छात्रवृत्ति बायोमेट्रिक उपस्थिति: 30 नवंबर तक बढ़ी तारीख, 2 सत्रों के विद्यार्थियों को राहत

राजस्थान में छात्रवृत्ति का इंतजार कर रहे लाखों विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर आई है। राज्य के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने छात्रवृत्ति पोर्टल पर छात्रवृत्ति बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 30 नवंबर 2026 कर दी है। यह छूट एक नहीं, बल्कि दो शैक्षणिक सत्रों — 2024-25 और 2025-26 — के विद्यार्थियों को एक साथ मिली है, यानी जो छात्र पुरानी तारीख निकल जाने की वजह से परेशान थे, उन्हें भी अब मौका मिलेगा।

किन विद्यार्थियों को मिलेगा इस फैसले का फायदा

यह तारीख बढ़ोतरी सिर्फ नए आवेदकों के लिए नहीं है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक सत्र 2024-25 के विद्यार्थी भी इस छूट का लाभ ले सकेंगे, जिनकी छात्रवृत्ति बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज न हो पाने की वजह से अटकी हुई थी। इसी तरह सत्र 2025-26 के मौजूदा विद्यार्थियों को भी 30 नवंबर तक का अतिरिक्त समय मिलेगा।

राज्य की छात्रवृत्ति योजनाएं मुख्य रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और विशेष योग्यजन श्रेणियों के विद्यार्थियों के लिए चलाई जाती हैं। इन योजनाओं में आवेदन तो ऑनलाइन होता है, लेकिन राशि जारी होने से पहले पोर्टल पर बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य शर्त है। यही वह कदम था जहां हजारों विद्यार्थी अटक रहे थे — किसी का अंगूठा मशीन पर मैच नहीं हो रहा था, तो कोई तय तारीख तक केंद्र तक पहुंच ही नहीं पाया था।

पहले क्या थी तारीख, अब क्या बदला

विभाग के पहले के आदेश के मुताबिक सत्र 2024-25 के विद्यार्थियों को 15 सितंबर 2026 तक अपनी बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करानी थी, जबकि सत्र 2025-26 के लिए यह सीमा 15 अक्टूबर 2026 तय की गई थी। दोनों तारीखें अब बीत चुकी हैं — यही वजह थी कि बहुत से विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति प्रक्रिया बीच में ही रुक गई थी।

शैक्षणिक सत्र पहले की अंतिम तारीख बढ़ी हुई अंतिम तारीख
2024-25 15 सितंबर 2026 30 नवंबर 2026
2025-26 15 अक्टूबर 2026 30 नवंबर 2026

अब दोनों सत्रों के लिए एक ही अंतिम तारीख — 30 नवंबर 2026 — लागू होगी। इसका सीधा मतलब है कि सत्र 2024-25 के विद्यार्थियों को करीब ढाई महीने और सत्र 2025-26 के विद्यार्थियों को करीब डेढ़ महीने का अतिरिक्त समय मिल गया है।

छात्रवृत्ति बायोमेट्रिक उपस्थिति क्यों जरूरी है

बहुत से विद्यार्थी और अभिभावक यह नहीं जानते कि आवेदन फॉर्म भर देना ही काफी नहीं होता। राजस्थान की छात्रवृत्ति व्यवस्था में बायोमेट्रिक सत्यापन वह पुल है जो आवेदन को भुगतान तक पहुंचाता है। इसके बिना विभाग यह पुष्टि नहीं कर पाता कि आवेदक वही व्यक्ति है जिसने फॉर्म भरा है और वह वास्तव में अध्ययनरत है।

पोर्टल पर बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने की प्रक्रिया आमतौर पर इस तरह होती है:

  • सबसे पहले छात्रवृत्ति पोर्टल पर अपना आवेदन और दस्तावेज सत्यापित कराएं
  • संस्थान या नजदीकी सत्यापन केंद्र पर बायोमेट्रिक डिवाइस पर अंगूठे का निशान दर्ज कराएं
  • उपस्थिति दर्ज होने के बाद पोर्टल पर स्थिति (स्टेटस) जरूर जांचें
  • अगर निशान मैच न हो तो केंद्र प्रभारी से वैकल्पिक सत्यापन विकल्प पूछें

छोटी सी लापरवाही — जैसे स्टेटस न जांचना — भी महीनों की देरी का कारण बन सकती है। इसलिए 30 नवंबर से पहले ही यह प्रक्रिया पूरी करके पोर्टल पर हरी झंडी देख लेना समझदारी होगी।

विभाग ने क्या कहा

विभाग के निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव ललित कुमार ने बताया कि जरूरतमंद विद्यार्थियों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से तारीख बढ़ाने का यह फैसला लिया गया है। विभाग का आकलन था कि तय समय सीमा के भीतर बड़ी संख्या में विद्यार्थी बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाए थे, जिससे उनकी छात्रवृत्ति की राशि अटकने का खतरा पैदा हो गया था।

यह फैसला विभाग ने जमीनी हकीकत को देखते हुए तेजी से लिया है, ताकि एक भी पात्र विद्यार्थी सिर्फ समय सीमा की वजह से अपने हक से वंचित न रह जाए। छात्रवृत्ति बायोमेट्रिक उपस्थिति की यह बढ़ी हुई तारीख अब अंतिम अवसर जैसी है।

30 नवंबर तक चूक गए तो क्या होगा

तारीख बढ़ना राहत है, लेकिन यह आखिरी मौका भी हो सकता है। अब तक के पैटर्न को देखें तो विभाग ने पहले भी समय सीमाएं बढ़ाई हैं — सत्र 2024-25 के लिए सितंबर की तारीख भी पहले बढ़ाई गई थी। लेकिन हर बार की छूट के बाद प्रक्रिया और सख्त होती जाती है। अगर 30 नवंबर तक भी छात्रवृत्ति बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं हुई, तो आवेदन अमान्य माना जा सकता है और उस सत्र की छात्रवृत्ति राशि से हाथ धोना पड़ सकता है।

खास तौर पर सत्र 2024-25 के विद्यार्थियों के लिए यह संभवतः अंतिम अवसर है — दस्तावेजों में कोई कमी हो तो उसे भी इन्हीं दिनों में दूर करा लें।

विद्यार्थियों के लिए जरूरी बातें एक नजर में

  • नई अंतिम तारीख: 30 नवंबर 2026 (दोनों सत्रों के लिए)
  • विभाग: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान
  • लागू सत्र: 2024-25 और 2025-26
  • अनिवार्य शर्त: छात्रवृत्ति पोर्टल पर बायोमेट्रिक उपस्थिति
  • सलाह: आखिरी दिनों का इंतजार न करें, केंद्रों पर भीड़ बढ़ सकती है

राजस्थान में छात्रवृत्ति से जुड़ी अन्य योजनाओं की तरह इस प्रक्रिया की ताजा जानकारी के लिए विद्यार्थी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के आधिकारिक पोर्टल sje.rajasthan.gov.in पर भी नजर बनाए रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल: क्या 30 नवंबर की तारीख दोनों सत्रों के विद्यार्थियों पर लागू होगी?

जवाब: हां। विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2024-25 और 2025-26 दोनों के लिए छात्रवृत्ति बायोमेट्रिक उपस्थिति की अंतिम तारीख एक समान रूप से 30 नवंबर 2026 तय की है।

सवाल: अगर पहले ही बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं तो क्या दोबारा कराना होगा?

जवाब: नहीं। जिन विद्यार्थियों की उपस्थिति पोर्टल पर पहले से दर्ज और सत्यापित दिख रही है, उन्हें दोबारा यह प्रक्रिया नहीं करानी है। बस पोर्टल पर अपना स्टेटस एक बार जरूर जांच लें।

सवाल: बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा मैच न हो तो क्या करें?

जवाब: ऐसी स्थिति में सत्यापन केंद्र के प्रभारी से संपर्क करें। विभाग के नियमों में वैकल्पिक सत्यापन की व्यवस्था होती है, लेकिन इसके लिए समय पर केंद्र पहुंचना जरूरी है।

सवाल: तारीख बढ़ने से छात्रवृत्ति की राशि कब तक मिलेगी?

जवाब: बायोमेट्रिक उपस्थिति और दस्तावेज सत्यापन पूरा होने के बाद विभाग चरणबद्ध तरीके से राशि जारी करता है। प्रक्रिया जितनी जल्दी पूरी होगी, भुगतान उतना ही जल्दी होगा।

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