सस्ते दामों पर कबाड़ खरीदने का लालच एक ट्रक चालक को भारी पड़ गया। राजसमंद जिले के भीम थाना क्षेत्र में एक अंतरराज्यीय गिरोह ने सस्ता स्क्रैप दिलाने के बहाने ट्रक को सुनसान जगह पर बुलाया, चालक को बंधक बनाकर मारपीट की और केबिन में रखे करीब 9 लाख रुपए लूटकर फरार हो गया। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। भीम थाना पुलिस ने 300 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले, करीब 1300 किलोमीटर तक आरोपियों का पीछा किया और प्रदेश के 10 से 12 जिलों में दबिश देकर सातों बदमाशों को धर दबोचा। पुलिस की इस कार्रवाई से उस गिरोह का पर्दाफाश हो गया है, जो लंबे समय से भोले-भाले लोगों को इसी तरह जाल में फंसाकर लूटपाट करता आ रहा था।
कैसे रची गई साजिश: सस्ते स्क्रैप का लालच बना जाल
पुलिस के मुताबिक यह पूरी वारदात पहले से सोची-समझी रणनीति के तहत अंजाम दी गई थी। गिरोह के सदस्यों ने पीड़ित को सस्ते दामों में स्क्रैप यानी कबाड़ उपलब्ध कराने का लालच दिया। कबाड़ के कारोबार में लेन-देन अक्सर नकदी पर चलता है, इसलिए व्यापारी और ट्रक चालक बड़ी रकम साथ लेकर चलते हैं — गिरोह इसी कमजोरी को निशाना बनाता था।
लालच में आकर पीड़ित अपना ट्रक लेकर बताए गए स्थान पर पहुंच गया। जगह सुनसान थी। जैसे ही ट्रक वहां रुका, बदमाशों ने उसे चारों ओर से घेर लिया। इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित को बंधक बना लिया, उसके साथ जमकर मारपीट की और ट्रक के केबिन में रखे लगभग 9 लाख रुपए की नकदी लूटकर फरार हो गए। वारदात के बाद सभी आरोपी पुलिस से बचने के लिए अलग-अलग दिशाओं में तितर-बितर हो गए, ताकि किसी एक रास्ते से उनका सुराग न मिल सके।
300 सीसीटीवी फुटेज और 1300 किलोमीटर का पीछा
डकैती जैसी गंभीर वारदात के खुलासे के लिए भीम थाना पुलिस ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया। भीम थानाधिकारी दिलीप खदाव के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने सबसे पहले घटनास्थल और उसके आसपास के रास्तों की तलाश शुरू की।
सुराग तलाशने के लिए पुलिस टीम ने 300 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज की मदद से जब आरोपियों के भागने के रास्तों का पता चला, तो पुलिस टीमों ने करीब 1300 किलोमीटर तक लगातार उनका पीछा किया। इस दौरान राजस्थान के 10 से 12 अलग-अलग जिलों में दबिश दी गई। कई दिनों की इस मशक्कत के बाद आखिरकार सातों आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीक और जमीनी मेहनत के मेल ने ही इस अंतरराज्यीय गिरोह तक पहुंचने का रास्ता खोला।
मामले की मुख्य बातें एक नजर में
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| वारदात का स्थान | भीम थाना क्षेत्र, जिला राजसमंद |
| लूटी गई रकम | करीब 9 लाख रुपए नकद |
| गिरफ्तार आरोपी | 7 |
| वारदात का तरीका | सस्ते स्क्रैप का झांसा, सुनसान जगह पर बंधक बनाकर लूट |
| जांच में खंगाले गए सीसीटीवी फुटेज | 300 से अधिक |
| पुलिस ने किया पीछा | करीब 1300 किलोमीटर |
| दबिश वाले जिले | राजस्थान के 10 से 12 जिले |
| टीम का नेतृत्व | भीम थानाधिकारी दिलीप खदाव |
खूंखार रिकॉर्ड वाले आरोपी, यही था गिरोह का पुराना तरीका
पुलिस की शुरुआती जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। गिरफ्तार किए गए सभी सातों आरोपी शातिर किस्म के अपराधी बताए जा रहे हैं। उनके खिलाफ विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, चोरी और नकबजनी जैसे गंभीर आपराधिक मामलों के कई प्रकरण पहले से दर्ज हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह हमेशा इसी मोडस ऑपरेंडी यानी अपराध के तय तरीके पर काम करता था। पहले लोगों को सस्ते सामान का लालच देना, फिर उन्हें सुनसान इलाके में बुलाना, बंधक बनाकर मारपीट करना और लूटपाट करके फरार हो जाना — यही इनका पुराना पैटर्न रहा है। गिरोह के अंतरराज्यीय होने की बात भी सामने आई है, जिससे आशंका है कि इन्होंने राजस्थान के बाहर भी ऐसी वारदातें की हों।
फिलहाल भीम थाना पुलिस सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान पूछताछ में इस गिरोह की अन्य कई वारदातों का खुलासा हो सकता है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरोह के साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे और इन्होंने इस तरह की वारदातें और कहां-कहां अंजाम दी हैं।
ट्रक चालक और व्यापारी ऐसी ठगी से कैसे बचें?
यह मामला कबाड़ और परिवहन कारोबार से जुड़े हर व्यक्ति के लिए एक सबक है। पुलिस की जांच में सामने आया तरीका साफ बताता है कि बदमाश सबसे पहले लालच का ही इस्तेमाल करते हैं। कुछ सावधानियां ऐसी घटनाओं से बचा सकती हैं:
- अनजान सौदे पर अकेले न जाएं: पहली बार के सौदे में किसी साथी को साथ ले जाएं और परिवार या जानकार को स्थान की जानकारी जरूर दें।
- सुनसान जगह पर डिलीवरी से इनकार करें: सौदा हमेशा आबादी वाले, बाजार या थाना क्षेत्र के नजदीक इलाके में करें। रात के समय अनजान स्थान पर जाने से बचें।
- बड़ी नकदी साथ न रखें: जहां संभव हो, भुगतान डिजिटल माध्यम से करें। नकदी ले जाना जरूरी हो तो रकम की जानकारी सीमित लोगों तक ही रखें।
- सौदे की जानकारी साझा करें: किससे, कहां और कितने बजे मिलना है — यह ब्योरा किसी भरोसेमंद व्यक्ति के साथ पहले से साझा कर दें।
- संदेह हो तो 112 डायल करें: कोई भी जबरदस्ती या धमकी महसूस हो तो तुरंत पुलिस सहायता नंबर 112 पर संपर्क करें और नजदीकी थाने को सूचना दें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: राजसमंद डकैती मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
उत्तर: भीम थाना पुलिस ने इस मामले में कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 300 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालकर और करीब 1300 किलोमीटर पीछा करके इन्हें पकड़ा।
प्रश्न: गिरोह वारदात को कैसे अंजाम देता था?
उत्तर: गिरोह सस्ते दामों पर स्क्रैप या सामान दिलाने का लालच देकर पीड़ित को सुनसान जगह बुलाता था। वहां पीड़ित को बंधक बनाकर मारपीट की जाती थी और नकदी लूटकर आरोपी अलग-अलग दिशाओं में फरार हो जाते थे।
प्रश्न: भीम डकैती में कितनी रकम लूटी गई थी?
उत्तर: आरोपियों ने ट्रक चालक को बंधक बनाकर ट्रक के केबिन में रखे करीब 9 लाख रुपए नकद लूटे थे।
प्रश्न: क्या आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है?
उत्तर: हां, पुलिस के अनुसार गिरफ्तार सातों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, चोरी और नकबजनी जैसे गंभीर मामलों के कई प्रकरण पहले से दर्ज हैं। पूछताछ में और वारदातों के खुलासे की उम्मीद है।