श्रीगंगानगर कचरा प्लांट विवाद: बेनीवाल के कलेक्ट्रेट कूच से NH-62 जाम, रात 2 बजे बनी सहमति

श्रीगंगानगर में प्रस्तावित ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट को लेकर चल रहा विवाद बुधवार (30 सितंबर) की रात सड़कों पर उतर आया। नरसिंहपुरा-मांझूवास-बिरानी क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल कलेक्ट्रेट कूच पर निकल पड़े। पुलिस ने काफिले को सूरतगढ़-श्रीगंगानगर राष्ट्रीय राजमार्ग-62 के टोल नाके के पास रोक दिया, जिसके बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया। घंटों चली खींचतान और बातचीत के बाद देर रात करीब 2 बजे (1 अक्टूबर) प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच अस्थायी सहमति बनी। तय हुआ कि प्लांट का काम तत्काल रोक दिया जाएगा और वैकल्पिक जगह तलाशने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी। सहमति के बाद जाम खोला गया और आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया गया।

पांच महीने से क्यों भड़के हैं ग्रामीण?

श्रीगंगानगर नगर परिषद क्षेत्र के ठोस कचरे के निस्तारण के लिए नरसिंहपुरा-मांझूवास-बिरानी क्षेत्र में कचरा प्रबंधन प्लांट प्रस्तावित है। प्रस्तावित जगह के पास ही गोविंद गोधाम गौशाला है, जहां दो हजार से ज्यादा गायें हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट बनने से इलाके में दुर्गंध और प्रदूषण फैलेगा, प्लास्टिक और कचरे का असर खेती की जमीन, जलस्रोतों और गौशाला की गायों पर पड़ेगा। इसी चिंता को लेकर ग्रामीण पिछले करीब पांच महीने से लगातार आंदोलन कर रहे हैं और प्लांट की जगह बदलने की मांग उठा रहे हैं।

यह विवाद पहली बार नहीं उठा है। इससे पहले प्लांट श्रीगंगानगर के पास चक 6-जेड में प्रस्तावित था, वहां भी स्थानीय विरोध हुआ। इसके बाद वर्ष 2016 में जगह बदलकर नेतेवाला के चक 1 जी छोटी में प्लांट लगाने का प्रस्ताव आया, जहां सरकारी स्वीकृतियों, एनओसी और बजट से जुड़ी प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी थी। बाद में प्रशासन ने प्लांट को नरसिंहपुरा-मांझूवास-बिरानी क्षेत्र में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव रखा, तो यहां भी विरोध शुरू हो गया और आंदोलन लगातार तेज होता गया।

महापंचायत में बेनीवाल का अल्टीमेटम

बुधवार को गोविंद गोधाम गौशाला परिसर में ग्रामीणों की महापंचायत आयोजित हुई, जिसमें आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। RLP सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल बीकानेर से श्रीगंगानगर पहुंचे और महापंचायत को संबोधित किया। उन्होंने प्रशासन को आधे घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि गौशाला के पास कचरा प्लांट किसी कीमत पर नहीं बनने दिया जाएगा। बेनीवाल ने चेतावनी दी कि प्लांट का प्रस्ताव निरस्त नहीं हुआ तो वे ग्रामीणों के साथ हाईवे की ओर कूच करेंगे और रात में ही श्रीगंगानगर पहुंचकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा।

अल्टीमेटम के बाद प्रशासनिक अधिकारी महापंचायत स्थल पर पहुंचे। एडीएम सुभाष, एडिशनल एसपी दीपक शर्मा, डीएसपी पुष्पेंद्र सिंह, एसडीएम राजेंद्र कुमार और तहसीलदार सूर्या स्वामी ने मंच पर बेनीवाल से वार्ता की। लेकिन रिपोर्टों के मुताबिक तीन दौर की बातचीत के बाद भी कोई सहमति नहीं बन पाई। वार्ता बेनतीजा रहने पर बेनीवाल ने समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट कूच का ऐलान कर दिया और पूरा इलाका अलर्ट पर आ गया।

रात का घटनाक्रम: कूच, टोल पर रोक और NH-62 जाम

रात करीब साढ़े दस बजे बेनीवाल ग्रामीणों और समर्थकों के साथ सौ से अधिक वाहनों के काफिले में कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुए। पुलिस ने काफिले को NH-62 पर टोल नाके के पास रोक दिया। इसके बाद समर्थक सूरतगढ़-श्रीगंगानगर हाईवे पर प्रदर्शन करने लगे और सड़क पर लंबा जाम लग गया। वाहनों की कतारें दूर तक फैल गईं और रात के समय हाईवे से गुजरने वाले यात्रियों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासन के अधिकारी लगातार प्रदर्शनकारियों से बातचीत करते रहे।

समय घटनाक्रम
बुधवार शाम गोविंद गोधाम गौशाला में महापंचायत, बेनीवाल शामिल हुए
बुधवार शाम प्रशासन को आधे घंटे का अल्टीमेटम, तीन दौर की वार्ता बेनतीजा
रात करीब 10:30 बजे 100 से अधिक वाहनों के साथ कलेक्ट्रेट कूच शुरू
देर रात NH-62 के टोल नाके पर पुलिस ने काफिला रोका, हाईवे पर जाम
रात करीब 2 बजे सहमति बनी, प्लांट का काम रोकने का फैसला, जाम खुला

रात 2 बजे बनी सहमति में क्या तय हुआ?

देर रात तक चली बातचीत के बाद करीब 2 बजे प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच अस्थायी सहमति बन गई। सहमति के मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे:

  • कचरा प्लांट का काम तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाएगा।
  • ग्रामीणों की मांगों को प्रशासन उच्च स्तर तक पहुंचाएगा।
  • मामले की समीक्षा और वैकल्पिक स्थल तलाशने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी।
  • प्रशासन ने मामले के निपटारे के लिए करीब डेढ़ महीने का समय मांगा।

सहमति के बाद प्रदर्शनकारी हाईवे से हट गए और जाम खोल दिया गया। ग्रामीणों ने आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया है, लेकिन साथ ही साफ किया है कि यदि तय समय में ठोस फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन फिर से और बड़े स्तर पर शुरू किया जाएगा। बेनीवाल ने भी कहा कि ग्रामीणों की मांगों पर अमल होना चाहिए, वरना संघर्ष जारी रहेगा।

आगे क्या होगा?

फिलहाल सबकी नजर पांच सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट और प्रशासन के अगले कदम पर है। एक तरफ नगर परिषद को शहर के ठोस कचरे के निस्तारण की स्थायी व्यवस्था चाहिए, तो दूसरी तरफ ग्रामीण गौशाला, खेती और पर्यावरण को लेकर अपनी मांग पर अड़े हैं। कमेटी वैकल्पिक जगह को लेकर क्या सुझाव देती है और सरकार उस पर क्या फैसला लेती है, यही इस विवाद की आगे की दिशा तय करेगा। रात भर चले इस घटनाक्रम ने एक बात साफ कर दी है कि स्थानीय सहमति के बिना ऐसी परियोजनाएं आगे बढ़ाना प्रशासन के लिए आसान नहीं होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न: श्रीगंगानगर में कचरा प्लांट कहां प्रस्तावित है?
उत्तर: प्लांट नरसिंहपुरा-मांझूवास-बिरानी क्षेत्र में प्रस्तावित है, जो गोविंद गोधाम गौशाला के पास है। यह श्रीगंगानगर नगर परिषद क्षेत्र के ठोस कचरे के निस्तारण के लिए बनाया जाना है।

प्रश्न: ग्रामीण कचरा प्लांट का विरोध क्यों कर रहे हैं?
उत्तर: ग्रामीणों को आशंका है कि प्लांट से दुर्गंध, प्रदूषण, खेती की जमीन, जलस्रोतों और गौशाला की दो हजार से ज्यादा गायों पर बुरा असर पड़ेगा। वे करीब पांच महीने से प्लांट की जगह बदलने की मांग कर रहे हैं।

प्रश्न: रात 2 बजे बनी सहमति में क्या फैसला हुआ?
उत्तर: सहमति के तहत प्लांट का काम तत्काल रोक दिया गया है। ग्रामीणों की मांगें उच्च स्तर तक भेजी जाएंगी और वैकल्पिक स्थल के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी। प्रशासन ने करीब डेढ़ महीने का समय मांगा है।

प्रश्न: क्या आंदोलन पूरी तरह खत्म हो गया है?
उत्तर: नहीं, आंदोलन फिलहाल स्थगित किया गया है। ग्रामीणों ने कहा है कि तय समय में फैसला नहीं हुआ तो वे फिर से बड़ा आंदोलन करेंगे। अंतिम फैसला कमेटी की रिपोर्ट के बाद होगा।

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