झुंझुनू में बड़ा हादसा: छापोली में 11 हजार वोल्ट की लाइन से टकराई मिक्सर मशीन, 8 मजदूरों की मौत, 5 झुलसे

पुलिस ने की 8 मौतों की पुष्टि, शुरुआती खबर में आंकड़ा 5 था

झुंझुनू जिले के छापोली गांव में सोमवार, 2 नवंबर 2026 को हुए झुंझुनू छापोली करंट हादसा में मरने वालों की संख्या शुरुआती घंटों में ही बदल गई। दोपहर करीब 12:35 बजे आई पहली खबरों में पांच मजदूरों की मौत बताई गई थी, लेकिन इसके कुछ ही देर बाद पुलिस ने पुष्टि की कि आठ मजदूरों की जान गई है और पांच झुलस गए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

उदयपुरवाटी के थानाधिकारी रामपाल ने घटना की पुष्टि की है। पुलिस के मुताबिक हादसा सड़क निर्माण के दौरान हुआ, जब रोड़ी मिलाने वाली मशीन ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गई। तार छूते ही पूरी मशीन में तेज करंट दौड़ गया और आसपास काम कर रहे मजदूर चपेट में आ गए।

एक साथ आठ श्रमिकों की मौत से छापोली और आसपास के गांवों में मातम पसर गया है। हादसे की खबर फैलते ही घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

कदम कुंड मार्ग पर सीसी सड़क का काम चल रहा था

छापोली गांव से कदम कुंड की ओर जाने वाले मार्ग पर सीसी सड़क का निर्माण चल रहा था। मजदूर नियमित काम में लगे थे और सड़क बनाने के लिए रोड़ी मिलाने वाली मशीन का इस्तेमाल हो रहा था। इसी दौरान मशीन का ऊपरी हिस्सा ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से टकरा गया।

टकराव इतना अचानक हुआ कि मजदूरों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। करंट मशीन से होते हुए वहां काम कर रहे लोगों तक पहुंच गया। जो मजदूर मशीन के सबसे करीब थे, वे पहले चपेट में आए। मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी।

घायलों को तत्काल उदयपुरवाटी सीएचसी पहुंचाया गया। मृतकों में हालेड़ा मंडावरा के हरिराम गुर्जर, मंगलचंद गुर्जर, कालूराम गुर्जर और पवन गुर्जर तथा छापोली के विष्णु सैनी, सुरेंद्र उर्फ सुरेश सैनी, मुकेश सैनी और फतेहचंद सैनी शामिल हैं। मृतकों के शव पोस्टमार्टम और कानूनी प्रक्रिया के लिए भेजे गए हैं।

हादसे के बाद जांच और जवाबदेही की मांग

इस घटना ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर यह सवाल उठ रहा है कि 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के इतने करीब भारी मशीनरी का संचालन कैसे हो रहा था, और क्या काम से पहले लाइन की ऊंचाई, मशीन की ऊंचाई और सुरक्षित दूरी का आकलन किया गया था।

स्थानीय समुदाय में गहरा शोक है और लोग विस्तृत जांच तथा जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। जांच में यह भी देखा जाएगा कि सुरक्षा के लिए कौन जिम्मेदार था, क्या मजदूरों को बिजली लाइन के खतरे के बारे में चेताया गया था और क्या मौके पर कोई सुरक्षा पर्यवेक्षक मौजूद था।

अभी तक किसी के खिलाफ कार्रवाई या मुआवजे के एलान की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगा कि यह महज दुर्घटना था या सुरक्षा में लापरवाही का नतीजा। पीड़ित परिवारों के लिए सरकारी मदद का एलान भी जांच के बाद ही सामने आने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हादसे पर दुख जताते हुए घायलों के उपचार और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता देने के निर्देश दिए हैं, और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।

हाईटेंशन लाइन के पास काम: खतरा क्यों इतना बड़ा होता है

11 हजार वोल्ट की लाइन से टकराना सामान्य बिजली के झटके जैसा नहीं होता। इतने उच्च वोल्टेज पर करंट मशीन के धातु वाले हिस्सों से होते हुए शरीर तक पहुंचता है और गंभीर रूप से झुलसा देता है। कई बार छूने की जरूरत भी नहीं पड़ती, लाइन के बेहद करीब पहुंचते ही प्रभाव शुरू हो जाता है। यही वजह है कि ऊंची मशीनों के साथ हाईटेंशन लाइनों के पास विशेष सावधानी के निर्देश दिए जाते हैं।

ऐसे कामों में मशीन की ऊंचाई, बिजली लाइन की जमीन से ऊंचाई और दोनों के बीच सुरक्षित दूरी का पहले से सर्वे होना चाहिए। अगर लाइन नीची है या मशीन ऊंची है, तो काम से पहले बिजली विभाग को सूचित करके लाइन बंद कराना या रास्ता बदलना जरूरी होता है। यह जिम्मेदारी ठेकेदार, साइट इंजीनियर और संबंधित विभाग, तीनों की बनती है।

मजदूरों की सुरक्षा: मौके पर क्या होना चाहिए था

निर्माण स्थलों पर मजदूर अक्सर बिना सुरक्षा प्रशिक्षण के ही खतरनाक मशीनों के पास लग जाते हैं। छापोली में भी मजदूर रोज की तरह काम पर लगे थे। अगर मौके पर सुरक्षा अधिकारी होता, चेतावनी बोर्ड लगे होते और मशीन चलाने वाले को लाइन के बारे में साफ निर्देश दिए गए होते, तो शायद यह हादसा टल सकता था। ठेकेदारों को काम से पहले बिजली विभाग से समन्वय करना चाहिए और मजदूरों को हाईटेंशन लाइन के खतरे के बारे में बताना चाहिए। पीड़ित परिवारों के लिए अब सबसे जरूरी है कि जांच तेज हो, जिम्मेदारी तय हो और मदद समय पर पहुंचे।

हादसे का सार एक नजर में

स्थान छापोली गांव, उदयपुरवाटी क्षेत्र, जिला झुंझुनू
तारीख सोमवार, 2 नवंबर 2026
काम छापोली से कदम कुंड मार्ग पर सीसी सड़क निर्माण
मशीन रोड़ी (गिट्टी) मिलाने वाली कंक्रीट मिक्सर मशीन
बिजली लाइन 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन
मृतक 8 मजदूर (पुलिस द्वारा पुष्टि)
घायल 5 लोग झुलसे, उदयपुरवाटी सीएचसी में उपचार जारी
पुष्टि उदयपुरवाटी थानाधिकारी रामपाल
स्थिति मृतकों के नाम जारी; कारणों की जांच जारी, ऊर्जा मंत्री ने जांच के आदेश दिए

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

झुंझुनू के छापोली में क्या हुआ?
सड़क निर्माण के दौरान रोड़ी मिलाने वाली मशीन ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से टकरा गई, जिससे मशीन में करंट फैल गया और वहां काम कर रहे मजदूर चपेट में आ गए।

इस हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
पुलिस ने आठ मजदूरों की मौत की पुष्टि की है। शुरुआती खबरों में पांच मौतें बताई गई थीं, बाद में आंकड़ा आठ हो गया। पांच लोग झुलस गए हैं, जिनका उदयपुरवाटी सीएचसी में उपचार चल रहा है।

हादसा किस जगह और कब हुआ?
सोमवार, 2 नवंबर 2026 को झुंझुनू जिले के उदयपुरवाटी क्षेत्र के छापोली गांव में, जहां छापोली से कदम कुंड मार्ग पर सीसी सड़क का निर्माण चल रहा था।

अब तक जांच में क्या सामने आया है?
पुलिस ने कारणों की गहन जांच शुरू कर दी है। मृतकों के नाम जारी हो गए हैं और ऊर्जा मंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं; मुआवजे के एलान की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

राजस्थान के झुंझुनू जिले से जुड़ी अन्य खबरों और प्रदेश में हुए करंट हादसों के लिए राज न्यूज पर बने रहें।

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