Jaipur Pickleball Trials: 394 खिलाड़ियों के बीच 538 मुकाबले, शिवराज सिंह भाटी ने जीता गोल्ड — अब IPA Nationals की राह

राजस्थान में क्रिकेट, कबड्डी और हॉकी की चर्चा तो हर चाय की दुकान पर होती है, लेकिन इस बार जयपुर के एक खेल मैदान में एक ऐसा खेल चर्चा में रहा, जिसका नाम कुछ साल पहले तक प्रदेश में कम ही लोग जानते थे — पिकलबॉल। राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह स्कूल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित राजस्थान स्टेट पिकलबॉल ट्रायल्स में पूरे प्रदेश से 394 खिलाड़ी जुटे और तीन दिनों तक चले इस आयोजन में कुल 538 मुकाबले खेले गए। ‘रोड टू IPA नेशनल्स’ के तहत हुए ये ट्रायल्स सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं थे, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने के लिए टीम चुनने की आधिकारिक सीढ़ी थे। सबसे खास बात यह रही कि मैदान में उतरने वालों में 8 साल के नन्हे खिलाड़ी से लेकर 70 साल के अनुभवी खिलाड़ी तक शामिल थे — यानी यह खेल हर उम्र के लोगों को अपनी तरफ खींच रहा है।

तीन दिन, 538 मुकाबले: ट्रायल्स का पूरा हिसाब-किताब

राजस्थान पिकलबॉल एसोसिएशन (RPA) ने कोर्ट कल्चर और क्वीन्स कोर्ट के साथ मिलकर इन ट्रायल्स का आयोजन किया। तीन दिवसीय इस आयोजन का समापन 28 सितंबर को हुआ। खिलाड़ी सिर्फ जयपुर से नहीं आए थे — उदयपुर, कोटा, गंगानगर, चूरू, पाली, जोधपुर और अजमेर समेत प्रदेश के कई शहरों से प्रतिभागी पहुंचे। जूनियर, ओपन और अलग-अलग आयु वर्ग की श्रेणियों में मुकाबले हुए, इसलिए हर खिलाड़ी को अपनी उम्र और स्तर के हिसाब से बराबरी की टक्कर मिली। 394 खिलाड़ियों के बीच 538 मैच होना अपने आप में बताता है कि मुकाबला कितना कड़ा रहा होगा — एक-एक अंक के लिए खिलाड़ियों को पसीना बहाना पड़ा। आयोजन को जगदंबा ज्वैलर्स, IDFC फर्स्ट बैंक, NBC, एक्वाऑन और टैप द रूट्स का सहयोग मिला, जबकि क्लच स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी पार्टनर रहा।

जानकारी विवरण
आयोजन राजस्थान स्टेट पिकलबॉल ट्रायल्स (रोड टू IPA नेशनल्स)
स्थान सवाई मानसिंह स्कूल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, जयपुर
अवधि तीन दिवसीय, समापन 28 सितंबर 2026
कुल खिलाड़ी 394
कुल मुकाबले 538
सबसे कम उम्र का खिलाड़ी 8 वर्ष
सबसे उम्रदराज खिलाड़ी 70 वर्ष
भाग लेने वाले शहर जयपुर, उदयपुर, कोटा, गंगानगर, चूरू, पाली, जोधपुर, अजमेर
आयोजक राजस्थान पिकलबॉल एसोसिएशन, कोर्ट कल्चर और क्वीन्स कोर्ट के साथ

शिवराज सिंह भाटी बने ओपन मेन्स सिंगल्स के चैंपियन

ट्रायल्स का सबसे चर्चित नतीजा ओपन मेन्स सिंगल्स वर्ग से आया, जहां शिवराज सिंह भाटी ने शानदार खेल दिखाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल तक का उनका सफर आसान नहीं था, लेकिन निर्णायक मौकों पर उन्होंने धैर्य और सटीकता से बाजी मारी। उपविजेता रहे निखिल सिंह राजपूत को रजत पदक से संतोष करना पड़ा, हालांकि फाइनल तक पहुंचने का उनका प्रदर्शन भी कम नहीं आंका जा सकता। सिंगल्स मुकाबलों की खासियत यह होती है कि खिलाड़ी पूरी तरह अपने फैसलों पर निर्भर रहता है — न साथी का सहारा, न गलती छिपाने की जगह। निरंतरता, तेज मूवमेंट और बदलती परिस्थितियों में खुद को ढालने की क्षमता ही यहां जीत-हार तय करती है, और भाटी इन तीनों मोर्चों पर खरे उतरे। यह खिताब उनके लिए इसलिए भी अहम है, क्योंकि स्टेट ट्रायल्स का प्रदर्शन ही आगे राष्ट्रीय टीम में जगह की दावेदारी मजबूत करता है।

आखिर यह पिकलबॉल है क्या? नए पाठकों के लिए आसान भाषा में

कई पाठकों के मन में सवाल होगा कि यह खेल खेला कैसे जाता है। पिकलबॉल एक पैडल खेल है, जिसमें टेनिस से छोटा कोर्ट होता है और खिलाड़ी ठोस पैडल से छिद्रों वाली हल्की प्लास्टिक गेंद को नेट के पार मारते हैं। इसमें टेनिस की तेजी, बैडमिंटन की फुर्ती और टेबल टेनिस जैसी प्रतिक्रिया का मिला-जुला मजा है। सीखने में आसान होने के कारण यह खेल बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है — जयपुर ट्रायल्स में 8 से 70 साल तक के खिलाड़ियों की मौजूदगी इसी बात का सबूत है। भारत में इंडियन पिकलबॉल एसोसिएशन (IPA) इस खेल की आधिकारिक नियामक संस्था है, जो एशियन पिकलबॉल एसोसिएशन और ग्लोबल पिकलबॉल फेडरेशन से संबद्ध है। देश भर में हर हफ्ते कई स्वीकृत आयोजन होते हैं और पिकलबॉल वर्ल्ड रैंकिंग (PWR) प्रणाली स्कूल, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर टीम चयन की बुनियाद मानी जाती है।

राजस्थान के खिलाड़ियों के लिए आगे की राह

इन ट्रायल्स को आधिकारिक स्टेट ट्रायल्स का दर्जा प्राप्त था, यानी यहां चुने गए खिलाड़ी IPA नेशनल्स में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने की दौड़ में आगे होंगे। आयोजकों, अधिकारियों और स्वयंसेवकों की मेहनत से इतने बड़े पैमाने का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों के लिए यह मंच दो तरह से फायदेमंद है — पहला, उन्हें अपने ही राज्य में राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिलता है; दूसरा, रैंकिंग प्रणाली से जुड़े होने के कारण उनका प्रदर्शन रिकॉर्ड में दर्ज होता है, जो आगे के चयन में काम आता है। जिस रफ्तार से जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और कोटा जैसे शहरों में यह खेल फैल रहा है, उसे देखकर लगता है कि आने वाले समय में राजस्थान से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के पिकलबॉल खिलाड़ी निकलना कोई हैरानी की बात नहीं होगी। खेल प्रेमियों की नजर अब इस पर रहेगी कि नेशनल्स में प्रदेश के खिलाड़ी कैसा प्रदर्शन करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

सवाल 1: राजस्थान पिकलबॉल ट्रायल्स कहां और कब हुए?

जवाब: ये ट्रायल्स जयपुर के सवाई मानसिंह स्कूल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हुए। तीन दिवसीय आयोजन का समापन 28 सितंबर 2026 को हुआ, जिसमें 394 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और 538 मुकाबले खेले गए।

सवाल 2: ओपन मेन्स सिंगल्स का खिताब किसने जीता?

जवाब: शिवराज सिंह भाटी ने ओपन मेन्स सिंगल्स वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। फाइनल में उपविजेता रहे निखिल सिंह राजपूत को रजत पदक मिला।

सवाल 3: इन ट्रायल्स का राष्ट्रीय स्तर से क्या संबंध है?

जवाब: ये IPA नेशनल्स के लिए आधिकारिक स्टेट ट्रायल्स थे। यहां के प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ी भारतीय पिकलबॉल संघ के राष्ट्रीय आयोजन में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने की दावेदारी पेश करते हैं।

सवाल 4: पिकलबॉल खेलना शुरू करने के लिए क्या चाहिए?

जवाब: शुरुआती स्तर पर एक पैडल, छिद्रों वाली प्लास्टिक गेंद और छोटा कोर्ट काफी होता है। यह खेल हर उम्र के लोग खेल सकते हैं, इसलिए स्कूलों और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में चलने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़कर शुरुआत की जा सकती है।

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