कोटा में मतदान से पहले बड़ा धमाका: कांग्रेस प्रत्याशी चंद्रप्रकाश मीणा आदतन अपराधी घोषित, पुलिस ने खोल दी हिस्ट्रीशीट

राजस्थान में पंचायत चुनाव का माहौल वैसे ही गरम है, और अब कोटा से आई इस खबर ने कांग्रेस खेमे में हलचल मचा दी है। चुनावी मैदान में उतरे कांग्रेस प्रत्याशी चंद्रप्रकाश मीणा को पुलिस ने आदतन अपराधी घोषित कर दिया है और उनकी हिस्ट्रीशीट भी खोल दी गई है। अब न सिर्फ मीणा की पूरी आपराधिक कुंडली पुलिस के ऑनलाइन रिकॉर्ड पर दर्ज होगी, बल्कि उन पर नियमित निगरानी भी रखी जाएगी।

सबसे दिलचस्प बात इसका टाइमिंग है। मीणा ने 13 अक्टूबर को सुल्तानपुर पंचायत समिति के वार्ड नंबर 8 से नामांकन दाखिल किया था, और महज दो दिन बाद 15 अक्टूबर को उनकी हिस्ट्रीशीट के आदेश जारी हो गए। अब मतदान से पहले यह फैसला सार्वजनिक हुआ है, जिससे चुनावी लड़ाई में नया मोड़ आ गया है।

मतदान से ठीक पहले क्यों हुआ यह एक्शन?

कोटा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। आदेश के मुताबिक चंद्रप्रकाश मीणा के खिलाफ गंभीर प्रवृत्ति के कुल 11 मुकदमे दर्ज हैं, और वर्तमान में भी उनकी आपराधिक गतिविधियां जारी हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसे अपराधी की गतिविधियों पर अंकुश लगाना जरूरी है, इसलिए हिस्ट्रीशीट पत्रावली खोली गई है।

आदेश के साथ ही सीमलिया पुलिस को तत्काल एक्शन लेने के निर्देश दिए गए हैं। अब मीणा की नियमित मॉनिटरिंग होगी और उनकी हिस्ट्रीशीट का रिकॉर्ड ऑनलाइन वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। यही नहीं, आपराधिक रिकॉर्ड के साथ उनकी फोटो भी पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर डाली जाएगी।

कौन हैं चंद्रप्रकाश मीणा? 28 साल पुराना आपराधिक रिकॉर्ड

सीमलिया थाना इलाके के कालारेवा गांव के रहने वाले 58 वर्षीय चंद्रप्रकाश मीणा, पुत्र किशनचंद मीणा, अब कांग्रेस के टिकट पर सुल्तानपुर पंचायत समिति के वार्ड 8 से चुनाव लड़ रहे हैं। लेकिन पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उनकी आपराधिक कुंडली करीब 28 साल पुरानी है।

मीणा के खिलाफ पहला मुकदमा साल 1996 में दर्ज हुआ था, जबकि अंतिम मामला 2019 में दर्ज किया गया। इन वर्षों में उनके खिलाफ कुल 11 मुकदमे दर्ज हुए। आरोपों की सूची लंबी है — जानलेवा हमला, मारपीट, शांति भंग, राजकार्य में बाधा, सरकारी कर्मचारी से मारपीट, जबरन वसूली, हत्या का प्रयास, लूट, डकैती, धोखाधड़ी, जुआ-सट्टा, शराब पीकर बिना लाइसेंस गाड़ी चलाना और रंगदारी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

पुलिस के आदेश में साफ लिखा है कि मीणा एक आदतन अपराधी है और वर्तमान में भी अपराध सक्रिय हैं। यानी पुलिस के मुताबिक यह कोई पुरानी और बंद हो चुकी कहानी नहीं है, बल्कि निगरानी की जरूरत वाला जीवित मामला है।

हिस्ट्रीशीट आखिर होती क्या है? समझें पूरी प्रक्रिया

राजस्थान पुलिस नियम 1965 के अध्याय 4 के नियम 4.9 के तहत पुलिस को यह अधिकार मिलता है कि वह आदतन अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोले और उन पर निगरानी रखे।

सरल शब्दों में कहें तो हिस्ट्रीशीट किसी व्यक्ति की पूरी आपराधिक कुंडली का सरकारी दस्तावेज होता है। इसमें उस व्यक्ति के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों का ब्योरा, उसकी फोटो और गतिविधियों का रिकॉर्ड रखा जाता है। हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद पुलिस उस व्यक्ति पर नियमित नजर रखती है।

पुलिस का तर्क बनाम उम्मीदवार का दावा — दोनों पक्ष जानें

कोटा ग्रामीण पुलिस का कहना है कि चंद्रप्रकाश मीणा के खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट, राजकार्य में बाधा, धोखाधड़ी और जुआ-सट्टा जैसे गंभीर प्रवृत्ति के 11 मामले दर्ज हैं। पुलिस का दावा है कि मीणा वर्तमान में भी आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय हैं, इसलिए उनकी हिस्ट्रीशीट खोलना और निगरानी रखना जरूरी था।

वहीं खुद मीणा ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि अधिकांश मामले पहले ही निस्तारित हो चुके हैं और सिर्फ कुछ मामलों में न्यायालय में कार्रवाई चल रही है। मीणा का दावा है कि उन्हें चुनाव का फॉर्म भरना ठीक से नहीं आता था, इसलिए पूरी जानकारी नहीं दे पाए थे।

मीणा ने इस पूरे मामले को राजनीतिक द्वेषता करार दिया है। उनका कहना है कि भाजपा शासन के दबाव में पुलिस और प्रशासन कुछ भी कर सकता है, और यह कार्रवाई उसी का नतीजा है।

पंचायत चुनाव के लिए क्यों अहम है यह फैसला?

राजस्थान में पंचायत चुनाव की सरगर्मियां तेज हैं। कांग्रेस ने हाल ही में पंचायत चुनाव के लिए 51 प्रत्याशियों की सूची जारी की थी, जिसमें 31 महिलाओं को टिकट दिया गया था। ऐसे में एक प्रत्याशी का हिस्ट्रीशीटर घोषित होना पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है।

कोटा में हाल के महीनों में पुलिस की सक्रियता बढ़ी हुई है। कुछ दिन पहले ही कोटा में ऑपरेशन हॉक के तहत हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई थी। अब पंचायत चुनाव के दौरान एक प्रत्याशी पर हिस्ट्रीशीट खुलना संकेत देता है कि पुलिस चुनावी माहौल में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले चेहरों पर सख्त नजर रख रही है।

मतदाताओं के लिए भी यह फैसला अहम है। वार्ड 8 के मतदाता अब जानते हैं कि जिस प्रत्याशी को वे वोट देने जा रहे हैं, उसके खिलाफ पुलिस ने आदतन अपराधी का तमगा लगाया है। हालांकि कानूनी रूप से हिस्ट्रीशीट खुलना किसी को चुनाव लड़ने से नहीं रोकता, लेकिन मतदाताओं के मन में यह सवाल जरूर उठेगा कि क्या ऐसे प्रत्याशी पर भरोसा किया जा सकता है।

पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन

तारीख घटना
1996 चंद्रप्रकाश मीणा के खिलाफ पहला मुकदमा दर्ज
1996–2019 कुल 11 मुकदमे दर्ज (हत्या का प्रयास, मारपीट, धोखाधड़ी, जुआ-सट्टा आदि)
13 अक्टूबर 2026 सुल्तानपुर पंचायत समिति वार्ड 8 से नामांकन दाखिल
15 अक्टूबर 2026 हिस्ट्रीशीट खोलने के आदेश जारी, सीमलिया पुलिस को एक्शन के निर्देश
19 अक्टूबर 2026 मामला सार्वजनिक, मीणा ने राजनीतिक द्वेषता का आरोप लगाया

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल: हिस्ट्रीशीट खुलने का मतलब क्या होता है?

जवाब: हिस्ट्रीशीट किसी व्यक्ति की पूरी आपराधिक कुंडली का सरकारी दस्तावेज होता है। इसके बाद पुलिस उस व्यक्ति पर नियमित निगरानी रखती है और उसका रिकॉर्ड ऑनलाइन वेबसाइट पर दर्ज होता है।

सवाल: क्या हिस्ट्रीशीटर चुनाव लड़ सकता है?

जवाब: हां, हिस्ट्रीशीट खुलना अपने आप में चुनाव लड़ने पर रोक नहीं लगाता। चुनाव लड़ने की अयोग्यता सिर्फ दोषसिद्धि (conviction) के मामलों में होती है, न कि सिर्फ मुकदमे दर्ज होने पर।

सवाल: चंद्रप्रकाश मीणा पर कितने और किस तरह के मामले दर्ज हैं?

जवाब: पुलिस के मुताबिक मीणा पर 1996 से 2019 के बीच कुल 11 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या का प्रयास, मारपीट, राजकार्य में बाधा, धोखाधड़ी, जुआ-सट्टा, लूट-डकैती और रंगदारी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

सवाल: इस फैसले का पंचायत चुनाव पर क्या असर पड़ेगा?

जवाब: कानूनी तौर पर मीणा का चुनाव लड़ना जारी रह सकता है, लेकिन राजनीतिक तौर पर कांग्रेस के लिए यह असहज स्थिति है और विपक्ष इसे मुद्दा बना सकता है।

निष्कर्ष: कोटा में कांग्रेस प्रत्याशी की हिस्ट्रीशीट खुलने का मामला अब सिर्फ पुलिसिया कार्रवाई नहीं रह गया है, बल्कि पंचायत चुनाव का एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। पुलिस अपने रिकॉर्ड के आधार पर कार्रवाई को जायज ठहरा रही है, तो उम्मीदवार इसे राजनीतिक द्वेषता बता रहे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आगे इस मामले में क्या नया मोड़ आता है।

स्रोत: ETV Bharat Rajasthan

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