दिल्ली BS-VI वाहन प्रतिबंध आज, 1 नवंबर 2026 से लागू हो गया है, और इसका सीधा असर राजस्थान के उन हजारों लोगों पर पड़ेगा जो गाड़ी लेकर दिल्ली जाते हैं। जयपुर, अलवर, भरतपुर, कोटपूतली, नीमराना और खैरथल-तिजारा से दिल्ली जाने वालों के लिए अब पहला सवाल यही है: गाड़ी किस मानक की है? अगर गाड़ी दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड है और वह BS-VI से नीचे की है, तो सीमा पर ही उसे रोक दिया जाएगा। राजस्थान से दिल्ली माल ले जाने वाले करीब 50 हजार कॉमर्शियल वाहन भी इसी दायरे में आते हैं, और ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि डेढ़ लाख से ज्यादा वाहन प्रभावित होंगे।
दिल्ली BS-VI वाहन प्रतिबंध क्या है और कब तक रहेगा
दिल्ली में सर्दियों में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत यह प्रतिबंध लगाया गया है। इसके तहत 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक, यानी 92 दिन, दिल्ली के बाहर पंजीकृत BS-VI से नीचे के पेट्रोल और डीजल वाहनों का दिल्ली में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। 28 अक्टूबर को दिल्ली का AQI 232 तक पहुंच गया था, जो खराब श्रेणी में आता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 27 अक्टूबर को साफ किया था कि 1 नवंबर के बाद BS-VI से नीचे का कोई बाहरी वाहन दिल्ली में अलाउड नहीं होगा। यह नियम सिर्फ बाहर की गाड़ियों पर लागू है, दिल्ली में रजिस्टर्ड गाड़ियों पर नहीं।
राजस्थान के किन शहरों और किस कारोबार पर सबसे ज्यादा असर
राजस्थान के लिए यह नियम इसलिए ज्यादा अहम है, क्योंकि दिल्ली और जयपुर के बीच हर महीने लाखों गाड़ियां आती-जाती हैं। अलवर और आसपास का इलाका NCR से जुड़ा है, इसलिए वहां के लोगों की दिल्ली से आवाजाही रोजमर्रा की जरूरत है। लॉजिस्टिक्स एंड ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स एसोसिएशन, राजस्थान के स्टेट प्रेसिडेंट अनिल आनंद के मुताबिक इस फैसले से करीब डेढ़ लाख से ज्यादा ट्रक और दूसरे वाहनों को सबसे ज्यादा परेशानी होगी। BS-VI मानक पूरा नहीं करने वाली अंतरराज्यीय डीजल बसों को भी दिल्ली में प्रवेश नहीं मिलेगा।
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| प्रतिबंध की अवधि | 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक (92 दिन) |
| किन पर रोक | दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-VI से नीचे के वाहन |
| राजस्थान से प्रभावित कॉमर्शियल वाहन | करीब 50 हजार ट्रक, पिकअप, मालवाहक |
| ट्रांसपोर्ट कारोबार पर असर | डेढ़ लाख से ज्यादा वाहन |
| पुरानी गाड़ी दिल्ली में दिखी तो जुर्माना | 20 हजार रुपये तक |
| बिना वैध PUC पकड़े गए तो जुर्माना | 10 हजार रुपये तक |
| दिल्ली ट्रैफिक हेल्पलाइन | 011-25844444 / 1095, आपातकाल 112 |
बॉर्डर पर कैसे होगी जांच: ANPR कैमरे और नो PUC नो फ्यूल
इस बार जांच पूरी तरह ऑटोमैटिक होगी। दिल्ली बॉर्डर पर हाईटेक ANPR कैमरे लगे हैं, जो नंबर प्लेट पढ़ते ही बता देंगे कि गाड़ी BS-VI वाली है या नहीं। सरहौल, कापसेड़ा और फरीदाबाद बॉर्डर पर 300 से ज्यादा गाड़ियों का ट्रैफिक खड़ा होने की आशंका है, क्योंकि बैन वाली गाड़ी को वहीं से वापस भेज दिया जाएगा और कोई बहस नहीं सुनी जाएगी। इसके साथ ही दिल्ली में 1 नवंबर से नो PUC नो फ्यूल पॉलिसी भी लागू हो गई है। दिल्ली के 500 पेट्रोल पंपों पर कैमरे लगे हैं, और अगर किसी गाड़ी का PUC ऑनलाइन वैध नहीं दिखता, तो पंप पर पेट्रोल, डीजल या CNG कुछ भी नहीं मिलेगा।
दिल्ली BS-VI वाहन प्रतिबंध में किन वाहनों को मिलेगी छूट
सभी पुरानी गाड़ियों पर रोक नहीं है, कुछ श्रेणियों को साफ छूट है। पहला, 1 अप्रैल 2020 के बाद खरीदी गई कारें जिनकी RC पर BS-VI लिखा है, वे बिना रोक-टोक के जा सकेंगी। दूसरा, CNG गाड़ियों को बिना रुकावट के एंट्री मिलेगी। तीसरा, इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर कोई रोक नहीं है, क्योंकि दिल्ली सरकार अपनी EV पॉलिसी के तहत इन्हें बढ़ावा दे रही है। चौथा, एंबुलेंस, दमकल, पुलिस और निर्दिष्ट आपातकालीन व सरकारी कर्तव्य वाले वाहनों को भी छूट है। दोपहिया वाहनों को भी दायरे से बाहर रखा गया है। सिर्फ व्यावसायिक वाहन होने से छूट नहीं मिलेगी, यानी ट्रक या टैक्सी होने के नाते कोई रियायत नहीं है।
दिल्ली जाने से पहले ये 3 जांचें जरूर करें
दिल्ली जाने से पहले तीन चीजें जरूर जांच लें। पहला, गाड़ी की RC में Emission Norms देखिए कि BS-VI लिखा है या नहीं। अगर BS-III या BS-IV लिखा है, तो गाड़ी लेकर दिल्ली मत जाइए, ट्रेन, बस या CNG-इलेक्ट्रिक वाहन जैसा दूसरा ऑप्शन देखिए। दूसरा, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट बनवा लीजिए, यह सिर्फ 5 मिनट का काम है और किसी भी PUC सेंटर पर हो जाता है। तीसरा, बॉर्डर का सीन समझ लें, क्योंकि सरहौल, कापसेड़ा और फरीदाबाद पर लंबी कतारें लग सकती हैं। सफर से पहले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी जरूर पढ़ लें, जिसमें 1 नवंबर से बदलने वाले नियमों की पूरी जानकारी है। हेल्पलाइन 011-25844444 और 1095 पर भी जानकारी मिल सकती है।
हाईकोर्ट में चुनौती और दिल्ली में बदले दूसरे नियम
इस प्रतिबंध को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती भी दी गई है, लेकिन कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। याचिका में कहा गया था कि NCR शहरों से दिल्ली आने-जाने वाले बड़ी संख्या में लोग प्रभावित होंगे, लेकिन कोर्ट ने कहा कि तत्काल हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता और वैकल्पिक परिवहन साधन उपलब्ध हैं। इसके साथ ही दिल्ली में 1 नवंबर से कुछ और नियम भी बदल गए हैं: अधिकृत पार्किंग पर 1 नवंबर से 28 फरवरी तक दोगुना शुल्क रहेगा, कार्यालयों में 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम लागू होगा, और धूल उड़ाने वाली निर्माण गतिविधियों पर 31 जनवरी तक रोक रहेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवाल: दिल्ली BS-VI वाहन प्रतिबंध कब से कब तक लागू है?
जवाब: 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक, यानी 92 दिन। इसके तहत दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-VI से नीचे के पेट्रोल-डीजल वाहनों की दिल्ली में एंट्री नहीं होगी।
सवाल: राजस्थान की किन गाड़ियों पर इसका असर पड़ेगा?
जवाब: जयपुर, अलवर, भरतपुर, कोटपूतली, नीमराना और खैरथल-तिजारा से दिल्ली जाने वाली BS-III या BS-IV गाड़ियों पर, और राजस्थान से दिल्ली माल ले जाने वाले करीब 50 हजार कॉमर्शियल वाहनों पर।
सवाल: अपनी गाड़ी का मानक कैसे पता करें?
जवाब: गाड़ी की RC में Emission Norms देखिए। BS-VI लिखा है तो एंट्री मिलेगी, BS-III या BS-IV लिखा है तो दिल्ली में एंट्री नहीं मिलेगी। BS-VI मानक 1 अप्रैल 2020 से लागू हुआ था।
सवाल: किन वाहनों को छूट मिली है?
जवाब: BS-VI वाहन, CNG वाहन, इलेक्ट्रिक वाहन, दोपहिया वाहन और एंबुलेंस, दमकल, पुलिस जैसे आपातकालीन वाहनों को छूट है। सिर्फ व्यावसायिक वाहन होने से छूट नहीं मिलती।
कुल मिलाकर, राजस्थान से दिल्ली जाने वालों के लिए नियम साफ है: RC पर BS-VI लिखा हो और PUC वैध हो, तभी गाड़ी लेकर दिल्ली जाएं। वरना बॉर्डर पर वापसी, जुर्माना और समय की बर्बादी तीनों तय हैं। ट्रांसपोर्ट कारोबार के लिए यह तीन महीने की अवधि सबसे चुनौतीपूर्ण रहेगी, इसलिए अभी से वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार करें।