रूप चौदस 2026: कोटा में सजने-संवरने की धूम, नाथद्वारा में श्रीनाथजी का विशेष स्नान

पांच दिवसीय दीपोत्सव के दूसरे दिन आज, शनिवार 7 नवंबर को राजस्थान में रूप चौदस 2026 पूरे उत्साह के साथ मनाई जा रही है। कोटा में सुबह से ही ब्यूटी पार्लरों और सैलून के बाहर महिलाओं की कतारें लग गईं, तो राजसमंद के नाथद्वारा में श्रीनाथजी की हवेली में सूर्योदय से पहले वनौषधियों से प्रभु का विशेष स्नान कराया गया। कल धनतेरस पर प्रदेश के बाजारों में करीब 20,000 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था, और आज रूप चौदस पर खरीदारी और उत्सव का यही सिलसिला आगे बढ़ रहा है।

रूप चौदस 2026 में कोटा के पार्लरों में सुबह से लगी कतारें

शैक्षणिक नगरी कोटा में रूप चौदस का दिन इस बार सजने-संवरने के नाम रहा। शहर के प्रमुख बाजारों और कॉलोनियों में चल रहे ब्यूटी पार्लरों और मेकअप स्टूडियो में आज सुबह से ही महिलाओं और युवतियों की भारी भीड़ उमड़ी। पार्लर संचालकों के अनुसार आज के दिन फेशियल, ब्लीच, हेयर ट्रीटमेंट, थ्रेडिंग और ब्राइडल मेकअप की सबसे ज्यादा मांग रही। कई महिलाओं ने दीपावली के लिए पहले से ही विशेष पैकेज बुक करवा रखे थे।

नाथद्वारा में श्रीनाथजी का वनौषधि स्नान, सजी कांच की हटड़ी

राजसमंद जिले के नाथद्वारा में पुष्टिमार्गीय वल्लभ संप्रदाय की प्रधान पीठ श्रीनाथजी की हवेली में रूप चतुर्दशी का पर्व पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। परंपरा के अनुसार विजयादशमी के दिन स्थापित पूवों को सुखाकर उनकी अग्नि से आज सूर्योदय से पूर्व प्रभु को तिलक-आरती के साथ स्नान कराया गया। प्रभु के रूप को निखारने के विशेष भाव से स्नान में कठुम्बा और ओंगा की दातन के साथ विभिन्न वनौषधियाँ धराई गईं।

राजभोग के समय प्रभु को गंगा-जमनी सोना-चाँदी की काँचवारी हटड़ी, सुनहरी जरी के घेरदार बागा, फुरकसाई जरी की पाग और मेघश्याम ठाड़े वस्त्रों से सजाया गया। जड़ाऊ आभूषणों और सितारे की भरत वाली पिछवाई ने श्रृंगार की शोभा बढ़ा दी। रूप चतुर्दशी के अवसर पर श्री नवनीत प्रियजी भी चोतरा पर हटड़ी में बिराजे। नवरात्रि से चल रही एक माह की चितराम सेवा भी आज गोवर्धन पूजा चौक में हाथी-घोड़े के निर्माण के साथ संपन्न हो गई। आगामी उत्सवों और भीड़ को देखते हुए मंदिर के वरिष्ठ अधिकारियों ने आज दर्शन व्यवस्थाओं का सघन जायजा भी लिया।

नरक चतुर्दशी की कथा: क्यों मनाते हैं रूप चौदस

रूप चौदस को नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है। लोक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने सत्यभामा की सहायता से असुर नरकासुर का वध किया था और उसकी कैद से हजारों कन्याओं को मुक्त कराया था। बुराई पर अच्छाई की इस जीत की स्मृति में यह दिन मनाया जाता है, इसलिए इसे छोटी दीपावली भी कहते हैं।

इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर उबटन लगाकर स्नान करने की परंपरा है, जिससे सौंदर्य निखरने और नकारात्मक ऊर्जा दूर होने की मान्यता है। शाम को यमराज के नाम का दीपक जलाया जाता है, जिसे दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए जलाते हैं।

रूप चौदस 2026: बाजारों में रौनक और खरीदारी की धूम

रूप चौदस पर कोटा के मुख्य बाजार भी गुलजार नजर आए, जहां शाम के दीप प्रज्वलन और यमराज के दीपक के लिए पूजा सामग्री, दीयों और नए वस्त्रों की दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ी।

धनतेरस पर हुई रिकॉर्ड खरीदारी के बाद रूप चौदस पर भी बाजारों का उत्साह बरकरार है। शुक्रवार को प्रदेशभर में हुए करीब 20,000 करोड़ रुपये के कारोबार ने व्यापारियों का मनोबल बढ़ाया है। धनतेरस के दिन जयपुर में 24 कैरेट सोना 2,800 रुपये सस्ता होकर 1,45,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया था, जिससे ज्वेलरी बाजार में भी अच्छी खरीदारी हुई। दीपावली तक खरीदारी का यह सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है।

दीपावली का पांच दिवसीय क्रम: आज रात जयपुर में ड्रोन शो

रूप चौदस पांच दिवसीय दीपोत्सव का दूसरा दिन है। इसके बाद रविवार 8 नवंबर को दीपावली, सोमवार 9 नवंबर को गोवर्धन पूजा और मंगलवार 10 नवंबर को भाई दूज मनाई जाएगी। जयपुर में दीपोत्सव को खास बनाने के लिए नगर निगम और जयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से “दीवाली खुशियों वाली” कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जो 31 अक्टूबर से 11 नवंबर तक चलेगा। महापौर सुनील कोठारी के अनुसार इस तरह का आयोजन पहली बार हो रहा है।

इस कार्यक्रम के तहत आज रात 9 बजे जनपथ पर अमर जवान ज्योति के सामने भव्य ड्रोन शो का आयोजन रखा गया, जिसमें 500 से अधिक ड्रोन आसमान में दीये और दीपावली से जुड़ी आकृतियाँ बनाएंगे। अगले दिन रविवार 8 नवंबर को रात 9:30 बजे 15 मिनट की विशेष आतिशबाजी होगी। सजावट प्रतियोगिता के लिए jaipurdiwali.com पर 11 नवंबर तक आवेदन किए जा सकते हैं, जिसमें इनाम के तौर पर इलेक्ट्रिक स्कूटर, टीवी और मोबाइल दिए जाएंगे। अव्वल वार्ड में 51 लाख रुपये के अतिरिक्त विकास कार्य भी कराए जाएंगे।

पांच दिवसीय दीपोत्सव 2026: तारीख और पर्व

दिन तारीख पर्व खास बात
शुक्रवार 6 नवंबर धनतेरस सोना-चांदी और बर्तनों की खरीदारी, प्रदेश में 20,000 करोड़ का कारोबार
शनिवार 7 नवंबर रूप चौदस (नरक चतुर्दशी) उबटन स्नान, सजना-संवरना, शाम को यमराज का दीपक
रविवार 8 नवंबर दीपावली लक्ष्मी पूजन, दीये और आतिशबाजी, जयपुर में रात 9:30 बजे विशेष आतिशबाजी
सोमवार 9 नवंबर गोवर्धन पूजा अन्नकूट और गोवर्धन पर्वत की पूजा
मंगलवार 10 नवंबर भाई दूज भाई-बहन के स्नेह का त्योहार

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न: रूप चौदस 2026 कब मनाई जा रही है?

उत्तर: रूप चौदस 2026 आज, शनिवार 7 नवंबर को मनाई जा रही है। यह पांच दिवसीय दीपोत्सव का दूसरा दिन है और इसे नरक चतुर्दशी या छोटी दीपावली भी कहा जाता है।

प्रश्न: नरक चतुर्दशी क्यों मनाई जाती है?

उत्तर: मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने सत्यभामा की सहायता से असुर नरकासुर का वध किया था। बुराई पर अच्छाई की जीत की स्मृति में यह दिन मनाया जाता है।

प्रश्न: रूप चौदस पर उबटन स्नान का क्या महत्व है?

उत्तर: परंपरा के अनुसार रूप चौदस के दिन सूर्योदय से पहले उठकर उबटन लगाकर स्नान करने से शरीर का सौंदर्य निखरता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

प्रश्न: दीपावली 2026 कब है और जयपुर में ड्रोन शो कब होगा?

उत्तर: दीपावली 2026 रविवार 8 नवंबर को है। जयपुर में ड्रोन शो आज रात 9 बजे जनपथ पर अमर जवान ज्योति के सामने रखा गया था, और 8 नवंबर की रात 9:30 बजे 15 मिनट की विशेष आतिशबाजी होगी।

स्रोत

इस खबर की जानकारी News18 हिंदी (कोटा) और राजसमंद टाइम्स (नाथद्वारा) की रिपोर्टों तथा जयपुर दीपोत्सव पर ETV भारत की जानकारी पर आधारित है। जयपुर में मौसम और दीपावली की तैयारियों के बारे में भी पढ़ें।

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