जोधपुर के डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय से जुड़े छात्राओं के दुर्व्यवहार मामले में बड़ा मोड़ आया है। जोधपुर आयुर्वेद यूनिवर्सिटी की जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है — 30 विद्यार्थियों के बयान और चार छात्राओं के मोबाइल चैट स्क्रीनशॉट इसके आधार बने हैं। अब आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर का पंजीकरण रद्द कराने की प्रक्रिया शुरू होगी, और कॉलेज के प्रिंसिपल पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
यह वही मामला है जिसमें नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस कॉलेज के यूटीबी असिस्टेंट प्रोफेसर पर छात्राओं से कथित दुर्व्यवहार के आरोप लगे थे। करवड़ पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है और प्रशासन उसे 10 अक्टूबर को बर्खास्त कर चुका है। अब रिपोर्ट इंडियन मेडिसिन बोर्ड को भेजी जाएगी, ताकि आरोपी का पंजीकरण रद्द कराया जा सके।
जोधपुर आयुर्वेद यूनिवर्सिटी: जांच रिपोर्ट में क्या-क्या सामने आया
जांच कमेटी की रिपोर्ट इस मामले की सबसे अहम कड़ी है — इसमें छात्राओं की शिकायतों के समर्थन में सबूत मिलने की पुष्टि हुई है। कमेटी के समक्ष 30 विद्यार्थियों ने बयान दर्ज कराए, जिनमें शिकायतकर्ता छात्राएं और गवाह दोनों शामिल हैं।
सबसे मजबूत सबूत के तौर पर चार छात्राओं ने मोबाइल चैट के स्क्रीनशॉट कमेटी के सामने रखे। जांच में डॉ. अजीत सिंह चारण की ओर से कथित अश्लील बातचीत और परीक्षा में फेल करने की धमकी के साक्ष्य मिलने की पुष्टि हुई है।
रिपोर्ट के बाद जोधपुर आयुर्वेद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने दो मोर्चों पर तैयारी कर ली है — आरोपी का पंजीकरण रद्द कराने के लिए रिपोर्ट इंडियन मेडिसिन बोर्ड को भेजी जाएगी, और प्रिंसिपल डॉ. चंद्रभान शर्मा के खिलाफ पर्यवेक्षण में लापरवाही पर पद से हटाने का विचार किया जा रहा है। प्रिंसिपल के खिलाफ कोई सीधी शिकायत जांच में नहीं मिली है।
शिकायत से बर्खास्तगी तक: मामले की टाइमलाइन
पहले छात्राओं ने प्रशासन के समक्ष शिकायत दर्ज कराई कि नेचुरोपैथी कॉलेज का यूटीबी असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अजीत सिंह चारण व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम पर आपत्तिजनक संदेश भेजकर उन्हें परेशान करता है। शिकायतों के बाद विद्यार्थियों ने कॉलेज में विरोध प्रदर्शन भी किया।
फिर एक छात्रा की ओर से करवड़ थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई और करवड़ पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। 10 अक्टूबर को जोधपुर आयुर्वेद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने डॉ. चारण को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया और जांच कमेटी गठित की। अब उसी कमेटी की रिपोर्ट 14 अक्टूबर को सामने आई है।
जोधपुर आयुर्वेद यूनिवर्सिटी: छात्राओं की शिकायतों में क्या आरोप थे
शिकायत के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया के जरिए छात्राओं को आपत्तिजनक संदेश भेजता था। आरोप यह भी था कि वह छात्राओं पर निजी संबंध बनाने का दबाव डालता था और बात नहीं मानने पर परीक्षा में फेल करने की धमकी देता था।
चार छात्राओं ने अपनी शिकायत के समर्थन में मोबाइल चैट के स्क्रीनशॉट प्रशासन और जांच कमेटी को सौंपे थे — ये डिजिटल सबूत जांच का अहम हिस्सा माने जा रहे हैं। हालांकि आरोपों पर अंतिम और कानूनी निर्णय संबंधित प्राधिकरणों की प्रक्रिया के बाद ही होगा।
इससे पहले किशनगढ़-रेनवाल के आयुर्वेदिक कॉलेज में भी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एनओसी के बदले रिश्वत मांगने पर तीन कर्मचारियों को ट्रैप किया था। शिक्षा जगत में जांच-कार्रवाई का एक और ताजा मामला वरिष्ठ अध्यापक पेपर लीक का भी है, जिसमें एसओजी ने आरोपी को दबोचा था।
कुलगुरु के सुधार कदम: संवाद बॉक्स और महिला मेंटर
मामले के सामने आने के बाद जोधपुर आयुर्वेद यूनिवर्सिटी के कुलगुरु प्रो. गोविंद सहाय शुक्ल ने नेचुरोपैथी, होम्योपैथी, बीएससी नर्सिंग और आयुर्वेद कॉलेजों का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया।
सबसे उल्लेखनीय कदम नेचुरोपैथी कॉलेज में लगाया गया ‘कुलगुरु संवाद’ बॉक्स है। विद्यार्थी अपनी शिकायतें इसमें डाल सकेंगे और कुलगुरु स्वयं तीन दिन बाद बॉक्स खोलकर उन्हें देखेंगे। अन्य कॉलेजों में भी ऐसे बॉक्स लगाने की योजना है। इसके अलावा, कुछ छात्राओं के लिए महिला शिक्षकों को मेंटर नियुक्त किया गया है।
जोधपुर आयुर्वेद यूनिवर्सिटी: आगे क्या होगा — बोर्ड की प्रक्रिया और प्रिंसिपल की कुर्सी
जोधपुर आयुर्वेद यूनिवर्सिटी प्रशासन अब रिपोर्ट को इंडियन मेडिसिन बोर्ड को भेजेगा। बोर्ड की प्रक्रिया के बाद आरोपी का पंजीकरण रद्द कराने पर अंतिम निर्णय होगा — इसका मतलब है कि आरोपी भविष्य में चिकित्सा या शिक्षण पेशे के पंजीकृत पदों पर काम नहीं कर पाएगा। यह बर्खास्तगी से भी आगे की सजा मानी जाती है।
दूसरी ओर, प्रिंसिपल डॉ. चंद्रभान शर्मा की कुर्सी पर भी सवाल हैं। उनके खिलाफ कोई सीधी शिकायत नहीं मिली, लेकिन पर्यवेक्षण में लापरवाही पर प्रशासन उन्हें पद से हटाने का विचार कर रहा है। उनकी जगह आयुर्वेद फैकल्टी के किसी प्रोफेसर को जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी है, हालांकि अंतिम निर्णय अभी बाकी है।
मामले के अहम तथ्य एक नजर में
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| विश्वविद्यालय | डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर |
| संबंधित कॉलेज | नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस कॉलेज |
| आरोपी | डॉ. अजीत सिंह चारण (यूटीबी असिस्टेंट प्रोफेसर) |
| जांच में बयान | 30 विद्यार्थियों के बयान दर्ज |
| डिजिटल सबूत | 4 छात्राओं के मोबाइल चैट स्क्रीनशॉट |
| गिरफ्तारी | करवड़ पुलिस द्वारा (एक छात्रा की एफआईआर पर) |
| बर्खास्तगी | 10 अक्टूबर 2026, तत्काल प्रभाव से |
| अगला कदम | रिपोर्ट इंडियन मेडिसिन बोर्ड को; पंजीकरण रद्द की प्रक्रिया |
| प्रिंसिपल | डॉ. चंद्रभान शर्मा — पर्यवेक्षण में लापरवाही पर पद से हटाने का विचार |
| सुधार कदम | ‘कुलगुरु संवाद’ शिकायत बॉक्स, महिला शिक्षक मेंटर नियुक्त |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: जोधपुर आयुर्वेद यूनिवर्सिटी मामले में आरोपी कौन है?
उत्तर: आरोपी डॉ. अजीत सिंह चारण है, जो नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस कॉलेज में यूटीबी असिस्टेंट प्रोफेसर था। एक छात्रा की एफआईआर पर करवड़ पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और 10 अक्टूबर 2026 को प्रशासन ने उसे बर्खास्त कर दिया।
प्रश्न 2: जांच कमेटी को क्या सबूत मिले?
उत्तर: 30 विद्यार्थियों के बयान दर्ज हुए और चार छात्राओं ने मोबाइल चैट के स्क्रीनशॉट पेश किए। जांच में आरोपी की कथित अश्लील बातचीत और परीक्षा में फेल करने की धमकी के साक्ष्य मिलने की पुष्टि हुई है।
प्रश्न 3: कॉलेज के प्रिंसिपल पर क्या कार्रवाई हो रही है?
उत्तर: प्रिंसिपल डॉ. चंद्रभान शर्मा के खिलाफ कोई सीधी शिकायत नहीं मिली है, लेकिन पर्यवेक्षण में लापरवाही पर प्रशासन उन्हें पद से हटाने का विचार कर रहा है।
प्रश्न 4: आगे क्या प्रक्रिया होगी?
उत्तर: प्रशासन रिपोर्ट इंडियन मेडिसिन बोर्ड को भेजेगा, जिसके बाद आरोपी का पंजीकरण रद्द कराने की प्रक्रिया शुरू होगी और प्रिंसिपल पर कार्रवाई का फैसला लिया जाएगा।
इस घटनाक्रम से एक बात साफ है — शिकायत करने वाली छात्राओं की हिम्मत और जांच कमेटी की निष्पक्ष रिपोर्ट ने मामले को अंजाम तक पहुंचाने की नींव रख दी है। ‘कुलगुरु संवाद’ बॉक्स और महिला मेंटर जैसी व्यवस्थाएं यह भरोसा देती हैं कि भविष्य में कोई भी छात्रा अपनी शिकायत दबाने को मजबूर नहीं होगी। जोधपुर आयुर्वेद यूनिवर्सिटी की बोर्ड प्रक्रिया और प्रिंसिपल पर होने वाली कार्रवाई पर हमारी नजर बनी रहेगी।