राजस्थान के डूंगरपुर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया है। खेत पर घास लेने गई 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना दिन के समय, गांव के अपने खेत में हुई है, जहां लोग रोज की तरह काम कर रहे थे। घटना के बाद मोदरा छोटा गांव और आसपास के इलाके में डर का माहौल है। लोग अब खेतों की ओर जाने से भी कतरा रहे हैं। पुलिस और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं और तेंदुए को पकड़ने के लिए इलाके में पिंजरा लगाया गया है।
क्या हुआ था: घास लेने गई थीं थावरी देवी, गले पर मारा झपट्टा
सागवाड़ा पुलिस उपाधीक्षक हेरम्ब जोशी के मुताबिक मोदरा छोटा गांव की रहने वाली 65 वर्षीय थावरी देवी खेत पर घास लेने गई थीं। वे खेत में कृषि कार्य में लगी थीं, तभी अचानक तेंदुआ सामने आ गया और उसने सीधे उनके गले पर झपट्टा मार दिया। हमला इतना अचानक था कि आसपास मौजूद लोगों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। साथ मौजूद लोगों ने जोर-जोर से शोर मचाया, जिसके बाद तेंदुआ वहां से भाग गया। लेकिन तब तक गंभीर रूप से घायल थावरी देवी की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
पुलिस और वन विभाग की कार्रवाई: पिंजरा लगा, निगरानी शुरू
घटना की सूचना मिलते ही चितरी थाना पुलिस का जाब्ता मौके पर पहुंचा। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और तुरंत वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। महिला के शव को सागवाड़ा अस्पताल की मोर्चरी पहुंचाया गया, जहां आवश्यक कार्रवाई और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना की जानकारी मिलने पर सागवाड़ा विधायक शंकरलाल डेचा भी अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और परिजनों से मुलाकात की। वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़ने के लिए क्षेत्र में पिंजरा लगा दिया है और उसकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी शुरू कर दी है। टीम तेंदुए की मौजूदगी और उसकी आवाजाही से जुड़े सुराग भी जुटा रही है, ताकि उसकी दिशा और ठिकाने का पता लगाया जा सके।
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| मृतका | थावरी देवी, उम्र 65 वर्ष |
| गांव | मोदरा छोटा, चितरी थाना क्षेत्र |
| जिला | डूंगरपुर, राजस्थान |
| घटना | खेत में घास लेते समय तेंदुए का हमला |
| पुलिस अधिकारी | सागवाड़ा DSP हेरम्ब जोशी |
| विधायक | शंकरलाल डेचा (सागवाड़ा) |
| वन विभाग की कार्रवाई | क्षेत्र में पिंजरा लगाया, निगरानी जारी |
| शव की स्थिति | पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया |
गांव में दहशत: खेतों की ओर जाने से डर रहे हैं लोग
थावरी देवी की मौत के बाद गांव में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों में डर साफ देखा जा सकता है। यह डर बेवजह नहीं है। खेती-किसानी ही इस इलाके के लोगों की रोजी-रोटी है — घास काटना, फसल देखना और मवेशियों के लिए चारा लाना रोज का काम है। जब दिन के समय खेत में काम कर रही महिला पर हमला हो जाए, तो हर किसान परिवार के मन में यही सवाल उठता है कि कल खेत पर जाने वाला कोई भी हो सकता है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और अकेले काम करने वालों के लिए यह चिंता और भी बड़ी है। ग्रामीणों की मांग है कि तेंदुए को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और जब तक वह पकड़ में नहीं आता, इलाके में गश्त और चेतावनी की व्यवस्था मजबूत रखी जाए।
खेतों में काम करने वालों के लिए जरूरी सावधानियां
जब तक तेंदुआ पकड़ में नहीं आता, इलाके के लोगों को कुछ बुनियादी सावधानियां बरतनी होंगी। पहली बात, खेत पर अकेले जाने से बचें — खासकर सुबह जल्दी और शाम ढलने के बाद, क्योंकि तेंदुए की आवाजाही आमतौर पर इन्हीं घंटों में ज्यादा होती है। दूसरी बात, घास या झाड़ियों वाले हिस्से में जाने से पहले शोर करें या साथ में किसी को आवाज देते रहें, ताकि छिपा जानवर पहले ही वहां से हट जाए। तीसरी बात, बच्चों को खेत या सुनसान रास्तों पर अकेला बिल्कुल न भेजें। चौथी बात, अगर कहीं तेंदुए के पैरों के निशान, शिकार के अवशेष या उसकी मौजूदगी का कोई सुराग दिखे तो तुरंत वन विभाग या नजदीकी थाने को सूचना दें — खुद उसके पीछे जाने की गलती न करें। और अगर कभी तेंदुआ सामने आ ही जाए तो भागने की बजाय समूह में रहकर जोर से शोर करना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। ये छोटी-छोटी सतर्कताएं ही ऐसे समय में सबसे बड़ी सुरक्षा हैं।
आगे क्या: सबकी नजर पिंजरे और वन विभाग की निगरानी पर
फिलहाल पूरे इलाके की नजर वन विभाग के लगाए पिंजरे और उसकी निगरानी पर टिकी है। टीम लगातार तेंदुए की आवाजाही के सुराग तलाश रही है। तब तक प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती है — तेंदुए को सुरक्षित पकड़ना और ग्रामीणों का डर दूर करना। थावरी देवी के परिवार के लिए यह नुकसान कभी पूरा नहीं हो सकता, लेकिन इलाके के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द कार्रवाई से खेतों में फिर से बिना डर काम करने का माहौल बनेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सवाल 1: यह घटना कहां और कब हुई?
जवाब: घटना डूंगरपुर जिले के चितरी थाना क्षेत्र के मोदरा छोटा गांव की है। 65 वर्षीय थावरी देवी खेत पर घास लेने गई थीं, तभी तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया और उनकी मौके पर मौत हो गई।
सवाल 2: तेंदुए को पकड़ने के लिए क्या किया जा रहा है?
जवाब: वन विभाग ने क्षेत्र में पिंजरा लगा दिया है और तेंदुए की गतिविधियों पर निगरानी शुरू कर दी है। टीम उसकी मौजूदगी और आवाजाही से जुड़े सुराग भी जुटा रही है।
सवाल 3: क्या इलाके के लोगों को खेतों में जाने से रोका गया है?
जवाब: ऐसी कोई रोक की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन घटना के बाद ग्रामीण खुद डर की वजह से खेतों की ओर जाने से कतरा रहे हैं। ऐसे समय में समूह में जाना और सुबह-शाम अकेले न निकलना ही समझदारी है।
सवाल 4: तेंदुआ दिखे या उसके निशान मिलें तो क्या करें?
जवाब: तुरंत वन विभाग या नजदीकी पुलिस थाने को सूचना दें। खुद तेंदुए के पीछे न जाएं, बच्चों को अकेला न भेजें और खेत में जाने से पहले शोर करके अपनी मौजूदगी जताएं।