अजमेर में RAC जवान की स्ट्रांग रूम ड्यूटी पर मौत: 15 मिनट में क्या-क्या हुआ

अजमेर RAC जवान मौत की इस खबर ने सोमवार शाम पूरे पुलिस महकमे को हिला दिया। अजमेर के राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में पंचायत चुनाव की ईवीएम की रखवाली कर रहे राजस्थान आर्म्ड कांस्टेबुलरी के जवान नरेंद्र गोदारा ड्यूटी पर पहुंचे, और महज पंद्रह मिनट बाद उनकी सर्विस राइफल से चली गोली ने उनकी जान ले ली। 31 साल के नरेंद्र 2018 बैच के जवान थे। उनके पीछे पत्नी — जो खुद अजमेर पुलिस में कांस्टेबल हैं — और एक साल की बेटी रह गई हैं। परिवार ने पांच दिन पहले ही नई कार खरीदी थी।

15 मिनट का घटनाक्रम: ड्यूटी से मौत तक

सोमवार शाम की घटना का क्रम कुछ यूं रहा:

समय (लगभग) क्या हुआ
शाम 5:00 बजे नरेंद्र गोदारा पॉलीटेक्निक कॉलेज, अजमेर में ड्यूटी पर पहुंचे — यहां पंचायत चुनाव की ईवीएम स्ट्रांग रूम में रखी हैं
शाम 5:15–5:30 बजे गोली चलने की तेज आवाज सुनाई दी
तुरंत बाद पास के दूसरे स्ट्रांग रूम में तैनात जवान मौके पर पहुंचा — नरेंद्र जमीन पर पड़े थे, सर्विस राइफल बगल में थी
कुछ ही मिनटों में अधिकारियों को सूचना मिली, आदर्श नगर थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे

गोली जवान की ठोड़ी में लगी और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। शव को एंबुलेंस से जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) अस्पताल, अजमेर की मोर्चरी में रखवाया गया, जहां मंगलवार को पोस्टमार्टम कराया जाना प्रस्तावित था।

अजमेर RAC जवान मौत की जांच: पुलिस के सामने तीन बड़े सवाल

अजमेर के पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के मुताबिक जवान की मौत गोली लगने से हुई है, लेकिन गोली किन परिस्थितियों में चली — अजमेर RAC जवान मौत मामले की इसी गुत्थी को सुलझाने में पुलिस जुटी है। आदर्श नगर थाना पुलिस और एएसपी (शहर) हिमांशु जांगिड़ मौके पर पहुंचे और साक्ष्य जुटाए। जांच के केंद्र में तीन सवाल हैं:

पहला — गोली हादसे में चली या खुद चलाई गई? शुरुआती जानकारी में दोनों संभावनाओं का जिक्र है, लेकिन पुलिस का कहना है कि परिस्थितियां अभी स्पष्ट नहीं हैं और किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

दूसरा — मौके से क्या साक्ष्य मिले? घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। सर्विस राइफल की स्थिति, गोली लगने का कोण और आसपास के हालात से जांच आगे बढ़ेगी।

तीसरा — ड्यूटी से ठीक पहले जवान की स्थिति कैसी थी? साथी जवानों और परिजनों से पूछताछ में यह पहलू भी सामने आएगा। पुलिस के मुताबिक जांच और पोस्टमार्टम के निष्कर्ष आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी, इसलिए अटकलों से बचना जरूरी है।

कौन थे नरेंद्र गोदारा: पत्नी, बेटी और नई शुरुआत का सपना

नरेंद्र गोदारा का परिवार मूल रूप से मेड़ता रोड क्षेत्र का रहने वाला है। उनकी पत्नी अजमेर पुलिस में ही कांस्टेबल हैं — घर में दोनों वर्दीधारी थे। उनका एक भाई ग्वालियर में एयरफोर्स में है, पिता का पहले निधन हो चुका था, और एक साल की बेटी है। करीब एक महीने पहले ही दंपती ने पुलिस लाइन के पास भोपों का बाड़ा क्षेत्र में किराए पर कमरा लिया था, और पांच दिन पहले नई कार खरीदी थी। अजमेर RAC जवान मौत की खबर से परिवार और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई।

स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था आखिर होती क्या है?

चुनावी स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में जवानों की ड्यूटी क्यों और कैसे लगती है, यह समझना जरूरी है। पंचायत चुनाव के मद्देनजर ईवीएम मशीनों को स्ट्रांग रूम में सील करके रखा जाता है, और मतगणना तक इनकी चौबीसों घंटे निगरानी होती है। अजमेर में इसके लिए पॉलीटेक्निक कॉलेज चुना गया था, जहां पुलिसकर्मियों के साथ RAC जवान शिफ्टों में ड्यूटी देते हैं और उनके पास सर्विस हथियार रहते हैं, क्योंकि यह बेहद संवेदनशील जिम्मेदारी मानी जाती है।

यही वजह है कि अजमेर RAC जवान मौत का मामला सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मसला भी बन गया है। हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि घटना और चुनावी सुरक्षा व्यवस्था के बीच किसी अन्य संबंध की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

वर्दी के पीछे का दबाव: वह पहलू जिस पर बात कम होती है

पुलिस और अर्धसैनिक बलों में तैनात जवानों की ड्यूटी आसान नहीं होती — लंबी शिफ्टें, घर से दूरी और हर वक्त सतर्क रहने का दबाव। अजमेर RAC जवान मौत जैसी घटनाएं यह सवाल खड़ा करती हैं कि जवानों के मानसिक स्वास्थ्य पर कितना ध्यान दिया जाता है। राजस्थान पुलिस समेत देशभर के बलों में काउंसलिंग और वेलफेयर योजनाएं चलती हैं, मगर जमीनी स्तर पर इनकी पहुंच हर जवान तक हो — यह अभी भी चुनौती है।

अगर आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव से जूझ रहा है, तो मदद मांगने में संकोच न करें। केंद्र सरकार की किरण मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन (टोल-फ्री: 1800-599-0019) पर चौबीसों घंटे हिंदी समेत कई भाषाओं में मुफ्त परामर्श उपलब्ध है।

अजमेर RAC जवान मौत मामले में आगे क्या होगा?

अब सबकी नजरें अजमेर पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं। इन्हीं से साफ होगा कि 19 अक्टूबर की शाम पॉलीटेक्निक कॉलेज के स्ट्रांग रूम परिसर में आखिर क्या हुआ था। 31 साल के एक युवा जवान की मौत ने एक परिवार को तोड़ दिया है — और इस घटना से सबक लेकर जवानों की सुरक्षा व कल्याण व्यवस्था को और मजबूत करना समय की मांग है। (अधिक जानकारी के लिए राजस्थान पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है।)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: अजमेर RAC जवान मौत की घटना कब और कहां हुई?

उत्तर: सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 5:15 से 5:30 बजे के बीच अजमेर के राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में, जहां पंचायत चुनाव की ईवीएम स्ट्रांग रूम में रखी हैं।

प्रश्न 2: मृतक जवान कौन थे?

उत्तर: नरेंद्र गोदारा (31 वर्ष), 2018 बैच के RAC जवान, टोंक में तैनात थे। उनकी ड्यूटी ईवीएम स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में लगी थी।

प्रश्न 3: क्या यह आत्महत्या का मामला है?

उत्तर: अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। अजमेर पुलिस के मुताबिक गोली किन परिस्थितियों में चली — इसकी जांच जारी है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

प्रश्न 4: पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है?

उत्तर: आदर्श नगर थाना पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं, शव जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में है और अजमेर RAC जवान मौत मामले की हर पहलू से जांच जारी है।

नोट: यह मामला जांच के दायरे में है। पुलिस की आधिकारिक पुष्टि से पहले किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें और अटकलों से बचें।

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