अजमेर नसीराबाद डकैती: फर्जी आयकर अफसर बनकर 3 करोड़ के गहने लूटे, पुलिस ने 3 घंटे में पकड़े 6 बदमाश

अजमेर नसीराबाद डकैती की इस सनसनीखेज वारदात ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जुर्म के तरीके कितने चालाक हो चुके हैं — लेकिन राजस्थान पुलिस भी उतनी ही तेज। शुक्रवार सुबह एक ट्रांसपोर्ट व्यवसायी के घर घुसे बदमाशों ने खुद को आयकर विभाग का अधिकारी बताया, तलाशी के नाम पर लॉकर से करीब 3 करोड़ रुपये के सोने-चांदी के गहने समेटे और फरार हो गए। लेकिन खबर की सबसे बड़ी बात यह रही कि अजमेर पुलिस ने महज तीन घंटे के भीतर वारदात का खुलासा कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस खुलासे में जो सबसे चौंकाने वाला पहलू सामने आया, वह यह कि पूरी साजिश का मास्टरमाइंड पीड़ित परिवार का पुराना नौकर निकला।

अजमेर नसीराबाद डकैती का खुलासा: महज 3 घंटे में पुलिस की बड़ी कामयाबी

डकैती की रिपोर्ट मिलते ही अजमेर पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने तत्काल विशेष टीमें गठित कीं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञानेंद्र भारती, राजेश मील, लक्ष्मणराम और पुलिस उपाधीक्षक शिवम जोशी के मार्गदर्शन में कई टीमों को एक साथ लगाया गया। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए और मुखबिरों का जाल बिछाया गया। नतीजा — वारदात के करीब तीन घंटे बाद ही 6 आरोपियों को दबोच लिया गया।

कार्रवाई में नसीराबाद सिटी, कृष्णागंज, पुष्कर और नसीराबाद सदर थानों के प्रभारियों के साथ जिला साइबर सेल और स्पेशल टीम शामिल रही। गिरफ्तार आरोपियों में देवेंद्र (33), संजय रावत, रविकांत उर्फ रवि (40), अमित (26), तारू (39) और देवा उर्फ देवेंद्र सिंह रावत (20) हैं। पुलिस के मुताबिक देवेंद्र गिरोह का मास्टरमाइंड है; शेष आरोपियों की पहचान न बिगड़े, इसलिए गिरफ्तार साथियों को फिलहाल बापर्दा रखा गया है।

कैसे रची गई साजिश: पुराना नौकर बना मास्टरमाइंड

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि अजमेर नसीराबाद डकैती की साजिश करीब एक महीने पहले रची गई थी। मास्टरमाइंड देवेंद्र कभी पीड़ित के घर का नौकर रह चुका था — उसी दौरान उसने लॉकर, गहनों और परिवार की दिनचर्या की पूरी जानकारी जुटा ली थी। वह जानता था कि घर में भारी मात्रा में गहने हैं और “आयकर अधिकारी” बनकर घुसने पर परिवार आसानी से विश्वास कर लेगा। पुलिस अब यह भी जांच रही है कि गिरोह ने इससे पहले कहीं और इसी तरह की वारदात की थी या नहीं।

वारदात का पूरा घटनाक्रम: सुबह 11:30 बजे स्कॉर्पियो से आए 9-10 लोग

पीड़ित कार्तिक माहेश्वरी ने नसीराबाद सदर थाने में बताया कि अजमेर नसीराबाद डकैती की वारदात शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे हुई — “भारत सरकार” लिखी काली स्कॉर्पियो से 9-10 लोग घर पहुंचे। प्रशासनिक हुलिए में आए इन लोगों ने खुद को आयकर विभाग का अधिकारी बताकर छापेमारी की बात कही और परिवार को एक जगह बैठा दिया। तलाशी के बहाने वे लॉकर तक पहुंचे, सोने-चांदी के गहने बैग में भरे और परिवार के मोबाइल फोन भी छीन लिए ताकि कोई पुलिस को सूचना न दे सके। गहनों की कीमत करीब 3 करोड़ रुपये बताई गई है।

वारदात की टाइमलाइन

समय घटना
शुक्रवार सुबह ~11:30 बजे “भारत सरकार” लिखी काली स्कॉर्पियो से 9-10 लोग घर पहुंचे
11:35 बजे के आसपास खुद को IT अधिकारी बताकर परिवार को एक जगह बैठाया
11:45-12:00 बजे लॉकर से ~3 करोड़ के गहने बैग में भरे, मोबाइल छीने, फरार
दोपहर ~12:30 बजे नसीराबाद सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज
दोपहर ~3:30 बजे तक विशेष टीमों ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया

लूटा गया माल कहां: बरामदगी की जंग जारी

पुलिस अब लूटे गए गहनों की बरामदगी और गिरोह के बाकी 3-4 सदस्यों की तलाश में जुटी है। एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि आरोपी सुनियोजित तरीके से आए थे और हर बिंदु पर जांच जारी है। यह उल्लेखनीय है कि राजस्थान पुलिस की सक्रियता हाल में लगातार सुर्खियों में है — चाहे वह एसीबी की रिश्वतखोरी के खिलाफ कार्रवाई हो या पुलिस का बड़ा मेगा-रेड अभियान।

फर्जी छापेमारी से बचने के जरूरी उपाय (अजमेर नसीराबाद डकैती से सबक)

  • पहचान पत्र जरूर मांगें: असली आयकर अधिकारी हमेशा सरकारी पहचान पत्र दिखाते हैं; संदेह हो तो हेल्पलाइन पर सत्यापन करें।
  • तुरंत 100/112 पर कॉल करें: असली छापा टीम को स्थानीय पुलिस को सूचित करना होता है; फोन छीनना फर्जी गिरोह की सबसे बड़ी पहचान है।
  • घरेलू कर्मचारियों से सतर्कता: घर के नौकरों को कीमती सामान की जानकारी सीमित रखें और उनका पुलिस सत्यापन जरूर कराएं।

अजमेर नसीराबाद डकैती से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

सवाल: अजमेर के नसीराबाद में कितने रुपये की डकैती हुई?

जवाब: पीड़ित के मुताबिक करीब 3 करोड़ रुपये के सोने-चांदी के गहने लूटे गए। बदमाश फर्जी आयकर अधिकारी बनकर घर में घुसे थे।

सवाल: पुलिस ने कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया?

जवाब: वारदात के करीब 3 घंटे के भीतर पुलिस ने 6 आरोपियों — देवेंद्र, संजय रावत, रविकांत उर्फ रवि, अमित, तारू और देवा उर्फ देवेंद्र सिंह रावत — को गिरफ्तार कर लिया।

सवाल: डकैती का मास्टरमाइंड कौन निकला?

जवाब: पुलिस के मुताबिक देवेंद्र इस गिरोह का मास्टरमाइंड है, जो कभी पीड़ित परिवार के घर का नौकर रह चुका था। उसने एक महीने पहले अपने साथियों के साथ साजिश रची थी।

सवाल: क्या लूटे गए गहने बरामद हो गए?

जवाब: अभी तक बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गहनों की बरामदगी और शेष आरोपियों की तलाश में जुटी है।

अजमेर नसीराबाद डकैती की यह वारदात एक ओर अपराधियों की चालाकी दिखाती है, तो दूसरी ओर पुलिस की मुस्तैदी भी। 3 घंटे में 6 गिरफ्तारियां इस बात का प्रमाण हैं कि त्वरित सूचना और समन्वित कार्रवाई अपराध को जड़ से रोक सकती है। पुलिस अब गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी है और उम्मीद है कि जल्द ही पूरा माल बरामद होगा।

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