बीकानेर। रविवार का दिन बीकानेर जिले के करीब 73 हजार लोगों के लिए बेहद खास है। ये वो लोग हैं जिन्होंने उम्र के किसी पड़ाव पर कलम थामी और पढ़ना-लिखना सीखा, और आज वे अपनी मेहनत की परीक्षा दे रहे हैं। नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जिले में आज बुनियादी साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें करीब 73 हजार नवसाक्षरों के शामिल होने का लक्ष्य रखा गया है। जिला प्रशासन ने परीक्षा के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और परीक्षा केंद्रों पर प्रश्न-उत्तर पुस्तिकाएं पहले ही पहुंचा दी गई हैं।
परीक्षा केंद्रों तक पहुंची प्रश्न-उत्तर पुस्तिकाएं, नियंत्रण कक्ष सक्रिय
परीक्षा की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए जिला साक्षरता एवं सतत शिक्षा कार्यालय ने बीकानेर जिले की सभी नौ पंचायत समितियों में निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार प्रश्न-उत्तर पुस्तिकाएं परीक्षा केंद्रों पर ब्लॉक स्तर पर वितरित कर दी हैं। यानी परीक्षा शुरू होने से पहले ही हर केंद्र पर सामग्री पहुंच चुकी है, ताकि रविवार को किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
जिला कलक्टर एवं अध्यक्ष जिला निष्पादक समिति के निर्देश पर जिला स्तर पर एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जो परीक्षा के दिन प्रातः 9 बजे से सायं 6 बजे तक खुला रहेगा। इस नियंत्रण कक्ष का नोडल अधिकारी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. अरुण शर्मा को बनाया गया है, जबकि सहायक नोडल की जिम्मेदारी जिला साक्षरता अधिकारी सुमेर सिंह संभालेंगे। परीक्षा के दौरान किसी भी केंद्र से आने वाली सूचना या समस्या पर यहीं से नजर रखी जाएगी और तुरंत समाधान किया जाएगा।
परीक्षा के अवलोकन के लिए साक्षरता एवं सतत शिक्षा निदेशालय, जयपुर की ओर से बीकानेर संभाग के प्रभारी अधिकारी मुन्नालाल टोडीवाल भी मौजूद रहेंगे। इससे साफ है कि इस परीक्षा को केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक गंभीर शैक्षणिक अभियान के तौर पर लिया जा रहा है।
कौन दे रहा है परीक्षा: युवा से बुजुर्ग तक, हर उम्र के नवसाक्षर
इस परीक्षा की सबसे खूबसूरत बात इसका दायरा है। इसमें शामिल होने वाले नवसाक्षर किसी एक उम्र वर्ग के नहीं हैं — युवा और वृद्ध, महिला और पुरुष, सभी वर्गों के लोग आज एक साथ परीक्षा कक्ष में बैठेंगे। ये वे लोग हैं जो किसी न किसी कारण से बचपन में स्कूल नहीं जा पाए, लेकिन अब नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत उन्होंने पढ़ना-लिखना और बुनियादी हिसाब-किताब सीखा है।
बुनियादी साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा में नवसाक्षरों की पढ़ने, लिखने और अंकगणित की बुनियादी योग्यता का आकलन किया जाता है। यानी यह परीक्षा डिग्री या नौकरी के लिए नहीं, बल्कि इस बात की पुष्टि के लिए है कि सीखने वाला अब अपने दैनिक जीवन में अक्षरों और अंकों का इस्तेमाल आत्मविश्वास के साथ कर सकता है — चाहे वह बैंक का फॉर्म भरना हो, मोबाइल पर संदेश पढ़ना हो या बाजार में हिसाब करना हो।
नव भारत साक्षरता कार्यक्रम: क्या है यह अभियान
नव भारत साक्षरता कार्यक्रम केंद्र सरकार का एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक अभियान है, जिसका उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक आयु के उन नागरिकों को बुनियादी साक्षरता प्रदान करना है जो किसी कारणवश औपचारिक शिक्षा से वंचित रह गए। इस कार्यक्रम के तहत स्वयंसेवी शिक्षकों और प्रेरकों की मदद से निरक्षर लोगों को पढ़ना-लिखना सिखाया जाता है और फिर उनकी योग्यता का मूल्यांकन बुनियादी साक्षरता परीक्षा के माध्यम से किया जाता है।
राजस्थान में इस कार्यक्रम का क्रियान्वयन जिला साक्षरता एवं सतत शिक्षा कार्यालयों के माध्यम से होता है। नेशनल ओपन स्कूल के तत्वावधान में तथा राष्ट्रीय साक्षरता मिशन प्राधिकरण, नई दिल्ली के मार्गदर्शन में आयोजित होने वाली यह परीक्षा उसी श्रृंखला की एक कड़ी है। बीकानेर जिले में 73 हजार का लक्ष्य इस बात का संकेत है कि जमीनी स्तर पर इस अभियान को कितनी गंभीरता से लिया जा रहा है।
परीक्षा के बाद क्या: प्रमाण पत्र और स्वरोजगार का रास्ता
परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले नवसाक्षरों को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। साक्षरता कार्यालय के सहायक परियोजना अधिकारी प्रदीप सिंह के अनुसार इस परीक्षा के माध्यम से नवसाक्षरों को साक्षर करके स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। यानी यह अभियान केवल अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं है — इसका अगला कदम नवसाक्षरों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
प्रदीप सिंह ने बताया कि बेसिक साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा को लेकर नवसाक्षरों में गजब का उत्साह देखा गया है। परीक्षा में उत्तीर्ण होकर प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए वे लगातार तैयारियां कर रहे हैं। यह उत्साह इस बात का प्रमाण है कि सीखने की चाह उम्र की मोहताज नहीं होती — जरूरत सिर्फ एक अवसर की होती है, जो यह कार्यक्रम दे रहा है।
जिले भर में तैयारियों का जायजा
| बिंदु | विवरण |
| परीक्षा का नाम | बुनियादी साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा |
| कार्यक्रम | नव भारत साक्षरता कार्यक्रम |
| तारीख | रविवार, 4 अक्टूबर 2026 |
| लक्ष्य | बीकानेर जिले के लगभग 73 हजार नवसाक्षर |
| पंचायत समितियां | जिले की सभी 9 पंचायत समितियां |
| नियंत्रण कक्ष | प्रातः 9 बजे से सायं 6 बजे तक |
| नोडल अधिकारी | डॉ. अरुण शर्मा (मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी) |
| सहायक नोडल | सुमेर सिंह (जिला साक्षरता अधिकारी) |
| अवलोकन | मुन्नालाल टोडीवाल (संभाग प्रभारी, निदेशालय जयपुर) |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: बुनियादी साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा क्या है?
उत्तर: यह नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत आयोजित होने वाली परीक्षा है, जिसमें नवसाक्षरों के पढ़ने, लिखने और बुनियादी अंकगणित के ज्ञान का मूल्यांकन किया जाता है।
प्रश्न 2: इस परीक्षा में कौन शामिल हो सकता है?
उत्तर: नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत पढ़ाई करने वाले युवा और वृद्ध, महिला और पुरुष नवसाक्षर इस परीक्षा में शामिल होते हैं।
प्रश्न 3: परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर क्या मिलेगा?
उत्तर: उत्तीर्ण नवसाक्षरों को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।
प्रश्न 4: बीकानेर में परीक्षा की व्यवस्था कौन देख रहा है?
उत्तर: जिला साक्षरता एवं सतत शिक्षा कार्यालय के साथ जिला कलक्टर की अध्यक्षता वाली जिला निष्पादक समिति ने नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है, जो परीक्षा के दिन सुबह 9 से शाम 6 बजे तक सक्रिय रहेगा।