न: करम राज कहां पढ़ते हैं? उत्तर: वे उदयपुर के दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) में 11वीं कक्षा के छात्र हैं।

निष्कर्ष

करम राज जलानिया की यह उपलब्धि केवल तीन पदकों की कहानी नहीं है। यह उस मेहनत की कहानी है जो एक स्कूली छात्र पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन साधकर करता है। एसजीएफआई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उनका प्रदर्शन अब तय करेगा कि यह सफर कितनी दूर जाता है। उदयपुर और राजस्थान के लिए यह एक शुभ शुरुआत है।

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