जयपुर, 4 अक्टूबर 2026। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि निकाय चुनावों में जो हुआ, वह राजस्थान के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि निकाय चुनाव में भाजपा ने पुलिस और प्रशासन का खुलेआम दुरुपयोग किया, और पंचायत चुनाव में जनता इसका जवाब देगी।
गहलोत का दावा है कि आने वाले पंचायती राज चुनावों में कांग्रेस भारी बहुमत से जीतेगी, क्योंकि ग्रामीण इलाकों में सरकार के खिलाफ भारी नाराजगी है।
“निकाय चुनाव में गुंडागर्दी, पुलिस के छापे”
गहलोत ने सबसे बड़ा आरोप निकाय चुनावों के संचालन को लेकर लगाया। उनका कहना था कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान पुलिस के छापे डलवाए गए और प्रशासन की मशीनरी का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने कहा कि बीते 60-70 वर्षों में किसी सरकार के दौर में ऐसे आरोप नहीं लगे।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले भी राजस्थान में भाजपा की सरकारें और भाजपा के मुख्यमंत्री रहे हैं, लेकिन पहली बार ऐसी स्थिति देखने को मिली। गहलोत के मुताबिक, निकाय चुनाव में जनता का अनुभव कटु रहा है, और अब पंचायत चुनाव में कांग्रेस “बड़ी कामयाबी हासिल करेगी”।
CM के ‘किसान 20-25 दिन काम करता है’ वाले बयान पर निशाना
प्रेस वार्ता का दूसरा बड़ा मुद्दा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का वह बयान रहा, जिसमें उन्होंने कहा था कि किसान केवल 20-25 दिन ही काम करता है। गहलोत ने इस बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि देश के अन्नदाता के बारे में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे व्यक्ति को ऐसी बात कहना शोभा नहीं देता।
“कड़ी मेहनत करने वाले किसानों के योगदान को इस तरह से कम आंकना ठीक नहीं है। जनता इन्हें सबक सिखाएगी,” गहलोत ने कहा। उनका दावा है कि इस बयान की किसानों में तीखी प्रतिक्रिया देखी जा रही है और किसान वर्ग आने वाले पंचायत चुनाव में सरकार को जवाब देगा।
चार चरणों के पंचायत चुनाव और चुनाव आयोग पर सवाल
गहलोत ने पंचायत चुनाव चार चरणों में कराए जाने के चुनाव आयोग के फैसले पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आयोग ने जो भी निर्णय लिया है, वह सोच-समझकर ही लिया होगा, लेकिन अगर यह फैसला सरकार की सलाह पर लिया गया है ताकि भाजपा को फायदा मिल सके, तो यह “बहुत बड़ा षड्यंत्र” होगा। “हम इस साजिश का मुकाबला करेंगे,” उन्होंने कहा।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी पहले पंचायती राज चुनाव में कांग्रेस की जीत का दावा कर चुके हैं।
“जनकल्याणकारी योजनाएं बंद या नाम बदल दिए”
गहलोत का एक और बड़ा आरोप यह था कि भाजपा सरकार ने कांग्रेस सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को या तो बंद कर दिया या उनके नाम बदल दिए। सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं पर भी उन्होंने चिंता जताई। उनका कहना था कि गरीब और वंचित वर्ग के लिए चलाई जा रही योजनाएं आम लोगों के जीवन से सीधे जुड़ी थीं, और उन्हें रोकना या नाम बदल देना जनता के साथ अन्याय है।
वोट चोरी का मुद्दा और मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना
गहलोत ने वोट चोरी के मुद्दे पर भी भाजपा और केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को राहुल गांधी ने करीब एक साल पहले ही उठाया था, लेकिन तब लोगों को विश्वास नहीं हुआ था। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के दो सदस्यों ने मुख्य चुनाव आयुक्त को 14 बार आगाह किया था, और अब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर युवा सड़कों पर हैं।
अकाल राहत पर सरकार को सलाह: “चारा, पानी, रोजगार की व्यवस्था पहले”
अकाल और सूखे को लेकर गहलोत ने राज्य सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग की। उनकी सलाह थी कि रोजगार, पेयजल और पशुओं के चारे की व्यवस्था के साथ-साथ प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए अभी से व्यापक आकस्मिक कार्य योजना (कंटीन्जेंसी प्लान) तैयार की जाए।
गहलोत ने याद दिलाया कि पहले अकाल के समय लोगों को रोजगार की गारंटी मिलती थी, लेकिन अब सब कुछ सरकार पर निर्भर है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बाड़मेर में राहत कार्यों की घोषणा करके आए थे, लेकिन तीन दिन बाद भी संबंधित आदेश जिला कलेक्टर तक नहीं पहुंचे। “अकाल जैसे गंभीर विषय में केवल घोषणाओं से काम नहीं चलेगा,” गहलोत ने कहा, और सुझाव दिया कि सरकार पहले किसानों का कर्ज माफ करे — उनकी सरकार ने 14,000 करोड़ रुपए के किसान कर्ज माफ किए थे।
एशियन गेम्स में 21 गोल्ड पर खिलाड़ियों को बधाई
प्रेस वार्ता के अंत में गहलोत ने एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों द्वारा 21 गोल्ड मेडल जीतने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि अब गोल्ड मेडल आ रहे हैं और खिलाड़ी ओलंपिक तक पहुंच रहे हैं, और याद दिलाया कि उनकी सरकार ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए उन्हें आउट ऑफ टर्न नौकरी दी थी।
गहलोत के प्रमुख दावों की झलक
- पंचायत चुनाव चार चरणों में होंगे
- विपक्ष में रहते हुए ढाई साल सड़कों पर संघर्ष किया
- 60-70 साल में किसी सरकार पर ऐसे आरोप नहीं लगे
- उनकी सरकार ने 14,000 करोड़ रुपए के किसान कर्ज माफ किए थे
- बाड़मेर की राहत घोषणा के 3 दिन बाद भी कलेक्टर तक आदेश नहीं पहुंचे
- एशियन गेम्स में भारत ने 21 गोल्ड मेडल जीते
- वोट चोरी पर आयोग के 2 सदस्यों ने CEC को 14 बार आगाह किया
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवाल: अशोक गहलोत ने 4 अक्टूबर को क्या मुख्य आरोप लगाए?
जवाब: गहलोत ने आरोप लगाया कि निकाय चुनाव में भाजपा ने खुली गुंडागर्दी की, पुलिस के छापे डलवाए और प्रशासन का दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में जनता इसका जवाब देगी।
सवाल: मुख्यमंत्री के किस बयान पर गहलोत ने निशाना साधा?
जवाब: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि किसान केवल 20-25 दिन ही काम करता है। गहलोत ने कहा कि अन्नदाता के बारे में ऐसी बात कहना गलत है।
सवाल: पंचायत चुनाव कितने चरणों में होंगे?
जवाब: राजस्थान में पंचायती राज चुनाव चार चरणों में कराए जाएंगे। गहलोत ने कहा कि अगर चुनाव आयोग का यह फैसला सरकार की सलाह पर हुआ है तो यह षड्यंत्र होगा।
सवाल: वोट चोरी के मुद्दे पर गहलोत ने क्या कहा?
जवाब: गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी ने करीब एक साल पहले वोट चोरी के मुद्दे पर आगाह किया था, और अब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर युवा सड़कों पर हैं।
*स्रोत: ETV Bharat (4 अक्टूबर 2026), नवभारत टाइम्स (4 अक्टूबर 2026)*