पंचायत राज चुनाव के तीसरे चरण की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर है। आज यानी 21 अक्टूबर से जयपुर में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में बैठकों का सिलसिला शुरू हो रहा है, जिसमें जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम मंथन होगा। इस पंचायत चुनाव बीजेपी बैठक में दो दिन तक 17 जिलों के प्रत्याशियों के पैनल पर चर्चा होगी; सूत्रों के मुताबिक इसके बाद आधिकारिक उम्मीदवार सूची जारी होगी।
बैठकों की सबसे अहम बात यह है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ खुद इसमें मौजूद रहेंगे। इसके अलावा संगठन महामंत्री अजेय कुमार भी बैठकों का हिस्सा होंगे। यानी टिकट बंटवारे का फैसला अब प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व के सीधे पर्यवेक्षण में होगा।
पंचायत चुनाव बीजेपी बैठक में आज और कल क्या तय होगा
21 अक्टूबर को भाजपा प्रदेश मुख्यालय में 13 जिलों के उम्मीदवारों को लेकर अलग-अलग बैठकें प्रस्तावित हैं। ये जिले अजमेर, उदयपुर, बीकानेर, जयपुर, जोधपुर और कोटा संभाग से जुड़े हैं। 22 अक्टूबर को भरतपुर संभाग के चार जिलों — भरतपुर, डीग, धौलपुर और सवाई माधोपुर — के प्रत्याशियों के नामों पर विचार किया जाएगा।
इससे पहले पहले और दूसरे चरण के जिलों के लिए भी टिकट चयन को लेकर बैठकों का दौर चल चुका है। अब पंचायत चुनाव बीजेपी बैठक का पूरा फोकस तीसरे चरण पर है, क्योंकि इसी चरण के नतीजे तय करेंगे कि जिला परिषदों और पंचायत समितियों में भाजपा की पकड़ कितनी मजबूत होगी।
17 जिलों की पूरी सूची
| तारीख | संभाग | जिले |
|---|---|---|
| 21 अक्टूबर | अजमेर | ब्यावर, डीडवाना-कुचामन, टोंक |
| 21 अक्टूबर | उदयपुर | प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, सलूंबर |
| 21 अक्टूबर | बीकानेर | चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर |
| 21 अक्टूबर | जयपुर | खैरथल-तिजारा |
| 21 अक्टूबर | जोधपुर | बालोतरा |
| 21 अक्टूबर | कोटा | बारां, बूंदी |
| 22 अक्टूबर | भरतपुर | भरतपुर, डीग, धौलपुर, सवाई माधोपुर |
पंचायत चुनाव बीजेपी बैठक में तीसरे चरण की अहमियत
पंचायती राज चुनाव 2026 इस बार चार चरणों में कराए जा रहे हैं। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान 23 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, 4 नवंबर और 14 नवंबर को होगा, जबकि सभी चरणों के परिणाम 20 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। कुल 41 जिला परिषदों के 1,403 सदस्यों और 457 पंचायत समितियों के 8,245 सदस्यों का चुनाव होना है।
सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव भी चार चरणों में 25 अक्टूबर, 31 अक्टूबर, 6 नवंबर और 16 नवंबर को होंगे, और इनके नतीजे मतदान वाले दिन ही देर रात तक घोषित कर दिए जाएंगे। इन चुनावों में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण का प्रावधान है, जिसके तहत करीब 7,200 महिला सरपंच और 65 हजार से अधिक महिला वार्ड पंच चुनी जाएंगी।
जिला परिषद सदस्य मिलकर जिला प्रमुख और पंचायत समिति सदस्य प्रधान का चुनाव करेंगे। 37 जिलों में 25 नवंबर को जिला प्रमुख और 27 नवंबर को प्रधान का चुनाव होगा। यही कारण है कि टिकट बंटवारे पर इतना जोर है — जिला परिषद में बहुमत का मतलब जिला प्रमुख की कुर्सी पर सीधा कब्जा है।
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही प्रदेश में आचार संहिता लागू हो चुकी है। राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी के लिए नागरिक राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट देख सकते हैं।
टिकट बंटवारे में सबसे बड़ी चुनौतियां
नए जिले, नई चुनौती: ब्यावर, डीडवाना-कुचामन, डीग और सलूंबर जैसे नए जिलों में पहली बार जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव हो रहे हैं। पंचायत चुनाव बीजेपी बैठक में इन क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों का चयन स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखकर करना होगा। नए जिलों में राजनीतिक नेतृत्व, स्थानीय कार्यकर्ताओं की दावेदारी और क्षेत्रीय मुद्दे टिकट वितरण के दौरान अहम भूमिका निभाएंगे।
बारां में कड़ा मुकाबला: बारां जिले को लेकर भाजपा के सामने विशेष राजनीतिक चुनौती रहने की चर्चा है। यहां कांग्रेस और अन्य दलों के साथ कड़े मुकाबले की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों के चयन पर गहन मंथन किया जाएगा।
आदिवासी अंचल में बीएपी फैक्टर: सलूंबर और प्रतापगढ़ में भाजपा को कांग्रेस के साथ-साथ भारतीय आदिवासी पार्टी (बीएपी) की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। सलूंबर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा और बीएपी के बीच करीबी मुकाबला रहा था, इसलिए टिकट तय करते समय स्थानीय समीकरणों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
भरतपुर: सीएम का गृह क्षेत्र: भरतपुर में भाजपा के सामने निकाय चुनावों के प्रदर्शन को पंचायती राज चुनावों में दोहराने की चुनौती रहेगी। भरतपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का गृह क्षेत्र भी है, इसलिए यहां के घटनाक्रम पर विशेष नजर रहेगी।
कैसे चुने जाएंगे उम्मीदवार
टिकट चयन की प्रक्रिया काफी हद तक पहले से ही आगे बढ़ चुकी है। संभाग और जिला प्रभारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों से उम्मीदवारों के पैनल तैयार कर लिए हैं। पंचायत चुनाव बीजेपी बैठक में अब इन्हीं पैनलों पर विचार कर अंतिम निर्णय की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे।
संगठनात्मक व्यवस्था के तहत अजमेर संभाग की जिम्मेदारी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी और भरतपुर संभाग की जिम्मेदारी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी संभाल रहे हैं।
बैठकों में मुख्यमंत्री की मौजूदगी को संगठन और सरकार के बीच समन्वय के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि किसी जिले में दावेदारों के बीच सहमति नहीं बनती है, तो प्रदेश स्तर पर विचार-विमर्श के जरिए समाधान तलाशा जाएगा।
अब आगे क्या
21 और 22 अक्टूबर की पंचायत चुनाव बीजेपी बैठक के बाद प्रत्याशियों की सूची जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। तीसरे चरण का मतदान 4 नवंबर को है, इसलिए उम्मीदवारों के पास प्रचार के लिए पर्याप्त समय रहेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवाल: पंचायत चुनाव बीजेपी बैठक कब और कहां हो रही है?
जवाब: 21 और 22 अक्टूबर को जयपुर के भाजपा प्रदेश मुख्यालय में। 21 अक्टूबर को 13 जिलों और 22 अक्टूबर को भरतपुर संभाग के 4 जिलों के उम्मीदवारों पर मंथन होगा।
सवाल: इन बैठकों में कौन-कौन शामिल होगा?
जवाब: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और संगठन महामंत्री अजेय कुमार की मौजूदगी प्रस्तावित है। इसके अलावा संभाग और जिला प्रभारियों ने दावेदारों के पैनल तैयार किए हैं।
सवाल: पंचायत चुनाव के तीसरे चरण का मतदान कब होगा?
जवाब: जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए तीसरे चरण का मतदान 4 नवंबर को होगा। सभी चरणों के परिणाम 20 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।
सवाल: उम्मीदवारों की सूची कब जारी होगी?
जवाब: पंचायत चुनाव बीजेपी बैठक में प्रदेश नेतृत्व की सहमति बनने के बाद पार्टी की ओर से आधिकारिक उम्मीदवार सूची जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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