मेड़ता मंडी भाव जानने वाले किसानों के लिए 18 अक्टूबर की सुबह मिली-जुली खबर लेकर आई। नागौर जिले की मेड़ता मंडी में सुवा और ग्वार के भाव में उछाल आया, तो वहीं मूंग के रेट में हल्की गिरावट दर्ज हुई। सबसे राहत भरी बात यह है कि मूंग का अधिकतम भाव 8,651 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचा है — जो इसके न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 8,780 रुपये के काफी करीब है। यानी इस बार मूंग उगाने वाले किसानों को समर्थन मूल्य से दूर भटकना नहीं पड़ रहा।
मेड़ता मंडी नागौर जिले की प्रमुख कृषि मंडियों में गिनी जाती है, जहां मूंग, ग्वार, चना, जीरा और ईसबगोल जैसी फसलों की अच्छी आवक होती है। रबी बुवाई का समय नजदीक आते-आते मंडियों में हलचल तेज हो जाती है, क्योंकि किसान खरीफ की फसल बेचकर नकदी जुटाते हैं और रबी की तैयारी करते हैं। इसी लिहाज से 18 अक्टूबर के भाव किसानों के फैसले के लिए अहम हैं।
18 अक्टूबर के मेड़ता मंडी भाव: 11 फसलों का पूरा हिसाब
18 अक्टूबर 2026 को मेड़ता मंडी में दर्ज भाव (प्रति क्विंटल):
| फसल | भाव (रुपये/क्विंटल) |
|---|---|
| मूंग | 7,000–8,651 |
| चना | 6,500–6,800 |
| सुवा | 8,000–10,000 |
| सौंफ | 8,000–12,500 |
| जीरा | 17,000–26,000 |
| ग्वार | 7,000–7,900 |
| ईसबगोल | 11,500–15,500 |
| तारामीरा | 6,800–7,400 |
| असालिया | 6,000–7,970 |
| रायड़ा | 8,300–8,507 |
भाव फसल की गुणवत्ता और किस्म के अनुसार अलग हो सकते हैं — मंडी जाने से पहले अपने नजदीकी मंडी केंद्र से ताजा भाव की पुष्टि जरूर कर लें।
किन फसलों में आई तेजी, किनमें गिरावट
18 अक्टूबर को सबसे ज्यादा चर्चा सुवा और ग्वार की रही। सुवा में करीब 100 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज हुई और भाव 8,000 से 10,000 रुपये प्रति क्विंटल के दायरे में चल रहा है। ग्वार में भी उछाल देखा गया — भाव 7,000 से 7,900 रुपये प्रति क्विंटल तक रहा। दोनों ही फसलें नागौर-मेड़ता बेल्ट के किसानों की नकदी फसलें हैं, इसलिए इनकी तेजी सीधे किसानों की जेब से जुड़ी है।
वहीं मूंग के भाव में 20 रुपये प्रति क्विंटल की हल्की गिरावट आई, हालांकि यह रोजाना के उतार-चढ़ाव का हिस्सा है, चिंता की बात नहीं। चना 6,500 से 6,800 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा। सौंफ (8,000–12,500 रुपये) और जीरा (17,000–26,000 रुपये) भी पिछले स्तर पर टिके रहे।
हल्की तेजी का दौर तारामीरा, ईसबगोल और असालिया में भी दिखा। तारामीरा 6,800 से 7,400 रुपये, ईसबगोल 11,500 से 15,500 रुपये और असालिया 6,000 से 7,970 रुपये प्रति क्विंटल के दायरे में रहा। रायड़े के औसत भाव में 100 रुपये की तेजी आई और यह 8,300 से 8,507 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया।
MSP से तुलना: मूंग का भाव समर्थन मूल्य के कितना करीब
मेड़ता के मूंग किसानों के लिए सबसे अच्छी खबर यही है कि मंडी का अधिकतम भाव 8,651 रुपये, मूंग के MSP 8,780 रुपये के बेहद करीब है। पिछले सालों में कई बार मंडी भाव समर्थन मूल्य से काफी नीचे चलता रहा है और किसान को फसल औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ी। इस बार तस्वीर बेहतर है — क्वालिटी अच्छी रखने वाले किसानों को MSP के आसपास का भाव मिलने की उम्मीद है।
मसालों की फसलों में जीरा अब भी सबसे महंगी फसल बना हुआ है — 17,000 से 26,000 रुपये प्रति क्विंटल का भाव नागौर-मेड़ता क्षेत्र के किसानों की कमाई का बड़ा स्रोत है। सौंफ का 8,000 से 12,500 रुपये का दायरा भी बताता है कि अच्छी क्वालिटी वाली फसल पर बाजार अच्छा दाम देने को तैयार है।
गौर करने वाली बात यह है कि इन दिनों राजस्थान की दूसरी मंडियों में भी फसलों के भाव उतार-चढ़ाव भरे हैं। हाल ही में सरसों का भाव सलोनी प्लांट पर 10,000 रुपये प्रति क्विंटल के पार पहुंचा था, और अलवर में कपास का भाव भी 8,700 रुपये तक पहुंच चुका है। यानी कुल मिलाकर इस समय बाजार किसानों के पक्ष में झुका दिख रहा है।
भाव क्यों बदले: मांग और आवक का खेल
मंडी भाव के रोजाना बदलाव के पीछे मांग-आवक का खेल होता है। अक्टूबर का दूसरा पखवाड़ा वह समय है जब किसान खरीफ की फसल बेचकर रबी की बुवाई की तैयारी करते हैं। जिन किसानों को नकदी की जरूरत होती है, वे मंडी में माल लाते हैं और आवक बढ़ती है — वहीं जिनको तत्काल जरूरत नहीं, वे अच्छे भाव का इंतजार करते हैं।
ग्वार की तेजी में ग्वार गम उद्योग की मांग बड़ी भूमिका निभाती है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय मांग भी भाव को ऊपर-नीचे करती है। सुवा नकदी फसल के रूप में अपनी जगह बना रहा है और इसमें तेजी का मतलब है कि खरीददार सक्रिय हैं।
मेड़ता मंडी जाने से पहले किसानों के काम की 5 सलाह
- क्वालिटी पर ध्यान दें: अच्छी सफाई और कम नमी वाली फसल को हमेशा ज्यादा भाव मिलता है। नमी ज्यादा होने पर भाव कटता है, इसलिए फसल की सुखाई ठीक से करके मंडी जाएं।
- ताजा भाव रोज देखें: भाव हर दिन बदलते हैं। मंडी जाने से पहले नजदीकी मंडी का ताजा भाव या सरकारी पोर्टल eNAM पर दरें जरूर जांच लें।
- एक साथ सारा माल न बेचें: अगर तत्काल नकदी की जरूरत नहीं है तो फसल को 2-3 किस्तों में बेचना समझदारी है। भाव और बढ़ा तो फायदा होगा, गिरा तो नुकसान सीमित रहेगा।
- MSP से तुलना करके फैसला लें: मूंग जैसी फसल जहां MSP के करीब भाव मिल रहा है, वहां बेचना ठीक है। जहां भाव समर्थन मूल्य से काफी नीचे हो, वहां सरकारी खरीद का विकल्प देखें।
- मौसम पर नजर रखें: इस समय बारिश या नमी फसल की गुणवत्ता बिगाड़ सकती है। मंडी ले जाते समय बोरियों को ढककर रखें और गीली फसल मंडी में न लाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सवाल 1: 18 अक्टूबर को मेड़ता मंडी में मूंग का भाव क्या रहा?
जवाब: 18 अक्टूबर 2026 को मेड़ता मंडी में मूंग का भाव 7,000 से 8,651 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहा। भाव में 20 रुपये की हल्की गिरावट आई, लेकिन अधिकतम भाव MSP के काफी करीब है।
सवाल 2: मेड़ता मंडी में किन फसलों के भाव में तेजी आई?
जवाब: सुवा में करीब 100 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आई (भाव 8,000–10,000 रुपये) और ग्वार में भी उछाल देखा गया (7,000–7,900 रुपये)। तारामीरा, ईसबगोल, असालिया में हल्की तेजी और रायड़े में 100 रुपये की तेजी आई।
सवाल 3: मेड़ता मंडी में सबसे महंगी फसल कौन सी है?
जवाब: जीरा सबसे महंगी फसल है — भाव 17,000 से 26,000 रुपये प्रति क्विंटल तक। इसके बाद ईसबगोल (11,500–15,500 रुपये) और सौंफ (8,000–12,500 रुपये) का स्थान है।
सवाल 4: क्या मंडी भाव में आगे और बदलाव हो सकता है?
जवाब: हां, मंडी भाव रोजाना मांग और आवक के हिसाब से बदलते हैं। रबी बुवाई का समय नजदीक होने से आने वाले दिनों में हलचल बनी रह सकती है। फसल बेचने से पहले रोज का ताजा भाव जरूर देख लें।
कुल मिलाकर मेड़ता मंडी के 18 अक्टूबर के भाव किसानों के लिए उम्मीद की किरण हैं। सुवा-ग्वार की तेजी और मूंग का MSP के करीब बना रहना बताता है कि बाजार इस समय किसानों के पक्ष में है। बस जरूरत है सही समय पर सही फैसले की — ताजा भाव देखते रहिए, क्वालिटी बनाए रखिए और जल्दबाजी में सस्ता माल मत बेचिए।