रबी सीजन की बुवाई शुरू होते ही हर किसान के मन में एक ही सवाल घूमता है — इस बार बीज पर कितना खर्च बैठेगा। निजी कंपनियों के काउंटरों पर अच्छे बीज की कीमतें इतनी बढ़ चुकी हैं कि कई बार बीज खरीदना ही बजट से बाहर निकल जाता है। ऐसे में सीकर के किसानों के लिए एक ऐसी खबर आई है, जो सीधे जेब पर असर डालती है। नेशनल सीड्स कॉरपोरेशन यानी एनएससी ने सीकर कृषि उपज मंडी स्थित अपने बीज काउंटर पर रबी सीजन के लिए 15 से अधिक किस्मों के प्रमाणित बीज उपलब्ध करवा दिए हैं — और कीमतें निजी कंपनियों के मुकाबले 50 से 60 प्रतिशत तक कम हैं।
कीमतें देखिए, फिर फैसला कीजिए
एनएससी के काउंटर पर सरसों की गिरिराज किस्म महज 112 रुपए प्रति किलो में मिल रही है, जबकि निजी बाजार में इसका भाव करीब 800 रुपए प्रति किलो तक बताया जा रहा है — प्रति किलो 688 रुपए की बचत। सरसों की आरएच-725 किस्म भी एनएससी पर 150 रुपए प्रति किलो है, वहीं निजी कंपनियां इसे करीब 800 रुपए प्रति किलो में बेच रही हैं।
सब्जियों के बीजों में भी एनएससी की दरें निजी बाजार की तुलना में कम हैं। मिर्च की अर्का मेघना किस्म एनएससी पर 22 हजार रुपए प्रति किलो उपलब्ध है, जबकि निजी कंपनियों में इसका औसत भाव करीब 30 हजार रुपए है। एक किलो पर सीधे 8 हजार रुपए की बचत। ब्रोकली की पीपीबी-1 किस्म एनएससी भाव 15 हजार रुपए प्रति किलो पर मिल रही है, जबकि निजी बाजार में वही करीब 20 हजार रुपए की है।
| फसल / किस्म | एनएससी भाव (₹/किलो) | निजी बाजार भाव (₹/किलो) |
|---|---|---|
| सरसों गिरिराज | 112 | ~800 |
| सरसों आरएच-725 | 150 | ~800 |
| मिर्च अर्का मेघना | 22,000 | ~30,000 |
| ब्रोकली पीपीबी-1 | 15,000 | ~20,000 |
| धनिया प्रभा-पी | 382 | — |
| मूली पूसा गुलाबी | 580 | — |
| मूली केएन-40 | 400 | — |
| मटर पीबी-89 / काशी उदय | 104 | — |
| मटर एनएससी-12025 | 217 | — |
| पालक ऑलग्रीन | 172 | — |
| मेथी पीईबी | 230 | — |
| भिंडी पूसा-5 | 280 | — |
| चना जीएनजी-1581 | 90 | — |
काउंटर पर फिलहाल तिलहन, दलहन और सब्जियों सहित अन्य फसलों के प्रमाणित बीज उपलब्ध हैं, और कई किस्मों की कीमत निजी बाजार से काफी कम बताई गई है।
कहां-कहां मिलेंगे ये बीज? काउंटरों का पूरा नेटवर्क
ये सस्ते बीज सिर्फ सीकर मंडी तक सीमित नहीं हैं। एनएससी की ओर से सीकर, चूरू और झुंझुनूं — तीनों जिलों के किसानों तक बीज पहुंचाया जाएगा। तहसील स्तर पर एनएससी ने 2 से 3 अधिकृत डीलर भी नियुक्त किए हैं, ताकि किसानों को दूर न भटकना पड़े। पहले चरण में ही तीनों जिलों के 20 से अधिक काउंटरों तक बीज पहुंच चुका है, और अकेले सीकर जिले में करीब 30 काउंटर स्थापित किए गए हैं। एनएससी के मंडी केंद्र सीकर के प्रभारी गोपाल लाल जाट के मुताबिक, सीकर मंडी सहित तीनों जिलों के 30 से अधिक काउंटरों पर रबी सीजन की 15 से अधिक प्रमाणित किस्मों के बीज उपलब्ध करवाए गए हैं।
किसानों की सुविधा को देखते हुए सीकर मंडी स्थित एनएससी काउंटर शनिवार और रविवार को भी खुला रखा जा रहा है। अमूमन सप्ताहांत में सरकारी काउंटर बंद रहते हैं, जिससे दूर-दराज से आने वाले किसान बीज नहीं ले पाते।
गेहूं और जौ की बुवाई करने वालों के लिए अगली खुशखबरी
जो किसान गेहूं और जौ की बुवाई की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें थोड़ा इंतजार करना होगा — लेकिन इंतजार लंबा नहीं है। अक्टूबर से गेहूं और जौ के उच्च उपज देने वाले प्रमाणित बीजों की आपूर्ति शुरू की जाएगी। इसके लिए सीकर जिले में किसानों से बीज की मांग को लेकर सर्वे किया जा रहा है, ताकि मांग के अनुसार उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
बीज खरीदने से पहले ये 5 बातें जरूर जांचें
सस्ता बीज मिल रहा है, ये अच्छी बात है — लेकिन खरीदारी में जल्दबाजी न करें। एनएससी की ओर से भी किसानों को सलाह दी गई है कि बीज खरीदने से पहले उसकी किस्म, गुणवत्ता, पैकिंग और निर्धारित कीमत की जानकारी जरूर जांच लें:
- किस्म का नाम और प्रमाणन: पैकेट पर किस्म का नाम (जैसे गिरिराज, आरएच-725) और प्रमाणन टैग जरूर देखें। प्रमाणित बीज की अंकुरण क्षमता तय मानकों पर खरा उतरती है।
- पैकिंग की सील: सीलबंद और अक्षत पैकिंग ही लें। खुला या दोबारा सील किया हुआ पैकेट न लें।
- निर्धारित मूल्य: पैकेट पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य से ज्यादा पैसे न दें। एनएससी के भाव तय हैं — उसी पर अडिग रहें।
- रसीद जरूर लें: बीज खरीद की रसीद संभालकर रखें। अगर अंकुरण में दिक्कत आए तो रसीद ही आपका सबूत होगी।
- बुवाई का सही समय: रबी की बुवाई अक्टूबर के आखिरी हफ्ते से नवंबर के पहले हफ्ते तक सबसे उपयुक्त मानी जाती है। बीज पहले से खरीदकर सही समय पर बोएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सवाल 1: क्या ये सस्ते बीज सच में प्रमाणित हैं?
जवाब: हां। एनएससी भारत सरकार का उपक्रम है और इसके बीज प्रमाणित श्रेणी के होते हैं। काउंटर से खरीदने पर पैकेट पर प्रमाणन टैग और किस्म की पूरी जानकारी मिलती है।
सवाल 2: क्या चूरू और झुंझुनूं के किसान भी ये बीज खरीद सकते हैं?
जवाब: बिल्कुल। सीकर, चूरू और झुंझुनूं तीनों जिलों में काउंटर स्थापित किए गए हैं और तहसीलों में 2 से 3 अधिकृत डीलर भी नियुक्त किए गए हैं। पहले चरण में ही 20 से अधिक काउंटरों तक बीज पहुंच चुका है।
सवाल 3: शनिवार-रविवार को भी काउंटर खुला रहेगा?
जवाब: हां, किसानों की सुविधा को देखते हुए सीकर मंडी स्थित एनएससी काउंटर शनिवार और रविवार को भी खुला रखा जा रहा है।
सवाल 4: गेहूं और जौ के बीज कब से मिलेंगे?
जवाब: अक्टूबर महीने से गेहूं और जौ के उच्च उपज देने वाले प्रमाणित बीजों की आपूर्ति शुरू की जाएगी। इसके लिए सीकर जिले में किसानों से मांग का सर्वे भी किया जा रहा है, ताकि जरूरत के हिसाब से स्टॉक उपलब्ध रहे।
रबी सीजन किसानों के लिए साल का सबसे अहम पड़ाव होता है, और बीज उस पड़ाव की पहली ईंट है। सस्ती, अच्छी और प्रमाणित पहली ईंट मिल जाए, तो पूरी फसल की कहानी बदल जाती है। सीकर मंडी का एनएससी काउंटर इस बार वही मौका लेकर आया है — सही जानकारी के साथ सही समय पर पहुंचिए।