काशी विश्वनाथ की नगरी से गुजरात के साबरमती तक का सफर अब राजस्थान के रास्ते होगा — और इस रास्ते में भरतपुर, जयपुर, अजमेर और आबू रोड जैसे चार बड़े शहरों के यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा। रेलवे बोर्ड ने वाराणसी साबरमती एक्सप्रेस (12205/06) के ठहराव और संचालन को औपचारिक मंजूरी दे दी है। बुधवार, 21 अक्टूबर को जारी पत्र के साथ ही यह साफ हो गया है कि नई साप्ताहिक सुपरफास्ट ट्रेन अब कागजों से निकलकर पटरी पर उतरने की तैयारी में है।
यह खबर खासतौर पर उन यात्रियों के लिए राहत भरी है जो वाराणसी और प्रयागराज क्षेत्र से राजस्थान या गुजरात की ओर सफर करते हैं। लंबे समय से इस रूट पर सीधी और तेज ट्रेन की मांग उठ रही थी। अब रेलवे बोर्ड के फैसले के बाद पर्यटन, व्यापार और पढ़ाई के सिलसिले में आने-जाने वालों को बड़ी सुविधा मिलेगी — खासकर तब, जब राजस्थान में पर्यटन सीजन पूरे शबाब पर है और वाराणसी साबरमती एक्सप्रेस जैसे सीधे संपर्क की सबसे ज्यादा जरूरत है।
राजस्थान के इन 4 शहरों में ठहरेगी वाराणसी साबरमती एक्सप्रेस
वाराणसी साबरमती एक्सप्रेस का रूट इस तरह तय किया गया है कि यूपी, राजस्थान और गुजरात — तीनों राज्यों के अहम शहर इससे जुड़ रहे हैं। राजस्थान के लिहाज से सबसे बड़ी बात यह है कि ट्रेन को चार प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव दिया गया है:
- भरतपुर — केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान की वजह से यह शहर अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का केंद्र है। अक्टूबर-नवंबर में पक्षियों का सीजन शुरू हो चुका है, ऐसे में वाराणसी और पूर्वी यूपी से आने वाले पर्यटकों के लिए यह ठहराव काफी काम का साबित होगा। (केवलादेव में शुरू हुए पक्षियों के सीजन की पूरी जानकारी यहां पढ़ें)
- बांदीकुई — दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग से जुड़ा यह जंक्शन अलवर और दौसा क्षेत्र के यात्रियों के लिए अहम है।
- जयपुर — राजधानी होने के नाते सबसे बड़ा लाभार्थी। जयपुर स्टेशन पर ट्रेन की वाटरिंग की व्यवस्था भी की जाएगी, यानी यहां ट्रेन थोड़ा लंबा ठहराव लेगी।
- किशनगढ़ और अजमेर — मार्बल नगरी किशनगढ़ के साथ-साथ अजमेर को ठहराव मिलने से ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह और पुष्कर जाने वाले जायरीनों को भी सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
- आबू रोड — माउंट आबू जाने वाले पर्यटकों के लिए यह प्रवेश द्वार है। दिलवाड़ा जैन मंदिर के दर्शनों के लिए हाल ही में लाखों श्रद्धालु राजस्थान पहुंचे हैं, जिनकी पूरी रिपोर्ट यहां देखी जा सकती है।
इनके अलावा ट्रेन मीरजापुर, सूबेदारगंज (प्रयागराज), गोविंदपुरी (कानपुर), टूंडला, ईदगाह (आगरा), गांधीनगर, पालनपुर और मेहसाणा स्टेशनों पर भी रुकेगी।
12205/12206 टाइम टेबल: कब रवाना होगी, कब पहुंचेगी
रेलवे प्रशासन ने ट्रेन की प्रारंभिक समय-सारिणी जारी कर दी है। ध्यान रहे कि यह अभी प्रारंभिक टाइमिंग है — उद्घाटन की तारीख और अंतिम अधिकृत टाइम टेबल का ऐलान होना बाकी है।
| विवरण | गाड़ी संख्या 12206 | गाड़ी संख्या 12205 |
|---|---|---|
| दिशा | वाराणसी → साबरमती | साबरमती → वाराणसी |
| रवाना | शाम 5:30 बजे (वाराणसी जंक्शन) | सुबह 5:20 बजे (साबरमती) |
| पहुंच | अगले दिन रात 8:15 बजे | अगले दिन सुबह 6:30 बजे |
| श्रेणी | साप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस | साप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस |
सफर की अवधि पर नजर डालें तो वाराणसी से साबरमती का सफर करीब 26 घंटे 45 मिनट में पूरा होगा, जबकि वापसी दिशा में यह करीब 25 घंटे 10 मिनट का रहेगा।
पर्यटन और कारोबार — दोनों को मिलेगा बढ़ावा
इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह दो बड़े पर्यटन-आधारित क्षेत्रों को आपस में जोड़ रही है। एक तरफ काशी — जहां काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के बाद पर्यटकों की भीड़ लगातार बढ़ रही है — और दूसरी तरफ राजस्थान और गुजरात के पर्यटन केंद्र।
राजस्थान के लिहाज से देखें तो यह समय बिल्कुल सही है। प्रदेश में पर्यटन सीजन शुरू हो चुका है और हाल के आंकड़े बता रहे हैं कि घरेलू पर्यटकों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर है। ऐसे में पूर्वी यूपी से सीधी ट्रेन कनेक्टिविटी से होटल, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय कारोबार को भी फायदा पहुंचने की उम्मीद है। वाराणसी में पढ़ने वाले राजस्थानी छात्रों और गुजरात में कारोबार करने वाले व्यापारियों के लिए वाराणसी साबरमती एक्सप्रेस एक सीधा और सुविधाजनक विकल्प बनेगी।
रेलवे से जुड़ी ताजा खबरों के लिए हमारी रेलवे समाचार श्रेणी भी देख सकते हैं, जहां हाल ही में राजस्थान को मिली नई ट्रेनों की जानकारी दी गई थी।
रेलवे की तैयारी: एलएचबी रेक, मेंटेनेंस और वाटरिंग
रेलवे बोर्ड के 21 अक्टूबर के पत्र में सिर्फ ठहराव ही नहीं, ट्रेन के संचालन की तकनीकी तैयारी का ब्योरा भी दिया गया है:
- तीन एलएचबी रेक इस ट्रेन के लिए आवंटित किए गए हैं। एलएचबी कोच आधुनिक, सुरक्षित और आरामदायक सफर के लिए जाने जाते हैं।
- प्राइमरी मेंटेनेंस वाराणसी में होगा — यानी ट्रेन की मुख्य देखरेख और सफाई का जिम्मा वाराणसी का होगा।
- वाटरिंग की व्यवस्था गोविंदपुरी, टूंडला और जयपुर स्टेशनों पर की जाएगी, जिससे यात्रियों को पानी और साफ-सफाई की बेहतर सुविधा मिलेगी।
ट्रेन कब से चलेगी? अभी बाकी है उद्घाटन की तारीख
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक उद्घाटन की तिथि और आधिकारिक टाइम टेबल जारी होना अभी शेष है। आमतौर पर ऐसी घोषणाओं के बाद उद्घाटन की तारीख कुछ दिनों से लेकर कुछ हफ्तों के भीतर तय हो जाती है।
यात्रियों के लिए सलाह यही है कि टिकट बुकिंग शुरू होने की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करें और भारतीय रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर समय-समय पर अपडेट देखते रहें। जैसे ही उद्घाटन की तारीख और बुकिंग की जानकारी सामने आएगी, राज न्यूज पर आपको सबसे पहले अपडेट मिलेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: वाराणसी साबरमती एक्सप्रेस का ट्रेन नंबर क्या है?
उत्तर: इस ट्रेन के दो नंबर हैं — वाराणसी से साबरमती जाने वाली गाड़ी का नंबर 12206 है, जबकि साबरमती से वाराणसी लौटने वाली गाड़ी का नंबर 12205 है।
प्रश्न 2: राजस्थान के किन स्टेशनों पर इस ट्रेन का ठहराव होगा?
उत्तर: राजस्थान में भरतपुर, बांदीकुई, जयपुर, किशनगढ़, अजमेर और आबू रोड स्टेशनों पर ट्रेन रुकेगी। जयपुर में वाटरिंग की व्यवस्था भी होगी।
प्रश्न 3: वाराणसी से साबरमती का सफर कितने घंटे का होगा?
उत्तर: प्रारंभिक समय-सारिणी के मुताबिक 12206 वाराणसी से शाम 5:30 बजे रवाना होकर अगले दिन रात 8:15 बजे साबरमती पहुंचेगी — यानी करीब 26 घंटे 45 मिनट का सफर।
प्रश्न 4: क्या इस ट्रेन की टिकट बुकिंग शुरू हो गई है?
उत्तर: अभी नहीं। रेलवे बोर्ड ने मंजूरी दे दी है, लेकिन उद्घाटन की तारीख और अंतिम टाइम टेबल का ऐलान बाकी है। बुकिंग उसी के बाद शुरू होगी।