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नागौर मंडी भाव 16 जून 2026: जीरा, ग्वार और मूंग के भावों में भारी बदलाव

Kamal Chouhan
By Kamal Chouhan On June 16, 2026
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नागौर मंडी भाव (16 जून 2026)
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नागौर मंडी भाव 16 जून 2026  :- राजस्थान की अग्रिम और देश की प्रसिद्ध मसाला व दलहन पीठ नागौर कृषि मंडी में आज का व्यापार बेहद हलचल भरा रहा। जून महीने के मध्य में आते-आते कृषि मंडी समाचार के अनुसार बाजार में एक बड़ा और नया मोड़ देखने को मिला है। आज नागौर मंडी भाव में जीरा, ग्वार और मूंग के भावों में भारी बदलाव दर्ज किया गया है। आज सुबह से ही मंडी प्रांगण में किसानों और बड़े व्यापारियों की भारी भीड़ देखी गई, जिसका मुख्य कारण चुनिंदा फसलों में आई अचानक तेजी-मंदी और मांग का असंतुलन रहा।

वैश्विक बाजारों से मिल रहे मजबूत संकेतों और घरेलू स्तर पर मसाला मिलों की सक्रियता के कारण जीरा का भाव आज एक बार फिर चर्चा का विषय बना रहा। वहीं दूसरी ओर, मानसून की आहट और औद्योगिक मांग में उतार-चढ़ाव के चलते ग्वार का भाव और मूंग का भाव अपनी एक नई दिशा तय करते नजर आए। दाल मिलों की सीमित लिवाली और नई आवक के दबाव ने दलहन बाजार को प्रभावित किया है। आज का मंडी भाव न केवल स्थानीय किसानों के लिए बल्कि राजस्थान मंडी भाव पर नजर रखने वाले देश भर के कमोडिटी निवेशकों और स्टॉकिस्टों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण संकेत दे रहा है। आइए जानते हैं नागौर कृषि मंडी की आज की विस्तृत व्यापारिक रिपोर्ट।

नागौर मंडी भाव 16 जून 2026 

फसलअधिकतम भाव (₹/क्विंटल)मध्यम भाव (₹/क्विंटल)न्यूनतम भाव (₹/क्विंटल)
जीरा (Jeera)21,50019,75018,000
ईसबगोल (Isabgol)12,30011,65011,000
तिल (Sesame)10,0009,0008,000
सौंफ (Fennel)9,0008,0007,000
मूंग (Moong)8,5006,2504,000
सुवा (Suva)7,0006,5006,000
सरसों (Mustard)6,2005,9005,600
असालिया (Asalia)5,6505,3255,000
मेथी (Methi)5,1004,9504,800
तारामीरा (Taramira)5,0504,5254,000
ग्वार (Guar)5,0004,9004,800
चना (Chana)4,9504,7254,500
ज्वार (Jowar)4,8003,9003,000
मोठ (Moth)4,60040503,500

आज का बाजार विश्लेषण 

नागौर कृषि मंडी में आज व्यापारिक गतिविधियों का गहराई से विश्लेषण करने पर पता चलता है कि बाजार पूरी तरह से ‘मांग और आपूर्ति’ के नए समीकरणों के तहत काम कर रहा है। मंडी में आज कुल आवक सामान्य दिनों के मुकाबले थोड़ी कम रही, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में किसान आगामी खरीफ सीजन के लिए खेतों को तैयार करने और मानसून पूर्व के कार्यों में व्यस्त हैं। इसके बावजूद, स्टॉकिस्टों और बड़े निर्यातकों की उपस्थिति के कारण व्यापारिक प्रतिस्पर्धा काफी तगड़ी रही।

मसाला बाजार का रुख आज सबसे अधिक आक्रामक देखा गया। जीरा और ईसबगोल की बेहतरीन क्वालिटी वाली ढेरी (Quality Stock) को खरीदने के लिए बाहरी व्यापारियों (विशेषकर ऊंझा और राजकोट के खरीदार) के बीच होड़ मची रही। निर्यात की मजबूत संभावनाओं ने इन दोनों फसलों के भावों को टूटने नहीं दिया। वहीं दूसरी तरफ, दलहन बाजार की चाल आज थोड़ी शांत लेकिन स्थिर रही। मूंग में जो गिरावट पिछले कुछ दिनों से बनी हुई थी, उस पर आज विराम लगा और ऊपरी स्तरों पर ₹8,500 का भाव छूकर इसने बाजार को एक नया सहारा दिया। तिलहन बाजार की स्थिति में सरसों और तारामीरा के भाव घरेलू तेल मिलों की सामान्य मांग के कारण अपने सीमित दायरे में ही घूमते नजर आए।

शीर्षक में लिखे गए “भारी बदलाव” के पीछे का मुख्य कारण यह है कि मंडी में औसत दर्जे के माल (Medium Quality) और प्रीमियम माल (Best Premium Quality) के बीच का अंतर बहुत ज्यादा बढ़ गया है। जिन किसानों के पास अच्छी सूखी और साफ फसल है, उन्हें व्यापारी हाथों-हाथ ऊंचे दामों पर खरीद रहे हैं, जबकि नमी वाले और हल्के माल के लिए खरीदार कम मिल रहे हैं।

प्रमुख फसलों का बाजार विश्लेषण 

जीरा का भाव 

आज नागौर मंडी में जीरे के बाजार में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई और इसका अधिकतम भाव ₹21,500 प्रति क्विंटल तक जा पहुंचा। अंतर्राष्ट्रीय बाजारों, विशेषकर चीन और खाड़ी देशों से भारतीय जीरे की चौतरफा मांग निकल रही है, जिसने स्थानीय बोलियों में नया जोश भर दिया है। ऊंझा और राजकोट के बड़े निर्यातकों और स्टॉकिस्टों ने नीचे के भावों पर बेहतरीन क्वालिटी के माल की चौतरफा लिवाली शुरू कर दी है, जिससे बाजार को लगातार ऊपरी सपोर्ट मिल रहा है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि वैश्विक मांग की यही गति जारी रही, तो आने वाले दिनों में जीरे के भावों में ₹500 से ₹1,000 प्रति क्विंटल तक का और उछाल आ सकता है। ऐसे में किसानों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार की हर तेजी का लाभ उठाने के लिए अपना माल किश्तों में धीरे-धीरे निकालें। 

ग्वार का भाव 

नागौर कृषि मंडी में आज ग्वार का कारोबार पूरी तरह से एक सीमित दायरे में बंधा नजर आया, जहाँ इसके भाव ₹4,800 से ₹5,000 प्रति क्विंटल के बीच दर्ज किए गए। वैश्विक स्तर पर ग्वार गम की औद्योगिक मांग इस समय सुस्त बनी हुई है, जिससे बड़े कॉर्पोरेट खरीदार और सटोरिये आक्रामक खरीदारी से बच रहे हैं। इसके अतिरिक्त, देश के कुछ हिस्सों में प्री-मानसून की शुरुआती बारिश की खबरों ने भी बाजार की धारणा पर असर डाला है, क्योंकि व्यापारी अब खरीफ सीजन की नई बिजाई पर नजर रख रहे हैं। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए ग्वार में फिलहाल किसी बड़ी और अचानक तेजी के आसार कम हैं। जो किसान जोखिम नहीं उठाना चाहते, वे इस स्थिर भाव पर अपनी फसल बेच सकते हैं, जबकि लंबे समय तक रुकने वाले किसानों को मानसून की प्रगति का इंतजार करना चाहिए। 

मूंग का भाव 

आज दलहन बाजार के तहत नागौर मंडी में मूंग का अधिकतम भाव ₹8,500 प्रति क्विंटल दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम भाव ₹4,000 प्रति क्विंटल तक नीचे चला गया। भावों में यह भारी अंतर शुद्ध रूप से माल की गुणवत्ता, दानों के आकार और उसमें मौजूद नमी (मॉइश्चर) के आधार पर देखा गया है। आगामी त्यौहारों और घरेलू मांग को देखते हुए स्थानीय और बाहरी दाल मिलों के संचालक मंडी में अच्छे, चमकीले और पूरी तरह सूखे मूंग की ढेरी को ऊंचे दामों पर हाथों-हाथ खरीद रहे हैं। शॉर्ट-टर्म आउटलुक को देखें तो आने वाले कुछ हफ्तों तक अच्छे मूंग की मांग मजबूत बनी रहेगी और कीमतें इसी दायरे में टिकी रहेंगी। किसानों को आढ़तियों की तरफ से यही मशविरा है कि वे अपनी उपज को मंडी लाने से पहले अच्छी तरह सुखा लें और उसकी ग्रेडिंग जरूर करें, ताकि उन्हें पूरा और सही दाम मिल सके। 

ईसबगोल का भाव 

फार्मास्युटिकल और वेलनेस इंडस्ट्री की ओर से मिल रही लगातार मजबूत मांग के चलते ईसबगोल आज नागौर मंडी में ₹12,300 प्रति क्विंटल के शानदार अधिकतम स्तर पर बिका। इस साल उत्पादन में आंशिक कमी के कयासों ने इसके बाजार को लगातार मजबूत बनाए रखा है और घरेलू खपत के साथ-साथ विदेशी निर्यात के ऑर्डर्स भी काफी अच्छे मिल रहे हैं। इसका मध्यम भाव ₹11,650 के आसपास बना हुआ है, जो यह साबित करता है कि बाजार नीचे के स्तरों पर बेहद मजबूत है। कमोडिटी विशेषज्ञों के अनुसार, ईसबगोल लंबे समय के निवेश और व्यापार के लिहाज से एक बेहद सुरक्षित और मुनाफा देने वाली फसल साबित हो रही है, जिसमें आने वाले हफ्तों में भी मंदी की आशंका न के बराबर है। 

सौंफ का भाव 

आज नागौर मंडी में सौंफ का व्यापार ₹7,000 से ₹9,000 प्रति क्विंटल के बीच होता हुआ देखा गया। मसाला कंपनियों और अंचलों के बड़े खरीदार हरी और मोटी सौंफ की प्रीमियम क्वालिटी को ऊंचे दामों पर खरीदने में खासी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। हालांकि, मंडी में सामान्य और औसत दर्जे की सौंफ की आवक का दबाव थोड़ा ज्यादा है, जिसके कारण इसका मध्यम भाव ₹8,000 प्रति क्विंटल के आसपास बना हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि मसाला बाजार की कुल चौतरफा मजबूती सौंफ के भावों को नीचे नहीं गिरने देगी और आने वाले दिनों में अच्छी क्वालिटी के माल की कीमतों में सुधार देखने को मिलेगा। 

तिल का भाव 

तिल के बाजारों में आज एक बार फिर लंबी छलांग देखने को मिली और यह ₹10,000 प्रति क्विंटल के मनोवैज्ञानिक स्तर को छूने में सफल रहा। अंतर्राष्ट्रीय निर्यात बाजारों में सफेद और काले दोनों ही प्रकार के तिलों की मांग हमेशा तेज रहती है, जिसके कारण स्थानीय स्टॉकिस्ट भी नीचे के भावों पर माल छोड़ने को तैयार नहीं हैं। मंडी में वर्तमान में तिल का पुराना स्टॉक बेहद सीमित है और नई आवक बहुत कम हो रही है, जिससे मांग और आपूर्ति का संतुलन पूरी तरह से विक्रेताओं के पक्ष में बना हुआ है। बाजार के जानकारों के अनुसार, इस आपूर्ति की कमी को देखते हुए आने वाले दिनों में तिल के भावों में और अधिक तेजी की संभावनाएं दिखाई दे रही हैं। 

सरसों का भाव 

तिलहन क्षेत्र की प्रमुख फसल सरसों का बाजार आज नागौर मंडी में ₹5,600 से ₹6,200 प्रति क्विंटल के दायरे में दर्ज किया गया। खाद्य तेलों के वैश्विक और घरेलू बाजारों में चल रहे उतार-चढ़ाव के कारण स्थानीय स्तर पर सरसों की कीमतों में एक ठहराव की स्थिति देखी जा रही है। तेल मिलों की तरफ से क्रशिंग यानी पेराई की मांग बिल्कुल सामान्य बनी हुई है, जिसके चलते बाजार न तो बड़ी तेजी की तरफ बढ़ पा रहा है और न ही इसमें कोई बड़ी गिरावट आ रही है। आने वाले समय में सरकार की आयात-निर्यात नीतियों और खाद्य तेलों पर लगने वाले शुल्कों के फैसलों पर ही सरसों की अगली दिशा निर्भर करेगी। 

Kamal Chouhan

Kamal Chouhan

मैं हूँ कमल चौहान। एक वेब डेवलपर होने के नाते मैंने हमेशा तकनीक और जानकारी को लोगों के लिए आसान बनाने की कोशिश की है। Raj News की शुरुआत भी इसी उद्देश्य के साथ की गई थी। मैं इस प्लेटफॉर्म के जरिए Sarkari Jobs और Sarkari Yojana की हर छोटी-बड़ी अपडेट आप तक पहुँचाता हूँ, ताकि राजस्थान और उत्तर प्रदेश के युवाओं को सही समय पर सरकारी अवसरों का लाभ मिल सके। इसके अलावा, मुझे Automobiles का भी काफी शौक है, इसलिए मैं नई गाड़ियों के लॉन्च और फीचर्स की जानकारी भी साझा करता हूँ。 किसानों की मदद के लिए Mandi Bhav के सटीक आंकड़े उपलब्ध कराना मेरी प्राथमिकता रहती है।

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