मेड़ता मंडी भाव 24 जून 2026: आज मूंग, ग्वार और जीरा के भाव में आया बड़ा बदलाव 

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मेड़ता मंडी भाव 24 जून 2026 :– राजस्थान के नागौर जिले में स्थित मेड़ता कृषि मंडी को मारवाड़ के किसानों की जीवनरेखा माना जाता है। यहाँ होने वाली फसलों की हलचल और व्यापारिक उतार-चढ़ाव का असर न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि देश के बड़े कमोडिटी बाजारों पर भी देखने को मिलता है। आज यानी 24 जून 2026 को मेड़ता कृषि मंडी में कारोबारी सप्ताह के दौरान भारी चहल-पहल देखी गई। आज के सत्र की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि बाजार में मूंग, ग्वार और जीरा के भाव में आया बड़ा बदलाव सभी के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों, घरेलू दाल मिलों की अचानक निकली चौतरफा मांग और मसाला निर्यातकों की आक्रामक मांग के कारण आज इन तीनों प्रमुख फसलों की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मानसून की प्रगति और मंडियों में सीमित आवक ने भी इस बदलाव में घी का काम किया है। किसानों के लिए दैनिक ताजा मंडी भाव की सटीक जानकारी होना बेहद जरूरी है ताकि वे अपनी उपज का सही मूल्य और अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें। आइए, आज की व्यापारिक गतिविधियों, आवक के आंकड़ों और बाजार के सेंटिमेंट का गहराई से विश्लेषण करते हैं।

मेड़ता मंडी भाव 24 जून 2026 

फसलअधिकतम भाव (₹/क्विंटल)मध्यम भाव (₹/क्विंटल)न्यूनतम भाव (₹/क्विंटल)
जीरा (Jeera)₹22,500₹20,250₹18,000
ईसबगोल (Isabgol)₹12,300₹11,400₹10,500
सुवा (Suva)₹8,500₹8,000₹7,500
सौंफ (Fennel)₹8,400₹7,200₹6,000
मूंग (Moong)₹8,200₹6,600₹5,000
रायड़ा / सरसों (Mustard)₹6,200₹5,950₹5,700
असालिया (Asalia)₹5,900₹5,600₹5,300
चना (Gram)₹5,100₹4,750₹4,400
ग्वार (Guar Seed)₹5,075₹4,900₹4,700
तारामीरा (Taramira)₹4,950₹4,475₹4,000

आज का बाजार विश्लेषण 

मंडी में आवक की स्थिति 

जून का महीना समाप्त होने की ओर है, ऐसे में पुरानी फसलों का स्टॉक किसानों और स्टॉकिस्टों के पास काफी सीमित रह गया है। आज मेड़ता कृषि मंडी में कुल आवक सामान्य से थोड़ी कम रही। इसका मुख्य कारण यह है कि अधिकांश किसान अब आगामी खरीफ सीजन की बुआई और खेतों की तैयारी में जुट गए हैं। आवक कम होने के बावजूद खरीदारों की उपस्थिति मजबूत रही, जिससे व्यापार सुचारू रूप से चला। 

व्यापारियों और स्टॉकिस्टों की खरीदारी गतिविधियां 

मंडी के प्रमुख आढ़तियों और स्टॉकिस्टों ने आज चुनिंदा रुख अपनाया। घरेलू बाजार में दालों की बढ़ती कीमतों को देखते हुए बड़ी दाल मिलों के प्रतिनिधियों ने मूंग की अच्छी ढेरी पर जमकर बोलियां लगाईं। वहीं दूसरी ओर, मसाला खंड में स्टॉकिस्टों ने जीरे के निचले स्तरों पर अपनी पोजीशन को मजबूत करना शुरू कर दिया है, जिससे कीमतों को आज निचले स्तर पर बड़ा सपोर्ट मिला। 

मसाला बाजार का रुख 

मसाला बाजार में पिछले कुछ दिनों से जारी सुस्ती आज टूटती हुई नजर आई। जीरा, सौंफ और सुवा तीनों ही प्रमुख मसालों में सटोरिया लिवाली के बजाय वास्तविक उपयोग वाली मांग (Physical Demand) देखने को मिली। उंझा मंडी के साथ-साथ मेड़ता में भी मसाला व्यापारियों ने निर्यात आर्डरों को पूरा करने के लिए माल की उठान तेज की। 

दलहन बाजार की स्थिति 

दलहन सेगमेंट में मूंग का भाव आज काफी आकर्षक रहा। सरकारी खरीद और खुले बाजार के दामों के बीच चल रही रस्साकशी के बीच आज बढ़िया माल का अधिकतम भाव ₹8,200 प्रति क्विंटल तक गया। चने में सीमित उतार-चढ़ाव देखा गया क्योंकि राष्ट्रीय स्तर पर चने की आपूर्ति को लेकर सरकार की नजर बनी हुई है। 

तिलहन बाजार की चाल 

रायड़ा (सरसों) और तारामीरा में आज स्थिरता का माहौल रहा। खाद्य तेलों के वैश्विक बाजार में मामूली सुधार के चलते स्थानीय स्तर पर तेल मिलों की मांग सामान्य रही। रायड़े का अधिकतम भाव ₹6,200 पर दर्ज किया गया, जो किसानों को बहुत ज्यादा उत्साहित तो नहीं कर रहा, लेकिन संतोषजनक जरूर है। 

मौसम और मानसून का असर 

राजस्थान में मानसून के प्रवेश को लेकर मौसम विभाग की भविष्यवाणियों का असर बाजार के सेंटिमेंट पर साफ दिख रहा है। ग्वार और मूंग के व्यापारी इस बात पर पैनी नजर रखे हुए हैं कि पश्चिमी राजस्थान में बारिश समय पर होती है या नहीं, क्योंकि बुआई का सीधा संबंध आने वाले समय की कीमतों से होता है। 

प्रमुख फसलों का विस्तृत विश्लेषण 

मूंग का भाव  

आज मेड़ता कृषि मंडी में मूंग की चमक सबसे अलग और जोरदार देखी गई। मंडी खुलते ही घरेलू दाल मिलों की ओर से पॉलिश क्वालिटी और बढ़िया बोल्ड दानों वाले मूंग की मांग चौतरफा निकल कर आई। आगामी त्योहारी सीजन की शुरुआत और मिलों के पास पुराना स्टॉक खत्म होने से बाजार को बड़ा सहारा मिला है, जिसके चलते आज मूंग का अधिकतम भाव ₹8,200 प्रति क्विंटल तक दर्ज किया गया। कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में स्टॉक की कमी के कारण इसमें ₹200 से ₹300 की और तेजी आ सकती है। ऐसे में जिन किसानों के पास अच्छी क्वालिटी का सूखा मूंग उपलब्ध है, वे इस समय आ रहे सुधार का लाभ उठाकर धीरे-धीरे अपना माल निकाल सकते हैं। 

ग्वार का भाव 

ग्वार के बाजार में आज पिछले कुछ दिनों से जारी मंदी और सुस्ती पर पूरी तरह ब्रेक लग गया। ग्वार गम की एक्सपोर्ट डिमांड में सुधार के शुरुआती संकेतों के कारण आज ग्वार का भाव ₹5,075 प्रति क्विंटल के स्तर को छूने में कामयाब रहा। इस समय बाजार में स्टॉकिस्ट ऊंचे दामों पर बिकवाली कर रहे हैं और निचले स्तर पर नई पोजीशन बना रहे हैं, वहीं क्रूड ऑयल के मजबूत होने से ग्वार का औद्योगिक उपयोग भी स्थिर बना हुआ है। विश्लेषकों के अनुसार पश्चिमी राजस्थान में मानसून की पहली बारिश और खरीफ बुआई के कुल रकबे को देखने के बाद ही ग्वार की अगली बड़ी दिशा तय होगी, तब तक बाजार इसी सीमित दायरे में मजबूती दिखाता रहेगा। 

जीरा का भाव 

मसालों के राजा जीरे ने एक लंबी मंदी और चौतरफा बिकवाली के दबाव के बाद आज आखिरकार अपनी चाल बदल ली है। आज मेड़ता मंडी में जीरा का भाव ₹22,500 के अधिकतम स्तर पर पहुंच गया, जिसने पिछले कई दिनों से निराश बैठे किसानों के चेहरे पर रौनक ला दी है। इस बदलाव की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजारों, खासकर खाड़ी देशों से आई नई पूछताछ और उंझा मंडी से मिले मजबूत संकेत हैं, जिसके कारण स्थानीय व्यापारियों ने अपनी लिवाली अचानक बढ़ा दी। बाजार के जानकारों का कहना है कि जीरे में अब पैनिक सेलिंग यानी घबराहट में बिकवाली पूरी तरह बंद हो चुकी है और बाजार निचले स्तरों पर मजबूत बॉटम बनाकर अब धीरे-धीरे स्थायी रिकवरी की ओर अग्रसर है। 

ईसबगोल का भाव 

ईसबगोल यानी घोड़ा जीरा अपनी मजबूत वैश्विक और औषधीय मांग के कारण लगातार मंडियों में रिकॉर्ड मजबूती बनाए हुए है। आज मेड़ता मंडी में इसके बेहतरीन माल का अधिकतम भाव ₹12,300 प्रति क्विंटल दर्ज किया गया, जो इसकी निरंतर बनी हुई मांग को दर्शाता है। फर्मास्युटिकल कंपनियों यानी दवा निर्माताओं और वेलनेस सेक्टर से आ रही लगातार घरेलू व विदेशी मांग के कारण इस फसल में हमेशा बड़े खरीदार सक्रिय रहते हैं। आने वाले दिनों के आउटलुक को देखें तो ईसबगोल के दामों में इसी तरह स्थिरता के साथ मजबूती बनी रहने की पूरी संभावना है और इसमें फिलहाल मंदी के आसार बेहद कम नजर आते हैं। 

सौंफ का भाव 

सौंफ के बाजार में आज आवक तो सामान्य दर्ज की गई, लेकिन क्वालिटी के आधार पर कीमतों में बहुत बड़ा अंतर देखने को मिला। हरी, साफ और बढ़िया सुगन्धित सौंफ की ढेरी को व्यापारियों और मसाला निर्यातकों ने ऊंचे दामों पर हाथों-हाथ लिया, जिससे इसका ऊपरी भाव ₹8,400 प्रति क्विंटल तक चला गया, जबकि औसत दर्जे का माल ₹7,200 के आसपास ही सिमट गया। किसानों को व्यापारिक सलाह दी जाती है कि वे सौंफ को अच्छी तरह सुखाकर और छानकर ही मंडी लेकर आएं, क्योंकि हल्की नमी या काले दाने वाले माल को देखते ही व्यापारी सीधे दाम घटा रहे हैं। 

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