पहले बड़ा झटका, फिर बेनीवाल का सख्त रुख
राजस्थान के पंचायती राज चुनाव 2026 का माहौल दिनोंदिन गर्म होता जा रहा है। जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनावों में टिकट बंटवारे की लड़ाई के बीच राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) को सीकर जिले से बड़ी झटके वाली खबर आई है। जिला परिषद चुनाव के लिए मैदान में उतारे गए पार्टी के 7 प्रत्याशियों के नामांकन पत्र खारिज हो गए हैं। यह घटना सामने आते ही पार्टी सुप्रीमो और सांसद हनुमान बेनीवाल ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सीकर के जिला प्रभारी और सह-प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए एक आंतरिक जांच कमेटी भी गठित कर दी गई है।
सीकर जिले में पंचायत चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। नामांकन और संवीक्षा की प्रक्रिया के बीच RLP को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पता चला कि उसके 7 प्रत्याशियों के परचे खारिज कर दिए गए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सांसद हनुमान बेनीवाल ने तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने सीकर के जिला प्रभारी महेंद्र डोरवाल और सह-प्रभारी विकास पचार व मो. यूनुस की कार्यशैली को गंभीर लापरवाही माना है। पार्टी ने इन तीनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा है। पार्टी की ओर से साफ कर दिया गया है कि RLP में किसी भी तरह की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
RLP सीकर नामांकन खारिज: क्यों रद्द हुए 7 परचे?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नामांकन पत्रों में पूर्ण जांच और आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा किए बिना ही उन्हें दाखिल कर दिया गया था। पार्टी की ओर से स्पष्ट निर्देश थे कि नामांकन पत्र दाखिल करने से पहले सभी कागजातों की पूरी तरह जांच कर ली जाए, लेकिन सीकर में इन निर्देशों का पालन नहीं हुआ।
पार्टी कार्यकर्ताओं से मिली जानकारी के अनुसार नामांकन दाखिल करने के बाद से लेकर अब तक पूरे मामले की जानकारी पार्टी नेतृत्व को भी नहीं दी गई थी। यानी जिला स्तर के प्रभारियों ने न तो नामांकन पत्रों की सही से जांच कराई और न ही खारिज होने की सूचना समय पर ऊपर तक पहुंचाई। इसे प्रभारियों की दोहरी लापरवाही माना जा रहा है। जोधपुर जिले में 14 अक्टूबर को हुई संवीक्षा में भी RLP के प्रत्याशियों के नामांकन इन्हीं तरह की कमियों के कारण खारिज हुए थे।
जोधपुर के बाद सीकर में दोहराई गई गलती
सीकर की यह घटना कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले जोधपुर जिले में पंचायत चुनाव के पहले चरण के नामांकन की संवीक्षा के दौरान भी RLP को बड़ा झटका लगा था। जोधपुर जिला परिषद के 43 वार्डों के लिए मिले 208 नामांकन पत्रों में से संवीक्षा के बाद 60 नामांकन निरस्त कर दिए गए थे। इनमें वार्ड संख्या 11, 13 और 27 से RLP के प्रत्याशी भी शामिल थे।
जोधपुर में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने बताया था कि जिन प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त किए गए, उनके खिलाफ न्यायालय में आपराधिक मामले लंबित हैं और आरोप तय हो चुके हैं। इसके अलावा एक RLP प्रत्याशी का नामांकन औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण खारिज हुआ था।
जांच कमेटी और तीन दिन की समय-सीमा
सांसद हनुमान बेनीवाल के निर्देश पर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए एक आंतरिक जांच कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंपेगी। जांच में जिन पदाधिकारियों की भूमिका दोषी पाई जाएगी, उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई तय मानी जा रही है।
कारण बताओ नोटिस मिलने के बाद तीनों प्रभारियों को तीन दिन के भीतर लिखित में अपना स्पष्टीकरण देना होगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर संगठनात्मक फेरबदल भी संभव माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बेनीवाल का यह सख्त रुख पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए एक संदेश है — पंचायत चुनाव जैसे जमीनी चुनाव में छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी कीमत चुका सकती है।
RLP सीकर नामांकन खारिज मामले का पंचायत चुनाव पर असर
सीकर जिले में जिला परिषद के जिन वार्डों में RLP के प्रत्याशियों के परचे खारिज हुए हैं, वहां अब पार्टी की चुनावी रणनीति पर असर पड़ना तय है। इन वार्डों में पार्टी को या तो समर्थन किसी अन्य उम्मीदवार को देना होगा या फिर चुनावी मैदान से बाहर रहना होगा। इससे उन वार्डों में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर की संभावना बढ़ गई है।
पंचायत चुनाव के जानकारों के मुताबिक जिला परिषद के चुनाव में एक-एक वार्ड की हार-जीत जिला प्रमुख के चुनाव को प्रभावित करती है। इसलिए 7 वार्डों में प्रत्याशियों का मैदान से बाहर होना RLP के लिए सिर्फ संगठनात्मक झटका नहीं, बल्कि राजनीतिक नुकसान भी है।
दूसरी ओर, इस घटना से पार्टी के भीतर अनुशासन का संदेश भी गया है। आने वाले चरणों के चुनावों में अब जिला प्रभारी नामांकन प्रक्रिया को लेकर ज्यादा सतर्क रहेंगे, जिससे आगे ऐसी गलतियों की संभावना कम होगी।
विशेषज्ञों की सलाह है कि नामांकन दाखिल करने से पहले किसी अनुभवी व्यक्ति या वकील से फॉर्म की जांच जरूर करवा लें, ताकि परचे खारिज होने जैसी स्थिति से बचा जा सके।
सीकर जिला परिषद चुनाव: घटनाक्रम एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| जिला | सीकर, राजस्थान |
| चुनाव | जिला परिषद (पंचायती राज चुनाव 2026) |
| खारिज नामांकन | RLP के 7 प्रत्याशी |
| कार्रवाई | जिला प्रभारी व 2 सह-प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस |
| स्पष्टीकरण की समय-सीमा | 3 दिन |
| जांच कमेटी की रिपोर्ट | 3 दिन के भीतर |
| पार्टी प्रमुख | सांसद हनुमान बेनीवाल |
| पहले की घटना | जोधपुर (14 अक्टूबर): RLP के 3 वार्डों के परचे खारिज |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: सीकर में RLP के कितने प्रत्याशियों के नामांकन खारिज हुए हैं?
उत्तर: सीकर जिला परिषद चुनाव में RLP के 7 प्रत्याशियों के नामांकन पत्र खारिज हुए हैं। नामांकन पत्रों में औपचारिकताओं की कमी के कारण इन्हें रद्द किया गया।
प्रश्न 2: हनुमान बेनीवाल ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
उत्तर: उन्होंने जिला प्रभारी महेंद्र डोरवाल और सह-प्रभारी विकास पचार व मो. यूनुस को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। तीनों को तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देना होगा। साथ ही एक आंतरिक जांच कमेटी भी गठित की गई है, जो तीन दिन में रिपोर्ट देगी।
प्रश्न 3: क्या इससे पहले भी RLP के नामांकन खारिज हुए थे?
उत्तर: हां, 14 अक्टूबर को जोधपुर जिले में संवीक्षा के दौरान जिला परिषद के वार्ड संख्या 11, 13 और 27 से RLP के प्रत्याशियों के नामांकन खारिज हुए थे। वहां कुल 60 नामांकन निरस्त किए गए थे।
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