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मेड़ता मंडी भाव आज 25 जून 2026: जीरा, सौंफ और इसबगोल के दामों में आई तेजी 

Kamal Chouhan
By Kamal Chouhan On June 25, 2026
4 min read 1.2k views
मेड़ता मंडी भाव आज 25 जून 2026
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मेड़ता मंडी भाव आज 25 जून 2026 :- राजस्थान के नागौर जिले की प्रसिद्ध मेड़ता कृषि मंडी में आज कारोबारी सप्ताह के दौरान जबरदस्त हलचल देखने को मिली। नागौर और आसपास के जिलों के किसानों के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहा। आज की व्यापारिक गतिविधियों में सबसे खास बात यह रही कि मंडी में मसाला फसलों, विशेषकर जीरा, सौंफ और इसबगोल की मांग में अचानक भारी उछाल देखा गया। घरेलू और बाहरी दोनों ही स्तरों पर स्टॉकिस्टों और निर्यातकों की सक्रियता बढ़ने से इन प्रमुख नकदी फसलों के दामों में शानदार तेजी दर्ज की गई है।

बाजार के जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों से आई सकारात्मक कड़ियों और त्योहारी सीजन से ठीक पहले घरेलू मसाला मिलों की ओर से बढ़ी चौतरफा लिवाली ने आज के बाजार को मजबूत सहारा दिया है। मंडी में अच्छी और सूखी क्वालिटी की आवक होने के कारण व्यापारियों ने ऊंचे दामों पर बोलियां लगाईं। दैनिक आधार पर खेती-किसानी और व्यापार जगत के लिए आज का मेड़ता मंडी भाव न केवल मौजूदा वित्तीय स्थिति को दर्शाता है, बल्कि आगामी हफ्तों के लिए बाजार के रुख का संकेत भी दे रहा है। कुल मिलाकर, आज मसाला बाजार का सेंटिमेंट बेहद मजबूत रहा, जिसने मंडी की रौनक बढ़ा दी है।

मेड़ता मंडी भाव आज 25 जून 2026 

फसलअधिकतम भावमध्यम भावन्यूनतम भाव
जीरा₹22,500₹20,250₹18,000
ईसबगोल₹12,300₹11,400₹10,500
सुवा₹8,500₹8,000₹7,500
सौंफ₹8,400₹7,200₹6,000
मूंग₹8,200₹6,600₹5,000
रायड़ा₹6,200₹5,950₹5,700
असालिया₹5,900₹5,600₹5,300
चना₹5,100₹4,750₹4,400
ग्वार₹5,075₹4,900₹4,700
तारामीरा₹4,950₹4,475₹4,000

आज का बाजार विश्लेषण 

आज मेड़ता कृषि मंडी में व्यापारिक सत्र की शुरुआत से ही मसाला काउंटर पर खरीदारों का भारी दबाव देखा गया। यदि हम मंडी में आवक की स्थिति पर नजर डालें, तो सुदूर ग्रामीण इलाकों से किसान अपनी उपज लेकर पहुंचे थे, लेकिन पिछले साल के मुकाबले इस समय स्टॉक सीमित होने के कारण खरीदारों में अपनी जरूरतें पूरी करने की होड़ मची रही। व्यापारियों और बड़े स्टॉकिस्टों की ओर से ऊंचे स्तरों पर भी लगातार खरीदारी की गई, जिसके कारण “दामों में आई तेजी” के मुख्य शीर्षक को पूरी तरह से बल मिला।

निर्यात बाजार से जो खबरें आ रही हैं, वे संकेत देती हैं कि खाड़ी देशों और वियतनाम की ओर से भारतीय जीरे और सौंफ की मांग में अचानक सुधार हुआ है। इसके अतिरिक्त, इसबगोल के मामले में फार्मास्युटिकल कंपनियों और वेलनेस प्रोडक्ट निर्माताओं की ओर से घरेलू स्तर पर बड़ी लिवाली देखने को मिली है।

दलहन बाजार की बात करें तो मूंग में अच्छी स्थिरता बनी हुई है। दाल मिलों की ओर से रोजाना की खपत के लिए निरंतर खरीदारी की जा रही है, जिससे कीमतों को नीचे गिरने से सुरक्षा मिल रही है। वहीं, तिलहन बाजार यानी रायड़ा (सरसों) और तारामीरा में हल्की मुनाफावसूली के बावजूद निचले स्तरों पर तेल मिलों की सपोर्टिव बाइंग देखी गई। वर्तमान में चल रहे मौसम और मानसून के आगे बढ़ने की गति का भी व्यापारिक मनोविज्ञान पर गहरा असर पड़ रहा है; खरीदार लंबी अवधि का स्टॉक सुरक्षित करना चाह रहे हैं, जिसके कारण आज का मंडी भाव काफी आकर्षक नजर आ रहा है।

बाजार विशेषज्ञों की राय 

मंडी के वरिष्ठ कमोडिटी विश्लेषक और निर्यात सलाहकार श्री रमेश चंद्र जाखड़ के अनुसार:

“जीरे के वैश्विक परिदृश्य में इस साल भारत की स्थिति बेहद मजबूत है। सीरिया और तुर्की जैसे अन्य उत्पादक देशों में फसल के नुकसान की खबरों ने भारतीय जीरे के निर्यात सेंटिमेंट को बहुत बूस्ट किया है। मेड़ता मंडी में आज जो ₹22,500 का स्तर देखा गया है, वह कोई अस्थायी उछाल नहीं है, बल्कि इसके पीछे वास्तविक मांग काम कर रही है।”

वहीं, मसाला तेल और ओलेओरेसिन उद्योग के जानकारों का मानना है कि सौंफ और सुवा की मांग आने वाले महीनों में और बढ़ेगी क्योंकि यूरोपीय देशों में प्राकृतिक अर्क (Natural Extracts) की मांग में सालाना 8% की वृद्धि दर्ज की जा रही है। दलहन के मोर्चे पर, यदि मानसून की बारिश में कहीं भी देरी या असमानता दिखती है, तो मूंग और चने के भावों में अचानक ₹300-₹400 प्रति क्विंटल की एक और रैली देखने को मिल सकती है।

प्रमुख फसलों का विस्तृत विश्लेषण 

जीरा का भाव 

आज मेड़ता मंडी में जीरा का अधिकतम भाव ₹22,500 प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। अंतरराष्ट्रीय मसाला बाजार में भारतीय जीरे की प्रतिस्पर्धी कीमतें होने के कारण निर्यात ऑर्डर में तेजी आई है। मंडी के प्रमुख व्यापारियों का कहना है कि विदेशी खरीदार अब सीधे उत्पादक मंडियों के संपर्क में हैं। आज प्रीमियम बोल्ड क्वालिटी के जीरे की बोलियों में जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखी गई।

स्पाइस मार्केट का सेंटिमेंट पूरी तरह से सकारात्मक है क्योंकि ऊंझा मंडी के साथ-साथ मेड़ता में भी आवक का दबाव अब धीरे-धीरे कम हो रहा है। आने वाले समय में भी आपूर्ति तंग रहने की आशंका के चलते कीमतों में सुधार की पूरी गुंजाइश है। किसानों के लिए सलाह है कि यदि उनके पास अच्छी क्वालिटी का माल है, तो वे आंशिक रूप से बिक्री करके मुनाफा कमा सकते हैं, क्योंकि बाजार अपने अच्छे स्तरों पर चल रहा है।

सौंफ का भाव 

सौंफ के बाजार में आज रौनक लौट आई और इसका ऊपरी भाव ₹8,400 प्रति क्विंटल तक जा पहुंचा। घरेलू मसाला उद्योग की ओर से ग्रीष्मकालीन मांग के साथ-साथ अचार और मुखवास निर्माताओं की ओर से भारी लिवाली देखी जा रही है। विशेषकर हरी और पतली सौंफ (Premium Quality) की कीमतों में ₹200 से ₹300 प्रति क्विंटल का सुधार देखा गया है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, कमोडिटी एक्सचेंजों और हाजिर बाजारों में सौंफ का अंडरटोन मजबूत है। यदि आने वाले दिनों में दक्षिण भारत की ओर से मांग इसी प्रकार बनी रही, तो मध्यम दर्जे की सौंफ के दामों में भी ₹500 तक का सुधार देखने को मिल सकता है। 

इसबगोल का भाव 

इसबगोल (घोड़ा जीरा) हमेशा से ही मेड़ता मंडी की एक प्रमुख ताकत रहा है और आज इसका अधिकतम भाव ₹12,300 प्रति क्विंटल तक दर्ज किया गया। इसबगोल की भूसी (Psyllium Husk) की वैश्विक मांग, विशेषकर अमेरिकी और यूरोपीय देशों की दवा और वेलनेस इंडस्ट्री में अत्यधिक मजबूत बनी हुई है। देश के प्रमुख प्रोसेसिंग प्लांटों के पास पुराने स्टॉक की कमी होने के कारण वे मंडियों से सीधे माल उठा रहे हैं। आने वाले समय में औषधीय फसलों के बाजार में मंदी की कोई संभावना नहीं दिख रही है, इसलिए किसानों को पैनिक सेलिंग (घबराहट में बिक्री) से बचना चाहिए। 

मूंग का भाव 

मेड़ता मंडी में मूंग की आवक आज सामान्य रही और इसका अधिकतम भाव ₹8,200 प्रति क्विंटल रहा। दक्षिण और मध्य भारत की दाल मिलों की ओर से लगातार मांग आ रही है। हालांकि, नई फसल के आने में अभी समय है, इसलिए आपूर्ति और मांग का संतुलन पूरी तरह से उत्पादकों के पक्ष में झुका हुआ है। वर्तमान स्तरों पर मूंग का व्यापार करना किसानों के लिए काफी लाभदायक साबित हो रहा है। 

Kamal Chouhan

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मैं हूँ कमल चौहान। एक वेब डेवलपर होने के नाते मैंने हमेशा तकनीक और जानकारी को लोगों के लिए आसान बनाने की कोशिश की है। Raj News की शुरुआत भी इसी उद्देश्य के साथ की गई थी। मैं इस प्लेटफॉर्म के जरिए Sarkari Jobs और Sarkari Yojana की हर छोटी-बड़ी अपडेट आप तक पहुँचाता हूँ, ताकि राजस्थान और उत्तर प्रदेश के युवाओं को सही समय पर सरकारी अवसरों का लाभ मिल सके। इसके अलावा, मुझे Automobiles का भी काफी शौक है, इसलिए मैं नई गाड़ियों के लॉन्च और फीचर्स की जानकारी भी साझा करता हूँ。 किसानों की मदद के लिए Mandi Bhav के सटीक आंकड़े उपलब्ध कराना मेरी प्राथमिकता रहती है।

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