चार दिन, दो सौ से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे और दो करोड़ रुपए से अधिक के हीरे — जयपुर पुलिस ने जयपुर 2 करोड़ हीरा चोरी की गुत्थी सुलझा दी है। माणक चौक थाना पुलिस और डीएसटी उत्तर की टीम ने गुजरात की एक महिला को गिरफ्तार किया है, जो वारदात के बाद शहर की एक झुग्गी-बस्ती में छिपी थी। आरोपी की निशानदेही पर चोरी हुआ सारा माल बरामद कर लिया गया है।
यह मामला इसलिए भी खास है, क्योंकि पीड़ित व्यापारी को न तो ई-रिक्शा का नंबर याद था और न ही किसी संदिग्ध की जानकारी थी। फिर भी पुलिस ने चार दिन में मामले का खुलासा कर दिया।
जयपुर 2 करोड़ हीरा चोरी: ई-रिक्शा में दोपहर को हुआ था कांड
घटना 15 अक्टूबर की दोपहर की है। जेमस्टोन कारोबारी गोपालजी के रास्ते से सांगानेरी गेट की ओर ई-रिक्शा में जा रहे थे। दोपहर 2:21 बजे उनके पास व्यापारियों के कीमती माल के 13 पैकेट थे, जो सफर के दौरान गायब हो गए।
पीड़ित को यह तक याद नहीं था कि ई-रिक्शा में कौन बैठा था और कौन उतरा। 13 पैकेट एक साथ गायब होना बताता था कि यह कोई आकस्मिक घटना नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश थी।
पुलिस उपायुक्त उत्तर करण शर्मा के मुताबिक, रिपोर्ट दर्ज होते ही माणक चौक थानाधिकारी राकेश ख्यालिया और डीएसटी प्रभारी दिलीप सोनी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
200 सीसीटीवी कैमरे और चार दिन: ऐसे सुलझा मामला
जांच की सबसे बड़ी मुश्किल यह थी कि पीड़ित को वारदात के समय का कोई ठोस सुराग याद नहीं था। ऐसे में टीम ने रास्ते के दोनों ओर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू किया। एक-दो नहीं, बल्कि 200 से अधिक कैमरों की फुटेज देखी गई।
फुटेज में एक संदिग्ध महिला की पहचान हुई, जो ई-रिक्शा में पीड़ित के आसपास दिखी थी। इसके बाद मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया और महिला की तलाश तेज हुई। पुलिस को पता चला कि आरोपी सायपुरा की झुग्गी-बस्ती में छिपी है।
टीम ने दबिश देकर महिला को बापर्दा गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने चोरी कबूल की और उसकी निशानदेही पर दो करोड़ रुपए से अधिक के रत्न बरामद हो गए। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि वारदात में उसके साथ कोई और भी शामिल था या नहीं।
झुग्गी-बस्ती में छिपी थी आरोपी, गुजरात की रहने वाली
गिरफ्तार महिला गुजरात की रहने वाली है। वारदात के बाद वह पहचान बदलकर बचने की कोशिश कर रही थी और सायपुरा की झुग्गी-बस्ती में छिपी थी। पुलिस का मानना है कि वह इस तरह की वारदातों में पहले भी शामिल रही हो सकती है।
पुलिस अब यह भी पूछताछ कर रही है कि चोरी के रत्नों को बेचने या छिपाने की क्या योजना थी, और क्या महिला किसी संगठित गिरोह का हिस्सा है।
शिकार की तलाश का तरीका: बाजारों में घूमती थी महिला
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया तरीका व्यापारियों के लिए चेतावनी जैसा है। आरोपी महिला कथित तौर पर अन्य महिलाओं के साथ शहर के मुख्य बाजारों में खरीदारी का दिखावा करते हुए घूमती थी। गिरोह के सदस्य पहले शिकार की पहचान करते, फिर उसकी गतिविधियों पर नजर रखते थे।
मौका मिलते ही सफर के दौरान कीमती सामान चोरी कर वाहन बदलकर निकलने की कोशिश की जाती थी। यानी चोरी से पहले शिकार की पूरी रेकी होती थी — वह कहां, कब और किस साधन से जाता है। यही वजह है कि व्यापारी को कुछ पता ही नहीं चला और 13 पैकेट गायब हो गए।
जयपुर 2 करोड़ हीरा चोरी: अब गिरोह की तलाश
माल बरामद होने और आरोपी के पकड़े जाने के बाद भी पुलिस की जांच जारी है। तीन बड़े सवाल अभी बाकी हैं — क्या महिला अकेली थी या उसके साथ कोई और भी था? चोरी के रत्नों को कहां बेचा जाना था? और क्या जयपुर में इस तरह की और वारदातें इसी गिरोह ने की हैं?
गौरतलब है कि हाल के दिनों में जयपुर पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाइयां की हैं। इससे पहले टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में कोटा से तीनों शूटरों की गिरफ्तारी ने पूरे देश का ध्यान खींचा था, वहीं जयपुर के ऑपरेशन म्यूल हंटर में 21 साइबर ठगों की गिरफ्तारी भी चर्चा में रही थी।
मामले की टाइमलाइन: एक नजर में
जयपुर 2 करोड़ हीरा चोरी मामले की पूरी टाइमलाइन इस प्रकार है:
| तारीख/समय | घटना |
| 15 अक्टूबर, दोपहर 2:21 बजे | गोपालजी के रास्ते से सांगानेरी गेट जाते ई-रिक्शा में 13 पैकेट रत्न चोरी |
| 15 अक्टूबर | पीड़ित व्यापारी ने माणक चौक थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई |
| 15-18 अक्टूबर | माणक चौक पुलिस और डीएसटी उत्तर की टीम ने 200+ सीसीटीवी कैमरे खंगाले |
| 19 अक्टूबर | सायपुरा झुग्गी-बस्ती से गुजरात निवासी महिला गिरफ्तार |
| 19 अक्टूबर | आरोपी की निशानदेही पर 2 करोड़ रुपए से अधिक के रत्न बरामद |
व्यापारियों के लिए जरूरी सीख
यह मामला जेमस्टोन और ज्वेलरी व्यापारियों के लिए एक चेतावनी है। कीमती माल के साथ सफर करते समय इन बातों का ध्यान रखें:
- सार्वजनिक वाहन में कीमती माल अकेले न ले जाएं — हो सके तो साथ में कोई विश्वस्त व्यक्ति रखें।
- रूट और समय बदलते रहें — रोज एक ही रास्ते और एक ही समय पर चलना रेकी करने वालों के लिए आसान होता है।
- संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को बताएं — बाजारों में पीछा किए जाने का अहसास हो तो नजदीकी थाने या 100 नंबर पर सूचना दें।
- सीसीटीवी वाले रास्तों का इस्तेमाल करें — इस मामले में भी सीसीटीवी फुटेज ही सबसे बड़ा हथियार साबित हुई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। चोर अब तकनीक और योजना के साथ वारदात करते हैं, इसलिए व्यापारियों को भी उतना ही सतर्क रखना होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: जयपुर में हीरा चोरी का मामला कब हुआ था?
उत्तर: 15 अक्टूबर 2026 की दोपहर 2:21 बजे, जब जेमस्टोन कारोबारी गोपालजी के रास्ते से सांगानेरी गेट की ओर ई-रिक्शा में जा रहे थे।
प्रश्न 2: कितने कीमत के हीरे चोरी हुए थे?
उत्तर: 13 पैकेट रत्नों की कीमत दो करोड़ रुपए से अधिक है। पुलिस ने पूरा माल बरामद कर लिया है।
प्रश्न 3: आरोपी महिला को कहां से गिरफ्तार किया गया?
उत्तर: गुजरात निवासी आरोपी महिला को जयपुर की सायपुरा झुग्गी-बस्ती से गिरफ्तार किया गया, जहां वह पहचान बदलकर छिपी थी।
प्रश्न 4: पुलिस ने मामले को कैसे सुलझाया?
उत्तर: माणक चौक पुलिस और डीएसटी उत्तर की टीम ने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मुखबिर तंत्र से चार दिन में आरोपी तक पहुंच गई।
स्रोत: दैनिक नवज्योति की रिपोर्ट, प्रकाशन: 19 अक्टूबर 2026