आज यानी 30 सितंबर 2026 की तारीख राजस्थान के हर उस घर के लिए बेहद अहम है, जहां रसोई में एलपीजी सिलेंडर जलता है। प्रदेश के करीब 1.85 करोड़ सक्रिय घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी पूरी करने की अंतिम समयसीमा आज खत्म हो रही है। सार्वजनिक क्षेत्र की तीनों बड़ी तेल विपणन कंपनियों — इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम — ने साफ कर दिया है कि जिन उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी लंबित रहेगी, उन्हें आगे से सब्सिडी वाले सिलेंडर की रिफिल लेने में दिक्कत आ सकती है।
सीधे शब्दों में कहें तो अगर आपने आज के भीतर अपने गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी नहीं कराई, तो आने वाले महीनों में आपको सिलेंडर बिना सब्सिडी के लेना पड़ सकता है। रसोई के बजट पर इसका सीधा असर पड़ेगा। अच्छी बात यह है कि यह प्रक्रिया घर बैठे मोबाइल से भी पूरी की जा सकती है।
क्यों इतनी जरूरी हो गई है ई-केवाईसी
तेल कंपनियां लंबे समय से अपने उपभोक्ता रिकॉर्ड को साफ-सुथरा करना चाह रही हैं। प्रदेशभर में बड़ी संख्या में ऐसे एलपीजी कनेक्शन मिले हैं, जिनके धारक अब इस दुनिया में नहीं हैं, या परिवार दूसरे शहर में शिफ्ट हो चुका है, लेकिन रिकॉर्ड में पुराना पता और पुराना मोबाइल नंबर ही दर्ज है। ई-केवाईसी का मकसद यही है — आधार के जरिए यह पक्का करना कि सिलेंडर और सब्सिडी सही हाथों तक पहुंच रही है। एक बार ई-केवाईसी हो जाने के बाद सब्सिडी की राशि सीधे आपके बैंक खाते में आती रहेगी।
किन उपभोक्ताओं पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा
सबसे ज्यादा परेशानी उन उपभोक्ताओं को हो सकती है, जिन्होंने बरसों से अपने रिकॉर्ड अपडेट नहीं कराए: (1) मृतक के नाम पर चल रहा कनेक्शन — ऐसे कनेक्शन को समय रहते परिवार के किसी दूसरे जीवित सदस्य के नाम ट्रांसफर करा लेना चाहिए। (2) पुराना मोबाइल नंबर — आधार से लिंक नंबर बदल गया है और रिकॉर्ड में अभी भी पुराना नंबर दर्ज है, तो ओटीपी वेरिफिकेशन में अड़चन आएगी। (3) पता बदल चुका है — परिवार दूसरे शहर शिफ्ट हो गया, लेकिन कनेक्शन पुराने पते पर दर्ज है। तेल कंपनियों ने सलाह दी है कि ऐसे मामलों में आज ही अपनी एजेंसी से संपर्क करके रिकॉर्ड दुरुस्त करवा लें, ताकि सब्सिडी वाली रिफिल की आपूर्ति बाधित न हो।
घर बैठे मोबाइल से ऐसे पूरी करें ई-केवाईसी
अंतिम दिन होने की वजह से गैस एजेंसियों पर भीड़ बढ़ने की पूरी संभावना है। इससे बचने के लिए आप घर बैठे ऑनलाइन यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं: सबसे पहले अपनी गैस कंपनी — इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम या हिंदुस्तान पेट्रोलियम — की आधिकारिक वेबसाइट खोलें या उसका मोबाइल ऐप डाउनलोड करें। फिर एलपीजी कनेक्शन से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के जरिए पोर्टल पर लॉगिन करें। मेनू में ‘KYC’ या ‘e-KYC’ का विकल्प चुनें और आधार सत्यापन शुरू करें। आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को दर्ज करें — कुछ मामलों में फेस वेरिफिकेशन का विकल्प भी मिलता है। वेरिफिकेशन पूरा होते ही ई-केवाईसी सबमिट हो जाएगी। पूरी प्रक्रिया में मुश्किल से पांच से दस मिनट लगते हैं। सबमिट करने के बाद मिलने वाले पुष्टि संदेश को संभालकर रखें।
गैस एजेंसी जाकर भी करा सकते हैं
अगर स्मार्टफोन नहीं है या ऑनलाइन प्रक्रिया में दिक्कत आ रही है, तो अपनी गैस एजेंसी या डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाकर भी ई-केवाईसी करा सकते हैं। साथ में आधार कार्ड, गैस कनेक्शन की पासबुक या कंज्यूमर नंबर और आधार से लिंक सक्रिय मोबाइल नंबर जरूर ले जाएं। एजेंसी पर बायोमेट्रिक मशीन से अंगूठा लगवाकर सत्यापन हो जाएगा। आज आखिरी दिन होने से लंबी कतारें लग सकती हैं, इसलिए जितनी जल्दी हो सके पहुंचें।
तीनों कंपनियों की ई-केवाईसी सुविधा एक नजर में
इंडियन ऑयल (Indane): आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप से कंज्यूमर नंबर द्वारा लॉगिन करके ओटीपी आधारित सत्यापन। भारत पेट्रोलियम (Bharatgas): HelloBPCL ऐप या वेबसाइट के जरिए, फेस वेरिफिकेशन का विकल्प भी उपलब्ध। हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HP Gas): आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप से आधार-ओटीपी द्वारा त्वरित ई-केवाईसी। तीनों कंपनियों ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर भी अपील की है कि 1 अक्टूबर से पहले ई-केवाईसी जरूर पूरी कर लें, ताकि लागू सब्सिडी के साथ घरेलू एलपीजी रिफिल नियंत्रित खुदरा मूल्य पर मिलती रहे।
ई-केवाईसी न कराने पर क्या होगा
ई-केवाईसी लंबित रहने की स्थिति में सब्सिडी वाली रिफिल की सुविधा प्रभावित हो सकती है। इसका मतलब है कि आपको सिलेंडर बाजार मूल्य पर, यानी बिना सब्सिडी के लेना पड़ सकता है। सब्सिडी और गैर-सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत में हर महीने सैकड़ों रुपये का अंतर होता है, जो साल भर में हजारों रुपये का बोझ बन जाता है। असत्यापित कनेक्शन को लेकर कंपनियां आगे चलकर अतिरिक्त जांच भी कर सकती हैं।
उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए खास सलाह
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त कनेक्शन पाने वाले परिवारों के लिए यह प्रक्रिया और भी अहम है, क्योंकि उनकी सब्सिडी सीधे बैंक खाते में आती है। अगर बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है या निष्क्रिय हो गया है, तो ई-केवाईसी के साथ-साथ खाते की स्थिति भी जांच लें। इस बारे में डिस्ट्रीब्यूटर से जरूर पूछें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवाल 1: एलपीजी ई-केवाईसी की अंतिम तारीख क्या है? जवाब: राजस्थान के घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 है। इसके बाद सब्सिडी वाली रिफिल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
सवाल 2: क्या ई-केवाईसी के लिए गैस एजेंसी जाना जरूरी है? जवाब: नहीं। गैस कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप से घर बैठे भी ई-केवाईसी हो सकती है। सिर्फ आधार से लिंक मोबाइल नंबर और ओटीपी की जरूरत होती है।
सवाल 3: अगर आधार से लिंक मोबाइल नंबर बंद हो गया है तो क्या करें? जवाब: ऑनलाइन ओटीपी वेरिफिकेशन संभव नहीं होगा। गैस एजेंसी या डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन कराएं। आधार कार्ड और कनेक्शन की पासबुक साथ ले जाएं।
सवाल 4: मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरी ई-केवाईसी हो गई है या नहीं? जवाब: गैस कंपनी के ऐप या वेबसाइट पर लॉगिन करके केवाईसी स्टेटस देख सकते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने पर पुष्टि संदेश भी मिलता है। संदेह हो तो डिस्ट्रीब्यूटर से पूछताछ करें।
संक्षेप में, आज का दिन राजस्थान के 1.85 करोड़ एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए ‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ वाला है। पांच मिनट का यह काम आपकी हर महीने की सब्सिडी बचाएगा। अगर आपने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है, तो मोबाइल उठाइए और प्रक्रिया आज ही पूरी कर लीजिए।