जोधपुर: ASI परीक्षा की दौड़ में हेड कांस्टेबल दुर्गाराम की मौत

जोधपुर हेड कांस्टेबल मौत की खबर ने शुक्रवार सुबह राजस्थान पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया। जोधपुर स्थित राजस्थान पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (RPTC) के ग्राउंड में सहायक उप निरीक्षक (ASI) पद की पदोन्नति परीक्षा के लिए चल रही शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान 50 वर्षीय हेड कांस्टेबल दुर्गाराम को अचानक दिल का दौरा पड़ा, जिससे उनका निधन हो गया। दौड़ लगाते समय वे अचानक गिर पड़े। ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सा दल और साथी जवानों ने तुरंत उन्हें संभाला और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दुखद हादसे से पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है, और दिवंगत जवान को साथियों और अधिकारियों ने नम आंखों से श्रद्धांजलि दी है।

यह घटना शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 की सुबह की है, जब RPTC ग्राउंड में ASI पद के लिए योग्यता परीक्षा का शारीरिक हिस्सा आयोजित हो रहा था।

कौन थे हेड कांस्टेबल दुर्गाराम

मृतक हेड कांस्टेबल दुर्गाराम (पुत्र भल्लाराम) बाड़मेर जिले के चौहटन पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नेतराड़ गांव के रहने वाले थे। 50 वर्ष की उम्र में वे हेड कांस्टेबल के पद पर सेवारत थे और अब ASI पद पर पदोन्नति की उम्मीद में योग्यता परीक्षा दे रहे थे।

पुलिस सेवा में पदोन्नति के लिए निर्धारित योग्यता परीक्षा में शारीरिक दक्षता का हिस्सा अनिवार्य होता है। दुर्गाराम उसी परीक्षा में शामिल हुए थे। उनके गांव और पुलिस महकमे के साथी उन्हें एक अनुशासित और मेहनती जवान के रूप में याद कर रहे हैं। घटना की खबर गांव पहुंचने पर वहां भी शोक का माहौल है।

शुक्रवार सुबह RPTC ग्राउंड में क्या हुआ

शुक्रवार सुबह RPTC ग्राउंड में निर्धारित प्रक्रिया के तहत दौड़ का आयोजन किया जा रहा था। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी एक-एक करके दौड़ लगा रहे थे। जब दुर्गाराम दौड़ लगा रहे थे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और वे गश खाकर गिर पड़े।

पास मौजूद साथी पुलिसकर्मियों ने फौरन उन्हें संभाला। परीक्षा ड्यूटी में पहले से मौजूद चिकित्सा दल भी तुरंत हरकत में आया और प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार मौत का कारण दिल का दौरा (हार्ट अटैक) बताया गया है।

इस हादसे ने परीक्षा में शामिल अन्य अभ्यर्थियों को भी स्तब्ध कर दिया। आयोजन स्थल पर कुछ देर के लिए सन्नाटा पसर गया।

ASI की पदोन्नति परीक्षा में शारीरिक दक्षता का महत्व

राजस्थान पुलिस में हेड कांस्टेबल से ASI पद पर पदोन्नति के लिए विभागीय योग्यता परीक्षा होती है, जिसमें लिखित परीक्षा के साथ-साथ शारीरिक दक्षता परीक्षण भी शामिल रहता है। दौड़ इस परीक्षण का मुख्य हिस्सा है। अभ्यर्थियों को निर्धारित समय में निर्धारित दूरी तय करनी होती है।

उम्र बढ़ने के साथ शारीरिक दक्षता परीक्षा का दबाव भी बढ़ता है, खासकर उन अभ्यर्थियों के लिए जो 40-50 वर्ष की आयु वर्ग में होते हैं। यही वजह है कि कई वरिष्ठ पुलिसकर्मी इस परीक्षा की तैयारी में महीनों से दौड़ और व्यायाम का अभ्यास करते हैं। दुर्गाराम भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा थे।

पुलिस महकमे में शोक, साथियों ने दी श्रद्धांजलि

घटना के बाद पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। साथी जवानों और अधिकारियों ने दिवंगत हेड कांस्टेबल दुर्गाराम को नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की। विभाग के अधिकारी भी घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे।

ऐसी घटनाओं के बाद विभाग आमतौर पर दिवंगत जवान के परिवार के लिए नियमानुसार सहायता और अनुग्रह राशि की प्रक्रिया आगे बढ़ाता है। परिवार को विभागीय बीमा और अन्य देय लाभों के लिए आवेदन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाती है।

कड़ी मेहनत के दौरान दिल के जोखिम — चिकित्सकीय नजरिया

चिकित्सकों के मुताबिक, तीव्र शारीरिक मेहनत के दौरान हृदय पर अचानक पड़ने वाले दबाव से कभी-कभी गंभीर हादसे हो सकते हैं, खासकर तब जब व्यक्ति की उम्र अधिक हो या उसे पहले से कोई हृदय संबंधी समस्या हो। हालांकि जोधपुर हेड कांस्टेबल मौत के इस मामले में उनके स्वास्थ्य की पूर्व स्थिति के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की आम सलाह है कि 40 वर्ष की उम्र के बाद कड़ी शारीरिक परीक्षा से पहले चिकित्सकीय जांच, ईसीजी और रक्तचाप की नियमित जांच जरूरी है। पुलिस जैसे अनुशासित बलों में जवानों की सेहत की निगरानी विभाग की जिम्मेदारी का हिस्सा मानी जाती है। इस घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या पदोन्नति परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों की स्वास्थ्य जांच पर्याप्त होती है।

परीक्षा केंद्र पर चिकित्सा व्यवस्था — जो थी, वह काम आई

इस जोधपुर हेड कांस्टेबल मौत के मामले में एक राहत भरी बात यह रही कि परीक्षा ड्यूटी पर चिकित्सा दल पहले से मौजूद था। दौड़ के दौरान दुर्गाराम के गिरते ही साथी जवानों और मेडिकल टीम ने बिना देर किए प्राथमिक उपचार शुरू किया और उन्हें अस्पताल पहुंचाया।

पुलिस की शारीरिक परीक्षाओं में आमतौर पर एंबुलेंस और चिकित्सा दल की तैनाती अनिवार्य मानी जाती है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत इलाज मिल सके। RPTC जैसे बड़े प्रशिक्षण केंद्रों में यह व्यवस्था नियमित रूप से रहती है। इस हादसे में चिकित्सा दल ने अपनी ओर से हर संभव प्रयास किया, लेकिन हार्ट अटैक की गंभीरता इतनी थी कि जवान को बचाया नहीं जा सका।

उम्रदराज अभ्यर्थियों के लिए बड़ी चिंता

जोधपुर हेड कांस्टेबल मौत का यह मामला उन वरिष्ठ पुलिसकर्मियों के लिए भी चिंता का विषय है, जो 40-50 वर्ष की उम्र में पदोन्नति परीक्षा दे रहे होते हैं। विभागीय परीक्षाओं में उम्र की ऊपरी सीमा में छूट के चलते कई जवान देर से भी पदोन्नति परीक्षा में बैठते हैं।

चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि इस आयु वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा से पहले नियमित स्वास्थ्य जांच, रक्तचाप और हृदय की स्थिति की समीक्षा बेहद जरूरी है। कड़ी दौड़ से पहले पर्याप्त वार्म-अप, पानी की उपलब्धता और आराम की व्यवस्था भी हादसों का जोखिम कम करती है। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में यह मांग उठ सकती है कि पदोन्नति परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों की अनिवार्य स्वास्थ्य जांच को और सख्त किया जाए।

विवरण जानकारी
मृतक का नाम हेड कांस्टेबल दुर्गाराम (पुत्र भल्लाराम)
उम्र 50 वर्ष
निवासी नेतराड़ गांव, चौहटन थाना क्षेत्र, बाड़मेर
घटना स्थल RPTC ग्राउंड, जोधपुर
घटना ASI पदोन्नति की शारीरिक दक्षता परीक्षा (दौड़) के दौरान हार्ट अटैक
तारीख शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 (सुबह)
मौत का कारण (चिकित्सकीय) दिल का दौरा

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

जोधपुर में हेड कांस्टेबल की मौत कब और कहां हुई?

यह घटना शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 की सुबह जोधपुर के राजस्थान पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (RPTC) ग्राउंड में हुई, जहां ASI पद की पदोन्नति परीक्षा की शारीरिक दक्षता परीक्षा चल रही थी।

मृतक हेड कांस्टेबल कौन थे?

मृतक 50 वर्षीय हेड कांस्टेबल दुर्गाराम थे, जो बाड़मेर जिले के चौहटन थाना क्षेत्र के नेतराड़ गांव के रहने वाले थे। वे हेड कांस्टेबल से ASI पद पर पदोन्नति के लिए योग्यता परीक्षा दे रहे थे।

मौत का कारण क्या बताया गया?

अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित किया। चिकित्सकों के अनुसार मौत का कारण दिल का दौरा (हार्ट अटैक) रहा। घटना के बाद साथी जवानों और अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

क्या परिवार को कोई सहायता मिलेगी?

ऐसी घटनाओं में विभाग नियमानुसार दिवंगत जवान के परिवार को अनुग्रह राशि, बीमा और अन्य देय लाभों की प्रक्रिया आगे बढ़ाता है। आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

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