जलदाय विभाग कर्मचारी प्रदर्शन: जयपुर में PHED दफ्तर का घेराव

जलदाय विभाग कर्मचारी प्रदर्शन: जयपुर में PHED दफ्तर का घेराव

सोचिए — जिस विभाग के कर्मचारी रोज सुबह आपके घर के नल तक पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी संभालते हैं, वही कर्मचारी एक दिन फाइलें छोड़कर अपने ही दफ्तर के बाहर नारेबाजी करने लगें। शुक्रवार को जयपुर में हुआ जलदाय विभाग कर्मचारी प्रदर्शन ठीक यही तस्वीर पेश कर गया। गांधीनगर स्थित जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के नगर वृत्त दक्षिण कार्यालय के बाहर सैकड़ों कर्मचारियों ने इकट्ठा होकर विभागीय अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और लंबे समय से लटकी अपनी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।

प्रदर्शन की अगुवाई राजस्थान वाटर वर्क्स कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल शर्मा ने की। कर्मचारियों का साफ कहना है कि ज्ञापन देने और पत्र लिखने का रास्ता वे कई बार आज़मा चुके हैं — अब हर बार मिले सिर्फ आश्वासन से उनका भरोसा टूट चुका है। यही वजह है कि मामला अब दफ्तर के बाहर सड़क पर उतर आया है।

प्रदर्शन के दिन क्या-क्या हुआ

तय कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को कर्मचारी बड़ी संख्या में गांधीनगर कार्यालय परिसर में जुटे। नारेबाजी के दौरान कर्मचारियों ने विभागीय अधिकारियों के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। माहौल उस वक्त और तनावपूर्ण हो गया जब यह पता चला कि प्रदर्शन के दौरान अधीक्षण अभियंता केशव श्रीवास्तव कार्यालय में मौजूद ही नहीं हैं।

कर्मचारियों ने इस पर तीखा सवाल उठाया — जब प्रदर्शन की पूर्व सूचना विभाग को दे दी गई थी, तो उनकी समस्याएं सुनने के लिए जिम्मेदार अधिकारी कार्यालय में मौजूद क्यों नहीं थे? कर्मचारियों का कहना है कि अधिकारियों का यही रवैया उनकी शिकायतों को लेकर विभाग की गंभीरता पर सवाल खड़े करता है। लंबे इंतजार के बाद कर्मचारियों ने मांग रखी कि लंबित प्रकरणों का जल्द निस्तारण किया जाए और उनकी शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हो, ताकि उन्हें अपनी मांगों के लिए बार-बार प्रदर्शन करने पर मजबूर न होना पड़े।

जलदाय विभाग कर्मचारी प्रदर्शन की जड़: महीनों से लटकी मांगें

संघ के पदाधिकारियों के अनुसार यह नाराजगी एक दिन में नहीं पनपी। विभागीय अधिकारियों को कर्मचारियों की विभिन्न लंबित समस्याओं के बारे में पहले भी कई बार अवगत कराया जा चुका है। संगठन ने 5 अगस्त और फिर 17 अगस्त को भी समस्याओं को लेकर अधिकारियों को पत्र लिखे थे। इसके बावजूद समाधान की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

लगातार अनदेखी से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती गई और आखिरकार संगठन ने चेतावनी दी कि समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो 9 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। तय तारीख पर कर्मचारी कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का आरोप है कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद उनकी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा है — और शुक्रवार का प्रदर्शन इसी अनदेखी का नतीजा है।

जलदाय विभाग (PHED) आखिर करता क्या है — और यह खबर आपके लिए क्यों अहम है

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, यानी PHED, राजस्थान में पेयजल आपूर्ति की सबसे बड़ी जिम्मेदारी संभालने वाला विभाग है। शहरों से लेकर गांवों तक नल से पानी पहुंचाना, ट्यूबवेल और पंप हाउस का संचालन, पानी की गुणवत्ता की जांच — ये सारे काम इसी विभाग के कर्मचारियों के हाथ में हैं। यही कारण है कि विभाग के भीतर का कोई भी असंतोष सीधे आम लोगों की थाली और घड़े तक असर डाल सकता है।

जयपुर जैसे शहर में स्थिति और भी नाजुक है। शहर की पेयजल आपूर्ति का बड़ा आधार बीसलपुर बांध है, और इस साल कमजोर मानसून के चलते बांध पूरी तरह नहीं भर पाया है। खबरों के अनुसार जयपुर में दिवाली के बाद पेयजल सप्लाई में कटौती की तैयारी भी चल रही है और जलदाय विभाग एक कंटीजेंसी प्लान पर काम कर रहा है। ऐसे में यह जलदाय विभाग कर्मचारी प्रदर्शन सिर्फ उनकी मांगों का मामला नहीं रह जाता — यह शहर की पानी व्यवस्था की सेहत का भी संकेत है। विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर पेयजल योजनाओं और शिकायत व्यवस्था की जानकारी उपलब्ध है।

पानी को लेकर राज्य में हाल के हफ्तों में खबरें लगातार आ रही हैं। अलवर के बड़ेर गांव में लोग पांच दिन में सिर्फ कुछ मिनट मिलने वाले पानी के लिए कतारों में खड़े हैं, और प्रदेश के 31 जिलों में चारा-पानी का संकट सरकार के लिए भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। इस पृष्ठभूमि में जलदाय विभाग के कर्मचारियों का सड़कों पर उतरना प्रशासन के लिए दोहरी चिंता का विषय है।

जलदाय विभाग कर्मचारी प्रदर्शन के बाद वार्ता — और अब आगे क्या

प्रदर्शन के बाद मामला बातचीत की मेज तक पहुंचा। अतिरिक्त मुख्य अभियंता अजय सिंह राठौड़ ने कर्मचारी प्रतिनिधिमंडल से वार्ता की। उन्होंने कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं और उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मचारियों को लंबित मामलों में जल्द कार्रवाई होने की उम्मीद जगी है।

लेकिन कर्मचारी अब सिर्फ आश्वासन से संतुष्ट होने के मूड में नहीं दिख रहे। संगठन की साफ मांग है कि वार्ता के दौरान दिए गए आश्वासन को जल्द अमल में लाया जाए और लंबित समस्याओं का वास्तविक समाधान किया जाए। अब सबकी नजर विभागीय अधिकारियों के अगले कदम पर टिकी है — अगर तय समय में कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन के और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

प्रमुख घटनाक्रम: एक नजर में

तारीख घटना
5 अगस्त 2026 कर्मचारी संघ ने अधिकारियों को समस्याओं को लेकर पहला पत्र लिखा
17 अगस्त 2026 दूसरी बार पत्राचार, फिर भी ठोस कार्रवाई नहीं
9 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) गांधीनगर, जयपुर के PHED नगर वृत्त दक्षिण कार्यालय पर प्रदर्शन और नारेबाजी
9 अक्टूबर 2026 अतिरिक्त मुख्य अभियंता अजय सिंह राठौड़ से वार्ता, शीघ्र समाधान का आश्वासन

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जलदाय विभाग कर्मचारी प्रदर्शन से जुड़े कुछ अहम सवालों के जवाब यहां दे रहे हैं:

प्रश्न 1: जलदाय विभाग कर्मचारी प्रदर्शन कब और कहां हुआ?

उत्तर: यह प्रदर्शन 9 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) को जयपुर के गांधीनगर स्थित जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के नगर वृत्त दक्षिण कार्यालय पर हुआ।

प्रश्न 2: प्रदर्शन की अगुवाई किसने की?

उत्तर: राजस्थान वाटर वर्क्स कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल शर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों कर्मचारी प्रदर्शन में शामिल हुए।

प्रश्न 3: कर्मचारियों की मुख्य मांग क्या है?

उत्तर: कर्मचारियों की मांग है कि लंबे समय से लंबित उनके प्रकरणों और समस्याओं का जल्द निस्तारण किया जाए और शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हो।

प्रश्न 4: प्रदर्शन के बाद विभाग की ओर से क्या कहा गया?

उत्तर: अतिरिक्त मुख्य अभियंता अजय सिंह राठौड़ ने कर्मचारी प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया है। अब कर्मचारी इस आश्वासन के अमल का इंतजार कर रहे हैं।

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