आयुष ऑफिसर भर्ती पर हाईकोर्ट की रोक: 1340 पदों का क्या होगा?

राजस्थान में आयुष चिकित्सकों की सबसे बड़ी संविदा भर्ती पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। राजस्थान हाईकोर्ट ने आयुष ऑफिसर भर्ती के 1340 पदों की चयन प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसके बाद आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी पद्धति के हजारों अभ्यर्थियों की नियुक्ति का इंतजार बढ़ गया है। कोर्ट ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) सहित सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को तय की है।

आयुष ऑफिसर भर्ती: कोर्ट के आदेश का सीधा मतलब

राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ, जिसका नेतृत्व जस्टिस अनूप कुमार ढंढ कर रहे हैं, ने डॉ. ज्योति जांगिड़ व अन्य अभ्यर्थियों की याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया। अंतरिम रोक का सीधा मतलब यह है कि जब तक कोर्ट इस मामले का अंतिम निपटारा नहीं कर देता, तब तक 1340 आयुष ऑफिसर पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।

कोर्ट ने बोर्ड से पूछा है कि तीनों पद्धतियों के लिए एक ही संयुक्त मेरिट लिस्ट क्यों तैयार की गई। चार सप्ताह में बोर्ड को अपना लिखित पक्ष रखना होगा। अभ्यर्थियों के लिए सबसे अहम तारीख 19 नवंबर है — उसी दिन इस आयुष ऑफिसर भर्ती का भविष्य तय होने की उम्मीद है।

विवाद की जड़: एक विज्ञापन, तीन पेपर, एक ही मेरिट

इस आयुष ऑफिसर भर्ती में आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी — तीनों पद्धतियों के डॉक्टरों के कुल 1340 पदों पर संविदा आधार पर चयन होना था। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने इसके लिए संयुक्त विज्ञापन जारी किया था, लेकिन चयन प्रक्रिया में बोर्ड ने तीनों पद्धतियों के अभ्यर्थियों को एक ही कॉमन जनरल मेरिट लिस्ट में डाल दिया।

यहीं से विवाद शुरू हुआ। याचिकाकर्ताओं के अनुसार तीनों पद्धतियों की परीक्षाएं, प्रश्नपत्र और कठिनाई स्तर अलग-अलग होते हैं, इसलिए तीनों को एक ही तराजू में तौलना न्यायसंगत नहीं है। खास तौर पर आयुर्वेद की परीक्षा अधिक कठिन मानी जाती है, जिससे संयुक्त मेरिट में इस पद्धति के अभ्यर्थियों को नुकसान की आशंका है। गौरतलब है कि RSSB की अन्य बड़ी भर्तियों में भी मेरिट और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर पहले सवाल उठते रहे हैं।

याचिका में उठाए गए चार बड़े सवाल

याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता अश्वनी जैमन ने आयुष ऑफिसर भर्ती को लेकर चार तर्क रखे। पहला — अलग-अलग परीक्षाओं और कठिनाई स्तर के बावजूद संयुक्त मेरिट लिस्ट तैयार करना भेदभाव के समान है। दूसरा — संयुक्त मेरिट से यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि प्रत्येक पद्धति में कितने पद थे और कितने आवेदन आए, यानी पारदर्शिता का सीधा सवाल खड़ा हो गया।

तीसरा आरोप गंभीर था — संयुक्त मेरिट के विरोध में पहले ही एक एक्सपर्ट रिपोर्ट पेश हो चुकी थी, जिसमें एक ही मेरिट बनाने को गलत बताया गया था, लेकिन बोर्ड ने उसे दरकिनार कर दिया। चौथा तर्क यह था कि अधिक कठिन परीक्षा के बावजूद संयुक्त मेरिट में आयुर्वेद अभ्यर्थियों को नुकसान उठाना पड़ेगा। मांग है कि तीनों पद्धतियों की अलग-अलग मेरिट लिस्ट बनाकर नियुक्तियां दी जाएं।

भर्ती का पूरा खाका: एक नजर में

विवरण जानकारी
भर्ती का नाम आयुष ऑफिसर संविदा भर्ती-2025
कुल पद 1340
शामिल पद्धतियां आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी
चयन संस्था राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB)
विवाद का केंद्र तीनों पद्धतियों की संयुक्त मेरिट लिस्ट
याचिकाकर्ता डॉ. ज्योति जांगिड़ व अन्य
याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता अश्वनी जैमन
सुनवाई करने वाली पीठ जस्टिस अनूप कुमार ढंढ की एकलपीठ
कोर्ट का आदेश चयन प्रक्रिया पर अंतरिम रोक, 4 सप्ताह में जवाब तलब
अगली सुनवाई 19 नवंबर

आयुष ऑफिसर भर्ती के अभ्यर्थी अब क्या करें?

सबसे पहले यह समझ लें कि अंतरिम रोक अंतिम फैसला नहीं, बल्कि अस्थायी व्यवस्था है — मकसद यह है कि मेरिट प्रक्रिया की वैधता पर कोर्ट का फैसला आने तक कोई ऐसी नियुक्ति न हो जिसे बाद में पलटना पड़े।

अभ्यर्थी अपने शैक्षणिक दस्तावेज, पंजीयन प्रमाणपत्र और आवेदन से जुड़े कागजात तैयार रखें। अगर कोर्ट अलग-अलग मेरिट का आदेश देता है, तो बोर्ड को नई सूची बनानी होगी और आयुष ऑफिसर भर्ती की प्रक्रिया दोबारा पटरी पर आ सकती है। सूचना के लिए केवल RSSB की आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें, अफवाहों से दूर रहें।

आगे क्या हो सकता है? तीन संभावित रास्ते

19 नवंबर की सुनवाई के बाद इस आयुष ऑफिसर भर्ती मामले में तीन संभावनाएं बनती हैं। पहली — कोर्ट संयुक्त मेरिट को ही उचित ठहराए, तो रोक हट जाएगी और नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। दूसरी — कोर्ट याचिका स्वीकार कर तीनों पद्धतियों की अलग-अलग मेरिट का आदेश दे, तो नई सूची में कुछ हफ्ते और लग सकते हैं।

तीसरी संभावना — कोर्ट चयन मानदंडों की गहराई से समीक्षा कर विज्ञापन की शर्तों में ही बदलाव का निर्देश दे। जो भी हो, 19 नवंबर तक धैर्य रखना होगा। राजस्थान में सरकारी भर्तियों पर कोर्ट की रोक कोई नई बात नहीं — इससे पहले भी कई भर्तियां मेरिट और पारदर्शिता के सवालों पर जांच के दायरे में आई हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल: आयुष ऑफिसर भर्ती पर हाईकोर्ट ने रोक क्यों लगाई?
जवाब: कोर्ट ने आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी — तीनों अलग-अलग पद्धतियों के लिए एक ही संयुक्त मेरिट लिस्ट बनाने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के बाद अंतरिम रोक लगाई है। याचिका में कहा गया है कि अलग-अलग कठिनाई स्तर की परीक्षाओं को एक ही मेरिट में डालना उचित नहीं है।

सवाल: आयुष ऑफिसर भर्ती में कुल कितने पद हैं?
जवाब: कुल 1340 पद हैं, जिन पर आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा पद्धति के डॉक्टरों का संविदा आधार पर चयन होना है। चयन की जिम्मेदारी राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) के पास है।

सवाल: मामले की अगली सुनवाई कब होगी?
जवाब: राजस्थान हाईकोर्ट ने बोर्ड सहित सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को होगी, जिसमें आयुष ऑफिसर भर्ती के भविष्य पर फैसला होने की उम्मीद है।

सवाल: अभ्यर्थियों को अभी क्या करना चाहिए?
जवाब: अभ्यर्थियों को अपने दस्तावेज तैयार रखने चाहिए और भर्ती से जुड़ी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करना चाहिए। अंतरिम रोक अस्थायी है, इसलिए घबराने के बजाय 19 नवंबर की सुनवाई का इंतजार करना ही सबसे समझदारी भरा कदम है।

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