झुंझुनूं। राजस्थान में रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई है। झुंझुनूं पिता हत्या के इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने अपने ही पिता की हत्या के आरोप में दो सगे बेटों को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक की पहचान जुगल किशोर जांगिड़ के रूप में हुई है, जबकि आरोपी बेटे शिव (32) और दीपेंद्र (30) हैं। झुंझुनूं के एसपी कावेन्द्रसिंह ने बताया कि दोनों को कोर्ट में पेश कर 3 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। हत्या के बाद शव पर पेट्रोल डालकर जलाने की कोशिश की गई और फिर घर के पीछे गड्ढे में दबा दिया गया। 7 दिन तक राज दबा रहा, लेकिन दुर्गंध ने पूरे कांड का पर्दाफाश कर दिया।
झुंझुनूं पिता हत्या: शव पर पेट्रोल, फिर गड्ढे में दबाया
झुंझुनूं पिता हत्या की जांच में जो तस्वीर उभरी है, वह बेहद खौफनाक है। घरेलू विवाद के चलते दोनों बेटों ने पिता जुगल किशोर की गला घोंटकर हत्या की। इसके बाद वारदात को छिपाने के लिए शव पर पेट्रोल छिड़कर जलाने की कोशिश की गई। जब शव पूरी तरह नहीं जला, तो मकान के पीछे स्थित शामलाती जमीन पर गड्ढा खोदकर शव दबा दिया गया। शव के ऊपर खेजड़ी की लकड़ियां और घास डाल दी गई, ताकि किसी को शक न हो।
शव करीब सात दिन तक गड्ढे में दबा रहा और मिट्टी के नीचे से दुर्गंध फैलने लगी। दुर्गंध इतनी तेज थी कि पड़ोसियों को लगा कोई जानवर मरा है — यही भ्रम आरोपियों के काम आया।
7 दिन तक ‘मुंबई गए हैं’ का झूठ, दुर्गंध ने खोला राज
हत्या के बाद दोनों बेटों ने गांव में यह खबर फैला रखी थी कि उनके पिता मुंबई काम के सिलसिले में गए हुए हैं। पड़ोसियों के पूछने पर हर बार यही जवाब मिलता। शुरुआत में किसी को संदेह नहीं हुआ, क्योंकि जुगल किशोर पहले मुंबई में ही काम करता था और वहां आना-जाना उसका आम था।
17 अक्टूबर को घर के पीछे से उठती तेज दुर्गंध पर मृतक के एक भतीजे ने जांच की तो जमीन में आधा दबा क्षत-विक्षत शव दिखा। चनाना पुलिस चौकी को सूचना मिली। पहले लगा कोई जानवर मरा है, लेकिन गड्ढा खोदने पर जुगल किशोर का आधा जला शव बरामद हुआ।
चचेरे भाई पवन कुमार की रिपोर्ट पर हत्या का प्रकरण दर्ज हुआ; पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। 19 अक्टूबर को दोनों बेटे पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए और 21 अक्टूबर को औपचारिक गिरफ्तारी हुई।
मुंबई से गांव तक: परिवार की पृष्ठभूमि और बार-बार का झगड़ा
झुंझुनूं पिता हत्या की जड़ों को समझने के लिए परिवार की पृष्ठभूमि अहम है। जुगल किशोर जांगिड़ पहले मुंबई में रहकर फर्नीचर का काम करता था। उसके दोनों बेटे शिव और दीपेंद्र भी मुंबई में ही रहते थे। करीब एक साल पहले जुगल किशोर गांव लौट आया और यहीं रहने लगा।
पुलिस के अनुसार, जुगल किशोर को शराब पीने के बाद गाली-गलौज की आदत थी, जिससे घर में अक्सर विवाद होता था। 11 अक्टूबर को वह परिजनों के साथ गांव के जीणमाता मंदिर गया था। वहां भी नशे में गाली-गलौज की बात सामने आई है, और घर लौटने पर फिर विवाद हुआ। पुलिस को आशंका है कि इसी विवाद में हत्या कर दी गई।
जांच अधिकारी जोर दे रहे हैं कि हत्या की असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। घरेलू विवाद के अलावा संपत्ति या पुरानी रंजिश — हर पहलू खंगाला जा रहा है, और रिमांड अवधि में दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ हो रही है।
झुंझुनूं पिता हत्या मामले में एसपी का बयान
एसपी कावेन्द्रसिंह ने बताया कि 17 अक्टूबर की शिकायत के बाद से ही केस गंभीरता से लिया गया था। जांच-पड़ताल के बाद गिरफ्तारी हुई है। हत्या के पीछे पारिवारिक विवाद समेत सभी संभावित कारणों की जांच हो रही है।
पुलिस के सामने अब कई सवाल हैं — पेट्रोल कहां से आया, गड्ढा किसने खोदा, क्या कोई और शामिल था। फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का मिलान हो रहा है। इस कांड ने पारिवारिक हिंसा पर फिर बहस छेड़ दी है। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि घरेलू विवाद की स्थिति में पंचायत या पुलिस की मदद लें, मामला हाथापाई तक न पहुंचे।
घटनाक्रम: एक नजर में
| तारीख | घटना |
|---|---|
| 11 अक्टूबर 2026 | जीणमाता मंदिर में नशे में गाली-गलौज, घर में विवाद |
| 11–17 अक्टूबर (आशंका) | विवाद में हत्या; शव पर पेट्रोल डालकर जलाने की कोशिश, फिर गड्ढे में दबाया |
| 17 अक्टूबर 2026 | दुर्गंध पर भतीजे की सूचना; गड्ढे से आधा जला शव बरामद; केस दर्ज; पोस्टमार्टम |
| 19 अक्टूबर 2026 | दोनों बेटे पूछताछ के लिए हिरासत में |
| 21 अक्टूबर 2026 | दोनों की गिरफ्तारी; कोर्ट से 3 दिन की पुलिस रिमांड |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: झुंझुनूं पिता हत्या का मामला कहां का है?
उत्तर: झुंझुनूं के सुलताना थाना क्षेत्र के तारा का बास गांव का। मृतक जुगल किशोर जांगिड़ के बेटों शिव (32) और दीपेंद्र (30) को गिरफ्तार किया गया है।
प्रश्न 2: आरोपियों ने शव को कैसे ठिकाने लगाया?
उत्तर: पहले शव पर पेट्रोल डालकर जलाने की कोशिश की, फिर घर के पीछे गड्ढा खोदकर शव दबा दिया। ऊपर खेजड़ी की लकड़ियां और घास डाली थी। 7 दिन बाद दुर्गंध से खुलासा हुआ।
प्रश्न 3: मामले का खुलासा कैसे हुआ?
उत्तर: 17 अक्टूबर को घर के पीछे दुर्गंध आने पर मृतक के भतीजे ने जांच की, जिसमें जमीन में आधा दबा शव दिखा। पवन कुमार की रिपोर्ट पर हत्या का केस दर्ज हुआ।
प्रश्न 4: फिलहाल जांच कहां तक पहुंची है?
उत्तर: 21 अक्टूबर को गिरफ्तारी के बाद दोनों 3 दिन की रिमांड पर हैं। एसपी के अनुसार पारिवारिक विवाद समेत सभी पहलुओं की जांच जारी है; फॉरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का मिलान हो रहा है।
घरेलू विवाद में क्या करें: जरूरी जानकारी
घरेलू विवाद बढ़ने से पहले ही मदद मांगना सबसे बड़ा बचाव है — झुंझुनूं पिता हत्या जैसे कांड यही बताते हैं। राजस्थान में ऐसी स्थिति में आपातकालीन नंबर 112, महिला हेल्पलाइन 181 या नजदीकी थाने पर तुरंत संपर्क किया जा सकता है। राजस्थान पुलिस की वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत की सुविधा भी उपलब्ध है। गांव में पंचायत या बुजुर्गों के माध्यम से सुलह भी कारगर है — लेकिन मारपीट या जान को खतरा हो तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
राजस्थान में डीग जुड़वां हत्या और जयपुर लिव-इन मर्डर जैसे केस बताते हैं कि समय रहते हस्तक्षेप न हो तो विवाद खतरनाक मोड़ ले लेता है। झुंझुनूं पिता हत्या का यह कांड भी यही सीख देता है — गुस्सा और नशा मिलकर घर उजाड़ सकते हैं। सतर्क रहें, विवाद समय रहते सुलझाएं।