Rajasthan Youth Congress Election: 6.15 लाख वोटों से अभिषेक चौधरी नंबर-1, पर अध्यक्ष का ऐलान दिल्ली इंटरव्यू के बाद
जयपुर। रविवार शाम राजस्थान यूथ कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव के नतीजे आए, और सबसे ऊपर वही नाम रहा जिसकी सबसे ज्यादा चर्चा थी — अभिषेक चौधरी। एनएसयूआई के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष ने 6,15,057 वोट हासिल करके प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में बाजी मारी। लेकिन यहां एक दिलचस्प मोड़ है: सबसे ज्यादा वोट पाने के बावजूद अध्यक्ष की औपचारिक घोषणा अभी बाकी है। कांग्रेस की स्थापित प्रक्रिया के तहत टॉप तीन उम्मीदवारों का दिल्ली में इंटरव्यू होगा, और उसके बाद ही नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर मुहर लगेगी।
चुनाव प्राधिकरण के आंकड़े बताते हैं कि मुकाबला दो चेहरों के इर्द-गिर्द सिमटा रहा। अनिल चोपड़ा को 5,45,638 वोट मिले (69,419 वोटों से दूसरे), राजकुमार परसवाल को 1,95,030 वोट मिले। शीर्ष तीन को मिलाकर 13.55 लाख से ज्यादा वोट पड़े — युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भागीदारी का बड़ा संकेत।
वोटों का हिसाब-किताब: तीनों दावेदार कहां खड़े हैं
| उम्मीदवार | मिले वोट | स्थान | जीत/हार का अंतर |
|---|---|---|---|
| अभिषेक चौधरी | 6,15,057 | पहला | +69,419 |
| अनिल चोपड़ा | 5,45,638 | दूसरा | −69,419 |
| राजकुमार परसवाल | 1,95,030 | तीसरा | −4,20,027 |
ऊपर के आंकड़ों से साफ है कि अभिषेक चौधरी ने दूसरे स्थान के उम्मीदवार से करीब 70 हजार वोटों की बढ़त बनाई है। संगठन सूत्रों के मुताबिक इतनी बड़ी बढ़त के बाद अभिषेक का अध्यक्ष बनना लगभग तय माना जा रहा है, पर अंतिम फैसला इंटरव्यू पैनल के हाथ में है।
एक और अहम बात — अध्यक्ष पद के लिए कुल 19 प्रत्याशी मैदान में थे। युवा कांग्रेस की परंपरा के मुताबिक चुनाव में उतरे सभी 19 उम्मीदवारों को प्रदेश कार्यकारिणी में जगह दी जाएगी। जिसे जितने वोट मिले हैं, उसी अनुपात में उपाध्यक्ष, महामंत्री और सचिव जैसे पद सौंपे जाएंगे। इसके अलावा एससी-एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक और महिला आरक्षित कोटे के तहत भी पदों का आवंटन होगा।
दिल्ली में होगा इंटरव्यू: राहुल और प्रियंका गांधी लेंगे फैसले की बैठक
युवा कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के आयुक्त सज्जाद अहमद ने स्पष्ट किया है कि शीर्ष तीनों प्रत्याशियों — अभिषेक चौधरी, अनिल चोपड़ा और राजकुमार परसवाल — को जल्द दिल्ली बुलाया जाएगा। इंटरव्यू पैनल में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु चिब और प्रभारी मनीष शर्मा रहेंगे। साक्षात्कार के बाद अध्यक्ष के साथ-साथ अन्य पदाधिकारियों के नामों की भी आधिकारिक घोषणा होगी। नई कार्यकारिणी का कार्यकाल तीन साल का रहेगा, यानी चुनी गई टीम 2029 तक संगठन संभालेगी।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक इंटरव्यू के बाद जयपुर से दिल्ली तक लॉबिंग का दौर भी चलेगा। अभिषेक चौधरी को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नजदीकी माना जाता है, जबकि अनिल चोपड़ा पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट खेमे के करीबी हैं।
अभिषेक चौधरी: झोटवाड़ा की हार से युवा कांग्रेस के शिखर तक का सफर
परिणाम घोषित होने के बाद अभिषेक चौधरी के आवास पर जश्न का माहौल दिखा। उनकी मां ने तिलक लगाकर अगवानी की और अभिषेक ने मां का मुंह मीठा कराकर आशीर्वाद लिया। इसके तुरंत बाद वे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से मिलने पहुंचे और संगठनात्मक विषयों पर मार्गदर्शन लिया।
अभिषेक का नाम राजस्थान की राजनीति में नया नहीं है। साल 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें जयपुर की हाई-प्रोफाइल झोटवाड़ा सीट से उतारा था। उस चुनाव में भाजपा के कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने उन्हें 50,167 वोटों के अंतर से हराया था — राज्यवर्धन को 1,47,913 और अभिषेक को 97,746 वोट मिले थे।
अनिल चोपड़ा: सिर्फ 1,615 वोटों की हार वाला वो करीबी मुकाबला
दूसरे स्थान पर रहे अनिल चोपड़ा भी मुख्यधारा की राजनीति के अनुभवी चेहरे हैं। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें जयपुर ग्रामीण सीट से प्रत्याशी बनाया था। यह मुकाबला बेहद करीबी रहा — भाजपा के राव राजेंद्र सिंह ने उन्हें मात्र 1,615 वोटों के अंतर से हराया था।
चुनाव के बाद पोस्टल बैलेट के मुद्दे पर अनिल चोपड़ा ने रिटर्निंग ऑफिसर के सामने धरना दिया था और रिकाउंटिंग की मांग उठाई थी। बाद में यह मामला अदालत तक पहुंचा था। अनिल चोपड़ा को सचिन पायलट के करीबी नेताओं में गिना जाता है।
2010 से अब तक: उठापटक से भरा रहा है यूथ कांग्रेस चुनावों का इतिहास
राजस्थान में वर्ष 2010 से आंतरिक चुनाव प्रणाली के जरिए यूथ कांग्रेस की कार्यकारिणी का गठन हो रहा है, और इसका इतिहास हमेशा दिलचस्प रहा है। 2023 में अभिमन्यु पूनिया ने सर्वाधिक मत पाकर अध्यक्ष पद संभाला था। सबसे विवादास्पद रहा 2020 का चुनाव — उस साल सुमित भगासरा सबसे ज्यादा वोट पाकर अध्यक्ष बने थे, लेकिन मुकेश भाकर ने धांधली के आरोप लगाए और जांच के बाद भाकर को विजयी घोषित किया गया। फिर जुलाई 2020 में सचिन पायलट खेमे की बगावत के दौरान मुकेश भाकर के मानेसर चले जाने पर उन्हें बर्खास्त कर दिया गया और विधायक गणेश घोघरा को कमान सौंपी गई।
इस पृष्ठभूमि में 2026 के नतीजे खास मायने रखते हैं — इस बार प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही और बड़े वोट-मार्जिन ने संदेह की गुंजाइश भी कम कर दी है।
कांग्रेस संगठन के लिए क्यों अहम है ये चुनाव
युवा कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष सिर्फ एक पद नहीं, बल्कि आने वाली राजनीति का चेहरा होता है। पंचायत और निकाय चुनावों से पहले संगठन को मजबूत करना कांग्रेस की प्राथमिकता है। दिल्ली इंटरव्यू के बाद जब औपचारिक घोषणा होगी, तब साफ होगा कि हाईकमान युवा नेतृत्व को किस दिशा में ले जाना चाहता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: राजस्थान यूथ कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में सबसे ज्यादा वोट किसे मिले?
उत्तर: अभिषेक चौधरी को 6,15,057 वोट मिले हैं। वे एनएसयूआई के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष रह चुके हैं।
प्रश्न: अध्यक्ष की औपचारिक घोषणा कब और कैसे होगी?
उत्तर: टॉप तीन उम्मीदवारों — अभिषेक चौधरी, अनिल चोपड़ा और राजकुमार परसवाल — का दिल्ली में इंटरव्यू होगा। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु चिब और प्रभारी मनीष शर्मा का पैनल साक्षात्कार लेगा, उसके बाद नामों की आधिकारिक घोषणा होगी।
प्रश्न: नई कार्यकारिणी का कार्यकाल कितने साल का रहेगा?
उत्तर: तीन साल। अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़े सभी 19 प्रत्याशियों को उनके वोटों के अनुपात में उपाध्यक्ष, महामंत्री और सचिव जैसे पद दिए जाएंगे।
प्रश्न: दूसरे और तीसरे स्थान पर कौन-कौन रहे?
उत्तर: दूसरे स्थान पर अनिल चोपड़ा रहे, जिन्हें 5,45,638 वोट मिले — अभिषेक चौधरी से 69,419 वोट पीछे। तीसरे स्थान पर राजकुमार परसवाल रहे, जिन्हें 1,95,030 वोट मिले।
स्रोत: खासखबर (4 अक्टूबर 2026) — परिणाम युवा कांग्रेस केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण ने रविवार शाम घोषित किए।