जयपुर: गांव की सरकार चुनने की प्रक्रिया अब मतदान की दहलीज पर खड़ी है, और इस बीच राज्य सरकार ने प्रशासनिक मशीनरी में बड़ा फेरबदल कर दिया है। कार्मिक विभाग ने आरएएस तबादले के आदेश जारी करते हुए 8 अधिकारियों की नई पदस्थापना तय की है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दो उपखंड अधिकारियों (SDM) को पद से हटाकर पदस्थापन की प्रतीक्षा (APO) में भेज दिया गया है — रावतभाटा और मुण्डावर के एसडीएम अब अगले आदेश तक कार्मिक विभाग में ही उपस्थिति देंगे।
छह अधिकारी लंबे समय से नई तैनाती का इंतजार कर रहे थे, जिन्हें अब चुनावी दौर से ठीक पहले फील्ड की कमान सौंपी गई है। इस आरएएस तबादले के आदेश में साफ लिखा है — रिलीवर का इंतजार किए बिना तुरंत कार्यमुक्त करो, कार्यभार ग्रहण अवधि या छुट्टी का लाभ मत लो, और आदेश न मानने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
आरएएस तबादले: पूरी सूची में कौन-कहां
कार्मिक विभाग के आदेश के मुताबिक आठों अधिकारियों की नई जिम्मेदारियां इस प्रकार तय की गई हैं:
| क्र.सं. | अधिकारी का नाम | नई जिम्मेदारी |
|---|---|---|
| 1 | रामचन्द्र | सचिव, अजमेर विकास प्राधिकरण (ADA) |
| 2 | अजय कुमार आर्य | अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, बारां |
| 3 | जयसिंह-II | उपखंड अधिकारी, मुण्डावर |
| 4 | हेमन्त कुमार घनघोर | उपखंड अधिकारी (रावतभाटा से स्थानांतरण) |
| 5 | भंवर लाल जनागल | मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), जिला परिषद डूंगरपुर |
| 6 | मांगी लाल | उपखंड अधिकारी, वैर (भरतपुर) |
| 7 | सुनील कुमार शिवनिया | उपखंड अधिकारी, हिण्डोली (बूंदी) |
| 8 | प्रियंका बकनूजर | उपखंड अधिकारी, बसेड़ी (धौलपुर) |
रामचन्द्र इससे पहले अजमेर में राजस्व अपील अधिकारी थे। अजय कुमार आर्य को अब बारां में अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी मिली है। बसेड़ी और हिण्डोली — दोनों संवेदनशील उपखंडों में अब नए एसडीएम तैनात हुए हैं, जिसे चुनावी प्रबंधन से जोड़कर देखा जा रहा है।
क्यों हुए ये आरएएस तबादले: चुनावी प्रशासन की जमीन पर असर
पंचायत चुनावों में मतदान से लेकर मतगणना तक की पूरी जमीनी प्रक्रिया उपखंड अधिकारी के हाथ में होती है। नामांकन की जांच, मतदान केंद्रों का प्रबंधन, कानून-व्यवस्था का समन्वय — हर अहम मोर्चे पर एसडीएम ही मुख्य जिम्मेदार अधिकारी होता है। ऐसे में चुनाव से ऐन पहले आठ अफसरों के इस फेरबदल को राजनीतिक जानकार सिर्फ प्रशासनिक रूटीन नहीं मान रहे।
संदेश दोहरा है — अनुभवी चेहरों को संवेदनशील उपखंडों की कमान देना, और दो एसडीएम को एपीओ करके यह जताना कि लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं। गौरतलब है कि आचार संहिता से ठीक पहले सरकार ने 15 RAS अफसरों के तबादले भी किए थे — यानी चुनावी प्रशासन को दुरुस्त करने का यह सिलसिला कई चरणों में चल रहा है।
2 SDM क्यों APO हुए: रावतभाटा और मुण्डावर की कहानी
रावतभाटा की उपखंड अधिकारी डॉ. कृति व्यास और मुण्डावर की उपखंड अधिकारी सृष्टि जैन — दोनों को “प्रशासनिक कारणों से” आगामी आदेशों तक पदस्थापन की प्रतीक्षा (APO) में रखा गया है। दोनों को कार्मिक विभाग में उपस्थिति देने के निर्देश दिए गए हैं। उनकी जगह क्रमशः हेमन्त कुमार घनघोर (रावतभाटा) और जयसिंह-II (मुण्डावर) को नियुक्त किया गया है।
APO का मतलब होता है — पद से हटाया जाना, लेकिन सेवा में बने रहना। यह न तो निलंबन है, न ही बर्खास्तगी। अधिकारी वेतन पाता रहता है, लेकिन उसके पास कोई पद नहीं होता। चुनावी प्रशासन की दृष्टि से दो एसडीएम का एक साथ एपीओ होना असामान्य माना जाता है। इसीलिए सरकार ने उसी आदेश में दोनों की जगह नए एसडीएम तैनात कर दिए हैं, ताकि कामकाज में रुकावट न आए।
आदेश के सख्त निर्देश: तुरंत जॉइनिंग, छुट्टी नहीं, रिपोर्ट ईमेल पर
कार्मिक विभाग का आदेश सिर्फ नामों की सूची नहीं है — इसमें कई सख्त हिदायतें भी हैं, जो इसकी गंभीरता बताती हैं:
- तुरंत कार्यभार ग्रहण: सभी संबंधित अधिकारियों को कार्यग्रहण अवधि (जॉइनिंग टाइम) या अवकाश का लाभ लिए बिना नई जगह कार्यभार संभालना होगा।
- रिलीवर का इंतजार नहीं: विभागाध्यक्षों और जिला कलक्टरों को निर्देश है कि वे रिलीवर का इंतजार किए बिना संबंधित अधिकारियों को नई जिम्मेदारी संभालने के लिए तुरंत कार्यमुक्त करें।
- ईमेल पर रिपोर्ट: अधिकारियों को कार्यभार ग्रहण करने की रिपोर्ट विभाग के ईमेल पर तुरंत भेजनी होगी।
- अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी: आदेश की पालना नहीं होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
ये निर्देश बताते हैं कि सरकार पंचायत चुनावों की प्रशासनिक तैयारी को लेकर कोई ढील नहीं चाहती। जिला कलक्टरों को साफ कहा गया है कि कार्यमुक्ति में देरी बर्दाश्त नहीं होगी।
RAS क्या है: चुनावी मशीनरी के ये चेहरे कौन हैं
राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) राज्य की सबसे प्रतिष्ठित प्रशासनिक सेवा है। इस सेवा के अधिकारी उपखंड अधिकारी (SDM), अतिरिक्त जिला कलक्टर (ADM), जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जैसे अहम पदों पर तैनात होते हैं। इस आरएएस तबादले की सूची में एसडीएम और एडीएम स्तर के अधिकारी सबसे ज्यादा हैं — ठीक वे पद जो पंचायत चुनाव की जमीनी मशीनरी चलाते हैं।
पंचायत चुनाव 2026: अब आगे क्या
पंचायत चुनावों का कार्यक्रम घोषित हो चुका है — पहले चरण का मतदान 22 अक्टूबर और दूसरे चरण का 28 अक्टूबर को प्रस्तावित है। नाम वापसी की समयसीमा अधिकांश जगहों पर 19 अक्टूबर तक है। ऐसे में नए अधिकारियों को तुरंत कार्यभार संभालकर चुनावी तैयारियों में जुटना होगा। प्रशासनिक फेरबदल के साथ सुरक्षा तैयारियां भी तेज हैं — पंचायत चुनाव पुलिस अलर्ट के तहत नाकाबंदी और हिस्ट्रीशीटरों पर निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। दोनों का संदेश एक ही है: चुनाव प्रबंधन में कोई चूक बर्दाश्त नहीं होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सवाल: 8 RAS अफसरों के तबादले कब और क्यों किए गए?
जवाब: कार्मिक विभाग ने 17 अक्टूबर 2026 को आरएएस तबादले के ये आदेश जारी किए। पंचायत चुनाव से ठीक पहले चुनावी प्रशासन को मजबूत करने के लिए यह फेरबदल किया गया है।
सवाल: APO का मतलब क्या होता है?
जवाब: APO यानी “आवेटिंग पोस्टिंग ऑर्डर” (पदस्थापन की प्रतीक्षा में)। इसमें अधिकारी पद से हटा दिया जाता है, लेकिन सेवा और वेतन में बना रहता है। रावतभाटा की डॉ. कृति व्यास और मुण्डावर की सृष्टि जैन को प्रशासनिक कारणों से APO किया गया है।
सवाल: इस सूची में सबसे अहम तैनातियां कौन-सी हैं?
जवाब: रामचन्द्र को अजमेर विकास प्राधिकरण का सचिव, अजय कुमार आर्य को बारां का अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, और भंवर लाल जनागल को जिला परिषद डूंगरपुर का सीईओ बनाना प्रमुख बदलाव हैं। इसके अलावा वैर, हिण्डोली और बसेड़ी में नए एसडीएम तैनात किए गए हैं।
सवाल: क्या चुनाव के दौरान भी तबादले हो सकते हैं?
जवाब: चुनावी प्रक्रिया के दौरान फील्ड अधिकारियों के तबादले पर आम तौर पर रोक रहती है, लेकिन आरएएस तबादले के ये आदेश उससे पहले जारी किए गए हैं। नए अधिकारियों को बिना देरी के तुरंत कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि चुनावी तैयारियों में कोई बाधा न आए।
डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक समाचार स्रोतों पर आधारित है। तबादलों की आधिकारिक सूची कार्मिक विभाग, राजस्थान सरकार के आदेश में उपलब्ध है।