जयपुर में डिजिटल कॉइन के नाम पर 100 करोड़ की ठगी: मर्सिडीज में घूम रहे मास्टरमाइंड समेत 2 गिरफ्तार

ठगी की रकम से खरीदी गई करीब 1.25 करोड़ रुपये की मर्सिडीज कार, ट्रायंफ बाइक और एक करोड़ रुपये की फ्रीज कराई गई एफडी — जयपुर के सोडाला थाना क्षेत्र से सामने आए इस मामले ने एक बार फिर निवेश के नाम पर फैल रहे डिजिटल ठगी के जाल को उजागर कर दिया है। पुलिस का आरोप है कि डिजिटल कॉइन और प्रॉपर्टी में निवेश के नाम पर लोगों से करीब 100 करोड़ रुपये ठगे गए। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी मोहित कालोया और उसके सहयोगी घनश्याम कांडेल को गिरफ्तार किया है।

यह कहानी सिर्फ दो गिरफ्तारियों की नहीं है। यह कहानी है उस भरोसे की, जो “कुछ ही महीनों में भारी मुनाफा” के वादे पर बनता है — और फिर एक दिन सारे फोन बंद हो जाते हैं।

मर्सिडीज, ट्रायंफ बाइक और फ्रीज की गई एक करोड़ की एफडी

पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से ठगी की रकम से खरीदी गई मर्सिडीज कार और ट्रायंफ स्ट्रीट ट्रिपल बाइक बरामद की गई है। मर्सिडीज की कीमत करीब 1.25 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा ठगी के पैसों से कराई गई एक करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट भी फ्रीज कराई गई है।

डीसीपी साउथ राजर्षि राज के मुताबिक जांच में यह भी सामने आ रहा है कि ठगी से हासिल रकम का इस्तेमाल लग्जरी लाइफस्टाइल और महंगी संपत्तियों में किया जा रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम कहां-कहां लगाई गई और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे।

एक निवेशक की आपबीती: 5.55 करोड़ रुपये डूबे

इस मामले की शुरुआत एक परिवादी की शिकायत से हुई। परिवादी ऋषि मेहता ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने “मैसर्स ईजी वे होम्स” के नाम पर निवेश करने का भरोसा दिलाया था। वादा था — कुछ ही महीनों में भारी मुनाफा।

भरोसे के बाद निवेश शुरू हुआ। परिवादी ने 1 करोड़ 55 लाख रुपये चेक के जरिए दिए और 4 करोड़ रुपये नकद दिए। यानी कुल 5.55 करोड़ रुपये। लेकिन जब भुगतान का समय आया तो आरोपियों के मोबाइल बंद मिलने लगे। इसके बाद मामला सोडाला थाने पहुंचा, जहां 1 जनवरी 2026 को एफआईआर दर्ज की गई।

यहीं से पुलिस की जांच शुरू हुई, जो अब करीब 100 करोड़ रुपये के कथित घोटाले तक पहुंच गई है।

कैसे चलता था निवेश का यह जाल?

पुलिस की जांच के अनुसार आरोपी डिजिटल कॉइन (यूएसडीटी) और प्रॉपर्टी में निवेश के नाम पर लोगों से संपर्क करते थे। थानाधिकारी मनोज बेरवाल के मुताबिक आरोपियों ने डिजिटल कॉइन की एक वेबसाइट भी तैयार की थी, ताकि पूरा सिस्टम असली लगे।

सबसे दिलचस्प बात यह है कि आरोपी सिर्फ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए ही लोगों तक नहीं पहुंचते थे। वे अपने संपर्कों और रिश्तेदारों के जरिए भी निवेशकों को जोड़ते थे। निवेशकों को समय-समय पर भारी मुनाफे का भरोसा दिया जाता था, जिससे रकम जमा होती रही। आरोप है कि जब पर्याप्त रकम इकट्ठी हो गई तो कंपनी और संबंधित वेबसाइट को बंद कर दिया गया और आरोपी फरार हो गए।

पुलिस का कहना है कि निवेशकों को जब अपने पैसे और रिटर्न नहीं मिले, तब मामला सामने आया।

पुलिस कैसे पहुंची आरोपियों तक?

एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान मिले सुरागों को जोड़ते हुए पुलिस ने सबसे पहले मुख्य आरोपी मोहित कालोया को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया। पूछताछ में जब घनश्याम कांडेल के बारे में जानकारी मिली तो पुलिस ने संभावित ठिकाने पर दबिश देकर उसे भी पकड़ लिया।

पुलिस के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ अन्य थानों में भी ठगी के मामले दर्ज हैं। अब दोनों आरोपियों से पूछताछ के जरिए डिजिटल कॉइन वेबसाइट, लोगों से संपर्क करने के तरीके और पैसों के लेन-देन से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

निवेशकों के लिए सबक: डिजिटल ठगी से ऐसे बचें

इस तरह के मामलों में निवेशकों के लिए कुछ जरूरी बातें हैं, जिन्हें हमेशा याद रखना चाहिए:

  • अवास्तविक रिटर्न के वादे से सतर्क रहें — “कुछ महीनों में दोगुना-तिगुना” जैसे दावे अक्सर ठगी का संकेत होते हैं।
  • पंजीकरण की जांच करें — कोई भी निवेश योजना सेबी या आरबीआई जैसे नियामकों के दायरे में आनी चाहिए। बिना पंजीकरण वाली वेबसाइटों से दूरी बनाएं।
  • रिश्तेदारों के भरोसे पर निवेश न करें — ठग अक्सर जान-पहचान के लोगों के जरिए ही जाल बिछाते हैं।
  • लिखित अनुबंध जरूर लें — मुंहजबानी वादों पर बड़ी रकम कभी न दें।
  • शक हो तो 1930 पर शिकायत करें — साइबर ठगी की शिकायत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या cybercrime.gov.in पर तुरंत दर्ज कराएं।

केस के प्रमुख तथ्य एक नजर में

बिंदु विवरण
कथित ठगी की रकम करीब 100 करोड़ रुपये
गिरफ्तार आरोपी मोहित कालोया और घनश्याम कांडेल
थाना सोडाला, जयपुर
बरामदगी 1.25 करोड़ की मर्सिडीज, ट्रायंफ बाइक
फ्रीज की गई एफडी 1 करोड़ रुपये
निवेश का तरीका डिजिटल कॉइन (यूएसडीटी), प्रॉपर्टी, फर्जी वेबसाइट
एफआईआर 1 जनवरी 2026, सोडाला थाना
जांच अधिकारी डीसीपी साउथ राजर्षि राज, थानाधिकारी मनोज बेरवाल

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न: जयपुर में 100 करोड़ की ठगी का मामला क्या है?
उत्तर: सोडाला थाना पुलिस के मुताबिक डिजिटल कॉइन और प्रॉपर्टी में निवेश के नाम पर लोगों से करीब 100 करोड़ रुपये की कथित ठगी हुई। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

प्रश्न: आरोपियों के पास से क्या-क्या बरामद हुआ है?
उत्तर: पुलिस ने ठगी की रकम से खरीदी गई करीब 1.25 करोड़ रुपये की मर्सिडीज कार और ट्रायंफ बाइक बरामद की है। साथ ही एक करोड़ रुपये की एफडी भी फ्रीज कराई गई है।

प्रश्न: आरोपी निवेशकों को कैसे फंसाते थे?
उत्तर: पुलिस के अनुसार आरोपी डिजिटल कॉइन की फर्जी वेबसाइट बनाकर भारी मुनाफे का भरोसा देते थे। रिश्तेदारों और संपर्कों के जरिए भी निवेशक जोड़े जाते थे। रकम इकट्ठी होने के बाद वेबसाइट बंद कर आरोपी फरार हो जाते थे।

प्रश्न: डिजिटल निवेश ठगी से बचने के लिए क्या करें?
उत्तर: अवास्तविक रिटर्न के वादों से सतर्क रहें, निवेश योजना के पंजीकरण की जांच करें, लिखित अनुबंध लें और शक होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

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