जसवंत मेला कुश्ती दंगल 2026: भरतपुर के अखाड़े में पहले ही दिन मचा पहलवानों का धमाल, जिला केसरी के चार सेमीफाइनलिस्ट तय

भरतपुर का महाराजा सूरजमल कुश्ती स्टेडियम सोमवार को असली अखाड़ा बन गया। पहलवानों के दांव-पेच, दर्शकों की तालियों की गूंज और मिट्टी की खुशबू — जसवंत मेला कुश्ती दंगल 2026 के पहले ही दिन ने बता दिया कि इस बार का महादंगल यादगार होने वाला है। ब्रज क्षेत्र समेत देश के कई जिलों से आए पहलवानों ने कांटे के मुकाबले दिखाए, और सबसे बड़ी खबर यह रही कि जिला केसरी प्रतियोगिता (75 किलोग्राम से कम भार वर्ग) के चार सेमीफाइनलिस्ट पहले ही दिन तय हो गए। पंकज परमदरा, सतवीर सह, दीपक नूरपुर और रोहित नूरपुर ने अपने-अपने विरोधियों को पटखनी देकर अंतिम चार में जगह पक्की कर ली।

तीन दिवसीय यह अखिल भारतीय कुश्ती दंगल श्री जसवंत प्रदर्शनी एवं पशु मेला भरतपुर-2026 के तहत आयोजित हो रहा है। दशहरा पर्व पर प्रतिवर्ष होने वाले इस आयोजन को देखने बड़ी संख्या में कुश्ती प्रेमी और ग्रामीणजन स्टेडियम पहुंचे। जसवंत मेला कुश्ती दंगल में जसवंत बसंत (50 किलोग्राम से कम), 57 किलोग्राम भार वर्ग, जसवंत किशोर और जिला केसरी (75 किलोग्राम से कम) — चार अलग-अलग वर्गों में मुकाबले हो रहे हैं।

जसवंत मेला कुश्ती दंगल: जिला केसरी के सेमीफाइनल में चार नाम तय

जिला केसरी प्रतियोगिता में पहले दिन दो-दो दौर के मुकाबले हुए। पंकज परमदरा ने श्याम पथैना को हराया, सतवीर सह ने सोनू सोगर को पटखनी दी, दीपक नूरपुर ने कुशल पाल फुलवारा को मात दी और रोहित नूरपुर ने श्यामवीर सातरुक को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। यह वही वर्ग है जिस पर पूरे मेले की निगाहें टिकी हैं — जिला केसरी का खिताब जीतना भरतपुर के पहलवानों के लिए गर्व की बात माना जाता है।

चारों भार वर्गों के पहले दिन के परिणाम एक नजर में

पहले दिन कुल चार वर्गों में प्रथम दौर के मुकाबले संपन्न हुए। वजन सुबह 8 से 12 बजे तक हुआ, फिर भार वर्ग तय किए गए और दोपहर 1 बजे से मुकाबले शुरू हुए जो देर शाम तक चले।

प्रतियोगिता वर्ग विजेता पहलवान (प्रथम दौर) हारने वाले प्रतिद्वंद्वी
जसवंत बसंत (50 किग्रा से कम) विकास परमदरा, बेताल गुर्जर (झज्जरपुरा), मोहित सैनी (डीग), गौरव बिश्नोई (भीलवाड़ा), शिवम बिश्नोई (भीलवाड़ा), दिनेश इकरन, हितेश भरतपुर, सुमित डीग सुमित हेलक, महेश परमदरा, अभी बांसरोली, कुन्नू नीमदा गेट, मोनू हेलक, प्रियांशु अस्तावन, सोनू महुआ, समीर मलाहा
57 किलोग्राम भार वर्ग हिमांशु सोलंकी (भरतपुर), शिवा खटाना (घसोला), नीरज हलेना, गणेश सिंह स्टेडियम भरतपुर, रोहित कुमार (बयाना), करण महुआ, चंद्रवीर इकरन शिवकुमार सुखावली, सचिन इकरन, भोलू बयाना, जुगलेश चौहान भरतपुर, भानु प्रताप धाऊ पासा, शेरा बयाना, कपिल गुर्जर भरतपुर
जसवंत किशोर मनन जाट (अजमेर), संदीप प्रजापत (भीलवाड़ा), ओम हरि एकेडमी भरतपुर, माधव स्टेडियम भरतपुर, लखन परमदरा, सिद्धार्थ बिश्नोई, रिकी बिश्नोई (भीलवाड़ा) सचिन सिनसिनी, मोहित डीग, कृष्णा स्टेडियम भरतपुर, भूरा चैनपुरा, संजू भरतपुर, सौरभ मलाहा, मनीष सैनी डीग
जिला केसरी (75 किग्रा से कम) पंकज परमदरा, सतवीर सह, दीपक नूरपुर, रोहित नूरपुर — सभी सेमीफाइनल में श्याम पथैना, सोनू सोगर, कुशल पाल फुलवारा, श्यामवीर सातरुक

भीलवाड़ा, अजमेर, डीग, बयाना और इकरन जैसे अलग-अलग जिलों से आए पहलवानों की मौजूदगी ने इस दंगल को सचमुच अखिल भारतीय स्तर का बना दिया।

मुकाबलों के दौरान स्टेडियम में माहौल देखने लायक था। हर दांव पर दर्शक उछल पड़ते और हर जीत पर तालियों की गड़गड़ाहट गूंजती। जसवंत मेला कुश्ती दंगल की खासियत यही है — यहां मुकाबला सिर्फ दो पहलवानों के बीच नहीं होता, गांवों और अखाड़ों की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी होती है। ब्रज क्षेत्र के दर्शक कुश्ती को खेल से ज्यादा भावना मानते हैं, इसीलिए स्टेडियम के बाहर से भीड़ मुकाबलों का हाल पूछती रही। जिन पहलवानों ने पहले दौर में जीत दर्ज की है, उनके अखाड़ों में उत्सव जैसा माहौल है — गुरु-शिष्य परंपरा में जीत की खुशी सामूहिक होती है। आयोजकों ने बताया कि अगले दो दिनों में दर्शकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले सबसे रोमांचक माने जाते हैं। जसवंत मेला कुश्ती दंगल ने पहले ही दिन यह साबित कर दिया कि पारंपरिक खेलों की जड़ें आज भी राजस्थान के गांव-कस्बों में गहरी हैं।

हनुमान जी की प्रतिमा के सामने दीप जलाकर हुआ उद्घाटन

दंगल का शुभारंभ पारंपरिक अंदाज में हुआ। नगर निगम की महापौर अनुराधा सिंह ने हनुमान जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर और पूजा-अर्चना के साथ मुकाबलों की शुरुआत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता मेला अधिकारी डॉ. अरविंद सिंह चौधरी ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में एडीएम सिटी राहुल सैनी, पंचायत समिति सेवर के प्रधान प्रतिनिधि राजू ठेकेदार, बबलू कुरका और धीरेंद्र पाल उर्फ बिल्लू मौजूद रहे। अतिथियों ने पहलवानों के हाथ मिलवाकर मुकाबलों का शुभारंभ कराया और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। मंच का संचालन चुन्नी कप्तान ने किया।

निष्पक्ष और नियमानुसार प्रतियोगिता संपन्न कराने के लिए निर्णायक मंडल में कोच जितेंद्र, तेजेंद्र उर्फ लाला पहलवान, सुरेश धोरमुई, गौतम, हरवीर और एनआईएस कोच अजमेर राम जाट शामिल रहे। मैट और अखाड़े के रेफरी के रूप में शारीरिक शिक्षक एवं व्याख्याता गंगा सिंह, भगवान सिंह और टिंकू खान ने मुकाबलों का संचालन किया। दंगल उपसमिति के सचिव डॉ. पी.पी. सिंह, डॉ. देवेंद्र सिंह, डॉ. मनोज सिनसिनवार, मुकेश अग्रवाल, रविंद्र सिंह और नीतेश के साथ पशुपालन विभाग के कार्मिक तथा खेल और सामाजिक जगत से जुड़े गणमान्यजन भी उपस्थित रहे।

दशहरा मेले की अखाड़ा परंपरा: जसवंत दंगल का सांस्कृतिक मतलब

जसवंत मेले का कुश्ती दंगल सिर्फ खेल प्रतियोगिता नहीं, ब्रज क्षेत्र की अखाड़ा संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन है। दशहरा पर्व पर आयोजित होने वाला यह दंगल वर्षों से मिट्टी के अखाड़ों की परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। यहां जीतने वाला पहलवान सिर्फ खिताब नहीं, इलाके का सम्मान पाता है — गांव-गांव में उसके नाम की चर्चा होती है।

भरतपुर में कुश्ती की यह परंपरा नई नहीं है। राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेलो राजस्थान अभियान जैसे प्रयास चल रहे हैं, लेकिन मेले-मेलों में होने वाले ये पारंपरिक दंगल ही वह मंच हैं जहां ग्रामीण प्रतिभाएं पहली बार बड़े दर्शकों के सामने आती हैं। जसवंत मेला कुश्ती दंगल इसी कड़ी का अहम हिस्सा है — यहां के कई पहलवान बाद में राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में चमकते हैं। उल्लेखनीय है कि 107वें जसवंत पशु मेले का शुभारंभ भी हाल ही में ध्वजारोहण के साथ हुआ था, और उसी मेले के तहत यह दंगल आयोजित हो रहा है। राज्य में कुश्ती प्रतिभाओं की अन्य खबरों के लिए कुश्ती से जुड़ी हमारी खबरें भी पढ़ें।

जसवंत मेला कुश्ती दंगल के आगे के दो दिन: क्या-क्या होगा

दंगल तीन दिवसीय है, यानी अभी दो दिन के मुकाबले बाकी हैं। पहले दिन प्रथम दौर के मुकाबले हुए; अब जिला केसरी के सेमीफाइनल और फाइनल, तथा बाकी वर्गों के आगे के दौर के मुकाबले अगले दिनों में होंगे। वजन की प्रक्रिया रोज सुबह तय समय पर होगी और मुकाबले दोपहर से शाम तक चलेंगे। आयोजकों के मुताबिक सभी मुकाबले महाराजा सूरजमल कुश्ती स्टेडियम में ही होंगे। कुश्ती प्रेमी और ग्रामीणजन स्टेडियम में पहुंचकर मुकाबले देख सकते हैं।

पहले दिन के रुझानों से इतना साफ है — जिला केसरी का सेमीफाइनल रोमांचक होगा, क्योंकि चारों विजेताओं ने अपने विरोधियों पर साफ बढ़त बनाकर जीत दर्ज की है। बयाना के रोहित कुमार जैसे युवा पहलवानों ने 57 किलोग्राम वर्ग में भी अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराई है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: जसवंत मेला कुश्ती दंगल 2026 कहां और कब हो रहा है?

उत्तर: यह तीन दिवसीय अखिल भारतीय कुश्ती दंगल श्री जसवंत प्रदर्शनी एवं पशु मेला भरतपुर-2026 के तहत महाराजा सूरजमल कुश्ती स्टेडियम, भरतपुर में आयोजित हो रहा है। इसका शुभारंभ सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को हुआ।

प्रश्न 2: जिला केसरी के सेमीफाइनल में कौन-कौन पहुंचे हैं?

उत्तर: 75 किलोग्राम से कम भार वर्ग की जिला केसरी प्रतियोगिता में पंकज परमदरा, सतवीर सह, दीपक नूरपुर और रोहित नूरपुर ने सेमीफाइनल में स्थान पक्का किया है।

प्रश्न 3: दंगल में कौन-कौन से भार वर्ग हैं?

उत्तर: चार वर्ग हैं — जसवंत बसंत (50 किलोग्राम से कम), 57 किलोग्राम भार वर्ग, जसवंत किशोर और जिला केसरी (75 किलोग्राम से कम)।

प्रश्न 4: दंगल का उद्घाटन किसने किया?

उत्तर: नगर निगम महापौर अनुराधा सिंह ने हनुमान जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर और पूजा-अर्चना के साथ दंगल का उद्घाटन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मेला अधिकारी डॉ. अरविंद सिंह चौधरी ने की।

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