राजस्थान फाउंडेशन 51 चैप्टर के साथ अब दुनिया के सबसे प्रभावशाली प्रवासी नेटवर्क में से एक बनने की दिशा में आगे बढ़ गया है। जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित प्रवासी राजस्थानी संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने फाउंडेशन के 11 नए चैप्टर शुरू करने की घोषणा की। इस ऐलान के बाद फाउंडेशन के कुल चैप्टरों की संख्या 40 से बढ़कर 51 हो जाएगी — जिनमें 25 चैप्टर देश के भीतर और 26 चैप्टर विदेशों में संचालित होंगे।
इसके पीछे रणनीति साफ है — दुनिया भर के प्रवासी राजस्थानियों को प्रदेश के विकास, निवेश और संस्कृति से जोड़ना। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी राजस्थानी प्रदेश की संस्कृति और विरासत के ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर हैं, और अब ‘पधारो म्हारे देश’ के साथ ‘पधारो थारे देश’ की भावना को भी आगे बढ़ाना है।
राजस्थान फाउंडेशन 51 चैप्टर: 11 नए केंद्र कहां-कहां खुलेंगे?
नए चैप्टरों का नक्शा देखें तो सरकार ने देश और दुनिया — दोनों मोर्चों पर एक साथ कदम बढ़ाया है। देश के भीतर 6 शहरों में नए चैप्टर खोले जाएंगे — रायपुर, लखनऊ, पटना, सिलीगुड़ी, पणजी और विशाखापट्टनम। विदेशों में 4 शहरों का चयन हुआ है — सैन फ्रांसिस्को (अमेरिका), ज्यूरिख (स्विट्जरलैंड), मिलान (इटली) और डबलिन (आयरलैंड)।
सबसे दिलचस्प फैसला नॉर्डिक क्षेत्र को लेकर है। स्टॉकहोम में एक नॉर्डिक चैप्टर स्थापित किया जाएगा, जो एक साथ चार देशों — स्वीडन, डेनमार्क, नॉर्वे और फिनलैंड — को कवर करेगा। यानी एक चैप्टर, चार देश।
| श्रेणी | नए चैप्टर | शहर/क्षेत्र |
|---|---|---|
| देश (भारत) | 6 | रायपुर, लखनऊ, पटना, सिलीगुड़ी, पणजी, विशाखापट्टनम |
| विदेश | 4 | सैन फ्रांसिस्को (अमेरिका), ज्यूरिख (स्विट्जरलैंड), मिलान (इटली), डबलिन (आयरलैंड) |
| नॉर्डिक | 1 | स्टॉकहोम (स्वीडन, डेनमार्क, नॉर्वे, फिनलैंड) |
| कुल नए | 11 | 40 से बढ़कर 51 |
इस विस्तार के बाद फाउंडेशन का जाल 25 घरेलू और 26 अंतरराष्ट्रीय चैप्टरों तक फैल जाएगा। सोचिए — दुनिया के इतने देशों में राजस्थान के नाम पर सक्रिय संगठन, जो निवेश, संस्कृति और सामाजिक कामों को जोड़ेंगे।
‘पधारो म्हारे देश’ से ‘पधारो थारे देश’ तक: प्रवासी संवाद कार्यक्रम की झलकियां
यह ऐलान जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में हुए प्रवासी राजस्थानी संवाद कार्यक्रम के दौरान हुआ, जहां देश-विदेश से आए प्रवासी राजस्थानियों से मुख्यमंत्री ने सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, डॉ. प्रेमचंद बैरवा और जयपुर के महापौर सुनील कोठारी सहित बड़ी संख्या में प्रवासी राजस्थानी मौजूद रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विदेशों से भी कई प्रवासी जुड़े।
संवाद में दुबई, मेलबर्न, नैरोबी, गुवाहाटी, मुंबई, सूरत, भुवनेश्वर, दिल्ली, न्यूयॉर्क और कोलकाता के चैप्टर प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री ने कॉफी टेबल बुक ‘विकास के सहभागी’ का विमोचन किया, जो प्रवासी राजस्थानियों के योगदान को दर्शाती है।
राजस्थान फाउंडेशन 51 चैप्टर: निवेश और नीति का पूरा खाका
11 नए चैप्टर अकेले में खड़े नहीं हैं — इनके पीछे एक पूरा नीतिगत ढांचा तैयार किया गया है। डिपार्टमेंट ऑफ डोमेस्टिक एंड ओवरसीज राजस्थान अफेयर्स का गठन हो चुका है, राजस्थान डेवलपमेंट सपोर्ट पोर्टल शुरू किया गया है और एनआरआर पॉलिसी-2025 भी जारी की गई है। इसके अलावा प्रदेश के हर जिले में जिला प्रवासी प्रकोष्ठ गठित किया गया है, जहां हर साल कम से कम एक बार प्रवासी राजस्थानी संवाद कार्यक्रम आयोजित होगा।
निवेश के मोर्चे पर भी बड़े आंकड़े रखे गए — लगभग 80 हजार करोड़ की ग्रीनफील्ड रिफाइनरी परियोजना, 472 औद्योगिक क्षेत्र, करीब 46 हजार इकाइयां। एमएसएमई में कंसेंट-टू-ऑपरेट की समय-सीमा 120 दिन से घटाकर 30 दिन की गई है, और व्हाइट कैटेगरी उद्योगों की सूची 104 से बढ़ाकर 877 की गई है। हाल ही में पाली में लघु उद्योग भारती के प्रदेश सम्मेलन में निवेश समझौतों पर भी बड़ा फोकस रहा था — प्रवासी नेटवर्क का विस्तार उसी कड़ी को मजबूत करेगा।
सरकार के आधिकारिक प्रेस नोट और घोषणाओं के अनुसार, खनिज संपदा, कृषि उत्पादों, मसालों, हस्तशिल्प और पर्यटन के क्षेत्रों में भी निवेश की अपार संभावनाएं हैं।
8 दिसंबर को शेखावाटी हेरिटेज मीट, 10 दिसंबर को प्रवासी सम्मेलन
कार्यक्रम में दो अहम तारीखों का भी ऐलान हुआ। शेखावाटी क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए 662 ऐतिहासिक हवेलियों को चिह्नित किया गया है, और सीकर, झुंझुनूं व चूरू में हेरिटेज टूरिज्म सर्किट विकसित किया जा रहा है। इसी कड़ी में 8 दिसंबर को शेखावाटी हेरिटेज मीट आयोजित की जाएगी। शेखावाटी को लेकर सरकार पहले भी सक्रिय रही है — हाल ही में चूरू, झुंझुनूं और सीकर के लिए 1,277 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास किया गया था।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रवासी राजस्थानियों को 10 दिसंबर को आयोजित होने वाले प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन में शामिल होने का न्योता भी दिया। प्रवासी राजस्थानी दिवस से जुड़ी यह पहल अब एक बड़े सम्मेलन का रूप ले रही है। ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ अभियान के तहत जल संरक्षण के कार्यों में प्रवासी राजस्थानियों का उल्लेखनीय योगदान रहा है — इस अभियान में अब तक लगभग 62 हजार भूजल रिचार्ज और जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण हो चुका है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सवाल 1: राजस्थान फाउंडेशन क्या है?
जवाब: राजस्थान फाउंडेशन राज्य सरकार की वह संस्था है जो देश-विदेश में बसे प्रवासी राजस्थानियों को प्रदेश के विकास, निवेश, संस्कृति और सामाजिक कार्यों से जोड़ती है। इसके चैप्टर दुनिया भर के शहरों में सक्रिय हैं।
सवाल 2: अब फाउंडेशन के कुल कितने चैप्टर होंगे और कहां?
जवाब: 11 नए चैप्टरों के बाद कुल 51 चैप्टर हो जाएंगे — 25 देश के भीतर और 26 विदेशों में। नए चैप्टर रायपुर, लखनऊ, पटना, सिलीगुड़ी, पणजी, विशाखापट्टनम, सैन फ्रांसिस्को, ज्यूरिख, मिलान, डबलिन और स्टॉकहोम (नॉर्डिक) में खुलेंगे।
सवाल 3: प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन कब और कहां होगा?
जवाब: मुख्यमंत्री ने 10 दिसंबर को प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन में शामिल होने का न्योता दिया है। इससे पहले 8 दिसंबर को शेखावाटी हेरिटेज मीट भी आयोजित की जाएगी।
सवाल 4: एनआरआर पॉलिसी-2025 क्या है?
जवाब: एनआरआर (नॉन-रेजिडेंट राजस्थानी) पॉलिसी-2025 प्रवासी राजस्थानियों के निवेश, सामाजिक योगदान और सांस्कृतिक जुड़ाव को प्रोत्साहित करने के लिए जारी की गई राज्य सरकार की नीति है। इसके साथ राजस्थान डेवलपमेंट सपोर्ट पोर्टल भी शुरू किया गया है।