मेड़ता मंडी भाव 16 जुलाई 2026 :- को व्यापारिक गतिविधियों में जबरदस्त उछाल देखा गया। सावन के इस महीने में जहां एक तरफ झमाझम बारिश से खेतों में हरियाली छा रही है, वहीं दूसरी तरफ मंडी के यार्ड में फसलों की आवक और उनके ऊंचे दामों ने किसानों के चेहरों पर भी रौनक ला दी है। कृषि मंडी समाचार के अनुसार, आज सुबह से ही मंडी परिसर में खरीदारों और किसानों की भारी भीड़ जमा होने लगी थी।
आज के कारोबार की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि मसाला और ग्वार गम उद्योग से जुड़ी कंपनियों की तरफ से भारी मांग देखने को मिली। मानसून की सक्रियता के बीच ट्रांसपोर्टेशन और नई बुआई की हलचल का सीधा असर आज के बाजार पर पड़ा है। व्यापारियों के बीच अच्छी क्वालिटी के माल को झपट लेने की होड़ मची रही, जिससे जीरा, ग्वार और इसबगोल जैसी नकदी फसलों के भाव में रिकॉर्ड तोड़ तेजी दर्ज की गई। स्थानीय मिलर्स के साथ-साथ बाहरी राज्यों के बड़े निर्यातकों की सक्रियता के कारण मेड़ता मंडी भाव आज एक नया बेंचमार्क स्थापित करने में सफल रहा है। चलिए विस्तार से जानते हैं कि आज मेड़ता मंडी में किस फसल ने क्या रंग दिखाया
मेड़ता मंडी भाव 16 जुलाई 2026
| फसल | अधिकतम भाव (₹/क्विंटल) | मध्यम भाव (₹/क्विंटल) | न्यूनतम भाव (₹/क्विंटल) |
| जीरा (Cumins) | ₹22,500 | ₹20,250 | ₹18,000 |
| ईसबगोल (Psyllium) | ₹12,300 | ₹11,400 | ₹10,500 |
| सुवा (Dill Seed) | ₹8,500 | ₹8,000 | ₹7,500 |
| सौंफ (Fennel) | ₹8,400 | ₹7,200 | ₹6,000 |
| मूंग (Green Gram) | ₹8,200 | ₹6,600 | ₹5,000 |
| रायड़ा (Mustard) | ₹6,200 | ₹5,950 | ₹5,700 |
| असालिया (Asalia) | ₹5,900 | ₹5,600 | ₹5,300 |
| चना (Gram) | ₹5,100 | ₹4,750 | ₹4,400 |
| ग्वार (Guar Seed) | ₹5,075 | ₹4,900 | ₹4,700 |
| तारामीरा (Taramira) | ₹4,950 | ₹4,475 | ₹4,000 |
आज का बाजार विश्लेषण
मंडी में आज की फसल आवक
मेड़ता कृषि मंडी में आज खरीफ और रबी दोनों सीजन की फसलों की आवक अच्छी रही। चूंकि ग्रामीण इलाकों में किसान इस समय खरीफ फसलों की बुआई और खेतों की देखरेख में व्यस्त हैं, इसलिए मंडी में माल की आवक बहुत ज्यादा नहीं थी। आवक सीमित होने और खरीदारों की संख्या अधिक होने के कारण कीमतों को सीधा सपोर्ट मिला।
व्यापारियों की खरीदारी गतिविधियां
आज सुबह जैसे ही बोलियां शुरू हुईं, व्यापारियों के रुख से साफ हो गया था कि वे माल खरीदने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। स्थानीय आढ़तियों और गुजरात व दिल्ली के बड़े मर्चेंट्स के बीच ऊंचे दामों पर भी सौदे करने की होड़ देखी गई। विशेष रूप से निर्यात क्वालिटी की फसलों पर व्यापारियों ने दिल खोलकर दांव लगाया।
मसाला बाजार का विश्लेषण
मसाला सेगमेंट आज पूरी मंडी का चमकता हुआ सितारा रहा। जीरा, सौंफ और सुवा के बाजार में आई तेजी ने पिछले कई हफ्तों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। घरेलू त्योहारी सीजन की शुरुआत और विदेशी बाजारों से आ रहे अच्छे संकेतों ने मसाला कारोबारियों का उत्साह दोगुना कर दिया है।
दलहन बाजार का विश्लेषण
दलहन श्रेणी में मूंग और चने की बात करें तो बाजार में ठहराव के साथ मजबूती देखी जा रही है। सरकारी खरीद और ओपन मार्केट में दाल मिलों की सामान्य पूछताछ से मूंग के दाम ₹8,200 प्रति क्विंटल तक बोले गए। वहीं चने में भी निचले स्तरों पर अच्छी सपोर्टिव बाइंग देखने को मिल रही है।
तिलहन बाजार का विश्लेषण
तिलहन में रायड़ा (सरसों) की आवक सामान्य रही। खाद्य तेलों के अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच स्थानीय स्तर पर रायड़ा का अधिकतम भाव ₹6,200 दर्ज किया गया, जो कि किसानों के लिए संतोषजनक माना जा सकता है। तारामीरा में भी लिवाली सामान्य बनी रही।
मानसून का प्रभाव
राजस्थान में मानसून इस समय पूरी तरह सक्रिय है। बारिश की वजह से कई इलाकों से परिवहन में थोड़ी देरी हो रही है, जिससे मंडी में तात्कालिक रूप से स्टॉक की कमी महसूस की जा रही है। यही वजह है कि हाजिर बाजार में आज का मंडी भाव इतना मजबूत नजर आया
प्रमुख फसलों का विस्तृत विश्लेषण
जीरा का भाव
मेड़ता कृषि मंडी में आज जीरे के बाजार में अभूतपूर्व तेजी देखी गई, जिसने हाल के महीनों के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। खाड़ी देशों और वियतनाम जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों से निर्यात के नए ऑर्डर मिलने की खबर ने घरेलू बाजार में जबरदस्त उत्साह भर दिया है। सुबह बोलियां शुरू होते ही गुजरात और दिल्ली के बड़े निर्यातकों के एजेंटों ने माल पर ऊंचे दामों की बोलियां लगानी शुरू कर दीं, जिससे जीरे का अधिकतम भाव ₹22,500 प्रति क्विंटल के स्तर पर पहुंच गया। इस समय मंडी में दैनिक आवक काफी सीमित है क्योंकि अधिकांश किसान अपनी खरीफ फसलों की बुआई में व्यस्त हैं, जिसका सीधा फायदा हाजिर कीमतों को मिल रहा है। जो किसान मंडी में पूरी तरह से साफ और सूखा हुआ प्रीमियम क्वालिटी का जीरा लेकर आ रहे हैं, उन्हें व्यापारी बिना किसी हिचकिचाहट के ₹20,000 से ऊपर का भाव दे रहे हैं। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर आपूर्ति की कमी को देखते हुए आने वाले दिनों में भी जीरे में यह मजबूती बनी रह सकती है, इसलिए किसानों को सलाह है कि वे बाजार की इस तेजी का लाभ उठाते हुए अपना माल धीरे-धीरे और रुक-रुक कर मंडी में निकालें।
ग्वार का भाव
लंबे समय के ठहराव और मंदी के दौर को पीछे छोड़ते हुए आज मेड़ता मंडी में ग्वार के भाव ने एक बार फिर लंबी छलांग लगाई है। चालू खरीफ सीजन में पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में कम बारिश की शुरुआती चिंताओं और ग्वार गम की औद्योगिक मांग में आई अचानक सुधार ने खरीदारों को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। आज बाजार में ग्वार का भाव ₹5,075 प्रति क्विंटल के अधिकतम स्तर को छूने में कामयाब रहा, जिसने आम किसानों और व्यापारियों दोनों को चौंका दिया है। हाजिर बाजार में सटोरियों की दिलचस्पी बढ़ने और वायदा बाजार (NCDEX) से मिले मजबूत संकेतों ने स्थानीय मिलर्स को भी आक्रामक खरीदारी करने पर मजबूर किया। व्यापारियों का मानना है कि यदि आने वाले हफ्तों में औद्योगिक मांग इसी तरह बनी रही, तो ग्वार का यह स्तर एक मजबूत आधार (Base) साबित होगा। किसानों को हमारी मुख्य सलाह यह है कि वे इस समय घबराहट में आकर अपनी पूरी फसल एक साथ न बेचें, बल्कि आने वाले समय में और बेहतर रिटर्न की उम्मीद को देखते हुए बाजार पर पैनी नजर रखें।
मूंग का भाव
दलहन सेगमेंट की सबसे प्रमुख फसल मूंग के बाजार में आज स्थिरता के साथ-साथ एक मजबूत पकड़ देखने को मिली। मेड़ता मंडी में आज अच्छी क्वालिटी के चमकीले और बोल्ड दाने वाले मूंग का अधिकतम भाव ₹8,200 प्रति क्विंटल तक दर्ज किया गया। दाल मिलों की तरफ से घरेलू त्योहारी सीजन की तैयारी को लेकर लगातार पूछताछ आ रही है, जिससे कीमतों में कोई बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिल रही है। हालांकि, मानसून की बारिश के कारण ग्रामीण अंचलों से मंडी तक आने वाले कुछ माल में हल्की नमी (Moisture) की शिकायत पाई गई है, जिसके कारण व्यापारियों ने ऐसे माल के लिए औसत भाव ₹6,600 के आसपास ही तय किए। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक मंडियों में खरीफ की नई फसल की आवक शुरू नहीं हो जाती, तब तक मूंग की कीमतों में गिरावट की कोई गुंजाइश नहीं है। ऐसे में किसानों के लिए सबसे जरूरी सलाह यह है कि वे अपने मूंग को मंडी लाने से पहले घर पर ही अच्छी तरह सुखा लें और उसकी छनाई कर लें, ताकि उन्हें ₹8,000 प्रति क्विंटल से अधिक का प्रीमियम भाव आसानी से मिल सके।
ईसबगोल का भाव
अपनी औषधीय उपयोगिता के लिए मशहूर ईसबगोल (घोड़ा जीरा) ने आज मेड़ता मंडी के कारोबार में अपनी चमक बिखेरी और ₹12,300 प्रति क्विंटल का शानदार अधिकतम स्तर हासिल किया। देश की बड़ी फार्मास्यूटिकल (दवा) कंपनियों और आयुर्वेदिक उत्पाद निर्माताओं की ओर से लगातार आ रही घरेलू मांग के कारण बाजार में ईसबगोल का रुख लगातार तेज बना हुआ है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी भारतीय ईसबगोल की मांग में लगातार इजाफा हो रहा है, जिससे स्थानीय खरीदार ऊंचे दामों पर भी माल उठाने से पीछे नहीं हट रहे हैं। आज मंडी में ईसबगोल की औसत क्वालिटी का भाव भी ₹11,400 के आसपास बना रहा, जो किसानों के लिए काफी मुनाफे का सौदा साबित हो रहा है। विशेषज्ञों की राय में ईसबगोल एक बहुत ही संवेदनशील और मूल्यवान फसल है, जिसे मानसून के इस मौसम में सीलन और नमी से बचाना बेहद जरूरी है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्टॉक को पूरी तरह सुरक्षित गोदामों में रखें और मंडी की इस तेजी का पूरा फायदा उठाते हुए सही समय पर अपनी फसल की निकासी करें।
सौंफ का भाव
मेड़ता मंडी में आज सौंफ के कारोबार में भी काफी अच्छा सुधार और मजबूती का रुख देखा गया, जहां इसका अधिकतम भाव ₹8,400 प्रति क्विंटल तक दर्ज किया गया। मसाला बाजार में दक्षिण भारतीय राज्यों और दिल्ली की थोक मंडियों से आई नई व्यापारिक पूछताछ ने स्थानीय आढ़तियों में जोश भर दिया है। सौंफ के बाजार की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि यहां भाव पूरी तरह से माल के रंग और उसकी खुशबू (क्वालिटी) पर निर्भर कर रहे हैं। अच्छी तरह सुखाए गए हरे दाने वाले माल के लिए खरीदार प्रीमियम देने को तैयार दिखे, जबकि हल्के और रंग उड़े हुए माल का भाव ₹6,000 प्रति क्विंटल के न्यूनतम स्तर पर आ गया। बाजार के जानकारों का कहना है कि सौंफ की घरेलू खपत इस सीजन में काफी मजबूत है, जिससे आने वाले हफ्तों में भी बाजार में बहुत ज्यादा मंदी आने के आसार नहीं हैं। किसानों के लिए हमारी यही राय है कि वे सौंफ के रंग को बचाने के लिए इसे नमी वाले स्थानों से दूर रखें और ग्रेडिंग करके ही मंडी लाएं ताकि उन्हें अधिकतम मुनाफा मिल सके।