सिरोही बाइक हादसा: आबूरोड में दो बाइकों की भिड़ंत के बाद लगी आग, 3 युवकों की मौत

सोमवार की देर रात राजस्थान के सिरोही जिले में एक ऐसा सड़क हादसा हुआ, जिसने तीन परिवारों की खुशियां एक झटके में छीन लीं। आबूरोड सदर थाना क्षेत्र में तलवार नाका के पास दो बाइकों की आमने-सामने इतनी जोरदार भिड़ंत हुई कि टक्कर के बाद दोनों वाहनों में आग लग गई और देखते ही देखते वे जलकर खाक हो गए। इस सिरोही बाइक हादसा में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि 15 साल का एक किशोर गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि एक बाइक पर सवार तीनों युवक अंबाजी के दर्शन करने निकले थे — धार्मिक यात्रा पर गए ये युवा अपने घर कभी नहीं लौट सके।

सिरोही बाइक हादसा: सोमवार रात करीब 2 बजे तलवार नाका पर क्या हुआ

पुलिस के मुताबिक हादसा सोमवार देर रात करीब 2 बजे आबूरोड–रेवदर स्टेट हाईवे पर तलवार नाका के पास हुआ। एक बाइक पर सवार युवक अंबाजी की ओर जा रहे थे, तभी सामने से आ रही दूसरी बाइक से उनकी आमने-सामने की टक्कर हो गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों बाइक तेज रफ्तार में थीं।

टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइकों में तुरंत आग लग गई। चंद मिनटों में दोनों वाहन पूरी तरह जल गए। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही गिरवर चौकी से सहायक उपनिरीक्षक रामनाथ पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए आबूरोड के उपजिला अस्पताल पहुंचाया, जबकि मृतकों के शव अस्पताल की मोर्चरी में रखवाए गए हैं।

अंबाजी दर्शन की यात्रा जो मातम में बदली — मृतकों और घायल की पहचान

पुलिस ने मृतकों की पहचान कर ली है। अंबाजी दर्शन करने जा रही बाइक पर तीन युवक सवार थे — रतन (18) पुत्र साजाराम, निवासी चनार, जोराराम (19) पुत्र पन्नाराम और राजू (15) पुत्र लसा गरासिया। इनमें रतन और जोराराम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि राजू गंभीर रूप से घायल है।

दूसरी बाइक पर सवार गोपाल पुत्र लसा भील आबूरोड से अपने घर मधुवा जी मंदिर लौट रहा था। उसकी भी मौके पर मौत हो गई। आग की चपेट में आने से एक शव बुरी तरह झुलसा हुआ मिला, जबकि अन्य शव क्षत-विक्षत हालत में थे। पुलिस ने मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी है और परिजनों के पहुंचने के बाद शवों का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा।

राजस्थान में हर 44 मिनट में एक मौत — सड़क हादसों के डरावने आंकड़े

सिरोही का यह हादसा कोई अकेली घटना नहीं है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस (आईरेड) के आंकड़े बताते हैं कि राजस्थान की सड़कें कितनी खतरनाक बनी हुई हैं।

अवधि कुल सड़क हादसे मौतें घायल
जनवरी–जून 2026 12,616 6,020 13,141
जनवरी–जून 2025 13,966 6,444 13,328
बदलाव 9.67% कमी 6.58% कमी 1.4% कमी

आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में हर 44 मिनट में एक व्यक्ति सड़क हादसे में जान गंवा रहा है और रोजाना औसतन 33 लोगों की अकाल मौत हो रही है। सबसे ज्यादा हादसे जयपुर पश्चिम जिले में (846) दर्ज हुए, इसके बाद जयपुर पूर्व (749), उदयपुर (581), जयपुर दक्षिण (535) और सीकर (482) का नंबर आता है। राहत की बात यह है कि पिछले साल की तुलना में हादसों और मौतों दोनों में कमी आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्लैक स्पॉट सुधारे बिना, तेज रफ्तार पर प्रभावी अंकुश लगाए बिना और हेलमेट–सीट बेल्ट नियमों का सख्ती से पालन कराए बिना मौतों में बड़ी कमी लाना मुश्किल होगा। राजस्थान में सड़क हादसों के ताजा आंकड़ों पर यहां विस्तार से पढ़ें।

तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह? पुलिस इन सवालों के जवाब तलाश रही

एएसआई रामनाथ के मुताबिक प्रारंभिक जांच में दोनों बाइकों की तेज रफ्तार हादसे की बड़ी वजह मानी जा रही है। हालांकि पुलिस अभी कई सवालों के जवाब तलाश रही है — टक्कर के बाद बाइकों में आग कैसे लगी, क्या वाहनों में कोई तकनीकी खामी थी, और रात के अंधेरे में दृश्यता की क्या स्थिति थी।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में प्रदेश में भीषण सड़क हादसों की कड़ी सी बन गई है। इससे पहले सीकर में जीण माता के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरे ट्रेलर के हादसे में 23 से ज्यादा लोग घायल हुए थे, जयपुर के बस्सी चाक पर बस और तीन वाहनों की टक्कर ने पूरे प्रदेश को हिला दिया था, और हनुमानगढ़ के पल्लू में भी सड़क हादसे में तीन युवकों की जान गई थी। लगातार हो रहे ये हादसे सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।

रात में बाइक से हाईवे पर निकलें तो इन बातों का जरूर रखें ध्यान

सिरोही हादसे से सबक लेते हुए रात में दोपहिया वाहन से सफर करने वालों के लिए कुछ जरूरी सावधानियां हैं:

  • ट्रिपल राइडिंग से बचें: इस हादसे में एक बाइक पर तीन युवक सवार थे। एक बाइक पर दो से ज्यादा सवारी बैठना न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि संतुलन बिगड़ने का बड़ा कारण बनता है।
  • हेलमेट हर हाल में पहनें: चालक के साथ पीछे बैठने वाले के लिए भी हेलमेट अनिवार्य है। सिर की चोट सड़क हादसों में मौत की सबसे बड़ी वजह है।
  • रफ्तार पर काबू रखें: रात में दृश्यता कम होती है, इसलिए दिन के मुकाबले गति और कम रखें। स्टेट हाईवे पर बाइक की निर्धारित गति सीमा का पालन करें।
  • रिफ्लेक्टिव जैकेट और लाइट: रात के सफर में चमकीले या रिफ्लेक्टिव कपड़े पहनें और हेडलाइट–टेललाइट दुरुस्त रखें ताकि दूसरे वाहन आपको दूर से देख सकें।
  • थकान में वाहन न चलाएं: देर रात नींद का झोंका हादसे की बड़ी वजह है। लंबी यात्रा में हर दो घंटे में ब्रेक लें।
  • इमरजेंसी नंबर याद रखें: हादसे की स्थिति में तुरंत 108 (एंबुलेंस) या 112 (इमरजेंसी) पर कॉल करें। घायल को अस्पताल पहुंचाने का पहला घंटा यानी “गोल्डन ऑवर” जान बचाने में सबसे अहम होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: सिरोही बाइक हादसा कहां और कब हुआ?
उत्तर: यह हादसा सोमवार देर रात करीब 2 बजे सिरोही जिले के आबूरोड सदर थाना क्षेत्र में तलवार नाका के पास आबूरोड–रेवदर स्टेट हाईवे पर हुआ।

प्रश्न 2: हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
उत्तर: हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई — दो की मौके पर और एक की अस्पताल में इलाज के दौरान। एक 15 वर्षीय किशोर गंभीर रूप से घायल है।

प्रश्न 3: मृतक कौन थे और कहां जा रहे थे?
उत्तर: रतन (18) और जोराराम (19) अपने साथी राजू (15) के साथ अंबाजी के दर्शन करने जा रहे थे। दूसरी बाइक पर सवार गोपाल आबूरोड से अपने घर मधुवा जी मंदिर लौट रहा था।

प्रश्न 4: हादसे की वजह क्या बताई जा रही है?
उत्तर: पुलिस की प्रारंभिक जांच में दोनों बाइकों की तेज रफ्तार को हादसे की वजह माना जा रहा है। टक्कर के बाद बाइकों में आग कैसे लगी, इसकी जांच जारी है।

Leave a Comment