मेड़ता मंडी भाव 9 जून 2026 :- राजस्थान की प्रसिद्ध और नागौर जिले की सबसे बड़ी कृषि उपज मंडियों में से एक, मेड़ता सिटी मंडी की आज हम बात करने वाले हैं ।
यदि आप भी अपनी फसल को मंडी में बेचने की योजना बना रहे हैं या फिर घर बैठे आज के बाजार का रुख जानना चाहते हैं, तो यह पोस्ट बिल्कुल आपके लिए ही है। आज यानी 9 जून 2026 को मेड़ता मंडी में प्रमुख फसलों जैसे जीरा, मूंग, ग्वार, इसबगोल और सौंफ के दामों में क्या उतार-चढ़ाव देखने को मिला, इसकी पूरी और सटीक लाइव रिपोर्ट हम नीचे विस्तार से साझा कर रहे हैं।
मेड़ता मंडी भाव आज 9 जून 2026
| फसल का नाम | अधिकतम भाव (₹/क्विंटल) | मध्यम भाव (₹/क्विंटल) | न्यूनतम भाव (₹/क्विंटल) |
| जीरा (Cumins) | 22,500 | 20,250 | 18,000 |
| ईसबगोल | 12,300 | 11,400 | 10,500 |
| सुवा | 8,500 | 8,000 | 7,500 |
| सौंफ | 8,400 | 7,200 | 6,000 |
| मूंग | 8,200 | 6,600 | 5,000 |
| रायड़ा (सरसों) | 6,200 | 5,950 | 5,700 |
| असालिया | 5,900 | 5,600 | 5,300 |
| चना | 5,100 | 4,750 | 4,400 |
| ग्वार | 5,075 | 4,900 | 4,700 |
| तारामीरा | 4,950 | 4,475 | 4,000 |
मुख्य फसलों का बाजार विश्लेषण
जीरा भाव
मेड़ता मंडी में जीरे की साख हमेशा से ऊंची रही है। आज बेहतरीन क्वालिटी के जीरे का ऊपरी भाव ₹22,500 प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। वहीं, औसत माल ₹20,250 के आसपास बिक रहा है। बाजार के जानकारों की मानें तो विदेशों में भारतीय जीरे की मांग और घरेलू स्टॉकिस्टों की सक्रियता के कारण जीरे के भावों में अभी भी मजबूती बनी हुई है। आने वाले दिनों में अगर आवक कम होती है, तो दामों में और सुधार की उम्मीद की जा सकती है।
मूंग और चना का भाव
दलहन फसलों में मूंग की आवक आज अच्छी रही। बढ़िया क्वालिटी का चमकीला मूंग ऊपर में ₹8,200 प्रति क्विंटल तक बिका। हालांकि, जो माल थोड़ा हल्का या नमी वाला है, उसका भाव ₹5,000 तक भी नीचे गया है। चना की बात करें तो बाजार स्थिर नजर आ रहा है; आज चना का अधिकतम भाव ₹5,100 रहा। सरकारी नीतियों और त्योहारों की मांग पर आगे की तेजी-मंदी निर्भर करेगी।
ईसबगोल और सौंफ का भाव
सौंफ और ईसबगोल की खेती करने वाले किसानों के लिए आज का दिन मिलाजुला रहा। ईसबगोल ने आज ₹12,300 का उच्चतम स्तर छुआ, जो कि एक बेहद सम्मानजनक भाव कहा जा सकता है। वहीं सौंफ का अधिकतम भाव ₹8,400 प्रति क्विंटल रहा। इन दोनों फसलों में औषधीय गुण होने के कारण इनकी मांग फैक्ट्रियों और निर्यातकों की तरफ से लगातार बनी रहती है।