प्रधानमंत्री आवास योजना राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में पक्के घर का सपना देख रहे लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। 19 अक्टूबर 2026 तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G) के तहत अब तक 24,31,798 आवास स्वीकृत हो चुके हैं और इनमें से 21,25,081 घरों का निर्माण पूरा भी हो चुका है। यानी स्वीकृत आवासों में से 87 प्रतिशत से अधिक घर बनकर तैयार हैं — यह रफ्तार राष्ट्रीय औसत से भी बेहतर है।
अगस्त 2026 में केंद्र सरकार ने राजस्थान के लिए 2,89,355 नए आवासों की अतिरिक्त मंजूरी दी थी, जिनकी कुल लागत 3,473 करोड़ रुपये है। साथ ही राज्य में 29,13,749 नए संभावित लाभार्थियों का सर्वे भी पूरा कर लिया गया है। अगर आपने भी सर्वे कराया था, तो अब अपनी स्वीकृति, सूची और किस्त की स्थिति जांचने का सही समय है। इस खबर में ताजा आंकड़े, पात्रता के नियम और नाम जांचने की पूरी प्रक्रिया सरल भाषा में दी गई है।
19 अक्टूबर 2026 तक के ताजा आंकड़े — राजस्थान कहां खड़ा है
योजना की आधिकारिक निगरानी प्रणाली AwaasSoft की 19 अक्टूबर 2026 की प्रगति रिपोर्ट में दर्ज संचयी आंकड़े इस प्रकार हैं:
| विवरण | देशभर में | राजस्थान में |
| स्वीकृत आवास | 3,91,75,704 | 24,31,798 |
| पूर्ण आवास (निर्माण पूरा) | 3,19,51,270 | 21,25,081 |
| पूर्णता दर | लगभग 81.5% | लगभग 87.4% |
राजस्थान में हर 100 स्वीकृत आवासों में से करीब 87 घर बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि राष्ट्रीय औसत 81.5 प्रतिशत है। योजना के मौजूदा चरण में वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 के बीच 2 करोड़ अतिरिक्त आवासों को मंजूरी दी गई है और मार्च 2029 तक कुल 4.95 करोड़ आवासों का समग्र लक्ष्य है।
2.89 लाख नए घरों की मंजूरी — बारां में सौंपा गया स्वीकृति पत्र
17 अगस्त 2026 को केंद्र सरकार ने राजस्थान के लिए 2,89,355 पक्के घरों की मंजूरी दी थी। बारां में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को स्वीकृति पत्र सौंपा था।
इसी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत 340.59 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मंजूरी और लखपति दीदी पहल का लक्ष्य 16 लाख से बढ़ाकर 32 लाख महिलाओं तक करने की घोषणा भी हुई थी।
किसे मिलेगा लाभ — पात्रता के नियम
प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलता है जो ये शर्तें पूरी करते हैं:
- परिवार ग्रामीण क्षेत्र का निवासी हो।
- परिवार आवासहीन हो, या कच्ची दीवारों और कच्ची छत वाले अधिकतम दो कमरों के मकान में रहता हो।
- परिवार के किसी सदस्य के पास पक्का मकान न हो।
- आय, संपत्ति और अन्य मानदंडों की जांच में परिवार पात्र पाया जाए।
मकान का न्यूनतम आकार 25 वर्गमीटर है, जिसमें खाना पकाने का स्थान शामिल है। राजस्थान जैसे मैदानी क्षेत्रों में आवास निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की सहायता मिलती है। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन–ग्रामीण के तहत शौचालय के लिए 12,000 रुपये और ग्रामीण रोजगार योजना के नियमों से मजदूरी भी मिलती है।
इन स्थितियों में नहीं मिलेगा लाभ — अपवर्जन के नियम
संशोधित अपवर्जन मानदंडों के अनुसार इन स्थितियों वाले परिवार लाभ से बाहर रहेंगे: मोटर चालित तीन या चार पहिया वाहन; मशीनीकृत कृषि उपकरण; 50,000 रुपये या अधिक सीमा वाला किसान क्रेडिट कार्ड; परिवार में सरकारी कर्मचारी; पंजीकृत गैर-कृषि उद्यम; किसी सदस्य की मासिक आय 15,000 रुपये से अधिक; आयकर या प्रोफेशनल टैक्स देने वाला परिवार; 2.5 एकड़ से अधिक सिंचित या 5 एकड़ से अधिक असिंचित जमीन।
राहत की बात है कि दोपहिया वाहन, फ्रिज और लैंडलाइन को अपवर्जन सूची से हटा दिया गया है। सीमा बिंदु पर स्थित परिवार पात्रता की पुष्टि पंचायत समिति के लिखित आदेश से जरूर कराएं।
सर्वे करा चुके हैं? अपनी स्थिति जांचने के ये काम करें
राज्य में 29,13,749 संभावित लाभार्थियों का सर्वे पूरा हो चुका है। भौतिक सत्यापन के बाद पात्र पाए जाने पर आवास आवंटित किया जाएगा। अपनी स्थिति जांचने के लिए ये कदम उठाएं:
1. पंचायत सूची से मिलान करें: जिला और पंचायत स्तर पर लाभार्थी सूची प्रदर्शित की जाती है। नाम और सर्वे संख्या का मिलान करें; गलती दिखे तो तुरंत आपत्ति दर्ज कराएं।
2. ऑनलाइन रिकॉर्ड देखें: PMAY-G की आधिकारिक वेबसाइट पर “IAY/PMAYG Beneficiary” सेवा से पंजीकरण विवरण डालकर अपना रिकॉर्ड देख सकते हैं।
3. किस्त की स्थिति जांचें: पोर्टल की “Installment Details” सेवा से किस्त का रिकॉर्ड देखें। भुगतान सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में होता है और निर्माण की निगरानी जियो-टैग फोटो से होती है।
4. सत्यापन पूरा कराएं: सर्वे में मकान की जियो-टैग फोटो और आधार आधारित फेस e-KYC होता है। अपना रिकॉर्ड, सत्यापन और सूची में स्थान की स्थिति जरूर जांचें। सर्वे के लिए आधार विवरण, मोबाइल नंबर, मकान-निर्माण स्थल का विवरण, बैंक खाते और जॉब कार्ड की जानकारी तैयार रखें।
नए सर्वे का इंतजार है? यह बात जान लें
19 अक्टूबर 2026 तक जांचे गए आधिकारिक स्रोतों में राजस्थान के लिए नया सर्वे खोलने का कोई नवीन आदेश सत्यापित नहीं मिला है। सर्वे की अवधि क्षेत्र के आदेश से तय होती है, इसलिए ग्राम पंचायत या पंचायत समिति से वर्तमान उपलब्धता पूछें।
शहरी क्षेत्रों में घर तलाश रहे परिवार राजस्थान आवासन मंडल के 649 फ्लैटों के लिए पंजीकरण देख सकते हैं, जबकि जयपुर में पत्रकार आवास योजना के 144 फ्लैट की घोषणा भी हुई है। ध्यान रहे, योजना की प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है — कोटा में किस्त के बदले रिश्वत मांगने पर हुई ACB कार्रवाई इसका उदाहरण है, इसलिए किसी बिचौलिए को पैसे न दें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: प्रधानमंत्री आवास योजना राजस्थान में कितनी सहायता मिलती है?
उत्तर: मैदानी क्षेत्रों में आवास के लिए 1.20 लाख रुपये, शौचालय के लिए 12,000 रुपये और मजदूरी अलग से मिलती है।
प्रश्न 2: PMAY-G की लिस्ट में अपना नाम कैसे देखें?
उत्तर: आधिकारिक वेबसाइट pmayg.dord.gov.in पर “Panchayat Wise Permanent Wait List” से अपनी पंचायत की सूची देखें, या “IAY/PMAYG Beneficiary” सेवा से पंजीकरण जानकारी भरकर रिकॉर्ड जांचें।
प्रश्न 3: आवास की किस्त का पैसा कैसे मिलता है?
उत्तर: भुगतान सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में होता है। निर्माण के चरणों की जियो-टैग फोटो से निगरानी होती है और पोर्टल पर “Installment Details” से स्थिति देख सकते हैं।
प्रश्न 4: सूची में नाम नहीं है तो क्या करें?
उत्तर: ग्राम पंचायत से सर्वे संख्या और सत्यापन की स्थिति पूछें। नाम छूटने पर पंचायत समिति में लिखित निवेदन दें और समाधान न मिले तो CPGRAMS का उपयोग करें।