जोधपुर मंडी भाव आज 13 जून 2026: जीरा, ईसबगोल, ग्वार, रायड़ा के ताजा भाव 

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जोधपुर मंडी भाव आज 13 जून 2026 :-  पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्रों में से एक जोधपुर कृषि मंडी में आज व्यापारिक गतिविधियां काफी तेज रहीं। खरीफ सीजन की तैयारियों और आगामी मानसून की आहट के बीच मंडियों में फसलों की आवक और कीमतों में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। आज 13 जून 2026 को जोधपुर मंडी में मसाला फसलों, विशेषकर जीरा और इसबगोल की मांग में जबरदस्त सुधार देखा गया, जबकि ग्वार और रायड़ा (सरसों वर्ग) के बाजार में स्थिरता के साथ कारोबार हुआ।

किसानों के लिए अपनी उपज बेचने का यह बेहद महत्वपूर्ण समय है। इस समय बाजार में चौतरफा मांग निकल रही है, क्योंकि घरेलू स्टॉकिस्टों के साथ-साथ निर्यातकों की सक्रियता भी जोधपुर कृषि मंडी में बढ़ गई है। आज की इस विशेष रिपोर्ट में हम न केवल आपको जोधपुर मंडी भाव आज की सटीक सूची देंगे, बल्कि बाजार के जानकारों और कमोडिटी एक्सपर्ट्स के विश्लेषण के साथ यह भी बताएंगे कि आने वाले दिनों में बाजार का रुख कैसा रहने वाला है।

जोधपुर मंडी भाव आज 13 जून 2026 

आज जोधपुर कृषि मंडी में विभिन्न कृषि जिंसों के न्यूनतम, मध्यम और अधिकतम भाव (₹ प्रति क्विंटल में) नीचे दी गई सारणी के अनुसार दर्ज किए गए हैं: 

फसलअधिकतम भाव (₹)मध्यम भाव (₹)न्यूनतम भाव (₹)
जीरा225002025018000
ईसबगोल132001210011000
सौंफ800070006000
सरसों (रायड़ा)640060005600
पीली सरसों760070506500
ग्वार500049004800
गेहूं260025252450
बाजरा240023002200
ज्वार480035002210
मेथी523052305230
धनिया938093809380
मूंग720068506500
मोठ600049503900
चना540051504900
सफेद तिल130001225011500

आज का बाजार विश्लेषण 

मंडी में आवक और मांग की स्थिति 

जून का महीना आधा बीतने को है और इस समय खेतों से नई फसल की आवक धीरे-धीरे सिमट रही है। आज मंडी में जीरा और ईसबगोल की आवक सामान्य से थोड़ी कम रही, जिसके कारण ऊंचे भावों पर भी व्यापारियों ने जमकर खरीदारी की। बाहरी राज्यों के खरीदार और मसाला कंपनियों के एजेंट जोधपुर में डेरा डाले हुए हैं। 

मसाला और तिलहन बाजार की चाल 

मसाला बाजार में आज सबसे ज्यादा हलचल जीरा और सौंफ में रही। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिल रहे सकारात्मक संकेतों और चीन व खाड़ी देशों से निर्यात मांग निकलने की उम्मीद में स्थानीय स्टॉकिस्टों ने माल रोकना शुरू कर दिया है, जिससे कीमतों को सपोर्ट मिला। वहीं, तेल मिलों की ओर से रायड़ा (सरसों) की मांग सीमित रही। चूंकि विदेशी बाजारों में खाद्य तेलों के दाम एक दायरे में घूम रहे हैं, इसलिए स्थानीय स्तर पर भी सरसों के भाव स्थिर बने हुए हैं। 

मौसम और मानसून का प्रभाव 

राजस्थान में मानसून के आगमन की आहट और कुछ हिस्सों में प्री-मानसून की बारिश के कारण किसान अब मंडियों में माल लाने के बजाय आगामी खरीफ बुवाई की तैयारियों में जुट गए हैं। आवक में आई इस कमी ने बाजार को एक मजबूत मनोवैज्ञानिक सपोर्ट दिया है। आने वाले दिनों में यदि आवक और कम होती है, तो मसाला फसलों की कीमतों में और तेजी देखी जा सकती है। 

बाजार विशेषज्ञों की राय 

“जोधपुर और आसपास के बेल्ट में इस बार मसाला फसलों की क्वालिटी पिछले साल के मुकाबले बेहतर है। वैश्विक स्तर पर आपूर्ति शृंखला में आंशिक बाधाओं के चलते भारत से जीरा और ईसबगोल का निर्यात बढ़ने की पूरी संभावना है। जून के अंत तक मसाला बाजार में एक बार फिर अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि, किसानों को लालच में आकर पूरा स्टॉक रोकने से बचना चाहिए और हर तेजी पर थोड़ा-थोड़ा माल बेचते रहना चाहिए।” — आर. के. चौहान, कमोडिटी मार्केट विश्लेषक एवं मंडी विशेषज्ञ 

प्रमुख फसलों का बाजार विश्लेषण 

जीरा का भाव और बाजार स्थिति 

आज जोधपुर कृषि मंडी में जीरा भाव आज ₹22,500 प्रति क्विंटल के अधिकतम स्तर पर पहुंच गया, जिसने बाजार में किसानों के चेहरे पर रौनक ला दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिल रहे सकारात्मक संकेतों और चीन व खाड़ी देशों से आने वाले दिनों में निर्यात मांग तेजी से निकलने की उम्मीद के कारण स्थानीय स्टॉकिस्टों ने निचले स्तरों पर माल रोकना शुरू कर दिया है। मंडी में फिलहाल बढ़िया बोल्ड और अच्छे से सूखे हुए साफ माल की आवक कम है, जिसके चलते व्यापारी अच्छी क्वालिटी के ऊपर प्रीमियम यानी ऊंचे दाम देने में बिल्कुल संकोच नहीं कर रहे हैं। कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दो हफ्तों में जीरे के बाजार में ₹500 से ₹800 प्रति क्विंटल की और सुधार देखने को मिल सकता है। ऐसे में जिन किसानों के पास अच्छी और सूखी क्वालिटी का जीरा सुरक्षित रखा है, उन्हें पूरा माल एक साथ बेचने के बजाय थोड़ा रुक-रुक कर और हर तेजी पर टुकड़ों में माल निकालना चाहिए, क्योंकि फिलहाल बड़ी मंदी के आसार नहीं दिख रहे हैं। 

ईसबगोल का भाव 

जोधपुर मंडी में आज ईसबगोल का भाव ₹13,200 प्रति क्विंटल के ऊपरी स्तर पर बंद हुआ, जो इसकी मजबूत घरेलू और वैश्विक मांग को दर्शाता है। ईसबगोल की मांग देश के बड़े दवा निर्माताओं (Pharmaceutical Industry) और हेल्थ सप्लीमेंट बनाने वाली कंपनियों की तरफ से लगातार बनी हुई है। इस साल उत्पादन के जो शुरुआती आंकड़े आ रहे हैं, वे पिछले साल के मुकाबले थोड़े कम नजर आ रहे हैं, जिसकी वजह से बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह तेजी की ओर झुका हुआ है। लिवाली मजबूत होने और मंडियों में आवक सीमित रहने से ईसबगोल के दामों में आने वाले दिनों में गिरावट की गुंजाइश बेहद कम नजर आ रही है। यदि आप ईसबगोल के उत्पादक हैं, तो इस फसल को कुछ समय के लिए रोककर रखना आपके लिए अधिक मुनाफे का सौदा साबित हो सकता है, क्योंकि मानसून के आगे बढ़ने के साथ इसकी कीमतों में और उछाल आने की संभावना जताई जा रही है। 

ग्वार का भाव 

आज जोधपुर मंडी में ग्वार का भाव ₹4,800 से ₹5,000 प्रति क्विंटल के सीमित दायरे में कारोबार करता हुआ नजर आया, जिससे बाजार में एक ठहराव की स्थिति देखी जा रही है। ग्वार गम उद्योग और स्थानीय मिलों की ओर से खरीदारी इस समय सामान्य बनी हुई है, जिसके कारण कीमतों में कोई बहुत बड़ी उथल-पुथल या एकतरफा तेजी-मंदी दर्ज नहीं की गई। आने वाले दिनों में ग्वार का बाजार पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगा कि राजस्थान में मानसून की प्रगति कैसी रहती है और खरीफ सीजन में ग्वार की बुवाई के आंकड़े क्या निकलकर आते हैं। बाजार के जानकारों के अनुसार, इस समय ग्वार में सट्टेबाजी कम है और व्यापार वास्तविक मांग के आधार पर ही हो रहा है। किसानों के लिए व्यावहारिक रणनीति यही होगी कि वे इस स्थिर बाजार में अपनी घरेलू और खेती की जरूरतों के अनुसार धीरे-धीरे माल निकालते रहें और किसी काल्पनिक बड़ी तेजी के इंतजार में अपना स्टॉक न फंसाए। 

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