राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने 2026 के पहले 9 महीनों (जनवरी से सितंबर) के अपराध आंकड़े जारी किए हैं — और ये राहत देने वाली तस्वीर पेश करते हैं। राजस्थान अपराध आंकड़े 2026 के मुताबिक भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत 2025 में सितंबर तक 1,47,534 प्रकरण दर्ज हुए थे, जबकि 2026 में अब तक 1,45,781 — यानी कुल 1,753 मामले कम।
आंकड़ों की सबसे बड़ी खबर यह है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ गंभीर अपराध घटे हैं — पॉक्सो एक्ट के मामलों में 19.20 प्रतिशत की बड़ी कमी दर्ज की गई है। हत्या के मामलों में 23 और हत्या के प्रयास के मामलों में 174 प्रकरण कम हुए हैं। साथ ही संपत्ति अपराधों में भी कमी आई है, जबकि नशा और अवैध हथियारों के खिलाफ कार्रवाई 35 प्रतिशत तक बढ़ी है।
संपत्ति अपराधों में बड़ी राहत: डकैती 19.67%, लूट 16.40% घटी
आम आदमी की जिंदगी से सबसे ज्यादा जुड़े होते हैं संपत्ति संबंधी अपराध — चोरी, डकैती, लूट। राजस्थान अपराध आंकड़े 2026 इसी मोर्चे पर बड़ी सफलता बताते हैं: डकैती में 19.67 प्रतिशत, लूट में 16.40 प्रतिशत और नकबजनी में 4.63 प्रतिशत की कमी आई है। पुलिस के मुताबिक इसके पीछे लगातार निगरानी, प्रभावी गश्त और लक्षित कार्रवाई का हाथ है। हाल के हफ्तों में पुलिस ने एरिया डोमिनेशन जैसे राज्यव्यापी अभियान और कोटा में अवैध हथियारों के खिलाफ ‘ऑपरेशन हॉक’ चलाए हैं — इनका असर अब आंकड़ों में साफ दिख रहा है, और यही वजह है कि राजस्थान अपराध आंकड़े 2026 कानून-व्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत देते हैं।
महिला सुरक्षा: पॉक्सो में 19.20% कमी, राजस्थान अपराध आंकड़े 2026 का सबसे अहम चेहरा
सबसे संवेदनशील श्रेणी महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की है — और यहीं राहत सबसे बड़ी है। पॉक्सो एक्ट के तहत 478 प्रकरण यानी 19.20 प्रतिशत, दुष्कर्म के 356 प्रकरण (7.96 प्रतिशत) और छेड़छाड़ के 603 प्रकरण (7.38 प्रतिशत) कम दर्ज हुए हैं।
पुलिस के मुताबिक छेड़छाड़ जैसे अपराधों में कमी के पीछे कालिका यूनिट, एंटी रोमियो स्क्वॉड और महिला सुरक्षा की अन्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की अहम भूमिका है। प्रत्येक वृत्त स्तर पर एक थाने में महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र चल रहे हैं, जहां सहायता और काउंसलिंग मिलती है। यही कारण है कि राजस्थान अपराध आंकड़े 2026 में महिला सुरक्षा की तस्वीर पहले से बेहतर नजर आ रही है।
नशा और हथियारों पर सबसे सख्त प्रहार: NDPS में 35.13% कार्रवाई बढ़ी
विशेष और स्थानीय अधिनियमों के तहत दर्ज मामलों में बढ़ोतरी हुई है — वर्ष 2025 में सितंबर तक 65,753 प्रकरण थे, जो 2026 में बढ़कर 70,035 हो गए, यानी 4,282 प्रकरणों की वृद्धि। पुलिस के मुताबिक यह अपराध बढ़ने का नहीं, बल्कि पुलिस की सक्रिय कार्रवाई और कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन का संकेत है।
नशा तस्करों पर नकेल कसने में पुलिस को खास कामयाबी मिली है। NDPS एक्ट के तहत 1,815 अधिक प्रकरण यानी 35.13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आर्म्स एक्ट में 538 प्रकरण (10.17 प्रतिशत) और आबकारी अधिनियम के तहत 908 प्रकरण (4.92 प्रतिशत) अधिक दर्ज हुए हैं। प्रमुख श्रेणियों के आंकड़े नीचे तालिका में देखें:
| अपराध श्रेणी | 2025 (सितंबर तक) | 2026 (सितंबर तक) | बदलाव |
|---|---|---|---|
| कुल BNS प्रकरण | 1,47,534 | 1,45,781 | 1,753 कम |
| डकैती | — | — | 19.67% कम |
| लूट | — | — | 16.40% कम |
| नकबजनी | — | — | 4.63% कम |
| हत्या के मामले | — | — | 23 कम |
| NDPS एक्ट | — | — | 1,815 अधिक (+35.13%) |
| आर्म्स एक्ट | — | — | 538 अधिक (+10.17%) |
| आबकारी अधिनियम | — | — | 908 अधिक (+4.92%) |
| पॉक्सो एक्ट | — | — | 478 कम (−19.20%) |
| दुष्कर्म | — | — | 356 कम (−7.96%) |
| छेड़छाड़ | — | — | 603 कम (−7.38%) |
| SC/ST एक्ट | — | — | 954 कम (−15.47%) |
| घरेलू हिंसा/पारिवारिक विवाद | 9,979 | 10,562 | 583 अधिक |
घरेलू हिंसा के मामले बढ़े — लेकिन इसके पीछे की वजह सकारात्मक है
घरेलू प्रताड़ना, दहेज की मांग और अन्य महिला संबंधी पारिवारिक विवादों के मामले बढ़े हैं — 2025 में 9,979 और 2026 में अब तक 10,562। लेकिन पुलिस विभाग के मुताबिक यह बढ़ोतरी चिंता की नहीं, उम्मीद की वजह है। जनजागरूकता के चलते महिलाएं अब निर्भय होकर शिकायत दर्ज करा रही हैं — पुलिस के प्रति बढ़ते विश्वास का सकारात्मक संकेत। राजस्थान अपराध आंकड़े 2026 की यही पूरी तस्वीर है: गंभीर अपराध घटे, कार्रवाई बढ़ी और भरोसा मजबूत हुआ। एससी/एसटी अधिनियम के मामलों में भी 15.47 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
आम आदमी के लिए इन आंकड़ों का क्या मतलब है?
राजस्थान अपराध आंकड़े 2026 सिर्फ कागज पर नहीं, जमीन पर बदलाव के संकेत हैं। लूट, डकैती और नकबजनी में कमी का मतलब है कि घर से बाहर निकलने पर डर कम हुआ है। छेड़छाड़ और दुष्कर्म के मामलों में कमी कालिका यूनिट और एंटी रोमियो स्क्वॉड की सफलता बताती है, जबकि NDPS के 35.13 प्रतिशत अधिक मामले नशा तस्करों पर सख्ती का सबूत हैं।
जरूरत पड़ने पर राजस्थान पुलिस के आधिकारिक पोर्टल rajpolice.rajasthan.gov.in पर शिकायत दर्ज करें — आपात स्थिति में 112, महिला हेल्पलाइन 181 और साइबर धोखाधड़ी के लिए 1930 पर संपर्क करें। राजस्थान पुलिस की साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई भी यहां पढ़ सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. राजस्थान अपराध आंकड़े 2026 किस अवधि के हैं?
ये आंकड़े 2026 के जनवरी से सितंबर तक के हैं, जिनकी तुलना 2025 की समान अवधि से की गई है। 10 अक्टूबर 2026 को राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने इन्हें जारी किया।
Q2. कुल कितने मामले कम हुए हैं?
BNS के तहत 2025 में सितंबर तक 1,47,534 प्रकरण दर्ज हुए थे, जबकि 2026 में अब तक 1,45,781 प्रकरण दर्ज हुए हैं। यानी कुल 1,753 मामलों की कमी आई है।
Q3. NDPS और आर्म्स एक्ट में मामले क्यों बढ़े हैं?
पुलिस के मुताबिक यह बढ़ोतरी अपराध बढ़ने की वजह से नहीं, बल्कि सक्रिय कार्रवाई की वजह से है। NDPS में 35.13%, आर्म्स एक्ट में 10.17% और आबकारी अधिनियम में 4.92% अधिक प्रकरण दर्ज हुए हैं — यानी नशा तस्करों और अवैध हथियार रखने वालों पर पहले से ज्यादा सख्ती है।
Q4. घरेलू हिंसा के मामले बढ़ने का क्या मतलब है?
2025 में 9,979 और 2026 में अब तक 10,562 मामले दर्ज हुए हैं। पुलिस के अनुसार यह जनजागरूकता का परिणाम है — महिलाएं अब निर्भय होकर शिकायत दर्ज करा रही हैं, जो पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ने का सकारात्मक संकेत है।