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मेड़ता मंडी भाव आज का (16 जून 2026) | जीरा, ग्वार और रायड़ा के ताजा भाव

Kamal Chouhan
By Kamal Chouhan On June 16, 2026
4 min read 1.2k views
मेड़ता मंडी भाव (16 जून 2026)
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मेड़ता मंडी भाव 16 जून 2026 :- खरीफ और रबी दोनों ही सीजन की नकदी फसलों के लिहाज से मेड़ता मंडी का यह व्यापारिक सत्र काफी महत्वपूर्ण रहा। आज के कारोबार में मुख्य रूप से जीरा, ग्वार और रायड़ा का भाव पूरे बाजार के आकर्षण का केंद्र बना रहा।

पिछले कुछ दिनों से मौसम में आ रहे बदलाव और आगामी मानसून की आहट के बीच किसान भाई अपनी उपज को सही दामों पर बेचने के लिए मंडी पहुंच रहे हैं। व्यापारियों की ओर से भी लिवाली (खरीदारी) में अच्छी सक्रियता देखने को मिली है, विशेषकर मसाला फसलों और तिलहन वर्ग में। वैश्विक बाजारों से मिल रहे संकेतों और घरेलू स्तर पर मजबूत मांग के चलते आज मेड़ता कृषि मंडी में व्यापारिक धारणा काफी सकारात्मक नजर आई।

मेड़ता मंडी भाव आज 16 जून 2026 

नीचे दी गई तालिका में आज मेड़ता कृषि मंडी में दर्ज किए गए फसलों के न्यूनतम, मध्यम और अधिकतम भाव (रुपये प्रति क्विंटल में) दिए गए हैं। 

फसल का नामअधिकतम भाव (₹/क्विंटल)मध्यम भाव (₹/क्विंटल)न्यूनतम भाव (₹/क्विंटल)
जीरा (Jeera)22,50020,25018,000
ग्वार (Guar)5,0754,9004,700
रायड़ा / सरसों (Raida)6,2005,9505,700
ईसबगोल (Isabgol)12,30011,40010,050
सौंफ (Fennel)8,4007,2006,000
मूंग (Moong)8,2006,6005,000
चना (Chana)5,1004,7504,400
सुवा (Suva)8,5008,0007,500
तारामीरा (Taramira)4,9504,4754,000
असालिया (Asalia)5,9005,6005,300

आज का बाजार विश्लेषण 

आज मेड़ता कृषि मंडी में आवक की स्थिति मध्यम से तेज रही। सुबह से ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और ट्रकों के जरिए अनाज की खेप मंडी परिसर में पहुंचने लगी थी। आज के व्यापार में सबसे बड़ा प्रभाव मसाला बाजार की चौतरफा मांग का दिखा। जीरा और सौंफ की ढेरी पर बोली लगते समय व्यापारियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखी गई।

  1. तिलहन बाजार की स्थिति :- रायड़ा और तारामीरा में स्थानीय तेल मिलों की तरफ से क्रशिंग डिमांड निकलने से निचले स्तरों पर सहारा मिला। विशेषकर रायड़ा का अधिकतम भाव ₹6,200 तक जाना यह दर्शाता है कि बाजार में तेल की खपत को लेकर सकारात्मक रुख है।
  2. दलहन बाजार की चाल :- मूंग और चने के व्यापार में आज स्थिरता का माहौल रहा। दाल मिलों की ओर से केवल जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी की जा रही है, जिससे कीमतों में कोई बहुत बड़ा उछाल तो नहीं आया, लेकिन मंदा भी देखने को नहीं मिला।
  3. मानसून का प्रभाव :-  राजस्थान में मानसून के आगे बढ़ने की खबरों के बीच स्टॉक धारकों और बड़े व्यापारियों में माल सुरक्षित करने की होड़ देखी जा रही है। बारिश शुरू होने के बाद मंडियों में सूखी और अच्छी क्वालिटी वाली फसलों की आवक कम हो जाती है, जिसे भांपते हुए ट्रेडर अभी से स्टॉक मजबूत कर रहे हैं।

प्रमुख फसलों का बाजार विश्लेषण 

जीरा का भाव 

मेड़ता कृषि उपज मंडी में आज जीरा का भाव अधिकतम ₹22,500 प्रति क्विंटल के स्तर पर पहुंच गया। इस समय मसाला बाजार में जीरे की चौतरफा मांग देखी जा रही है, जिसका सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों, विशेषकर चीन और खाड़ी देशों से आने वाली मजबूत एक्सपोर्ट डिमांड (निर्यात मांग) है। बाजार के मौजूदा सेंटिमेंट को देखते हुए आने वाले हफ्तों में भी जीरे की कीमतें मजबूत रहने की संभावना है। हमारी ओर से किसान भाइयों को यही सलाह है कि जिन लोगों के पास अच्छी तरह से साफ किया हुआ, बोल्ड दाना और कम नमी वाला प्रीमियम क्वालिटी का जीरा उपलब्ध है, वे इस ऊंचे भाव का लाभ उठाएं। बाजार के इस उछाल को देखते हुए आंशिक रूप से (किश्तों में) माल बेचना इस समय सबसे समझदारी भरा और मुनाफे वाला फैसला साबित होगा। 

ग्वार का भाव 

आज के कारोबार में मेड़ता मंडी में ग्वार का भाव ₹5,075 प्रति क्विंटल के अधिकतम स्तर पर दर्ज किया गया। पिछले कुछ समय से ग्वार के भाव एक सीमित दायरे में घूम रहे हैं, जिसका मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर ग्वार गम की औद्योगिक मांग में आई मामूली सुस्ती है। हालांकि, शॉर्ट-टर्म आउटलुक को देखें तो नई बुवाई का सीजन शुरू होने की वजह से फिलहाल ग्वार की कीमतों में किसी बड़ी मंदी की आशंका बिल्कुल नहीं है। आगामी हफ्तों में पश्चिमी राजस्थान के प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में मानसून की रफ्तार और बारिश की स्थिति कैसी रहती है, इसी बात पर ग्वार की अगली चाल निर्भर करेगी। यदि मानसून में थोड़ी भी देरी होती है, तो हाजिर बाजार में ग्वार की कीमतें अचानक रफ्तार पकड़ सकती हैं, इसलिए किसान भाई अभी थोड़ा इंतजार कर सकते हैं। 

रायड़ा का भाव 

तिलहन वर्ग में आज रायड़ा (सरसों) का भाव ₹6,200 प्रति क्विंटल के स्तर को छू गया, जिसने उत्पादक किसानों के चेहरे पर खुशी ला दी है। घरेलू स्तर पर खाद्य तेलों की खपत बढ़ने और स्थानीय तेल मिलों की तरफ से क्रशिंग डिमांड (पेराई के लिए मांग) में तेजी आने से रायड़े के बाजार को निचले स्तरों पर बहुत अच्छा सपोर्ट मिला है। मंडी के ताजा रुझानों के मुताबिक, जिन ढेरी में तेल की मात्रा (Oil Content) अधिक है, व्यापारी उन्हें तुरंत ऊंचे और प्रीमियम दामों पर खरीद रहे हैं। आने वाले दिनों में देश के भीतर रक्षाबंधन और आगामी त्यौहारों की शुरुआती मांग निकलने से खाद्य तेलों के बाजार में और मजबूती आ सकती है, जिसके चलते रायड़े की कीमतों में सुधार का यह सिलसिला आगे भी जारी रहने की पूरी उम्मीद है। 

ईसबगोल का भाव 

मेड़ता मंडी में आज ईसबगोल का भाव ₹12,300 प्रति क्विंटल तक दर्ज किया गया। औषधीय गुणों से भरपूर होने के कारण ईसबगोल की मांग घरेलू और वैश्विक दोनों ही मोर्चों पर लगातार बढ़ रही है। विशेषकर फार्मास्युटिकल (दवा उद्योग) और वेलनेस इंडस्ट्री की तरफ से नियमित लिवाली निकलने के कारण इसके भाव को लगातार समर्थन मिल रहा है। इस साल मंडियों में ईसबगोल की आवक पिछले वर्षों की तुलना में थोड़ी सीमित रही है, जिसके चलते बाजार में शॉर्ट-सप्लाई की स्थिति बनी हुई है। कम आवक और मजबूत वैश्विक ऑर्डर्स के कारण ईसबगोल के भावों में आने वाले दिनों में भी गिरावट की कोई संभावना नहीं दिख रही है, बल्कि बाजार धीरे-धीरे और मजबूत हो सकता है। 

सौंफ का भाव 

मसाला श्रेणी की एक और महत्वपूर्ण फसल सौंफ का भाव आज अधिकतम ₹8,400 प्रति क्विंटल तक दर्ज किया गया। आज मंडी में हल्की और मध्यम दर्जे की सौंफ की आवक ज्यादा देखी गई, लेकिन इसके बावजूद जिन ढेरी का रंग हरा, दाना साफ और खुशबू बेहतर थी, उन्हें व्यापारियों ने ऊंचे दामों पर हाथों-हाथ लिया। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि घरेलू मसाला कंपनियों की सक्रियता के कारण सौंफ का सेंटीमेंट फिलहाल स्थिर बना हुआ है। आगामी दिनों में सौंफ का बाजार एक सीमित दायरे में ही घट-बढ़ सकता है, इसलिए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपने माल को अच्छी तरह से सुखाकर और ग्रेडिंग करके ही मंडी लाएं ताकि उन्हें अपनी फसल का पूरा दाम मिल सके। 

मूंग का भाव 

दलहन बाजार पर नजर डालें तो आज मेड़ता मंडी में मूंग का भाव अधिकतम ₹8,200 प्रति क्विंटल रहा। आज के कारोबारी सत्र में दाल मिलों की ओर से खरीदारी काफी सामान्य और जरूरत के मुताबिक ही देखने को मिली, जिससे कीमतों में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं आया। सरकार की हालिया दाल आयात नीतियों और बफर स्टॉक की स्थिति को देखते हुए मूंग के भाव फिलहाल इसी दायरे के आसपास बने रहने की संभावना है। जिन किसानों के पास अच्छी क्वालिटी का चमकीला मूंग स्टॉक में है, वे बाजार में हल्की तेजी आने पर इसे धीरे-धीरे निकाल सकते हैं, क्योंकि आने वाले समय में नई फसलों की बुवाई के आंकड़े बाजार की आगे की दिशा तय करेंगे। 

Kamal Chouhan

Kamal Chouhan

मैं हूँ कमल चौहान। एक वेब डेवलपर होने के नाते मैंने हमेशा तकनीक और जानकारी को लोगों के लिए आसान बनाने की कोशिश की है। Raj News की शुरुआत भी इसी उद्देश्य के साथ की गई थी। मैं इस प्लेटफॉर्म के जरिए Sarkari Jobs और Sarkari Yojana की हर छोटी-बड़ी अपडेट आप तक पहुँचाता हूँ, ताकि राजस्थान और उत्तर प्रदेश के युवाओं को सही समय पर सरकारी अवसरों का लाभ मिल सके। इसके अलावा, मुझे Automobiles का भी काफी शौक है, इसलिए मैं नई गाड़ियों के लॉन्च और फीचर्स की जानकारी भी साझा करता हूँ。 किसानों की मदद के लिए Mandi Bhav के सटीक आंकड़े उपलब्ध कराना मेरी प्राथमिकता रहती है।

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