कोटा में थाने के पास फायरिंग: संदीप सोलंकी पर दो राउंड गोलियां, भाई बाल-बाल बचा

कोटा फायरिंग संदीप सोलंकी की खबर ने पुराने कोटा के कैथूनीपोल इलाके में हड़कंप मचा दिया है। शनिवार रात करीब साढ़े सात बजे थाने से चंद कदमों की दूरी पर बाइक सवार बदमाशों ने शराब व्यवसायी और हिस्ट्रीशीटर संदीप सोलंकी पर दो राउंड फायरिंग कर दी। पहली गोली निशाने से चूक गई, जबकि दूसरी गोली उनके भाई कुलदीप के पैर को छूती हुई निकल गई। दोनों बाल-बाल बच गए, लेकिन थाने के पास हुई इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूचना मिलते ही एसपी तेजस्विनी गौतम समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।

कोटा फायरिंग संदीप सोलंकी: घटनाक्रम की पूरी टाइमलाइन

शनिवार रात करीब सात बजकर तीस मिनट पर संदीप सोलंकी अपने घर के नीचे स्थित शराब के ठेके के बाहर बैठे हुए थे। इसी दौरान दो अलग-अलग बाइकों पर आए बदमाशों ने उन पर दो राउंड गोलियां चलाईं। पहली गोली निशाने से चूक गई, जबकि दूसरी गोली उनके भाई कुलदीप के पैर को छूती हुई निकल गई, जिससे उन्हें छर्रे जैसी रगड़न वाली चोट आई और उनका मेडिकल करवाया गया।

फायरिंग की आवाज सुनते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद एसपी तेजस्विनी गौतम समेत अधिकारी मौके पर पहुंचे और सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की। एएसपी सुभाष मिश्रा ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच दो-तीन साल से रंजिश चल रही है और कुछ दिन पहले ही उनके बीच कहासुनी भी हुई थी।

पुरानी रंजिश और रोहित कबूतर गैंग का नाम

पुलिस की शुरुआती जांच में इस वारदात के पीछे ‘रोहित कबूतर गैंग’ का नाम सामने आया है। बताया जा रहा है कि इस गैंग के दो शूटरों राहुल सिंधी और फैजान की इस फायरिंग में संलिप्तता है। हालांकि पुलिस ने अभी इस बारे में अंतिम रूप से कुछ नहीं कहा है और जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी।

पुरानी रंजिश के मामलों में अक्सर यही पैटर्न देखने को मिलता है — छोटी कहासुनी से शुरू हुआ विवाद धीरे-धीरे हिंसक वारदात तक पहुंच जाता है। इसीलिए पुलिस अब सिर्फ हमलावरों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि विवाद की पूरी पृष्ठभूमि भी खंगालेगी। सीसीटीवी फुटेज इस जांच में सबसे अहम सबूत साबित हो सकती है।

कोटा फायरिंग संदीप सोलंकी के बाद पुलिस की कार्रवाई

वारदात के बाद पुलिस ने कई मोर्चों पर एक साथ काम शुरू किया है: घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकालना, प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ करना और पुरानी रंजिश से जुड़े पुराने मामलों की फाइलें खंगालना। एसपी तेजस्विनी गौतम के मौके पर पहुंचने से यह साफ है कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है।

पुलिस के सामने एक और चुनौती यह है कि वारदात थाने के बेहद पास हुई है। इससे स्थानीय लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि जब थाने के पास ही गोली चल सकती है, तो बाकी इलाकों की सुरक्षा का क्या भरोसा। पुलिस को अब न सिर्फ आरोपियों को पकड़ना है, बल्कि इलाके में गश्त बढ़ाकर लोगों का भरोसा भी वापस जीतना है।

2025 में भी हो चुका है संदीप सोलंकी पर हमला

टीवी9 की रिपोर्ट के मुताबिक संदीप सोलंकी पर 2025 में भी फायरिंग और हमला हो चुका है। यानी यह पहली बार नहीं है जब वे हमलावरों के निशाने पर आए हैं। बार-बार एक ही व्यक्ति पर हमले होना यह बताता है कि दोनों पक्षों के बीच विवाद गहरा और पुराना है, और पुलिस को सिर्फ एक वारदात की जांच तक सीमित नहीं रहना चाहिए।

पुराने हमले की पृष्ठभूमि को समझे बिना इस नई वारदात का पूरा सच सामने नहीं आ सकता। पुलिस अब यह भी देखेगी कि पहले के हमले में कौन आरोपी थे और क्या उन मामलों में कार्रवाई पूरी हुई थी, क्योंकि पुराने मामलों में ढिलाई ही नए हमलों को बढ़ावा देती है।

कैथूनीपोल में सुरक्षा पर सवाल और आगे क्या होगा

कैथूनीपोल पुराने कोटा का घनी आबादी वाला इलाका है, जहां शाम के वक्त बाजारों में भीड़ रहती है। ऐसे में खुलेआम फायरिंग होना लोगों में डर पैदा करता है, और स्थानीय लोगों की मांग यही होगी कि इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। आगे सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि क्या पुलिस सीसीटीवी फुटेज से हमलावरों की पहचान कर पाती है और क्या आरोपी जल्द गिरफ्तार होते हैं।

घटना के मुख्य तथ्य एक नजर में

तथ्य जानकारी
वारदात की जगह कैथूनीपोल थाना क्षेत्र, पुराना कोटा
वारदात का समय शनिवार रात करीब 7:30 बजे
निशाना शराब व्यवसायी और हिस्ट्रीशीटर संदीप सोलंकी
फायरिंग दो राउंड, दो अलग-अलग बाइकों पर आए बदमाश
घायल भाई कुलदीप के पैर में छर्रे जैसी रगड़न वाली चोट
शुरुआती वजह दो-तीन साल से चली आ रही पुरानी रंजिश
पुलिस की कार्रवाई एसपी मौके पर पहुंचीं, सीसीटीवी जांच, आरोपी फरार
पहले का हमला 2025 में भी संदीप सोलंकी पर फायरिंग और हमला हो चुका है

ऐसी घटना की सूचना कैसे दें

अगर आप कभी अपने आसपास फायरिंग देखते हैं, तो सबसे पहले सुरक्षित दूरी पर चले जाएं। तुरंत पुलिस हेल्पलाइन 112 पर कॉल करें और जगह, समय और हमलावरों की संख्या व वाहन के बारे में साफ जानकारी दें। हमलावरों का पीछा न करें और घटनास्थल के सबूतों को न छुएं। घायल की मदद के लिए 108 पर एंबुलेंस बुलाएं।

कोटा पुलिस की जांच अब किस दिशा में जाती है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। फिलहाल थाने के पास हुई इस फायरिंग ने पूरे शहर का ध्यान खींच लिया है। इस मामले से जुड़ी हर नई जानकारी के लिए कोटा की ताजा खबरों पर नजर बनाए रखें। राजस्थान पुलिस की हालिया कार्रवाई भी पढ़ें, और कोटा रेलवे स्टेशन फायरिंग मामला देखें। विस्तृत रिपोर्ट के लिए टीवी9 की मूल खबर भी पढ़ सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कोटा में फायरिंग कब और कहां हुई?

कैथूनीपोल थाने से चंद कदमों की दूरी पर शनिवार रात करीब साढ़े सात बजे यह फायरिंग हुई। संदीप सोलंकी अपने घर के नीचे ठेके के बाहर बैठे थे, तभी दो बाइकों पर आए बदमाशों ने उन पर दो राउंड गोलियां चलाईं।

कोटा फायरिंग में संदीप सोलंकी को गोली लगी या नहीं?

संदीप सोलंकी बाल-बाल बच गए। पहली गोली चूक गई, जबकि दूसरी गोली उनके भाई कुलदीप के पैर को छूती हुई निकल गई, जिससे कुलदीप को छर्रे जैसी रगड़न वाली चोट आई। कुलदीप का मेडिकल करवाया गया है।

कोटा फायरिंग के पीछे क्या वजह बताई जा रही है?

पुलिस की शुरुआती जांच में दो-तीन साल से चली आ रही पुरानी रंजिश को वजह माना जा रहा है। एएसपी सुभाष मिश्रा के मुताबिक कुछ दिन पहले दोनों पक्षों के बीच कहासुनी भी हुई थी। जांच में रोहित कबूतर गैंग के शूटरों राहुल सिंधी और फैजान की संलिप्तता का नाम भी सामने आया है। अभी तक आरोपी फरार हैं।

Leave a Comment