खैरथल नगर परिषद में भाजपा का बोर्ड बनने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सोमवार (28 सितंबर) को पहली बार खैरथल पहुंचे। करीब एक घंटे की देरी से हेलीपैड पर उतरे मुख्यमंत्री का भाजपा नेताओं और पदाधिकारियों ने जोरदार स्वागत किया। इसके बाद वे इस्माइलपुर रोड स्थित होटल ग्रीनलैंड में आयोजित विजय सभा में पहुंचे, जहां केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव भी मौजूद रहे। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम ने अलवर, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ — तीनों जिलों के लिए कुल 117.26 करोड़ रुपए की लागत वाले 95 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। सभा में विधायक महंत बालकनाथ, सुखवंत सिंह, कुलदीप धनकड़, हंसराज पटेल, देवी सिंह शेखावत और अलवर महापौर सुमनलता अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
दरअसल, खैरथल-तिजारा पिछले कुछ सालों में राजस्थान का नया विकास केंद्र बनकर उभर रहा है। दिल्ली-NCR की नजदीकी, भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र और बेहतर कनेक्टिविटी के दम पर यह क्षेत्र निवेशकों की नजर में है। मुख्यमंत्री ने मंच से साफ कहा कि खैरथल-तिजारा आने वाले समय में राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में अपनी अहम भूमिका निभाएगा। यह सिर्फ रिबन काटने वाला कार्यक्रम नहीं था — सड़क, पानी, बिजली और प्रशासनिक ढांचे को लेकर ठोस घोषणाएं हुईं, जिनका सीधा असर क्षेत्र के लाखों लोगों पर पड़ेगा।
तीन जिलों को क्या-क्या मिला: जिलेवार पूरा हिसाब
कार्यक्रम का सबसे बड़ा हिस्सा घोषणाओं और सौगातों का था। कुल 117.26 करोड़ रुपए के 95 कार्य तीनों जिलों में बंटे हैं। इनमें 72 कार्यों का शिलान्यास हुआ और 23 पूरे हो चुके कार्यों का लोकार्पण। शिलान्यास वाले कार्यों में सड़क नेटवर्क मजबूत करने के साथ पुस्तकालय, पार्क, गौशाला, किसान सेवा केंद्र और खेल मैदान जैसी सुविधाएं शामिल हैं। लोकार्पण वाले 23 कार्य सड़क, शिक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं से जुड़े हैं।
| जिला | लागत (करोड़ रुपए में) | कुल कार्य | शिलान्यास | लोकार्पण |
|---|---|---|---|---|
| खैरथल-तिजारा | 61.31 | 50 | 27 (48.08 करोड़) | 23 (13.23 करोड़) |
| अलवर | 51.95 | 43 | 43 | — |
| कोटपूतली-बहरोड़ | 4.00 | 2 | 2 | — |
| कुल | 117.26 | 95 | 72 | 23 |
जाहिर है, सबसे बड़ी सौगात खैरथल-तिजारा को ही मिली — 50 काम, 61.31 करोड़ रुपए। अलवर में 51.95 करोड़ के 43 कार्यों का शिलान्यास होगा, जबकि कोटपूतली-बहरोड़ में 4 करोड़ के 2 कार्य शुरू होंगे।
नीमराणा बांध, मास्टर प्लान सड़क और सीमा तक की सड़क — पांच बड़ी घोषणाएं
लोकार्पण-शिलान्यास से आगे बढ़कर मुख्यमंत्री ने खैरथल-तिजारा के लिए पांच ठोस घोषणाएं कीं, जो क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती हैं:
1. नीमराणा बांध — रामजल सेतु लिंक परियोजना में नया अध्याय: रामजल सेतु लिंक परियोजना के तहत नीमराणा बांध का कार्य शुरू करने की घोषणा की गई। जल संसाधन और पेयजल से जुड़े इस काम को क्षेत्र की बड़ी बुनियादी परियोजना माना जा रहा है। इस इलाके में पानी की उपलब्धता लंबे समय से चिंता का विषय रही है, ऐसे में बांध का काम शुरू होना किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं — दोनों के लिए राहत की खबर है।
2. 45 मीटर मास्टर प्लान सड़क: खैरथल-तिजारा में 45 मीटर चौड़ी मास्टर प्लान सड़क के विकास कार्य की घोषणा हुई। यह सड़क भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई जाएगी और क्षेत्र के सड़क नेटवर्क की रीढ़ बनेगी।
3. तिजारा से फिरोजपुर तक सड़क सुदृढ़ीकरण: तिजारा से हरियाणा सीमा स्थित फिरोजपुर तक सड़क को मजबूत करने की घोषणा की गई। यह मार्ग खैरथल-तिजारा को हरियाणा से जोड़ने वाले प्रमुख रास्तों में है। सड़क बेहतर होने से आवागमन के साथ स्थानीय व्यापार, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
4. PHED में नया अधिशासी अभियंता पद: सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के नए अधिशासी अभियंता (XEN) पद की घोषणा हुई। इससे जलापूर्ति से जुड़ी समस्याओं का निस्तारण स्थानीय स्तर पर तेज होगा और कामकाज की निगरानी मजबूत होगी।
5. JVVNL का नया अधिशासी अभियंता कार्यालय: जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVNL) का नया अधिशासी अभियंता कार्यालय भी खुलेगा। बिजली से जुड़ी शिकायतों और विभागीय कामों का निपटारा अब जिले में ही हो सकेगा, जिससे उपभोक्ताओं को जयपुर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
औद्योगिक नक्शे पर खैरथल-तिजारा: ‘ग्रेटर खैरथल’ की मांग भी उठी
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव ने मंच से ही मुख्यमंत्री के सामने खैरथल को ‘ग्रेटर खैरथल’ बनाने की मांग रख दी। उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए बीड़ा (BIDA) को बीडीए (BDA) में बदलने की प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह भी किया। उनका कहना था कि इससे क्षेत्र में नियोजित विकास और आधारभूत सुविधाओं को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार नियोजित विकास के पक्ष में है और क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप फैसले लिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राज्य की प्रगति के आंकड़े भी साझा किए। उनके मुताबिक पिछले ढाई वर्षों में राज्य में दूध का उत्पादन प्रतिदिन 34 लाख लीटर से बढ़कर 47 लाख लीटर हो गया है। किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के साथ राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त सम्मान निधि उपलब्ध कराने की बात भी उन्होंने दोहराई। यानी विकास के साथ कृषि और पशुपालन को भी एजेंडे में रखा गया।
आपके लिए इसका मतलब क्या है
अगर आप अलवर, खैरथल-तिजारा या कोटपूतली-बहरोड़ के निवासी हैं, तो इन घोषणाओं का असर आपकी रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा। तिजारा-फिरोजपुर सड़क और मास्टर प्लान सड़क से सफर आसान होगा। PHED और JVVNL के नए पद व कार्यालय खुलने से पानी-बिजली की शिकायतों का निस्तारण स्थानीय स्तर पर होगा। नीमराणा बांध का काम शुरू होने से सिंचाई और पेयजल की स्थिति सुधरने की उम्मीद है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: खैरथल में मुख्यमंत्री ने कुल कितने के विकास कार्यों की सौगात दी?
उत्तर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अलवर, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ जिलों के लिए कुल 117.26 करोड़ रुपए की लागत वाले 95 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
प्रश्न: तीनों जिलों में कामों का बंटवारा कैसे हुआ है?
उत्तर: खैरथल-तिजारा को सबसे ज्यादा — 61.31 करोड़ के 50 कार्य (27 शिलान्यास, 23 लोकार्पण)। अलवर में 51.95 करोड़ के 43 कार्यों का शिलान्यास होगा, जबकि कोटपूतली-बहरोड़ में 4 करोड़ के 2 कार्यों का शिलान्यास किया जाएगा।
प्रश्न: नीमराणा बांध को लेकर क्या घोषणा हुई?
उत्तर: रामजल सेतु लिंक परियोजना के तहत नीमराणा बांध का कार्य शुरू करने की घोषणा की गई है। यह जल संसाधन और पेयजल से जुड़ी क्षेत्र की महत्वपूर्ण परियोजना है।
प्रश्न: ‘ग्रेटर खैरथल’ की मांग किसने उठाई और इसका क्या मतलब है?
उत्तर: केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव ने मुख्यमंत्री के सामने खैरथल को ‘ग्रेटर खैरथल’ बनाने की मांग रखी और बीड़ा (BIDA) को बीडीए (BDA) में बदलने की प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया, ताकि क्षेत्र में नियोजित विकास हो सके।