बाड़मेर. राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बुधवार 30 सितंबर को बाड़मेर पहुंचे और यहां जोधपुर संभाग के 8 जिलों के लिए करीब 1,013 विकास परियोजनाओं की घोषणा की। इन परियोजनाओं की कुल लागत लगभग ₹2,700 करोड़ बताई जा रही है। यह सात महीनों के बाद सीएम की बाड़मेर यात्रा है और इसे पंचायत चुनावों से पहले BJP का सबसे बड़ा दांव माना जा रहा है।
बच्छड़ाऊ गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में आयोजित विशाल जनसभा में मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से परियोजनाओं के पट्टिकाओं का अनावरण किया। इस दौरान सड़क, पानी, बिजली और सरकारी भवनों से जुड़ी सैकड़ों परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण किए गए।
1,013 परियोजनाएं, 8 जिले: कितना बड़ा है यह ऐलान?
मुख्यमंत्री की ओर से घोषित परियोजनाओं का दायरा काफी बड़ा है। जोधपुर संभाग के सभी 8 जिलों — बाड़मेर, बालोतरा, जोधपुर, जैसलमेर, जालोर, पाली, सिरोही और फलोदी — में विकास कार्यों की घोषणा की गई। खास बात यह है कि करीब 1,000 परियोजनाएं सिर्फ बाड़मेर जिले में ही स्थित हैं, यानी इस पूरी घोषणा का सबसे बड़ा हिस्सा बाड़मेर को मिला है।
प्रशासन के मुताबिक बच्छड़ाऊ में हुई जनसभा में सीएम ने सड़क, जलापूर्ति, बिजली और सरकारी भवनों से जुड़े कार्यों की आधारशिला रखी और कई पूरे हो चुके कार्यों का लोकार्पण भी किया।
16 PWD सड़क परियोजनाएं: ₹129 करोड़ का निवेश
इस पूरे पैकेज में सड़कों पर खास जोर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की 16 परियोजनाओं के शिलान्यास किए गए, जिनकी कुल लागत ₹129 करोड़ है। इनमें से अधिकतर सड़क निर्माण और चौड़ीकरण के कार्य हैं:
| सड़क परियोजना | लागत (₹ करोड़ में) |
|---|---|
| सानवादा से धर्मपुरा मेहलू (NH-68) — चौड़ीकरण | 21.00 |
| उदासर से नोखड़ा | 20.00 |
| बच्छड़ाऊ से चौहटन वाया लीलसर | 12.00 |
| NH-68 से हरचंद की प्याऊ वाया सेंट पॉल स्कूल | 11.00 |
| NH-68 से भगवती ग्रीन टाउनशिप | 11.00 (लगभग) |
| कावास-भीमड़ा और बटाडू-उंदू | 8.40 |
| शिव से कोटड़ा | 4.00 |
| NH-68 बलदेव नगर से यलो वाटर टैंक | 3.50 |
बाड़मेर जैसे रेगिस्तानी इलाके में सड़कों की स्थिति सीधे तौर पर किसानों, व्यापारियों और आम यात्रियों की जिंदगी से जुड़ी है। बरसात के बाद टूटी सड़कों की शिकायतें पश्चिमी राजस्थान में आम रही हैं, इसलिए इन सड़क परियोजनाओं को जमीन पर पूरा होते देखने का इंतजार स्थानीय लोग जरूर करेंगे।
बच्छड़ाऊ का चुनाव: क्यों इसी गांव को चुना गया?
बच्छड़ाऊ का चयन रैली स्थल के रूप में कोई संयोग नहीं है। यह गांव तीन विधानसभा क्षेत्रों — चौहटन, शिव, बाड़मेर, गुड़ामालानी और बायतू — के केंद्र में पड़ता है और इसके 8 से 10 किलोमीटर के दायरे में तीन नई बनाई गई पंचायत समितियां स्थित हैं। यानी एक ही जनसभा से तीन विधानसभा क्षेत्रों और तीन पंचायत समितियों के मतदाताओं तक सीधी पहुंच बन जाती है।
BJP ने इस रैली के लिए करीब 12,000 लोगों को जुटाया। भीड़ में चौहटन, शिव, बाड़मेर, गुड़ामालानी और बायतू विधानसभा क्षेत्रों से कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शिलान्यास-लोकार्पण के इस कार्यक्रम के जरिए सरकार ने ग्रामीण वोटरों को यह संदेश दिया कि बजट में घोषित योजनाएं जमीन पर उतर रही हैं।
सीएम का पूरे दिन का कार्यक्रम: बाड़मेर से जोधपुर तक
मुख्यमंत्री का यह दौरा सिर्फ बच्छड़ाऊ तक सीमित नहीं था, बल्कि जोधपुर संभाग के सभी 8 जिलों को कवर करने वाला पूरे दिन का कार्यक्रम था:
– सुबह 10:30 बजे — जयपुर एयरपोर्ट से रवाना
– सुबह 11:30 बजे — उत्तरलाई एयरपोर्ट (बाड़मेर) पहुंचे
– दोपहर 12 से 1 बजे — बच्छड़ाऊ में जनसभा और विकास कार्यों का अनावरण
– दोपहर 2 बजे तक — जैसलमेर, बाड़मेर और बालोतरा के कार्यकर्ताओं से संवाद
– दोपहर 3:10 से 5:10 बजे — सुमेरपुर (पाली) के टाउन हॉल में पाली, जालोर और सिरोही के कार्यकर्ताओं से बैठक
– शाम — जोधपुर के मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर में जोधपुर और फलोदी जिलों के कार्यकर्ताओं से मुलाकात
– रात 7:55 बजे — जोधपुर एयरपोर्ट से प्रस्थान
इससे एक दिन पहले (मंगलवार को) बाड़मेर कलेक्टर चिन्मयी गोपाल और पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट ने कार्यक्रम स्थल की तैयारियों का निरीक्षण किया था।
पंचायत चुनावों से कनेक्शन: घोषणा या चुनावी रणनीति?
इस दौरे का राजनीतिक संदर्भ नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। राज्य में नगरीय निकाय चुनावों के बाद अब पंचायत राज चुनावों की आहट है और BJP इन चुनावों में दो-तिहाई से ज्यादा निकायों में बोर्ड बनाने की सफलता को ग्रामीण इलाकों में दोहराना चाहती है।
विश्लेषकों के मुताबिक, बच्छड़ाऊ जैसे गांव का चुनाव, 12,000 लोगों की जुटान और शिलान्यासों की झड़ी — यह सब पंचायत चुनावों के अभियान का ही हिस्सा है। सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि यह विकास की गति दिखाने का कार्यक्रम है, जबकि विपक्षी कांग्रेस इसे चुनावी घोषणा करार देती रही है। सवाल यह है कि शिलान्यास से शिलान्यास तक की दूरी कितनी जल्दी तय होगी — यानी ये 1,013 परियोजनाएं जमीन पर कितनी तेजी से पूरी होंगी।
आम आदमी के नजरिए से देखें तो सबसे अहम बात यह है कि बाड़मेर और जोधपुर संभाग के ग्रामीण इलाकों में सड़क, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं पर ₹2,700 करोड़ का निवेश वास्तव में पहुंचता है या नहीं। शिलान्यास तो हो गया, अब निगाहें क्रियान्वयन पर हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बाड़मेर में कितने करोड़ की परियोजनाओं की घोषणा की?
मुख्यमंत्री ने जोधपुर संभाग के 8 जिलों के लिए लगभग ₹2,700 करोड़ की 1,013 विकास परियोजनाओं की घोषणा की। इनमें से करीब 1,000 परियोजनाएं सिर्फ बाड़मेर जिले में हैं।
Q2. कौन-कौन से जिले इस घोषणा में शामिल हैं?
बाड़मेर, बालोतरा, जोधपुर, जैसलमेर, जालोर, पाली, सिरोही और फलोदी — जोधपुर संभाग के सभी 8 जिले।
Q3. PWD की सड़क परियोजनाओं में क्या-क्या शामिल है?
16 PWD परियोजनाओं (₹129 करोड़) के शिलान्यास किए गए, जिनमें सानवादा-धर्मपुरा मेहलू (NH-68) सड़क का ₹21 करोड़ से चौड़ीकरण, उदासर-नोखड़ा ₹20 करोड़, बच्छड़ाऊ-चौहटन वाया लीलसर ₹12 करोड़ और कई अन्य सड़क कार्य शामिल हैं।
Q4. यह दौरा पंचायत चुनावों से कैसे जुड़ा है?
यह दौरा पंचायत राज चुनावों से पहले BJP के ग्रामीण अभियान की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। बच्छड़ाऊ तीन विधानसभा क्षेत्रों और तीन नई पंचायत समितियों के केंद्र में है, इसलिए इस स्थान का चुनाव रणनीतिक माना जा रहा है।
डिस्क्लेमर: यह लेख विभिन्न समाचार स्रोतों से प्राप्त सार्वजनिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। परियोजनाओं की राशि और संख्या की आधिकारिक पुष्टि राज्य सरकार के आदेशों/विज्ञप्तियों से की जानी चाहिए।