Ranthambore Safari 2026: 1 अक्टूबर से खुलेंगे रणथंभौर के दरवाजे — जिप्सी-कैंटर का किराया, नए नियम और बुकिंग की पूरी जानकारी

देश के सबसे मशहूर टाइगर रिजर्व में से एक रणथंभौर के लिए बड़ी खबर है। मानसून की तीन महीने की छुट्टी के बाद सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर टाइगर रिजर्व में 1 अक्टूबर से नया पर्यटन सीजन शुरू होने जा रहा है। वन विभाग ने रास्तों की मरम्मत से लेकर गाइडों के प्रशिक्षण तक हर मोर्चे पर तैयारियां पूरी कर ली हैं — और इस बार नियम तोड़ने वालों पर पहले से कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

1 अक्टूबर से शुरू होगा नया पर्यटन सत्र

रणथंभौर में मानसून के दौरान मुख्य जोन 1 से 5 तक पर्यटन गतिविधियां करीब तीन महीने के लिए बंद रहती हैं — बारिश से खराब रास्तों की मरम्मत और जंगली जानवरों को प्रजनन का शांतिपूर्ण समय देने के लिए। अब नए पर्यटन सत्र के साथ ही इन सभी जोन में सफारी गतिविधियां फिर से शुरू होंगी।

वन विभाग के मुताबिक, बारिश से खराब हुए पर्यटन मार्गों की मरम्मत पूरी हो चुकी है और नेचर गाइडों को नए सिरे से प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि पर्यटकों को बेहतर सफारी अनुभव मिल सके। रणथंभौर के सीसीएफ (मुख्य वन संरक्षक) शारदा प्रताप सिंह ने बताया कि नए पर्यटन सत्र के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं — विभाग का जोर पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर रहेगा।

रणथंभौर सफारी का किराया कितना है?

नए सीजन में पर्यटक जिप्सी और कैंटर — दोनों तरह के वाहनों से सफारी कर सकेंगे। वन विभाग के अनुसार, दोनों वाहनों की पूरी बुकिंग के लिए किराया अलग-अलग तय है। पर्यटक अपनी सुविधा और बजट के अनुसार जिप्सी या कैंटर में से कोई भी विकल्प चुन सकते हैं। खास बात यह है कि इस बार कैंटर से सफारी करने वाले पर्यटकों को सीट नंबर आवंटित किए जाएंगे, ताकि बैठने की व्यवस्था को लेकर किसी तरह की परेशानी न हो।

सफारी किराए की पूरी सूची

सफारी वाहन पूरे वाहन का किराया प्रति पर्यटक प्रति सीट
जिप्सी ₹9,000 ₹1,600
कैंटर ₹18,000 ₹900

जिप्सी में कम लोग बैठते हैं, इसलिए छोटा परिवार या दोस्तों का समूह इसके लिए उपयुक्त रहता है, जबकि कैंटर बड़े समूहों के लिए बजट-फ्रेंडली विकल्प है। ध्यान रहे, यह किराया सीजन के हिसाब से तय होता है और बुकिंग करते समय आधिकारिक पोर्टल पर ताजा दर जरूर जांच लें।

एक दिन में 280 वाहन जाएंगे सफारी पर

रणथंभौर में फिलहाल 10 पर्यटन जोन हैं, जहां सफारी गतिविधियां संचालित होती हैं। वन विभाग के अनुसार, एक पारी में 140 पर्यटक वाहन सफारी पर जाते हैं। दिन में दो पारियां (सुबह और दोपहर) होती हैं, यानी रोजाना कुल 280 वाहन जंगल के भीतर प्रवेश कर सकेंगे।

इसके बावजूद रणथंभौर की लोकप्रियता इतनी है कि पीक सीजन में कई पर्यटकों को सफारी का मौका नहीं मिल पाता — त्योहारों और छुट्टियों में बुकिंग हफ्तों पहले फुल हो जाती है। इसी समस्या को देखते हुए वन प्रशासन ने दो नए जोन शुरू करने के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और उच्च अधिकारियों से अनुमति मांगी है।

नेचर गाइड एसोसिएशन रणथंभौर के अध्यक्ष यादवेंद्र सिंह के मुताबिक, पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दो-तीन नए जोन शुरू करने की मांग उठाई गई है, ताकि अधिक से अधिक पर्यटकों को सफारी का अवसर मिल सके। सीसीएफ शारदा प्रताप सिंह के अनुसार, फिलहाल नए जोन की अनुमति नहीं मिली है, लेकिन मंजूरी मिलने पर सफारी वाहनों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी।

गाइडों का इंटरव्यू, नियम तोड़ने वालों पर सख्ती

इस बार वन विभाग ने सफारी की गुणवत्ता को लेकर गंभीरता दिखाई है। रणथंभौर में कुल 280 गाइड कार्यरत हैं, जिनमें 157 ए श्रेणी और 123 बी श्रेणी के गाइड शामिल हैं। वन अधिकारियों ने सभी गाइडों का इंटरव्यू लिया, जिसमें उनकी कार्यकुशलता, वन्यजीवों की जानकारी, पर्यटकों की सुरक्षा और गाइडिंग से जुड़ी दक्षता को परखा गया।

इसके साथ ही नए पर्यटन सत्र में नियमों की अनदेखी करने वाले गाइड और ड्राइवरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का फैसला लिया गया है। फिलहाल नियम तोड़ने वाले ड्राइवरों को कुछ समय के लिए पार्क में प्रवेश से प्रतिबंधित किया जाता है, लेकिन सीसीएफ ने चेतावनी दी है कि व्यवहार में सुधार न होने पर उन्हें स्थायी रूप से पार्क में प्रवेश से प्रतिबंधित भी किया जा सकता है।

विभाग का फोकस साफ है — सफारी के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा, वन्यजीवों को परेशान करने वाली गतिविधियों पर रोक, और निर्धारित नियमों का प्रभावी पालन। तेज हॉर्न बजाना, जानवरों के करीब वाहन ले जाना या प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करना — ऐसी किसी भी हरकत पर इस बार कड़ी नजर रहेगी।

गणेश धाम पर बन रहा इंटरप्रिटेशन सेंटर

नए पर्यटन सत्र में पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए रणथंभौर के गणेश धाम प्रवेश द्वार पर इंटरप्रिटेशन सेंटर विकसित किया जा रहा है, जिसमें कॉमन बोर्डिंग प्लेस, वेटिंग एरिया और पार्किंग जैसी सुविधाएं तैयार की जा रही हैं।

इसके अलावा यहां एक कन्वेंशन सेंटर भी बनाया जाएगा, जिसमें मीटिंग हॉल और फिल्म प्रोजेक्शन जैसी सुविधाएं होंगी। इसका उद्देश्य पर्यटकों के लिए प्रवेश और सफारी से जुड़ी व्यवस्थाओं को अधिक सुविधाजनक बनाना है।

रणथंभौर जाने की योजना बना रहे हैं? ये बातें जान लें

सफारी की योजना बनाने वालों के लिए कुछ व्यावहारिक सुझाव:

  • बुकिंग पहले से करें: पीक सीजन में जिप्सी और कैंटर की सीटें हफ्तों पहले फुल हो जाती हैं। आधिकारिक बुकिंग पोर्टल पर जैसे ही स्लॉट खुलें, बुकिंग कर लें।
  • सही समय चुनें: सुबह की पारी में बाघ दिखने की संभावना अधिक रहती है। अक्टूबर-नवंबर का मौसम सफारी के लिए आदर्श माना जाता है।
  • नियमों का पालन करें: सफारी के दौरान शोर न करें, वाहन से न उतरें और जानवरों को छेड़ने की कोशिश न करें — नियम तोड़ने पर अब सख्त कार्रवाई होगी।
  • कैंटर में सीट नंबर: इस सीजन से कैंटर में सीट नंबर आवंटित होंगे, इसलिए बोर्डिंग के समय अपनी सीट पहले से कन्फर्म कर लें।
  • पहचान पत्र साथ रखें: सफारी बुकिंग और प्रवेश के समय वैध फोटो पहचान पत्र अनिवार्य होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: रणथंभौर टाइगर रिजर्व में नया पर्यटन सीजन कब शुरू हो रहा है?
उत्तर: 1 अक्टूबर 2026 से नया पर्यटन सीजन शुरू हो रहा है। मानसून के दौरान बंद रहे मुख्य जोन 1 से 5 में सफारी गतिविधियां फिर से शुरू होंगी।

प्रश्न 2: रणथंभौर में जिप्सी और कैंटर सफारी का किराया कितना है?
उत्तर: जिप्सी की पूरी बुकिंग ₹9,000 (प्रति सीट ₹1,600) और कैंटर की पूरी बुकिंग ₹18,000 (प्रति सीट ₹900) है।

प्रश्न 3: एक दिन में कितने वाहन सफारी पर जा सकते हैं?
उत्तर: दिन में दो पारियों में कुल 280 वाहन सफारी पर जा सकते हैं। मांग को देखते हुए दो नए जोन शुरू करने की अनुमति मांगी गई है, लेकिन फिलहाल मंजूरी नहीं मिली है।

प्रश्न 4: सफारी के दौरान नियम तोड़ने पर क्या कार्रवाई होगी?
उत्तर: नियम तोड़ने वाले गाइड और ड्राइवरों को अस्थायी प्रतिबंध के साथ-साथ, व्यवहार में सुधार न होने पर पार्क में स्थायी प्रवेश प्रतिबंध की चेतावनी दी गई है।

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