भजनलाल शर्मा त्रिपुरा सुंदरी मंदिर: हेलीकॉप्टर से पहुंचे बांसवाड़ा, करीब डेढ़ घंटा मंदिर में रहे
नवरात्रि के पावन दिनों में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा त्रिपुरा सुंदरी मंदिर के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे। बांसवाड़ा जिले के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में मुख्यमंत्री ने परिवार सहित विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। दोपहर में उदयपुर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से सीधे बांसवाड़ा के लिए रवाना हुए थे, जहां प्रशासन और पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हुए थे।
दौरे का पूरा कार्यक्रम: दोपहर 2 बजे उदयपुर पहुंचे, शाम तक जयपुर वापसी
जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 18 अक्टूबर को दोपहर करीब 2 बजे उदयपुर एयरपोर्ट पहुंचे। वहां से वे हेलीकॉप्टर के जरिए बांसवाड़ा स्थित त्रिपुरा सुंदरी मंदिर के लिए रवाना हुए। मंदिर परिसर में उन्होंने मां त्रिपुरा सुंदरी के दर्शन किए, विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और मंदिर के पुजारियों से बातचीत भी की। करीब एक से डेढ़ घंटे मंदिर परिसर में रहने के बाद मुख्यमंत्री शाम तक जयपुर लौटने के कार्यक्रम पर रहे।
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर बांसवाड़ा जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में जरूरी सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही सुनिश्चित कर ली गई थी। देर शाम तक आए अपडेट्स के मुताबिक मुख्यमंत्री ने परिवार के सदस्यों के साथ भी मां के दर्शन किए।
भजनलाल शर्मा त्रिपुरा सुंदरी मंदिर दर्शन: नवरात्रि में दर्शन का विशेष महत्व
मुख्यमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब प्रदेशभर में नवरात्रि की धूम है। मां त्रिपुरा सुंदरी का मंदिर राजस्थान के सबसे प्रसिद्ध शक्तिपीठों में गिना जाता है और नवरात्रि के दिनों में यहां हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में प्रदेश के मुख्यमंत्री का परिवार सहित दर्शन करने पहुंचना धार्मिक और सांस्कृतिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पंचायत चुनावों के बीच मुख्यमंत्री के इस दौरे को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएं हैं। हालांकि मंदिर परिसर में हुई बातचीत का मुख्य फोकस धार्मिक रहा।
मां त्रिपुरा सुंदरी मंदिर: क्यों है इतना प्रसिद्ध
बांसवाड़ा शहर से करीब 19 किलोमीटर दूर उमराई क्षेत्र में स्थित मां त्रिपुरा सुंदरी का मंदिर राजस्थान के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है। मान्यता है कि यहां माता की प्रतिमा स्वयं प्रकट हुई थी। स्थानीय लोगों के बीच यह आस्था का बड़ा केंद्र है और वागड़ क्षेत्र की धार्मिक पहचान भी इसी मंदिर से जुड़ी है।
नवरात्रि के अलावा चैत्र और आश्विन माह में यहां विशेष मेलों का आयोजन होता है, जिनमें गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। मंदिर परिसर का वास्तुशिल्प भी आगंतुकों को आकर्षित करता है।
सीएम के दौरे का टाइमटेबल एक नजर में
| समय | कार्यक्रम |
|---|---|
| दोपहर ~2:00 बजे | उदयपुर एयरपोर्ट आगमन |
| दोपहर बाद | हेलीकॉप्टर से बांसवाड़ा स्थित त्रिपुरा सुंदरी मंदिर रवाना |
| दोपहर ~3:00 बजे | मां त्रिपुरा सुंदरी के दर्शन, विधि-विधान से पूजा-अर्चना |
| पूजा के बाद | मंदिर पुजारियों और गणमान्य नागरिकों से संवाद |
| शाम ~6:00 बजे तक | जयपुर वापसी का कार्यक्रम |
नवरात्रि में त्रिपुरा सुंदरी: क्यों उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़
मां त्रिपुरा सुंदरी का मंदिर वागड़ क्षेत्र की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है। चैत्र और आश्विन नवरात्रि के दौरान यहां विशेष पूजा-पाठ और धार्मिक आयोजन होते हैं, जिनमें भाग लेने के लिए बांसवाड़ा के साथ-साथ डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और पड़ोसी राज्य गुजरात व मध्य प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। इन दिनों मंदिर परिसर सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं से भरा रहता है।
स्थानीय लोगों के लिए यह मंदिर सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान भी है। मंदिर के आसपास नवरात्रि और मेलों के दिनों में छोटे व्यापारियों, फूल-माला और प्रसाद बेचने वालों के लिए रोजगार का भी अवसर बनता है। मुख्यमंत्री के दौरे के बाद इस धार्मिक पर्यटन केंद्र की चर्चा एक बार फिर प्रदेशभर में तेज हो गई है, जिससे आने वाले दिनों में यहां दर्शनार्थियों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
दर्शन के लिए जाना हो तो क्या काम आएगा
अगर आप भी मां त्रिपुरा सुंदरी के दर्शन का मन बना रहे हैं, तो ये जानकारी काम की रहेगी। नवरात्रि के दिनों में मंदिर में भारी भीड़ रहती है, इसलिए सुबह जल्दी या शाम को दर्शन के लिए जाना बेहतर रहता है। मंदिर परिसर में पार्किंग और प्रसाद की व्यवस्था उपलब्ध है।
उदयपुर से मंदिर की दूरी करीब 120 किलोमीटर और बांसवाड़ा शहर से करीब 19 किलोमीटर है। सड़क मार्ग सबसे सुविधाजनक विकल्प है। आधिकारिक जानकारी के लिए बांसवाड़ा जिला प्रशासन की वेबसाइट पर भी नजर रखी जा सकती है।
इसी बीच राज्य में पंचायत चुनाव की तैयारियां भी जोरों पर हैं और नवरात्रि के बाद दीपावली को लेकर भी प्रशासन अलर्ट है। प्रदेशभर में इन दिनों धार्मिक आयोजन चल रहे हैं — जयपुर में नवरात्रि के आयोजनों की खबरें लगातार आ रही हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवाल: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा त्रिपुरा सुंदरी मंदिर कब पहुंचे?
जवाब: मुख्यमंत्री 18 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 2 बजे उदयपुर एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से हेलीकॉप्टर से बांसवाड़ा स्थित मंदिर के लिए रवाना हुए।
सवाल: त्रिपुरा सुंदरी मंदिर कहां स्थित है?
जवाब: यह मंदिर बांसवाड़ा शहर से करीब 19 किलोमीटर दूर उमराई क्षेत्र में स्थित है। उदयपुर से इसकी दूरी करीब 120 किलोमीटर है।
सवाल: मुख्यमंत्री ने मंदिर में कितना समय बिताया?
जवाब: मुख्यमंत्री करीब एक से डेढ़ घंटे मंदिर परिसर में रहे। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और मंदिर के पुजारियों व स्थानीय गणमान्य नागरिकों से बातचीत की।
सवाल: क्या आम श्रद्धालु भी मंदिर जा सकते हैं?
जवाब: हां, मां त्रिपुरा सुंदरी मंदिर आम श्रद्धालुओं के लिए खुला रहता है। नवरात्रि के दिनों में भीड़ अधिक रहती है, इसलिए सुबह जल्दी जाना बेहतर रहता है।
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