कोटा पुलिस कांस्टेबल तस्करी: 14 लाख नकद के साथ गिरफ्तार, स्मैक बेचने के सबूत मिले

खाकी वर्दी पहनकर कानून की रक्षा की शपथ लेने वाला ही जब कानून तोड़ने वालों से हाथ मिला ले, तो भरोसा सबसे ज्यादा डगमगाता है। कोटा पुलिस कांस्टेबल तस्करी का ऐसा ही मामला सोमवार देर रात सामने आया, जिसने पूरे पुलिस महकमे को हिला दिया। झालावाड़ के घाटोली थाने में तैनात कांस्टेबल मनोज मालव को कोटा के विज्ञान नगर इलाके से गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि वह स्मैक की तस्करी और सप्लाई के सौदे में शामिल था। उसके पास से करीब 14 लाख रुपये नकद बरामद हुए, और मोबाइल में नशीले पदार्थ बेचने से जुड़ी बातचीत के साक्ष्य भी मिले।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कोटा पुलिस कांस्टेबल तस्करी की इस कार्रवाई की सूचना भी पुलिस विभाग के भीतर से ही आई थी। झालावाड़ पुलिस की जिला विशेष टीम (DST) को गुप्त सूचना मिली थी कि उनका ही एक कांस्टेबल कोटा में नशीले पदार्थों की खेप डिलीवर करने पहुंचा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए कोटा सिटी पुलिस के साथ साझा किया गया, और फिर विज्ञान नगर थाना पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी को दबोच लिया।

सोमवार रात विज्ञान नगर में कैसे बिछा जाल

कोटा पुलिस कांस्टेबल तस्करी के इस घटनाक्रम की शुरुआत झालावाड़ से हुई। जिला विशेष टीम के प्रभारी विष्णु सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि घाटोली थाने में पदस्थापित कांस्टेबल मनोज मालव एनडीपीएस से जुड़े किसी मामले में कोटा में “माल” डिलीवर करने आया है। सूचना में यह भी कहा गया था कि वह नशे के कारोबार में शामिल हो सकता है और इस वक्त कोटा शहर में ही मौजूद है।

सूचना मिलते ही गोपनीय जांच शुरू हुई और आरोपी की लोकेशन कोटा शहर में ही सामने आई। इसके बाद झालावाड़ DST ने सारी जानकारी कोटा पुलिस के साथ साझा कर दी, ताकि तुरंत कार्रवाई हो सके।

इसके बाद कोटा सिटी पुलिस ने तुरंत विशेष कार्रवाई शुरू की। विज्ञान नगर थाना पुलिस की टीम ने इलाके में दबिश देकर कांस्टेबल मनोज मालव को डिटेन कर लिया। विज्ञान नगर के थाना अधिकारी राम लक्ष्मण गुर्जर के मुताबिक, आरोपी को थाने लाया गया, गहन तलाशी ली गई और पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

कोटा पुलिस कांस्टेबल तस्करी: 14 लाख नकद और स्मैक के सबूत

तलाशी में पुलिस को आरोपी के पास से करीब 14 लाख रुपये की भारी नकद राशि मिली, जिसे जब्त कर लिया गया। इतनी बड़ी रकम का कोई संतोषजनक जवाब आरोपी नहीं दे सका। पुलिस को मौके से कुछ संदिग्ध तकनीकी साक्ष्य भी मिले, जिन्हें जांच के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

सबसे अहम साक्ष्य आरोपी के मोबाइल फोन से मिला — स्मैक बेचने से जुड़ी बातचीत के स्पष्ट साक्ष्य। इन चैट और कॉल डिटेल से पता लगाने की कोशिश हो रही है कि कोटा में नशे का यह नेटवर्क कौन चला रहा है और स्मैक किसे डिलीवर की जानी थी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही तस्करी के सौदे से जुड़े पूरे घटनाक्रम और संदिग्ध गतिविधियों के बारे में पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मामले की जांच महावीर नगर थाना अधिकारी हरेंद्र सिंह सौदा कर रहे हैं।

गुप्त सूचना से खुलासा: विभाग ने खुद ही साथी का साथ छोड़ा

कोटा पुलिस कांस्टेबल तस्करी के इस मामले का एक अहम पहलू यह है कि आरोपी को पकड़वाने वाली सूचना पुलिस विभाग के अंदर से ही आई। अक्सर देखा जाता है कि वर्दीधारियों के खिलाफ कार्रवाई में विभागीय हिचकिचाहट होती है, लेकिन यहां झालावाड़ डीएसटी ने अपने ही थाने के कांस्टेबल के खिलाफ मिली सूचना पर तुरंत कार्रवाई की और कोटा पुलिस को अलर्ट किया।

विज्ञान नगर SHO राम लक्ष्मण गुर्जर ने बताया कि जांच में यह भी देखा जाएगा कि इस नेटवर्क में अन्य पुलिसकर्मी तो शामिल नहीं हैं।

कोटा पुलिस कांस्टेबल तस्करी: एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा, नेटवर्क पर नजर

कोटा पुलिस कांस्टेबल तस्करी के इस मामले में कोटा पुलिस ने आरोपी कांस्टेबल मनोज मालव और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत कड़ी सजा का प्रावधान है, और पुलिस महकमे के ही जवान का इस धंधे में शामिल होना मामले को और भी गंभीर बना देता है।

पुलिस का कहना है कि आगे की जांच में कोटा शहर में नशे के नेटवर्क का पूरा खुलासा होने की संभावना है। स्मैक जैसे घातक नशीले पदार्थ की सप्लाई चेन में कौन-कौन लोग जुड़े हैं, पैसों का लेन-देन कैसे होता था और यह धंधा कितने समय से चल रहा था — इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले जयपुर के नरैना थाने में आरएसएस प्रचारक के साथ कथित मारपीट के मामले में एसएचओ समेत 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड हो चुके हैं। अब एक कांस्टेबल का नशा तस्करी में पकड़ा जाना पुलिस की छवि के लिए एक और बड़ा झटका है।

मामले की अहम जानकारियां एक नजर में

राजस्थान पुलिस की आधिकारिक जानकारी: police.rajasthan.gov.in

बिंदुविवरण
आरोपीकांस्टेबल मनोज मालव
तैनातीघाटोली थाना, जिला झालावाड़
गिरफ्तारी स्थलविज्ञान नगर, कोटा (सोमवार रात)
बरामदगीकरीब 14 लाख रुपये नकद, मोबाइल में स्मैक बिक्री के साक्ष्य
सूचना देने वाली टीमझालावाड़ जिला विशेष टीम (प्रभारी विष्णु सिंह)
कार्रवाई करने वाली टीमविज्ञान नगर थाना पुलिस (SHO राम लक्ष्मण गुर्जर)
दर्ज धाराएनडीपीएस एक्ट
जांच अधिकारीमहावीर नगर SHO हरेंद्र सिंह सौदा

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: कोटा में गिरफ्तार कांस्टेबल कौन है और कहां तैनात था?

उत्तर: कोटा पुलिस कांस्टेबल तस्करी के इस मामले में गिरफ्तार आरोपी कांस्टेबल मनोज मालव है, जो झालावाड़ जिले के घाटोली थाने में पदस्थापित था। उसे कोटा के विज्ञान नगर इलाके से स्मैक तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

प्रश्न 2: कांस्टेबल के पास से क्या-क्या बरामद हुआ?

उत्तर: करीब 14 लाख रुपये नकद, मोबाइल में स्मैक बेचने से जुड़ी बातचीत के साक्ष्य और कुछ संदिग्ध तकनीकी साक्ष्य मिले हैं।

प्रश्न 3: इस मामले का खुलासा कैसे हुआ?

उत्तर: झालावाड़ DST प्रभारी विष्णु सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि कांस्टेबल कोटा में नशीले पदार्थ डिलीवर करने आया है। इसी सूचना पर विज्ञान नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई की।

प्रश्न 4: आरोपी के खिलाफ कौन-सी धाराओं में केस दर्ज हुआ है?

उत्तर: आरोपी और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। जांच महावीर नगर थाना अधिकारी हरेंद्र सिंह सौदा कर रहे हैं।

राजस्थान में नशे के खिलाफ पुलिस की मुहिम के बीच अपने ही जवान का तस्करों से सांठगांठ का यह मामला कई गंभीर सवाल खड़े करता है। कोटा पुलिस कांस्टेबल तस्करी के इस प्रकरण में क्या यह अकेले एक कांस्टेबल की करतूत है, या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क है? जांच के अगले चरण में इसका खुलासा होगा।

झालावाड़ से जुड़े तस्करी के एक और बड़े मामले के बारे में पढ़ें: झालावाड़ मानव तस्करी: बालिका बेचने की साजिश नाकाम, दंपती समेत 3 गिरफ्तार। साइबर ठगी से जुड़ी हालिया बड़ी कार्रवाई: जयपुर में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर बुजुर्ग दंपती से 2 करोड़ से अधिक की ठगी।

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